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पर्वतीय जनपदों से हो रहे पलायन को रोकने के लिए राज्य पुलिस की अनूठी पहल

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उत्तराखण्ड राज्य में पर्वतीय जनपदों से लोगों का पलायन एक गम्भीर समस्या है। पर्वतीय जनपदों से हो रहे पलायन को रोकने में अपना योगदान देने के दृष्टिगत राज्य पुलिस स्थापना समिति की संस्तुतियों के आधार पर उत्तराखण्ड पुलिस ने एक अनूठी पहल आरम्भ की है जिसमें ऐसे मुख्य आरक्षी/आरक्षी(समस्त संवर्ग यथा अभिसूचना सहित) तथा लीडिंग फायरमैन/फायर सर्विस चालक/फायरमैन/प्रधान परिचालक/सहायक परिचालक/कर्मशाला सहायक एवं समस्त लिपिकीय संवर्ग जिनका गृह जनपद पिथौरागढ़, बागेश्वर,चम्पावत,चमोली, उत्तरकाशी एवं रूद्रप्रयाग है, को उनके उक्त गृह जनपदों में नियुक्त/स्थानान्तरण किया जा सकेगा। गृह जनपद में नियुक्त कार्मिकों को उनसे सम्बन्धित तहसील में नियुक्ति प्रदान नहीं की जायेगी।

इस निर्णय से उक्त जनपदों के निवासी कार्मिक अपने गृह जनपद में नियुक्ति पा सकेंगे जो उसके अपने पैतृक गांव से जुड़ाव बनाये रखने एवं पलायन को रोकने में भी सहायक होगा।

नये ज़माने के अंदाज में ढल रही हैं दून की दशकों पुरानी मिठाई की दुकानें

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मिठाई की दुकानों के अंदर व्यवस्थित तरीके से रखी गई रंगीन मिठाई या गर्म समोसे , यादों का एक पुराना दौर आखों के सामने ले आता है, खासकर अगर दुकान 100 साल पुरानी हो।जी हां शहर में कई सालों पुरानी दुकानें सड़कों के किनारे हैं,जो बहुत से घरों में खुशीयां बांटती हैं। लेकिन बदलते समय, कड़ी बाजार प्रतिस्पर्धा और तेजी से बढ़ते दुनिया के साथ, इन पुरानी दुकानों ने युवाओं को आकर्षित करने और अपने पुराने ग्राहकों को बनाए रखने के लिए व्यापार करने के नए तरीके निजात किए हैं।

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इनमें से कई दुकानों ने अपने कारोबार को एक छोटे से हल्वाई की दुकान के रूप में शुरू किया, सड़कों के कोने में दुकान चलाने के बाद अब अंत में आज दुकानों के मालिक हैं। एक ऐसी ही दुकान है ”जय स्वीट भंडार” जो 1923 में स्थापित की गई थी। इस मिठाई दुकान के मालिक बताते हैं कि वे चुनौतियों से लडने के लिए अधिक से अधिक किस्मों की पेशकश और उत्पादन बढ़ाने के लिए तैयार हैं। राकेश मित्तल, जिनके दादाजी स्वर्गीय श्री बेनी प्रसाद ने दुकान की स्थापना की, का कहना है, “हमने शुरुआत केवल जलेबी बनाने से की थी, लेकिन अब हम सभी तरह के मिठाइयां और नमकीन बनाते हैं।अब हमने आधुनिक उत्पादन तकनीक भी लगा दिए है और केटरिंग सेवाएं भी शुरू की हैं।

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ऐसी ही एक और दुकान है, ”रोशन स्वीट्स” जो 1901 में स्थापितकी गई थी, और अाज भी देहरादून निवासियों के बीच एक पसंदीदा दुकान है। एम.एन. अग्रवाल 1968 के बाद से दुकान का प्रबंधन कर रहे है उन्होंने बताया कि, “मेरे दादा मंगामल ने पलटन बाजार में एक छोटा सा क्षेत्र खरीदा था। हमने इसे अधिक ग्राहक के अनुकूल बनाने के लिए दुकान का रेनोवेशन किया।अब हम इसे एक ऐसे स्थान पर शिफ्ट कर चुके हैं जहां यह ग्राहकों की नजर में रहे और उन्हें अधिक दिखाई दे। अग्रवाल ने यह भी कहा कि ऑनलाइन डिलीवरी सर्विस भी दुकान के भविष्य के लिये अच्छा होगा।

मनीष गुप्ता जो रोशन स्वीट्स के रेगुलर कस्टमर है वह बताते हैं , “मेरे पिता हमेशा कहते हैं कि इस दुकान में मिठाई गुणवत्ता के कारण सबसे बेहतर है, हम केवल इस दुकान को मिठाई का आर्डर देते हैं।”

रोशन स्वीट्स के एक स्टाफ सदस्य जो 1968 से काम कर रहे हैं उन्होंने कहा कि, “समय शायद बदल गया हो लेकिन हमारे लिए हमेशा काम किया है, युवा पीढ़ी के बीच हमारी सेवाओं को लोकप्रिय बनाने के लिए हमने दुकान का रनोवोशन कराया। शहर के विजीटर अब हमारी दुकान से मिठाई का आॅनलाईन आर्डर भी दे सकते हैं।

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शहर में एक और आजादी से पहले की मिठाई की दुकान है ”दून स्वीट्स”।दुकान के मालिक आदेश जैन ने बताया कि, “1942 से मेरे पिता इस व्यवसाय में हैं। हमारी दुकान जलेबी और छोले भटुरों के लिए जानी जाती हैं। इसके अलावा, यहां का खाना इसलिए भी मशहूर है क्योंकि यहां सब कुछ प्याज के बिना तैयार किया जाता है।”

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यह शहर देहरादून राजपुर रोड पर विभिन्न प्रकार के पकौड़ों के लिए भी प्रसिद्ध है। इसमें सबसे जायादा मशहूर है नारायण सिंह सेठी की दुकान। 1946 में स्थापित, यह दुकान अब अपने दो पुत्रों प्रीतपाल सिंह और बलजीत सिंह द्वारा चलाई जाती है।इस दुकान पर केवल जेलबी, पकौड़ा और चाय ही दिये जाते हैं। बलजीत ने कहा,  “दुकान में पकौड़े को उबले आलू के साथ पकाने के लिए हम प्रसिद्ध है। बहुत सारे पर्यटक दूर दूर से हमारी दुकान पर अाते हैं।”

दून के ”विशेष भृगुवंशी” बने इंडिया बास्केटबाल टीम के कप्तान

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ओएनजीसी देहरादून के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विशेष भृगुवंशी को ब्रिक्स गेम्स 2017 के लिए भारतीय बास्केटबाल टीम की कमान सौंपी गई है। टीम में ओएनजीसी के दो और खिलाड़ियों यादवेंद्र सिंह और अर्जुन सिंह को भी जगह मिली है।

विशेष भृगुवंशी इस साल सीनियर राष्ट्रीय बास्केटबॉल चैंपियनशिप में उत्तराखंड को स्वर्ण पदक दिलाने वाली टीम के कप्तान भी थे। बेहतर फार्म में चल रहे विशेष पर एक बार फिर से चयनकर्ताओं ने भरोसा जताया है।

चीन में 17 से 21 जून तक प्रथम ब्रिक्स गेम्स का आयोजन होगा। भारतीय बास्केटबॉल टीम के विशेष प्रशिक्षण के बाद ब्रिक्स गेम्स के लिए टीम की घोषणा की गई। जिला बास्केटबॉल संघ की सचिव शैलजा असवाल ने बताया कि तीनों खिलाड़ी चीन के लिए रवाना हो गए हैं। पहली बार चीन में हो रही ब्रिक्स चैंपियनशिप में राउंड रॉबिन लीग के आधार पर मुकाबले खेली जाएंगी।

 

मसूरी में आईएएस अधिकारियों ने चलाया सफाई अभियान

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मसूरी लाल बहादूर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी और नगर पालिका प्रशासन ने शहर में स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहर में सफाई अभियान चलाया। शहर के गांधी चौक से लेकर कुलङी बाजार तक आईएएस ट्रेनी सहित वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों और पालिका कर्मियों ने हाथ में झाङू लेकर सफाई की।

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एलबीएस अकादमी में आयोजित स्वच्छता कार्यक्रम के तहत 16 जून से लेकर 30 तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे है।जिसमें देश को स्वच्छ रखने के साथ ही साथ कई जागरुकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जायेगें।

स्वच्छता पखवाङे कार्यक्रम के तहत अकादमी के 184 ट्रेनी आईएएस और अकादमी में मिड कैरियर ट्रेनी कार्यक्रम के 75 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियो ने सफाई अभियान मे शिरकत कर मसूरी मालरोङ में झाङू लगाया। ट्रेनी आईएएस का कहना था कि लोगो को सफाई अभियान में सहयोग करना चाहिए, सिर्फ सरकार पर हर चीज को छोङ देना ठीक नही है।

वहीं प्रदेश के पर्यटन सचिव ने कहा कि पर्यटन विभाग पालिका के साथ सहयोग कर शहर के साफ सुथरा रखने के लिए प्रयास करेगा।

”हसीना पार्कर” का टीज़र रिलीज, खतरनाक लुक में नजर आ रही श्रद्धा

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श्रद्धा कपूर की आने वाली फिल्म ‘हसीना: द क्वीन ऑफ मुंबई’ का पहला टीज़र रिलीज़ हो गया है। टीज़र में कुख्यात डॉन दाऊद इब्राहिम की बहन हसीना पार्कर की ज़िन्दगी की एक झलक दिखाई गई है। फिल्म का टीज़र जितना थ्रिलिंग बनाया गया है, फिल्म से उम्मीदें उतनी ही बढ़ गई हैं।

ट्रेलर की शुरुआत में यह बता दिया गया है कि हसीना पार्कर की पहचान उसके भाई दाऊद इब्राहिम के कारण थी। हसीना पार्कर जुर्म की दुनिया का वो नाम थी जिसके खिलाफ कोर्ट में 88 केस दर्ज थे लेकिन वो सिर्फ एक बार कोर्ट में पेश हुई थी।

दरअसल हसीना भारत में दाऊद के 1000 करोड़ के एम्पायर को संभालती थी। फिल्म में दाऊद का किरदार श्रद्धा के भाई सिद्धांत निभा रहे हैं। एक झलक दाऊद बने सिद्धांत की भी इस टीजर में नजर आई।उम्मीद है कि इस फिल्म से दाऊद और उसकी बहन के जीवन से जुड़े कई ऐसा राज़ सामने आएंगे जिससे हम अभी तक अनजान हैं।

श्रद्धा ने सोशल मीडिया पर फिल्म का एक पोस्ट शेयर किया, जिसमें उनका चेहरा बुर्के में ढका हुआ है और सिर्फ आंखे दिख रही हैं।

यहां देखें हसीना पार्कर का टीज़रः

रिलीज हुआ मधुर भंडारकर की फिल्म ”इंदु सरकार” का दमदार ट्रेलर

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मुंबई में मधुर भंडारकर की आने वाली फिल्म ‘इंदु सरकार’ का ट्रेलर शुक्रवार को रिलीज़ किया गया। ‘फैशन’, ‘पेज 3’ जैसी हिट फिल्में बनाने वाले राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्मकार मधुर भंडारकर की यह फिल्म इमरजेंसी काल पर आधारित है।

इस फिल्म की प्रमुख भूमिकाओं में नील नितिन मुकेश और पिंक से ख्याति पाने वाली ऐक्ट्रेस कीर्ति कुल्हारी होंगे। इनके अलावा अनुपम खेर भी ‘इंदु सरकार’ में एक अहम भूमिका में नज़र आएंगे। इंदु सरकार एक ऐसी महिला की कहानी है जो इमरजेंसी के दौरान सत्ता के खिलाफ खड़ी होती है। इस महिला का किरदार फिल्म में ‘पिंक’ से चर्चा में आईं कीर्ति कुल्हारी ने निभाया है।

एक्ट्रेस कीर्ति कुल्हारी का रोल बहुत दमदार है वो फिल्म में इमरजेंसी का विरोध करती हैं और संजय गांधी के रोल में नील नितिन मुकेश की एक्टिंग भी देखने बनती है। फिल्म में नील नितिन मुकेश को हू-ब-हू संजय गांधी का लुक दिया गया है, यहां तक कि उन्हें पहचानना भी मुश्किल हो रहा है।

बता दें कि यह फिल्म 1975 से 1977 के बीच के उन 21 महीनों की कहानी है जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं और उन्होंने देश में इमरजेंसी की घोषणा कर दी थी। इस फिल्म में बप्पी लहरी और अनु मलिक पहली बार साथ मिलकर म्यूजिक दे रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फिल्म 28 जुलाई को रिलीज की जाएगी।

मधुर ने यह भी कहा कि उन्होंने इस फिल्म को इस वक्त इसलिए नहीं बनाया है कि देश में बीजेपी सरकार का राज है।

ट्रेलर के कुछ दमदार डायलॉग हैं, ‘अर्जुन के इरादे बदल सकते हैं लेकिन घायल द्रौपदी के नहीं।’ ‘भारत की एक बेटी ने देश को बंदी बनाया है तुम वह बेटी बनो जो मुक्ति दिलाए।’ ‘इमरजेंसी में इमोशन नहीं चाबुक चलता है।’

यहां देखें मूवी का ट्रेलर:

किसान आत्महत्या के मामले में सीएम ने दिये जांच के आदेश

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सीमांत पिथौरागढ़ जिले में कर्ज के बोझ तले दबे एक किसान ने जहर पीकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद ग्रामीणों व कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बेरीनाग में ऋण माफी की मांग को लेकर प्रदर्शन भी किया।बेरीनाग तहसील के पुरानाथल गांव के सरतोला तोक के 60 के निवासी सुरेंद्र सिंह ने पांच वर्ष पूर्व साधन सहकारी समिति पुरानाथल से कृषि कार्य के लिए 75 हजार रुपये का कर्ज लिया था। इसके बाद उसने ग्रामीण बैंक बेरीनाग से चार वर्ष पूर्व 50 हजार रुपये का ऋण लिया।

मेहनत मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे किसान सुरेंद्र ने दो रोज पूर्व पुरानाथल कस्बे में कई लोगों को बताया था कि लोन जमा करने के लिए बैंक से दबाव बनाया जा रहा है। उसे नोटिस थमाया गया है।kishan सुरेंद्र इस उम्मीद में था कि शायद सरकार की किसी योजना में कृषि ऋण माफ हो जाए, लेकिन ऐसी कोई पहल नहीं होने से वह तनाव में था। ग्रामीणों के अनुसार इसी तनाव में गुरुवार रात्रि उसने घर पर ही जहरीला पदार्थ खा लिया।

इसकी जानकारी होते ही परिजन उसे स्वास्थ केंद्र लाए। चिकित्सकों ने गंभीर हालत देखते हुए उसे पिथौरागढ़ जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। जहां शुक्रवार सुबह सुरेंद्र ने दम तोड़ दिया। मृतक के दो बेटे हैं और दोनों बेरोजगार हैं। दोनों बेटों के नाम पर भी कृषि ऋण है।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसकी मजिस्ट्रेट जाँच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि “मृतक के परिवार की हर सम्भव सहायता की जाएगी। किसानों के प्रति राज्य सरकार पूरी तरह से संवेदनशील है। किसानों को केवल 2 प्रतिशत जैसी बेहद कम ब्याज दर पर 1 लाख रूपए तक ऋण उपलब्ध करवाए जाने का निर्णय लिया जा चुका है। राज्य सरकार किसानों की आय को बढ़ाए जाने की कार्ययोजना पर काम कर रही है। किसानो को बुनियादी तौर पर आर्थिक रूप से मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है।”

वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि उत्तराखंड में किसान द्वारा आत्महत्या किया जाना गंभीर विषय है। किसान द्वारा आत्महत्या किये जाने से लगता है की किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल रहा है। किसान ऋण तले दबता जा रहा है।  2017 के चुनाव में भाजपा ने कहा था कि यदि हमारी सरकार आएगी तो किसानों का ऋण माफ़ करने के साथ ही उन्हें ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा।  सरकार अपने इस वायदे से विमुख हुई है। कांग्रेस ने यह मुददा विधानसभा सत्र में भी उठाया था, जिससे भाजपा सरकार ने अपने कदम पीछे खींचे है। उत्तराखंड के किसानों में भाजपा सरकार के खिलाफ असंतोष है।

10 साल की उम्र में हार्दिक ने इंग्लिश में लिखा नाॅवेल

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कहते हैं सपने देखने वालों की कभी हार नहीं होती और वो भी तब जब सपना देखने वाला उसको पूरा करने के लिए जी जान लगा दे। एक ऐसा ही सपना पूरा किया है पिथौरागढ़ के पास हुड़ेती गांव के दस साल के हार्दिक उप्रेती ने। दस साल की उम्र में बच्चों को खेलने-कूदने से ही फुरसत नहीं मिलती है, उस उम्र में हार्दिक ने अंग्रेजी भाषा में ”ए क्रिसमस मिरेकल” उपन्यास लिखकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा दिया है।

हार्दिक द्वारा लिखे इस पहले उपन्यास को इसी साल मार्च में ब्लू रोज पब्लिकेशन ने प्रकाशित किया है। ”ए क्रिसमस मिरेकल” उपन्यास 59 पृष्ठों का है और नौ चैप्टरों में छपा है। हार्दिक वर्तमान में बीजीएस इंटरनेशनल स्कूल दिल्ली में कक्षा छह का छात्र है। उनके पिता लोकेश उप्रेती एक मल्टीनेशनल कंपनी दिल्ली में डायरेक्टर पद पर कार्यरत हैं। माता रश्मि उप्रेती गृहणी हैं।

केवल आठ साल की उम्र में शुरू कर दिया लिखनाः हार्दिक को 8 वर्ष की उम्र में शार्ट स्टोरी लिखने का शौक हुआ। अभी तक वह 10 लघुकथा लिख चुके हैं। लिखन के साथ-साथ हार्दिक को फुटबाल खेल में विशेष रुचि है। इतिहास विषय से भी उन्हें खासा लगाव है।

यू-ट्यूब पर बनाया चैनलः हार्दिक सोशल साइट्स पर भी ख्याति प्राप्त कर रहे हैं। पिता लोकेश उप्रेती से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद उन्होंने यू-ट्यूब पर अपना एचएनजेड गेमिंग चैनल भी लांच कर दिया है। जो लोगों को काफी पसंद आया।

 

उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र ने तोड़ा ये रिकाॅर्ड

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उत्तराखंड विधानसभा का गुरुवार शाम को खत्म हुआ बजट सत्र कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि विधान सभा का बजट सत्र 11 घंटे 25 मिनट तक चला। ये अवधि उत्तराखंड की आज तक की विधनसभाओं के इतिहास में अब तक का सबसे लंबा चला सत्र रहा। इसके साथ साथ इस सत्र में कुल 39,957.13  करोड़ के विधेयक पास किये। छह दिनों के इस सत्र में कुल 90 मिनट की ही रुकावट दर्ज हुई जो अपने आप में एक रिकाॅर्ड है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि “सदन के सभी सदस्यों का इस तरह से सदन में काम करने के लिये वो धन्यवाद करते हैं।”

राज्य बनने के बाद से अब तक की चार विधानसभाओं में सबसे लंबा सत्र 11 घंटे 11 मिनट तक चला था। ये सत्र जून 11, 2002 को हुआ था। ये रिकाॅर्ड जून 15, 2017 को टूटा जब सदन ने 11 घंटे 25 मिनट तक काम किया। गुरुवार को सदन ने रात 11:50 तक काम किया जो अब तक का सबसे लंबा सेशन रहा। कुल मिलाकर सदन ने 43 घंटे 38 मिनट काम किया।

 इस सत्र में 6 बिल पेश किये गये। इनमें
  • उत्तराखंड गुड्स एंड सर्विसेस एक्ट, 2017
  • उत्तराखंड कंटेंजेन्सी एक्ट 2017
  • उत्तराखंड स्टेट एसैम्बली एक्ट, 2017
  • उत्तारखंड वैट एमेंडमेंट
  • उत्तराखंड अंडरग्राउंड वाॅटर और
  • उत्तारखंड एप्रोप्रियेशन बिल 2017 पेश किये गये।

 

“इंग्लिश विंग्लिश” सीखेंगे उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों के बच्चे

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“कई बार मुझे ऐसा लगा कि अंग्रेजी भाषा में विशेषज्ञता की कमी के कारण मेरे जीवन में कुछ कमी सी है। ऐसा नहीं है कि हम हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं पर गर्व नहीं कर रहे हैं लेकिन मुझे लगता है कि छात्रों को अंग्रेजी समझने और सीखने में सक्षम होना चाहिए ताकि यदि कभी भी आवश्यकता हो वे छोटी-छोटी बातचीत कर सकें, और दूसरे प्राइवेट स्कूलों से वह अपने आप को कम ना समझे।” ये कहना है उत्रातराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे का।

इसी परेशानी को दूर करने के लिये राज्य में सरकारी स्कूल के छात्र जो आमतौर पर अंग्रेजी में बातचीत और पढ़ाई नहीं करते हैं उनके लिए राज्य शिक्षा विभाग अंग्रेजी और विज्ञान जैसे विषयों को तीसरी से बारहवीं क्लास के छात्रों को पढ़ाने की योजना बना रही है। साथ ही उनकी भाषा कौशल बढ़ाने के लिए आमतौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले अंग्रेजी शब्दों और फ्रेजों को पढ़ाने की योजना बना रही है।

कुछ आम अंग्रेजी शब्दों को किस तरह से लोगों के बीच में रखना है के बारे में पूछे जाने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विभाग शुरू में 50 शब्दों की सूची तैयार करने की योजना बना रहा है। इससे छात्रों को भाषा में फ्लूऐंसी बनाने में मदद मिलेगी। नैनीताल जिले के प्रोफेसर शैलेंद्र जोशी को उन शब्दों की सूची तैयार करने के लिए कार्य दिया गया था, उन्होंने बताया कि “मूल रूप से हमारा उद्देश्य छात्रों की शब्दावली बढ़ाने का हैं, इसलिए हम इन शब्दों के उपयोग की बेहतर समझ के लिए वाक्य /वाक्यांशों की एक सूची तैयार कर रहे हैं।अभी इस योजना का रफ ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है और अंतिम सूची 18 जून तक तैयार हो जाएगी। इसके बाद इसको ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों के साथ साझा किया जाएगा, जो इसे स्कूल के शिक्षकों के साथ साझा करेंगे ताकि जुलाई में नए सत्र शुरू होने के बाद वे छात्रों के साथ दैनिक बातचीत में ये शब्द या वाक्यों का उपयोग कर सकें।”

ये हैं वो कुछ वाक्य और शब्द जिन्हें सरकार छात्रों को सिखायेगी

  • How are you doing?
  • That’s interesting.
  • I feel much better.
  • It’s your turn.
  • It’s not difficult.
  • Tell me.
  • I can do it.
  • I am having fun.
  • Slow down.
  • you are wasting my time among others.

सरकार की इस पहल पर एमपीजी कॉलेज मसूरी के अंग्रेज़ी विभाग के एचओडी रह चुके गणेश सैली मानते हैं कि “इस तरह की कोशिशें आधी पकी दाल की तरह हैं। इससे बच्चों को कोई फ़ायदा नहीं होगा।” सैली कहते हैं कि अगर बच्चों को अंग्रेज़ी सिखानी है तो सही तरह से पूरी सिखाई जाये ताकि वो सही मायनों में उनके काम आ सके।छात्रों को इस तरह अंग्रेजी के वाक्य सिखाने को कुछ जानकार बहुत सही कदम नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह छात्रों को आधा अधूरा ग्यान देने ये क्य़ा हासिल होगा?”