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‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत साफ सफाई को लेकर किया जागरूक

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स्वच्छ भारत अभियान के तहत जिंप पायनियर स्कूल में बच्चों ने बेकार वस्तुओं से कक्षाओं को सजाने का कार्य किया। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने मिलकर स्कूल व आसपास के इलाकों में सफाई अभियान भी चलाया।

बुधवार को मुख्य अतिथि, पूर्व भारतीय वन सेवा अधिकारी, एमसी पांडे व स्कूल के प्रधानाचार्य जगदीश पांडे ने अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं को सफाई की अहमियत बताई। इसके बाद बच्चों ने बेकार सामान से कक्षाओं को सजाने का कार्य किया साथ ही छात्रों ने अभिभावकों को भी साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया। मुख्य अतिथि पांडे ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि, ‘धरती पर जीवन जल, ऑक्सीजन और पेड़ों की वजह से मुमकिन है और धरती पर ऑक्सीजन और पानी के लिए पेड़ मुख्य साधन के रूप में है। अगर हम पेड़ और जंगल को बचाएंगे तभी हरी पृथ्वी से जीवन और पर्यावरण को बचा सकते हैं| इसलिए हमें प्रकृति की ओर अपनी जिम्मेदारी को समझना चाहिए।’

कार्यक्रम में राजकीय अस्पताल, प्रेमनगर, देहरादून की चीफ मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. नूतन भट्ट ने हेल्थ व हायजीन की जानकारी देते हुए विध्यार्थियों को नाखूनों, कान, नाक व बालों में गंदगी को तुरंत साफ करना चाहिए, बच्चों को पौष्टिक व संतुलित घर का बना हुआ भोजन खाना चाहिए। उन्होंने सभी को डायरिया के लक्षण व रोकथाम के बारे में विस्तार से बताया और अपने पानी पीने के स्थान को साफ-सुथरा रखने को कहा।

प्रधानाचार्य जगदीश पांडे ने कहा कि, ‘घर या अपने आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में संक्रमण फैलने से बचाने और गंदगी के पूर्ण निपटान के लिए ध्यान रखना चाहिए कि गंदगी को केवल कूड़ेदान में ही डालें। साफ-सफाई केवल एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है बल्कि ये घर, समाज, समुदाय और देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में स्कूल के छात्र-छात्राओं ने स्वच्छता को लेकर अपने विचार भी व्यक्त किए। इस मौके पर काफी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएं व स्थानीय लोग मौजूद रहे।’

निर्देशक राकेश रोशन की बढ़ी मुश्किल

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नैनीताल हाईकोर्ट ने प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक राकेश रोशन की याचिका खारिज कर दी है। हाई कोर्ट ने पिछले दिनों उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी, लेकिन उनके खिलाफ इस बीच निचली कोर्ट में पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल कर देने से हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर रोक हटाते हुए याचिका खारिज की। अब चार्जशीट पर निचली अदालत में ही सुनवाई होगी। पिछले साल 21 मई को देहरादून के उपन्यासकार रूपनारायण सोनकर ने देहरादून के डालनवाला थाने में फिल्मकार राकेश रोशन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई की थी। इसमें कहा था कि फिल्मकार ने अपनी सुपरहिट फिल्म कृष-थ्री में बिना उनकी अनुमति के उनके उपन्यास सुअरदान के अंश लिए हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद राकेश रोशन ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इसके बाद कोर्ट ने राकेश रोशन की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। सोनकर के अनुसार उनका उपन्यास सुअरदान 2010 में प्रकाशित हुआ और कृष-थ्री 2013 में प्रदर्शित हुई। फिल्म ने छह सौ करोड़ का बिजनेस किया।

वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की एकलपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि फिल्मकार राकेश रोशन के खिलाफ पुलिस निचली अदालत में आरोप पत्र दाखिल हो चुकी है। कोर्ट ने मामले को सुनने के बाद राकेश रोशन की गिरफ्तारी पर रोक लगाने संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है। साहित्यकार सोनकर का आरोप है कि फिल्म कृष-थ्री की कहानी व उनके उपन्यास में कई दृश्य एकसमान हैं। जैसे उपन्यास में आदमी व जानवर को मिलाकर नया जीव बनाया गया है, यही फिल्म में भी दिखाया गया है।

उपन्यास का खलनायक व्हील चेयर पर है, जबकि फिल्म में भी नायक जानलेवा बीमारी से ग्रसित है। उपन्यास में खलनायाक को उपचार के लिए तिगड़ी फार्म के लोग न्यू जर्सी अमेरिका ले जाते हैं, वहीं फिल्म में मुंबई में भी जानलेवा बीमारी हो जाती है और उपचार के लिए सिंगापुर के डॉ. संजय मेहरा के पास ले जाया जाता है। उपन्यास की गर्भवती नायिका खलनायक के कब्जे में है, सह नायिका उसे बचाकर ले जाती है, यही फिल्म में भी दिखाया गया है। अंत में प्लेन क्रेश होने का सीन उपन्यास व फिल्म दोनों में है।

भोले के नाम भक्तों की चिठ्ठी

कावड़ यात्रा धीरे धीरे अपने अंतिम चरण में पहुचने लगी है, अब डाक कावड़ की धूम है, ऋषिकेश-हरिद्वार से गंगा जल और नीलकंठ महादेव के दर्शनों के बाद अब कावड़िये अपने अपने घरो को लौटने लगे है। 21 जुलाई को पड़ने वाली शिवरात्रि में सभी शिवभक्त अपने अपने शहरों में पड़ने वाले शिवालयों में जल चढ़ाऐगे।

सावन की कावड़ यात्रा का उत्तराखंड में अंतिम चरण शुरू हो गया है, अब शिवरात्रि नजदीक है जिस के चलते सभी शिवभक्त जल लेकर अपने शिवालयों की और प्रस्थान करते है , अंतिम चरण में डाक कावड़ ही यात्रा शोभा है जिस ट्रेफिक व्यवस्था बनाये रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होता है। डाक कावड़ में दौड़ते हए गंगा जल को अपने गाँव, कसबे तक ले जाया जाता है जिसकी एक समय अवधि रहती, इस अवधि को जल ले जाने वाले दौड़ दौड़ कर जल ले जाते है। डाक कावड़िये बताते है की वो हर छह महीने में यहाँ कावड़ लेने आते है, कावड़ यात्रा के प्रति उनकी श्रद्धा बहुत है।

आगामी 26 जुलाई को होगा ग्राम पंचायत उप चुनाव

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राज्यभर में रिक्त चल रहे उप प्रधान के पदों पर 26 जुलाई को चुनाव होगा। राज्य निर्वाचन आयोग, उत्तराखण्ड की अधिसूचना के तहत जनपद हरिद्वार की ग्राम पंचायतों के विभिन्न प्रकार से रिक्त हुए उप प्रधान पद के रिक्त पदों पर उप निर्वाचन के लिए जिला मजिस्ट्रेट, जिला निर्वाचन अधिकारी हरिद्वार के निर्देशानुसार हरिद्वार की ग्राम पंचायतों के उप प्रधान ग्राम पंचायत के रिक्त पदों पर उप निर्वाचन की तिथि एवं समय निर्धारित कर दिया गया है, 26 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी।

पूर्वान्ह 10 बजे से पूर्वान्ह 11 बजे तक, निर्देशन पत्रों की जांच व नाम वापसी उसी दिन पूर्वान्ह 11 बजे से दोपहर 12 बजे होगा। उसी दिन 12.30 बजे तक, निर्वाचन चिन्ह आवंटित कर दिया जाएगा। जिला निर्वाचन कार्यालस ने बताया कि मतदान 26 जुलाई के अपराह्न 1.30 बजे से अपराह्न 3.30 बजे तक तथा मतगणना अपराह्न 4.00 बजे से कार्य की समाप्ति तक होगी।

ऋषिकेश के सरकारी अस्पताल को मिलेंगे 10 डॉक्टर

तीर्थनगरी ऋषिकेष के सरकारी अस्पताल में डॉक्टर्स की नियुक्ति को लेकर पिछले 14  दिनों से चल रहे सर्वदलीय धरना आखिरकार पूरा हो गया। ऋषिकेष विधायक और विधानसभा अध्य्क्ष प्रेम चन्द अग्रवाल ने ऋषिकेष अस्पताल में पहुँचकर धरना कर रहे लोगों से मुलाक़ात की ओर बताया कि जल्द ही यहाँ पूरे 10 डॉक्टर्स की तैनाती की जाएगी जिसके बाद सर्वदलीय मंच द्वारा धरने को समाप्त किया गया।

prem chand aggarwal

आपको बता दे कि ऋषिकेष का सरकारी अस्पताल पिछले कई समय से बिना डॉक्टर्स के चल रहा है, जिसकी वजह से आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिस कारण सर्वदलीय मंच यहां पिछले 14  दिनों से धरना प्रदर्शन कर रहे थे। मीडिया से बात करते हुए विधानसभा अध्य्क्ष प्रेमचंद अग्रवाल ने बताया कि हमारी सरकार चाहती है कि प्रदेश में डॉक्टर्स की तैनाती मैदानों से लेकर पहाड़ों तक पूरी हो।

रक्षाबंधन पर इस बार विशेष संयोग

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इस बार श्रावण मास में विशेष संयोग बने हैं, जहां इस बार श्रावण मास में पांच सोमवार हैं। वहीं सोमवार से प्रारम्भ हुए श्रावण मास का समापन भी सोमवार को होगा।

पहले दिन सोमवार स्वार्थ सिद्ध योग का होना भी वर्षों बाद हुआ है, इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व सात अगस्त को है। उसी दिन चन्द्रग्रहण भी होगा। चन्द्रग्रहण रात्रि 10 बजकर 29 मिनट से आरम्भ होकर रात्रि 12 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। कुल एक घंटा 53 मिनट तक रहने वाले चन्द्रग्रहण का सूतक काल दोपहर एक बजकर 29 मिनट से आरम्भ हो जाएगा। इतना ही नहीं उसी दिन के 11 बजकर चार मिनट तक भ्रदा रहेगी, ग्रहणकाल व भद्रा में रक्षाबंधन निषेध बताया गया है।

इस कारण रक्षाबंधन व श्रावणी उपाकर्म सोमवार को 11 बजकर 5 मिनट से दोपहर 1 बजकर 28 मिनट तक ही किए जा सकेंगे। इस कारण लोगों व ब्राह्मणों के पास रक्षाबंधन व उपाकर्म करने के लिए 2 घंटे 23 मिनट का समय ही रहेगा। 1 बजकर 29 मिनट से ग्रहण का सूतक काल प्रारम्भ हो जाने के कारण भी रक्षाबंधन व श्रावणी कर्म निषेध रहेंगे। ज्योतिषाचार्य पं. प्रदीप जोशी के अनुसार ग्रहण के सूतक काल में रक्षाबंधन व श्रावणी कर्म नहीं किए जा सकते। इतना ही भोजन आदि करना भी सूतक व ग्रहण काल में निषेध बताया गया है। बीमार व बुजुर्ग तथा बच्चे सूतक काल में भोजन आदि का सेवन कर सकते हैं, किन्तु ग्रहण काल में यह पूर्ण निषेध बताया गया है। 

रामनाथ कोविंद ने रायसीना की जंग जीती, देश के 14वें राष्ट्रपति बने कोविंद

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देश के 14वें राष्ट्रपति पद के लिए जारी मतगणना समाप्त हो चुकी है। एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद देश के अगले राष्ट्रपति होंगे। रामनाथ कोविंद ने एकतरफा रायसीना की जंग जीत ली है। रामनाथ कोविंद को 65.65 फीसदी वोट मिले हैं। वहीं विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार को 35.34 फीसदी वोट ही मिले हैं।

लाल कृष्ण आडवाणी ने रामनाथ कोविंद को फ़ोन पर जीत की बधाई दी।वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपने टिव्टर अकांउंट के माध्यम से राष्ट्रपति बनने की बधाई दी और शुभकामनांए दी।

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात, की डेरापुर तहसील, परौख गांव में जन्मे रामनाथ कोविंद अब देश के नए राष्ट्रपति बन गए हैं। कोविंद 25 जुलाई को पदभार ग्रहण करेंगे। वर्तमान राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल 25 जुलाई को समाप्त हो रहा है।

निर्वाचन अधिकारी अनूप मिश्रा ने परिणाम जारी कर जानकारी दी: रामनाथ कोविंद को कुल 70,20,44 वहीं विपक्षी उम्मीदवार मीरा कुमार को 36,73,14 वोट मिले।  

देह व्यापार के आरोप में छह लोग गिरफ़्तार

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देहरादून में बढ़ रहे अनैतिक देह व्यापार की रोकथाम के लिये चलाये गये अभियान के अन्र्तगत कार्यवाही करते हुए आज स्थानीय जनता की शिकायत पर जाखन क्षेत्र में श्री निवास अपार्टमेन्ट में एक फ्लैट में वैश्यावृति की जा रही है पर पुलिस ने ऎकशन लिया। शिकायत पर राजपुर की पुलिस टीम दवारा दबिश दी गयी तो श्री निवास अपार्टमेन्ट, दून विहार, जाखन में फ्लैट के अन्दर से दो अभियुक्तगणों व चार युवतियां मिली। जिनमें से एक महिला अभियुक्ता ( संचालिका ) व एक अभियुक्त ( संचालक ),  एक ग्राहक व 3 पीडित महिलायें बरामद की गयी।

पकड़े गये अभियुक्तगण ( संचालक व संचालिका ) ने पूछताछ पर बताया वह पहले दिल्ली में व्यापार करते थे । अभी कुछ दिन पूर्व ही राजपुर क्षेत्र में किराये का मकान लेकर उन्होने यह देह व्यापार शुरु किया था । संचालक व संचालिका ने बताया पीडित महिलाओं को मोटी रकम लेकर मसूरी, ऋषिकेश, सहस्रधारा आदि पर्यटक स्थलों के होटलों में ग्राहको के साथ भेजते है। पकङी गई महिलायों में 2 दिल्ली अौर 1 नेपाल की रहने वाली है । साथ ही 15000 /- रु नगदी अौर अलग-अलग कम्पनी के 6 मोबाइल फोन भी मिले।

दलेर के गाने पर थिरकेंगे सनी और बॉबी देओल

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अपनी आने वाली फिल्म ‘पोस्टर ब्वायज’ के लिए सनी देओल और उनके छोटे भाई बॉबी देओल, दलेर मेहंदी के एक पुराने गाने के रीमिक्स पर झूमकर नाचते नजर आएंगे। दिलचस्प बात ये है कि दलेर मेहंदी का ये गाना सनी देओल की 1999 में रिलीज हुई फिल्म ‘अर्जुन पंडित’ के गाने का रीमिक्स है, जिसे दलेर मेहंदी ने गाया था। ‘पोस्टर ब्वायज’ के लिए इस गाने के रीमिक्स में भी दलेर मेहंदी की आवाज है।

दलेर के अलावा रीमिक्स को नेहा कक्कड़ ने अपनी आवाज दी और तनिष्का बागची ने इस रीमिक्स को संगीतबद्ध किया है। परदे पर गाने में देओल भाईयों का साथ ‘बिग बास’ फेम एक्ट्रेस एली अवराम ने दिया है। इस फिल्म की एक और खास बात ये है कि हिंदी और मराठी फिल्मों के जाने माने कलाकार श्रेयस तलपड़े ने इस फिल्म का निर्देशन किया है और ये 2014 में इसी नाम से आई मराठी फिल्म का रीमेक है। बतौर निर्देशक श्रेयस तलपड़े की ये पहली फिल्म है।

श्रेयस तलपड़े इन दिनों रोहित शेट्टी की फिल्म गोलमाल 4 में भी काम कर रहे हैं, जो इस साल दीवाली पर रिलीज होगी। देओल भाई भी काफी गैप के बाद एक साथ फिल्मों के परदे पर लौट रहे हैं। ‘यमला पगला दीवाना 2’ के बाद ये पहला मौका है, जब दोनों देओल भाई साथ होंगे। कुछ दिनों पहले खबर आई थी कि ‘यमला पगला दीवाना’ की तीसरी कड़ी की योजना भी शुरु हो चुकी है, जिसमें एक बार फिर देओल भाई अपने पापा धर्मेंद्र के साथ नजर आएंगे।

डांस मेरे लिए किसी भयावह अनुभव से कम नहीं : सिद्दीकी

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टाइगर श्रॉफ और नवाजुद्दीन सिद्दीकी की रजानी द्वारानिर्मित एवं शब्बीर खान द्वारा निर्देशित फिल्म ‘मुन्ना माइकल’ के प्रमोशन के सिलसिले में वह दिल्ली में थे, जहां उन्होंने अपनी फिल्म के बारे में मीडिया से खुलकर बातें कीं।  गौरतलब है कि टाइगर श्रॉफ की अब तक तीन फिल्में रिलीज हुई हैं, जिसमें से दो (‘हीरोपंती’ और ‘बागी’) का निर्देशन शब्बीर खान ने किया है। ये दोनों ही फिल्में सफल रही थीं, अब इस जोड़ी की तीसरी फिल्म ‘मुन्ना माइकल’ आ रही है, जो एक्शन और डांस पर बेस्ड है। इस फिल्म में टाइगर श्रॉफ के साथ निधि अग्रवाल भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में हैं।

इस फिल्म में अपनी भूमिका, उसकी तैयारी और सामने आईं कठिनाइयों के बारे में पूछने पर नवाजुद्दीन ने कहा, ‘मैं टाइगर की तरह डांस नहीं कर सकता, लेकिन मैंने अपनी ओर से पूरी कोशिश की है। हालांकि, मेरे लिए कोई अलग से भूमिका नहीं थी, जिसके लिए मुझे खुद को अलग से तैयार होना था। लेकिन, डांस मेरे लिए बिल्कुल नई चीज थी| मुझे यह कहने में हिचक नहीं कि यह डांस मेरे लिए किसी भयावह अनुभव से कम भी नहीं था। उन्होंने कहा कि टाइगर ये काम इतनी आसानी से करता है कि क्या बताएं। अगर मैं उसके एक फीसदी के बराबर भी डांस कर सका, तो यह मेरे लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।’

नवाज ने फिल्मोद्योग में आईं शुरुआती कठिनाइयों पर भी टिप्पणी की और कहा, ‘मुझे अपने रंग-रूप को लेकर हमेशा दुश्वारियां झेलनी पड़ीं, चाहे घर हो या ऑफिस या कोई अन्य कार्यस्थल। हर जगह मुझे हेय दृष्टि से देखा गया। ऐसा हर जगह मेरे साथ हुआ, क्योंकि ऐसे लोग हर जगह मौजूद हैं, जो काम या प्रतिभा के बदले आपकी कद-काठी या फिर रंग-रूप को ज्यादा तवज्जो देते हैं।’

नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ अपने अनुभव के बारे में पूछने पर टाइगर ने कहा, ‘जब मैं पहली बार सेट पर गया था, तब मैं वास्तब में बेहद डरा हुआ था और इस डर की वजह थे नवाजुद्दीन सिद्दीकी, क्योंकि वह बेहद प्रतिभाशाली अभिनेता हैं और हर नए कलाकार के लिए उनके साथ काम करना शुरुआत में डराता है। हर किसी को ‘बदलापुर’ और ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ में उनका काम याद है।