Page 648

पतंजलि व सरकार करेंगे किसानों को समृद्ध

0

उत्तराखंड सरकार और पतंजलि योगपीठ राज्य के विकास के लिए किसानों को समृद्ध करेंगे। इसको लेकर रविवार को पतंजलि और राज्य सरकार के अधिकारियों ने संयुक्त बैठक कर रणनीति तैयार की।

पतंजलि योगपीठ और उत्तराखण्ड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में प्रदेश के किसानों की समृद्धि व उत्तराखण्ड के बहुमुखी विकास को लेकर अपर मुख्य सिचव रनवीर सिंह और सचिव आयुष एवं टूरिज्म मीनाक्षीसुंदरम् पतंजलि पहुंचे। इस अवसर पर उत्तराखण्ड को हर्बल व ऑर्गेनिक कृषि एवं पर्यटन के क्षेत्र में विश्व पटल पर लाने के लिए पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण की अध्यक्षता में विशेष कार्ययोजना तैयार की गई।

इस क्रम में किसानों को जड़ी-बूटी के बीजोें से लेकर औषधीय पौधों की व्यवस्था को उपलब्ध कराने व उसके लिए पतंजलि के साथ सहमति पत्र बनाने के विषय पर चर्चा की गई। साथ ही बड़ी गायों के संरक्षण, गोमूत्र व गोदुग्ध के लिए कार्ययोजना बनाने और इस संदर्भ में अनुसंधान कार्य को संयुक्त रूप से आगे बढ़ाने पर विशेष चर्चा की गई। गोष्ठी में मुख्य विकास अधिकारी नितिन समेत विभिन्न विभाग जैसे कृषि, बागवानी, डेयरी, मेडिसिनल एरोमेट्रिक वृक्ष, आर्गेनिक बोर्ड, आई एपफएओ मत्स्य विभाग के अध्यक्ष एवं आयुष मंत्रालय उत्तराखण्ड चाय विभाग के अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

मसूरी विधायक ने अधिकारियों संग क्षेत्र का किया दौरा

0

मसूरी विधायक गणेश जोशी ने रविवार को प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों संग राजपुर क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान विधायक ने अधिकारियों को खराब पुल को अतिशीघ्र निर्माण करने के निर्देश दिए।

इस दौरान तहसीलदार सदर एवं लोनिवि के सहायक अभियंता के साथ राजपुर पहुंचे विधायक जोशी ने बताया कि भारी बारिश के कारण बहा पुल लगभग 50 वर्ष से अधिक पुराना था। राजपुर के सुमन नगर को चांलग एवं खरावा को जोड़ने वाला इस पुल के टूटने से खरावा गांव के लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

विधायक जोशी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन की परेशानी को ध्यान में रखते हुए इस पुल का अतिशीघ्र निर्माण किया जाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि आपदा मत से धनराशि जारी कर पुल का निर्माण कार्य तत्काल कराया जाए, इस बाबत उनके द्वारा लोनिवि के सहायक अभियंता को तत्काल आगणन बनाये जाने हेतु दिशा-निर्देश दिये गये हैं। तहसीलदार सदर ने बताया कि लेखपाल की रिपोर्ट के बाद इस प्रकरण को जिलाधिकारी के समक्ष रखा जाऐगा। उन्होनें अपने अधिनस्थों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिये हैं।

इस अवसर पर पार्षद रोशनबाला थापा, मोहित जायसवाल, रोहन घिल्डीयाल, पूर्व पार्षद मंजीत रावत, ग्राम प्रधान समीर पुण्डीर, युवा नेता अजय राणा सहित प्रशासनिक एवं लोनिवि के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

भारी बारिश के चलते यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे दिनभर रहे अवरुद्ध

0

लगातार हो रही बारिश के कारण यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे शनिवार रात से रविवार दिनभर कई जगहों पर बाधित होता रहा है। यमुनोत्री हाईवे को सुबह 12.30 बजे आवाजाही के लिए खोल दिया गया लेकिन दोपहर एक बजे के बाद अचानक रुणवासा के पास पहाड़ी से मलबा और भूस्खलन होने से गंगोत्री हाईवे बंद हो गया। इस बीच डीएम उत्तरकाशी और एंबुलेंस सहित कर्इ वाहन हाईवे के दोनों तरफ फंसे रहे। लगातार हो रहे भूस्खलन के कारण देर शाम साढ़े पांच बजे रुणवासा के पास हाईवे पर यातायात बहाल हो पाया है।

शनिवार रात से उत्तरकाशी जिले में लगातार हो रही तेज बरसात के बीच यमुनोत्री हाईवे डबरकोट और गंगोत्री हाईवे संगलाई के पास बंद हो गया। जिसके बाद रविवार सुबह एनएच और बीआरओ के अधिकारियों ने मशीने और कर्मचारी भेजकर कई घंटे तक चली कड़ी मशक्कत के बाद हाईवे को बहाल करवाया। यमुनोत्री हाईवे करीब 12.30 बजे और गंगोत्री हाईवे 11 बजे के पास संगलाई के पास यातयात के लिए खोला जा सका लेकिन दोपहर बाद अचानक गंगोत्री हाईवे पर देवीधार से दो किमी आगे रुणवासा के बीच पहाड़ी से लगातार भूस्खलन जारी रहा। जिसके चलते गंगोत्री हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया, हाईवे के दोनों तरफ कर्इ वाहन फंस गये।

मार्ग बाधित होने से डीएम भी फंसे
इस बीच डीएम डॉ. अशीष कुमार देहरादून से उत्तरकाशी आ रहे थे लेकिन हाईवे बाधित होने के कारण उन्हें वहां काफी इंतजार करना पड़ा। करीब आधा घंटा इंतजार करने के बाद वह धरासू वापस लौट गये। इस दौरान यात्रियों व स्थानीय लोगों के साथ एंबुलेंस भी वहां फंसी रही। हालांकि एंबुलेंस में कोई मरीज नहीं था। लगातार पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन के चलते जेसीबी मशीन ऑपरेटर भी काम नहीं कर पाया। इसके कारण पुलिस ने चिन्यालीसौड़ से आने वाली गाड़ियों को चिन्यालीसौड़ और धरासू बैंड और उत्तरकाशी से आने वाली गाड़ियों को डुंडा के पास रोक दिया। देर शाम करीब साढ़े पांच बजे रुणवाास के पास हाईवे सुचारू हुआ।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी डीएस पटवाल ने बताया कि रुणवासा के पास हाईवे खोल दिया गया है लेकिन भटवाड़ी से आगे हेल्गूगाड के पास पहाड़ी से पत्थर आ रहे हैं। पत्थरों को हटाने का काम चल रहा है। 

न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया दुष्कर्म का आरोपी

0

चमोली जिले में एक युवती के साथ दुराचार का मामला प्रकाश में आया है। पीड़ित युवती के परिजनों की लिखित शिकायत पर पुलिस द्वारा तत्परता दिखाते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। जिसे न्यायलय में पेश कर न्यायालय ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।

घटना के अनुसार पीड़ित युवती अपने परिजनों के यहां से शनिवार की शाम अपने घर लौट रही थी कि अचानक रास्ते में पड़ोसी गांव के एक युवक ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में युवती किसी तरह अपने घर पहुंची और आपबीती परिजनों को बताई। जिस पर पीड़िता के पिता ने अपने नजदीकी पुलिस चौकी में घटना की जानकारी दी।

मामले की छानबीन करते हुए पुलिस ने आरोपी युवक को पकड़ लिया। रविवार को पुलिस आरोपी युवक तथा पीड़ित युवती का जिला चिकित्सालय में मेडिकल करवाया। इसके बाद पुलिस ने युवक को न्यायालय में पेश किया, जहां आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। चमोली के थानाध्यक्ष सतेंद्र सिंह का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। सोमवार को पीड़िता का बयान दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

माथे पर मिट्टी का तिलक लगा अंग्रेजों को सबक सिखाने की ली प्रतिज्ञा

जलियांवाला बाग हत्याकांड का प्रतिशोध लेने वाले क्रांतिकारी ऊधम सिंह का जन्म 29 दिसम्बर 1869 को सरदार टहल सिंह के घर पर हुआ था। ऊधम सिंह के माता -पिता का देहांत बहुत ही कम अवस्था में हो गया था। इस कारण परिवार के अन्य लोग उन पूरा ध्यान नहीं दे सके। उन्होंने काफी समय तक भटकने के बाद अपने छोटे भाई के साथ अमृतसर के पुतलीघर में शरण ली, जहां एक समाजसेवी संस्था ने उनकी सहायता की। मात्र 16 वर्ष की अवस्था में ही उन्होंने बैसाखी के पर्व पर अमृतसर के जलियांवाला बाग में हुए नरसंहार को अपनी आंखों से देखा। सभी लोगोें के घटनास्थल से चले जाने के बाद वे वहां फिर गये और वहां की मिट्टी को अपने माथे पर लगाकर उस कांड के अंग्रेज खलनायकों से बदला लेनेे की प्रतिज्ञा की। इसके लिए उन्होंने अमृतसर में एक दुकान भी किराये पर ली। अपने संकल्प को पूरा करने के लिए वे अफ्रीका से अमेरिका होते हुए 1923 में इंग्लैंड पहुंच गये। वहीं क्रांतिकारियों से उनका संपर्क हुआ। 1928 में वे भगत सिंह के कहने पर भारत वापस आ गये। लाहौर में उन्हें शस्त्र अधिनियिम के उल्लंघन के आरोप में पकड़ लिया गया और चार साल की सजा सुनायी गयी। इसके बाद वे फिर इंग्लैंड चले गये।

13 मार्च 1940 को वह शुभ दिन आ ही गया जब ऊधम सिंह को अपना संकल्प पूरा करने का अवसर मिला। इंग्लैंड की राजधानी लंदन के कैक्स्ट्रन हाल में एक सभा होने वाली थी। इसमें जलियावांला बाग कांड के दो खलनायक सर माइकेल ओ डायर तथा भारत के तत्कालीन सेक्रेटरी आफ स्टेट लार्ड जेटलैंड आने वाले थे। ऊधम सिंह चुपचाप मंच की कुछ दूरी पर बैठ गये और उचित अवसर की प्रतीक्षा करने लग गये। सर माइकेल ओ डायर ने भारत के खिलाफ खूब जहर उगला। जैसे ही उसका भाषण पूरा हुआ ऊधम सिंह ने गोलियां उसके सीने में उतार दीं। वह वहीं गिर गया। लेकिन किस्मत से दूसरा खलनायक भगदड़ की वजह से बच कर निकल गया। दूसरी ओर भगदड़ का लाभ उठाकर ऊधम सिंह भागे नहीं अपितु स्वयं ही अपने आप को गिरफ्तार करवा लिया।
न्यायालय में ऊधम सिंह ने सभी आरोपों को स्वीकार करते हुए कहा कि मैं गत 21 वर्षों से प्रतिशोध की ज्वाला में जल रहा था। डायर और जैटलैंड मेेरे देश की आत्मा को कुचलना चाहते थे। इसका विरोध करना मेरा कर्तव्य था। न्यायालय के आदेश पर 31 जुलाई 1940 को पेण्टनविला जेल में ऊधम सिंह को फांसी दे दी गयी।
स्वतंत्रता प्राप्ति के 27 साल बाद 16 जुलाई 1974 को उनके भस्मावशेषों को भारत लाया गया तथा पांच दिन बाद हरिद्वार में प्रवाहित किया गया। 

एप्पल चीन में अपने स्टोर से हटाने जा रहा है वीपीएन सेवा

0

चीन में जारी इंटरनेट सेंसरशिप के चलते एप्पल अपने स्टोर से वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क को हटाने जा रहा है। वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क के माध्यम से चीन की ओर से तैयार ग्रेट फायरवेल को पास कर वहां के नागरिक अंतरराष्ट्रीय वेबसाइटों तक पहुंच बना सकते हैं।
रविवार को एक वक्तव्य में जारी कर कंपनी ने कहा कि वह हर उस ऐप को हटाने की तैयारी में है जो चीनी कानूनों का पालन नहीं करती है। ऐसे में एप्पल वीपीएन सेवा प्रदाताओं के निशाने पर है जो कह रहे हैं कि अमेरिकी कंपनी चीनी सेंसेरशिप के आगे झुक गई है।
बीजिंग ने इसी साल राज्य नियामकों द्वारा गैर अनुमोदित सभी वीपीएन पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून पारित किया था। वहीं स्वीकृत वीपीएन को राज्य नेटवर्क के बुनियादी ढांचे का उपयोग करना ही होगा

उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति की डिग्री जांच के लिए कमेटी गठित

0

उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति फर्जी डिग्री प्रकरण में फंस गये है। कुलपति की पूर्व उत्तर मध्यमा और उत्तर मध्यमा की डिग्री को फर्जी बताते हुए कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। जिसमें कोर्ट ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय को पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर डिग्री की जांच करने के आदेश दिए है। इसी के साथ जांच रिपोर्ट को कोर्ट में जमा कराने को कहा गया है। इस फर्जी डिग्री प्रकरण के बाद संस्कृत विश्वविद्यालय में कुलपति की योग्यता पर सवाल उठने लगे है।

हरिद्वार में स्थित उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति पीयूषकांत दीक्षित है। इनके खिलाफ उच्च न्यायालय याचिका दाखिल है। याचिकाकर्ता ने कुलपति पीयूषकांत दीक्षित की संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से प्राप्त पूर्व मध्यमा 1975 और उत्तर मध्यमा 1977 की डिग्री को फर्जी बताते हुए कूटरचना करने का दावा किया गया है।
इन डिग्रियों के सत्यापन में पता चला कि दीक्षित का 1976 में उत्तर मध्यमा प्रथम वर्ष जिसका अनुक्रमांक 3745 था का परीक्षाफल अनुचित साधन का प्रयोग करने के कारण अपूर्ण है। इस रिजल्ट के अपूर्ण होने के बावजूद 1977 में उत्तर मध्यमा द्वितीय वर्ष अनुक्रमांक 6251 का परीक्षाफल जारी कर दिया गया। इस पूरे प्रकरण में हाईकोर्ट के आदेश पर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर यदुनाथ दुबे ने जांच कमेटी गठित कर दी है।
जांच कमेटी का अध्यक्ष प्रो. राम किशोर त्रिपाठी और संयोजक परीक्षा नियंत्ररक डॉ राजनाथ को नियुक्त किया गया है। जांच कमेटी में प्रोफेसर व्यास मिश्र, प्रोफेसर विधु द्विवेदी, प्रोफेसर शैलेष कुमार मिश्र को भी शामिल किया गया है। जब इस पूरे मामले में कुलपति पीयूष कांत दीक्षित से बात करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया। इस जांच के बाद कुलपति की योग्यता पर सवाल उठने लगे है।

दून में बारिश से एक दर्जन मोटर मार्ग बंद

0

जिले में बारिश के कारण कई जगहों पर मलबा आने से करीब एक दर्जन सड़क मार्ग बन्द हो गए हैं, जिसे खोलने के लिए जेसीबी द्वारा कार्य चालू है।

आपात केन्द्र के लोनिविप्रा खण्ड देहरादून के अन्तर्गत एलकेडी मोटर मार्ग, कार्लीगाढ सरोना मोटर मार्ग बन्द है तथा जतनवाला घौलास मोटर मार्ग एवं अस्थाई खण्ड लोनिवि ऋषिकेश के अन्तर्गत गौहरीमाफी से रायवाला एवं टिहरी फार्म बिड़ला मन्दिर मोटर मार्ग बन्द है। अस्थाई खण्ड लोेनिवि चकराता के अन्तर्गत पुरोड़ी-हयो-टगरी मोटर मार्ग से कैतरी मार्ग, मेघाटू कुल्हा सिडया रायगी मोटर मार्ग एवं डागुटा मोटर मार्ग बन्द है।

पीएमजीएसवाई निर्माण खण्ड कालसी के अन्तर्गत पीपरा मीनस वायला मोटर मार्ग, लांघा बिन्हार मोटर मार्ग, माख्टी-पोखरी से मर्ब खोरा मोटर मार्ग, कथियान हजाड़ से भूठ मोटर मार्ग बन्द है। बन्द मार्गो को खोलने के लिए जेसीबी द्वारा कार्य तेजी से किया जा रहा है। 

धर्म परिवर्तन को लेकर चर्चा में अक्षरा हासन

0

सोशल मीडिया पर इन दिनों कमल हासन की छोटी बेटी अक्षरा हासन के धर्म परिवर्तन को लेकर चर्चाएं हो रही हैं, कहा जा रहा है कि उन्होंने हिन्दू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया है। ये चर्चा उस वक्त शुरू हुई, जब अक्षरा हासन की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट आई थी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि उनको बौद्ध धर्म में शांति महसूस होती है।

इसके बाद से ही उनके धर्म परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज होने लगीं। इस मामले में अब कमल हासन का नाम भी जुड़ गया है। कमल हासन ने सोशल मीडिया पर ही अपनी बेटी से पूछा कि क्या उन्होंने धर्म परिवर्तन किया है, तो अक्षरा हासन ने अपने पिता को जवाब में बताया कि अभी तक उन्होंने ऐसा कुछ नहीं सोचा है। उन्होंने अपनी इस बात को दोहराया कि उनको बौद्ध धर्म में शांति मिलती है। कमल हासन ने अपने पोस्ट में ये भी साफ किया है कि अगर उनकी बेटी धर्म परिवर्तन का फैसला करती है, तो वे उनका साथ देंगे।

कमल हासन की छोटी बेटी अक्षरा की अब तक बॉलीवुड में दो फिल्में रिलीज हुई हैं। उनको आर बाल्की की फिल्म ‘शमिताभ’ में धनुष की हीरोइन के तौर पर लॉन्च किया गया था। कुछ दिनों पहले उनकी एक और फिल्म ‘लाली की शादी में लड्डू दीवाना’ रिलीज हुई, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर ये दोनों फिल्में कमजोर रहीं। कुछ दिनों पहले चर्चा तेज थी कि अक्षरा हासन बतौर डायरेक्टर अपना करियर शुरू करना चाहती हैं और इसके लिए एक कहानी पर काम कर रही हैं। 

रणबीर के समर्थन में आगे आईं अनुष्का शर्मा

0

हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘जग्गा जासूस’ को बॉक्स ऑफिस पर मिली असफलता को रणबीर कपूर के लिए एक बड़ा धक्का माना जा रहा है, जो इस फिल्म के हीरो होने के अलावा निर्माता भी रहे। इस फिल्म को लेकर रणबीर पर हो रहे सवालों के बीच उनके समर्थन में अनुष्का शर्मा आई हैं। अनुष्का शर्मा ने रणबीर कपूर के समर्थन में कहा कि एक निर्माता फिल्म बनाने के दौरान किस मनोदशा से गुजरता है, उसे मैंने भी महसूस किया, जब मैंने दो फिल्में बनाईं।

अनुष्का ने कहा कि कोई भी खराब या फ्लॉप फिल्म नहीं बनाना चाहता। सब अपने हिसाब से एक अच्छी फिल्म बनाने की कोशिश करते हैं, लेकिन जब नहीं बनती, तो पूरी टीम को झटका लगता है और दुख होता है। अनुष्का के साथ रणबीर कपूर की फिल्म ‘बॉम्बे वेलवेट’ बहुत बुरी तरह से फ्लॉप रही थी। इस फिल्म को याद करते हुए अनुष्का कहती हैं कि वो सब कुछ हमारे लिए दुस्वपन की तरह था।

रणबीर ने उस फिल्म के लिए भी बहुत ज्यादा मेहनत की थी और जो उस फिल्म का रिजल्ट आया था, तो वे बहुत मायूस थे। अनुष्का का कहना है कि कोई रणबीर के टैलेंट पर शक नहीं कर सकता। उनको उम्मीद है कि वे जल्दी ही ट्रैक पर लौट आएंगे। अनुष्का का मानना है कि इस वक्त रणबीर को अपने दोस्तों से सपोर्ट की जरूरत है। रणबीर कपूर की आने वाली फिल्म में अनुष्का भी हिस्सा हैं।

संजय दत्त की जिंदगी पर बन रही राजकुमार हिरानी की बायोपिक फिल्म में अनुष्का शर्मा टीवी पत्रकार की मेहमान भूमिका निभा रही हैं। हाल ही मे अमेरिका में अनुष्का ने इस फिल्म के लिए शूटिंग में हिस्सा लिया। ‘जग्गा जासूस’ के बाद रणबीर के लिए बेहद अहम बन चुकी ये फिल्म अगले साल 30 मार्च को रिलीज होगी।