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शाहरुख खान के खिलाफ भोपाल की अदालत से नोटिस

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इस शुक्रवार को अपनी नई फिल्म जब हैरी मीट्स सेजल रिलीज करने जा रहे शाहरुख खान के कोर्ट केस में एक नया नाम जुड़ गया है। भोपाल की अदालत में शाहरुख खान के खिलाफ एक केस दर्ज हुआ है। ये केस उनके द्वारा प्रचारित एक क्रीम के विज्ञापन से जुड़ा हुआ है। इस केस को लेकर भोपाल की जिला कोर्ट से शाहरुख खान के खिलाफ नोटिस जारी हुआ है, जिसमें 26 अगस्त को उनकी पेशी का आदेश दिया गया है। बड़ोदरा की एक अदालत में भी शाहरुख खान के खिलाफ एक केस चल रहा है, जो उनकी फिल्म रईस के प्रमोशन के दौरान बड़ोदरा स्टेशन पर भगदड़ मचने की वजह से एक आदमी की मौत से जु़ड़ा हुआ है।

भोपाल का केस वकील राजकुमार पांडे की ओर से दर्ज कराया गया है। केस में आरोप लगाया गया है कि जिस क्रीम का शाहरुख खान प्रचार करते हैं, उसका उपयोग करने से उनके चेहरे पर छाले पड़ गए। भ्रामक प्रचार के इस मामले पर कोर्ट से ठगी के आरोप में शाहरुख खान पर कार्रवाई करने की अपील की गई है। शाहरुख खान के अलावा शिकायत में उस क्रीम का निर्माण करने वाली कंपनी को भी आरोपित किया गया है।

शाहरुख खान इस तरह के केस में एक बार पहले भी फंस चुके हैं, जब उनके द्वारा प्रचारित एक शीतल पेय में कीटनाशक पाए गए थे। उस वक्त भी शाहरुख खान पर केस किया गया था। शाहरुख खान की टीम ने इस केस पर कोई टिप्पणी करने से मना कर दिया। वहां से सिर्फ इतना कहा कि जब कोर्ट का नोटिस मिलेगा, तो कंपनी (रेड चिली) के वकीलों की ओर से जवाब दिया जाएगा। 

छोटे परदे पर आए जाएद खान

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संजय खान के बेटे और बॉलीवुड की कई फिल्मों में काम कर चुके अभिनेता जाएद खान भी अब छोटे परदे का रुख कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, उनका पहला टीवी शो जल्दी ही सोनी चैनल पर शुरू होने जा रहा है, जो एक फिक्शन शो है और इसका नाम ‘हासिल’ है। जाएद खान के बारे में बताया जाता है कि वे इस शो में एक बिजनेसमैन का रोल निभा रहे हैं, जबकि उनके छोटे भाई का रोल वत्सल सेठ कर रहे हैं। इन दोनों की मां के रोल में 90 के दशक की चर्चित अभिनेत्री शीबा छोटे परदे पर वापसी कर रही हैं। इस शो में निकिता दत्ता भी नजर आएंगी, जो जाएद की जोड़ीदार के रोल में होंगी। कारोबार और रिश्तों को लेकर इस शो सिद्धार्थ पी. मल्होत्रा बना र जबकि समीर अरोड़ा इसके लेखक हैं। इस शो की शूटिंग मुंबई में अगले सप्ताह शुरू होने जा रही है, जबकि शो का टेलीकास्ट सितंबर से शुरू होने की उम्मीद है।

बतौर एक्टर जाएद खान ने शाहरुख खान के साथ ‘मैं हूं ना’ सहित लगभग बीस फिल्मों में काम किया, जिनमें संजय दत्त और ऐश्वर्या राय के साथ ‘शब्द’, डेविड धवन की ‘शादी नंबर वन’, सुभाष घई की ‘युवराज’ के नाम प्रमुख रहे। कुछ दिनों पहले तक जाएद खान को लेकर चर्चा थी कि फिरोज खान की फिल्म ‘कुर्बानी’ के रीमेक से वे निर्देशन के मैदान में आने की तैयारियों में हैं, लेकिन ये हो न सका और जाएद ने टीवी का रुख कर लिया।

गौहरी माफी के लोगों में बाढ़ सुरक्षा कार्य न होने को लेकर रोष

ग्राम पंचायत गौहरी माफी में सोंग नदी से बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ओर गांव में बाढ़ सुरक्षा कार्य करवाने की मांग को लेकर गौहरी विकास जन समिति के अद्यक्ष संजय पोखरियाल द्वारा ऋषिकेष स्तिथ PWD कार्यालय में एक प्रेस वार्ता की गई। आपको बता दे कि हर साल मानसून गौहरी माफी में बाढ़ लेकर आती है, यहां बाढ़ सुरक्षा कार्य को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा काफी लंबे समय से गुहार लगाई जा रही है लेकिन अभी तक कार्य सिर्फ वादों में ही लटका हुआ है। मीडिया से बात करते हुए गौहरी विकास जन समिति के अद्यक्ष संजय पोखरियाल ने बताया कि उनके छेत्र में बाढ़ से निपटने के कोई सुविधा नही है, इसके लिए वो सभी प्रशासनिक अधिकारी से मदद मांग चुके है लेकिन अभी तक उनके छेत्र को कोई सहूलियत नही मिल सकी है।

घर में घुसकर हथियारों के बल पर लूटपाट

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हरिद्वार जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के तेज्जुपुर गांव में गुरुवार सुबह 4:30 बजे चार बदमाशों ने किसान मोनू और विनय के घर में घुसकर लूटपाट की। इस दौरान बदमाशों ने पीड़ितों को हथियारों के दम पर आतंकित भी किया।

पुलिस के अनुसार, बदमाशों ने घर में घुसकर परिवार के लोगों को हथियारों के बल पर बंधक बनाया और घरों से 10 हजार की नगदी और कुंडल, चेन, अंगूठी समेत लाखों के जेवर लूट कर फरार हो गए। बताया जा रहा है कि बदमाश घर की दीवार फांदकर अंदर दाखिल हुए थे। पीड़ितों ने बताया कि सभी बदमाशों के मुंह पर कपड़ा बंधा हुआ था इसलिए उनके चेहरे नहीं देख पाए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए।
पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस घटना को चोरी का मामला बताते हुए मामले पर पर्दा डालने का प्रयास कर रही है। पुलिस दावा कर रही कि पीड़ितों ने घटना के वक्त कंट्रोल रूम या थाने में फोन नहीं किया। पीड़ित सीधे-सीधे तहरीर लेकर थाने आए, इसीलिए मामला चोरी में दर्ज किया जा रहा है।

शार्ट सर्किट से लगी आग, पांच जानवर मरे

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नंदा देवी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष देव सिंह पापड़ा के मकान में शार्ट सर्किट से आग लग गई। आग से मकान से सटी गौशाला जल कर राख हो गई। इसमें बंझे पांच जानवरों की मौत भी हो गई। इसके साथ ही आवासीय मकान को आग से क्षति पहुंची।

बुधवार मध्य रात्रि पिथौरागढ़ जनपद की मुनस्यारी तहसील के पापड़ा गाव में देवसिंह के घर में शार्ट सर्किट से आग लगई। आग इतनी तेजी से फैली की मकान के बराबर में स्थित गौशाला पूरी तरह जलकर राख हो गई। इतना ही नहीं गौशाला में बंधे पांच पालतू पशु भी जल गए। बताया जा रहा है कि दम घुटने से दो गाय, दो बछड़ों और एक बकरी की मौत हुई। आग आवासीय मकान तक फैल गई थी, लेकिन लोगों ने किसी तरह आग पर काबू पाया। आग लगने के बाद परिवार के लोग घर से बाहर निकल गए थे। जानकारी मिलने के बाद राजस्व टीम गुरुवार की सुबह गाव पहुंची और आग से हानि का आकलन किया।

एटीएम से 74 हजार निकाले, पुलिस से की शिकायत

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सीमांत तहसील त्यूनी से सटे बंगाण क्षेत्र के किराणू निवासी एक व्यक्ति के बैंक बचत खाते से फर्जी एटीएम के जरिये टप्पेबाजों ने 74 हजार की रकम निकाल ली। पीड़ित ने मामले की शिकायत बैंक और पुलिस से की है।

गुरुवार को बैंक से स्टेटमेंट निकालने के लिए गए तहसील त्यूनी से सटे बंगाण क्षेत्र के किराणू निवासी जयंदर सिंह के स्टेटमेंट देखकर होश उड़ गए। पीड़ित के खाते से 74 हजार रुपये गायब थे। स्टेटमेंट देखने के बाद उन्हें खाते से रकम निकलने का पता चला। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में नेटवर्क की समस्या के कारण खाते से रकम निकलने का मेसेज नहीं आया। टप्पेबाजों का शिकार हुए इस जयंदर सिंह ने बैंक अधिकारियों व पुलिस प्रशासन से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है बैंक से जारी नए एटीएम के चालू होने से तीन दिन पहले उसके खाते से टप्पेबाजों ने दो बार में 74 हजार की रकम निकाली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

स्ट्रीट आर्ट से ऋषिकेश की संस्कृति का दे रहे संदेश

कहते है कला का कोई रूप नहीं होता ,कलाकार जिस को भी हाथ लगा दे वह निखर कर दिल को सकुन पहुंचा देती है कुछ इसी तरह की पहल ऋषिकेश में युवा कलाकारों ने शुरू की है, जिस से यहाँ आने वाले सैलानियों को ऋषिकेश की दीवारें अब कुछ बदली बदली नजर आ रही है।
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तीर्थनगरी ऋषिकेश को चार धाम यात्रा का प्रवेस द्वार कहा जाता है,यहाँ साल भर बड़ी संख्या में देशी -विदेशी पर्यटक आते है लेकिन यहाँ आने वालो को साफ सफाई के साथ साथ कुछ कमी खलती थी। मंदिरो के इस शहर में कला खूबसूरती की तलाश में आये पर्यटकों की इस कमी को पूरा करने के लिए यहां के कुछ युवायों ने एक पहल शुरू की है। इन युवायों ने तीर्थनगरी की दीवारें पर स्ट्रीट आर्ट के जरिये यहां की संस्कृति दिखाने की कोशिश की है, खाली दीवारों पर रंग और कला का जादू ऐसा बिखेरा की आज ये दीवारें हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर रही है।
ऋषिकेष हमेशा से ही देसी-विदेशी पर्यटकों का पसंदीदा स्थान रहा है, यहाँ हर साल बड़ी संख्या में दुनिया के कोने कोने से पर्यटक आते है। इन युवा कलाकरों की माने तो उन्होंने अपनी कला के जरिये इस छेत्र में एक पर्यावरण – ग्रीन क्लीन का सन्देश भी दिया है ओर वो उम्मीद करते है कि इन दीवारों पर कोई गंदगी न करे – शहरों को साफ़ और पर्यावरन को मजबूत करने के लिए कला का सहारा लेना एक अच्छा प्रयोग है जिस से दिल को सकूँन और आँखो को सुंदरता का बोध होता है, ऐसे में सड़को पर जगह जगह गंदगी करने वालो को भी सोचने पर मजबूर होना पड़ता है।  ऋषिकेश का ये नया नजारा अब कुछ यही सन्देश दे रहा है                                       

दून अस्पताल में अव्यवस्थाओं पर बिफरे सीएम सलाहकार: डॉ. बलूनी

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navin baluni cm advisor doon hospital inspection

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के स्वास्थ्य सलाहकार डॉ. नवीन बलूनी ने दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षरण के दौरान डॉ. बलूनी ने शौचालयों की खराब स्थित व जगह-जगह गंदगी देख नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत की बात कर रहे हैं और अस्पताल ने स्वच्छता ताक पर रख दी है। जब हमारे अस्पताल स्वयं स्वच्छता का ख्याल नहीं रखेंगे तो हम भला मरीजों को क्या सीख देंगे। उन्होंने अव्यवस्थाओं को दूर करने के लिए अस्ताल को एक सप्ताह का समय दिया।
गुरुवार को सीएम सलाहकार दून अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने अस्पताल की विभिन्न सुविधाओं और संसाधनों का जायजा लिया। इस दौरान डॉ. बलूनी अव्यवस्थाओं को देख जमकर बिफरे। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में जगह जगह लगाए गए वाटर कूलर भी मिले खराब। इस पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह अजीब स्थिति है कि प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल में पीने के पानी तक का इंतजाम नहीं है। उन्होंने अस्पताल की कैंटीन का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंनें खुद खाना खाकर देखा। कैंटीन में स्वच्छता ताक पार देख वह खिन्न दिखे।
सीएम सलाहकार ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. के.के. टम्टा को एक सप्ताह में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। वार्ड का मुआयना करते एमएसबीवाई कार्डधारक एक मरीज ने उन्हें बताया कि उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा। एमएसबीवाई काउंटर पर बताया गया कि उनका कार्ड ब्लॉक है। दरअसल बीमा कंपनी ने बीते वर्ष गैर लाभार्थियों के साथ ही कई लाभार्थियों के कार्ड भी ब्लॉक कर दिए थे। खुद अपर मुख्य सचिव इन्हें पुनः शुरू करने के निर्देश कंपनी को दे चुके हैं पर इस ओर कार्रवाई नहीं हुई। जिसका खामियाजा मरीज उठा रहे हैं।
इसके बाद, उन्होंने महिला अस्पताल का रुख किया, जहां उनका सामना मरीजों की शिकायतों से हुआ। वहीं, गर्भवती महिलाओं को बेड तक नहीं मिल पा रहे। प्रसूति के बाद एक बेड पर दो-दो महिलाओं को भर्ती करने की नौबत आ गई है। सीएमएस डॉ. मीनाक्षी जोशी ने बताया कि पूर्व में अस्पताल में 110 बेड स्वीकृत थे लेकिन मेडिकल कॉलेज बनने के बाद बेड लगभग आधे रह गए हैं। जबकि मरीजों का अत्याधिक दबाव है। इस विषय में शासन को पूर्व में ही अवगत करा दिया गया है।
महिला अस्पताल में तब अजीब स्थिति बन गई जब स्वास्थ्य सलाहकार ने सुझाव पेटिका चेक की। इस पेटी की चाभी ही नहीं मिली। बाद में ताला तोड़ा गया तो इसका कुंडा ही नहीं खुला। जिससे ये जाहिर हो गया कि पेटी कई सालों से खुली ही नहीं है। भीतर झांकने पर इसमें गंदगी पड़ी मिली। इस पर भी बलूनी ने नाराजगी जाहिर की है। डॉ. बलूनी ने सभीह अव्यवस्थाओं को ढर्रे पर लाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया। उन्होंने मरीजों को हर संभव सुविधा प्रदान करने के निर्देश भी दिए।

ट्रस्ट की संपत्ति पर अवैध प्लाटिंग का कार्य शुरू, प्रशासन मौन

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धर्मनगरी में कई जगह धर्मशालाओं, आश्रमों व धार्मिक ट्रस्ट की संपत्तियों को भूमाफियाओं की सांठ-गांठ से खुर्द बुर्द करके कंकरीट की बड़ी-बड़ी इमारतें खड़ी कर दी गई हैं। यह सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी है। जिसके चलते धार्मिक संपत्तियों के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। वर्तमान में भूमाफियाओं की गिद्ध दृष्टि कई ऐसी धार्मिक संपत्तियों पर लगी हुई है।

इन दिनों कनखल में एक ट्रस्ट की संपत्ति को ट्रस्ट संचालक व भूमाफिया की मिलीभगत से खुर्द-बुर्द किए जाने को लेकर खासी चर्चा का विषय बनी हुई है। चर्चा है कि मंदिर परिसर की भूमि को मुख्य ट्रस्टी ने स्थानीय व चर्चित भूमाफियाओं के साथ मिलकर तकरीबन आधा दर्जन रजिस्ट्री विगत माह में करा दी है। रजिस्ट्री होते ही भूमाफियाओं ने रातों रात धर्मशाला का सड़क की ओर का हिस्सा जेसीबी की मदद से गिरा दिया हैं और अवैध प्लाटिंग का कार्य शुरू कर दिया हैं। ट्रस्ट की संपत्ति पर भूमाफियाओं द्वारा की जा रही प्लाटिंग पर हरिद्वार विकास प्राधिकारण (हविप्रा) अधिकारीें भी मूक दर्शक बने बैठे हैं।
अनियोजित विकास को रोकने के लिए बनाया गया संबंधित विभाग भ्रष्टाचारियों व दलालों का अड्डा बन कर रह गया हैं। सूत्रों के अनुसार, न्यायालय हरिद्वार से संपत्ति विक्रेता ने इस संपत्ति को बेचे जाने के लिए अनुमति मांगे जाने को लेकर 92 के तहत याचिका दायर कि थी, मगर वाद के दौरान वादी के न्यायालय में उपस्थित नहीं होने के कारण अपर जिला जज द्वारा वाद निरस्त कर दिया गया था।
कानून विशेषज्ञों की मानें तो उनका कहना है कि एक राज्य में संपत्ति बिक्री का वाद निरस्त होने के बाद जिस राज्य में ट्रस्ट पंजीकृत हैं उसे दूसरे राज्य से ट्रस्ट संपत्ति बिक्री की अनुमति लाकर संपत्ति बेचा जाना गैरकानूनी हैं। इस तरह के मामलों वाद एक ही न्यायालय में डाला जाता सकता हैं।

पानी ही पानी पर पीने लायक नहीं

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बारिश के मौसम में जल संस्थान के सामने पानी की किल्लत तो समाप्त हो गई, लेकिन नलों में गंदा पानी आने की शिकायतों ने विभाग की नाक में दम किया है। जर्जर लाइनों के कारण गंदे पानी की समस्या विभाग की परीक्षा ले रही है। जल संस्थान की दून की चारों शाखाओं में हर दिन एक दर्जन से ज्यादा शिकायतें गंदे पानी की आपूर्ति को लेकर आ रही हैं।

देहरादून में बीते कई माह से चल रही पानी की किल्लत लोगों को राहत मिली है, लेकिन अब पानी गंदा आने के कारण लोगों और विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दून में गंदे पानी की प्रमुख वजह जर्जर हो चुकी लाइनें हैं। शहर की अधिकांश लाइनें 40 साल पुरानी है। चूंकि, सीवर व पानी की लाइनें साथ-साथ हैं, तो बारिश के मौसम में सीवर लाइन ओवरफ्लो हो जाती है, जिससे गंदा पानी पेयजल लाइनों में घुसकर लोगों के घरों तक पहुंचता है। बरसात शुरू होने के बाद हर दिन 12 से 15 इलाकों के लोग इस तरह की परेशानी से जूझ रहे हैं।
इतना ही नहीं, बरसात में गंदा पानी पीने का मतलब बीमारियों को न्यौता देना है। परेशान लोग जल संस्थान के अधिकारियों को शिकायत कर रहे हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है। जब तक जल संस्थान एक जगह से लीक लाइन को ठीक करता है तब तक लाइन दूसरी जगह से लीक हो जाती है।

शहर के रीठामंडी, सैय्यद मोहल्ला, खुड़बुड़ा, रामनगर लाडपुर, मोहितनगर, कौलागढ़, कैनाल रोड, छबीलबाग, इंद्रेशनगर, इंदिरा कॉलोनी, हाथीबड़कला, विजय कॉलोनी, बकरालवाला, कालीदास रोड, कांवली रोड, आजाद कॉलोनी, संजय कॉलोनी, बद्रीश कॉलोनी, शिवाजी मार्ग आदि क्षेत्रों में इस तरह की समस्या अधिक है।
जल संस्थान की महाप्रबंधक नीलिमा गर्ग का कहना है कि सिस्टम पुराना होने के कारण कई बार गंदे पानी की शिकायतें आ जाती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए जल संस्थान ने बरसात के मद्देनजर पूरी मॉनीटरिंग की व्यवस्था की है। जहां से शिकायत आती है वहां तुरंत टीम को भेजकर कार्रवाई की जाती है।