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शिक्षक कौस्तुभ होंगे राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित

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पिथौरागढ़ जिले के राजकीय इंटर कालेज पत्थरखानी में तैनात शिक्षक कौस्तुभ जोशी को इस वर्ष राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चुना गया है। स्वतंत्रता दिवस पर उनके नाम की घोषणा की गई। उन्हें यह पुरस्कार पांच सितंबर को दिल्ली में राष्ट्रपति प्रदान करेंगे। प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत कौस्तुभ जोशी मूल रूप  से गणाईगंगोली तहसील के लाखतोली गांव के रहने वाले हैं। प्राइमरी विद्यालय नरू वाद्योल, राइंका गणाई गंगोली, राइका से इंटर तक की शिक्षा लेने के बाद उन्होंने एमएससी और बीएड की उपाधि पिथौरागढ़ महाविद्यालय से ली।

विभिन्न विद्यालयों में प्रवक्ता के पद पर सेवाएं देने के बाद सितंबर 2016 में उन्होंने राइंका पत्थरखानी में प्रधानाचार्य का पद संभाला। शिक्षण में इन्फार्मेशन एंड कंप्यूटर टैक्नालॉजी(आइसीटी) का बेहतरीन उपयोग करने के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चुना गया है। उन्होंने कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों के लिए खुद की वेबसाइट तैयार की है। जिसका उपयोग देश के तमाम राज्यों के लोग कर रहे हैं। राज्य की पहली शिक्षक विज्ञान कांग्रेस में उन्हें उत्कृष्ट प्रोजेक्ट अवार्ड प्राप्त हो चुका है।

शिक्षकों ने की तालाबंदी

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वेतन विसंगति दूर नहीं किए जाने से नाराज कनालीछीना विकास खंड के शिक्षकों ने बीईओ कार्यालय में तालाबंदी की और कार्यालय परिसर मे धरना दिया। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र वल्दिया की अगुवाई में शिक्षकों ने तालाबंदी के बाद धरना दिया।

धरना स्थल पर शिक्षकों ने कहा कि विकास खंड के शिक्षक लंबे समय से वेतन विसंगति के शिकार हैं। कई बार मांग करने के बाद भी विसंगति दूर नहीं की जा रही है। खंड में लंबित एरियर, पेंशन प्रकरण, विशेष डीएलएड परीक्षा उत्तीर्ण शिक्षकों की वेतन वृद्धि का लाभ, सर्विस बुक और जीपीएफ पासबुकों में लंबे समय से अंकना के कार्य लटके हुए हैं। विकास खंड के शिक्षकों से अशिष्ट व्यवहार किया जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षकों की इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो शिक्षक उग्र आंदोलन को बाध्य होंगे।

आपदा प्रभावित ने दी सपरिवार आत्महत्या की चेतावनी

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गढ़वाल के द्वार कोटद्वार में आई आपदा के बाद रिफ्यूजी कॉलोनी के एक आपदा प्रभावित ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए पूरे परिवार के साथ आत्महत्या करने की चेतावनी दी।

कोटद्वार के रिफ्यूजी कॉलोनी में आई आपदा को लेकर आपदा प्रभावित बलराम भाटिया ने सरकार पर उपेक्षा का आरोप लगाकर सपरिवार आत्महत्या करने की चेतावनी दी। इसके बाद शहर एवं क्षेत्र के लोगों ने बलराम को समझाया तो उसने आत्महत्या करने का इरादा छोड़ दिया। आपदा के बाद रिफ्यूजी कॉलोनी के 52 परिवार अभी तक गुरुद्वारा में रह रहे हैं।
उधर, आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए कई सामाजिक संगठन कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में कोतवाली कोटद्वार के बाजार चौकी इंचार्ज प्रदीप नेगी व उनके सहकर्मियों ने भी आपदा प्रभावित 30 बच्चों को राशन वितरित किए। 

दून कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी के आने की तैयारियां जोरों पर

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अखिल भारतीय कांग्रेस के राष्ट्रिय उपाध्यक्ष राहुल गांधी का शुक्रवार को देहरादून आने का कार्यक्रम है। उपाध्यक्ष राहुल गांधी के इस कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है।

शुक्रवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रिय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के देहरादून आगमन पर कांग्रेसजनों द्वारा जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया जायेगा। इसी परिपेक्ष में प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह की अध्यक्षता में वरिष्ठ वरिश्ठ कांग्रेसजनों की एक बैठक आयेाजित की गई। बैठक में पार्टी के पूर्व विधायकगण, जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षगण तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भाग लिया।
उपरोक्त जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने कहा कि राहुल गांधी 18 अगस्त को एक कार्यक्रम में भाग लेने देहरादून आ रहे हैं, इस दौरान प्रदेश के कांग्रेसजनों द्वारा प्रदेशअध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया जायेगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने सभी कांग्रेसजनों से भी आग्रह किया है कि 18 अगस्त को दोपहर साढ़े बारह बजे जौलीग्रान्ट एयरपोर्ट पहुंचने का कष्ट करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयेाजित बैठक में पूर्व विधाकयक दिनेश अग्रवाल, हीरा सिह बिष्ट, राजेन्द्र सिंह भण्डारी, राजकुमार, मुख्य कार्यक्रम समन्वयक राजेन्द्र शाह, पूर्व महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, प्रमोद कुमार सिंह, प्रभुलाल बहुगुणा, जिलाध्यक्ष यामीन अंसारी, महानगर अध्यक्ष पृथ्वीराज चौहान, महामंत्री नवीन जोशी, जिलाध्यक्ष ऋशिकेश जयेन्द्र रमोला, नेताप्रतिपक्ष नगर निगम नीनू सहगल, ताहिर अली, पूर्व प्रवक्ता अजय सिह, प्रदेश सचिव गिरीश पुनेड़ा, भरत शर्मा, दीप बोहरा, प्रवक्ता आर.पी. रतूड़ी, गरिमा दसौनी, अश्वनी बहुगुणा, प्रणीता बडोनी, कमलेश रमन, अमरजीत सिंह, सूरज नेगी, गुरनाम सिह राठौर आदि उपस्थित थे।

अब एक ही दिन में निस्तारित होंगी फाइलें: मुख्यमंत्री

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कार्य संस्कृति में बदलाव लाने के लिए मुख्यमंत्री ने अनुभाग अधिकारियों को निर्देश दिए की फाइलों के निस्तारण में तेजी लाएं। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन प्राप्त होने वाली फाइलों का उसी दिन निस्तारित किया जाए। फाइलों के त्वरित निस्तारण के लिए ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है लेकिन प्रयास किए जाएं कि इसकी आवश्यकता न पड़े। अति महत्वपूर्ण फाइलों का निस्तारण प्राथमिकता पर किया जाए। जनसमस्याओं के समाधान के लिए कार्यों में तेजी लाएं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को सचिवालय में अनुभाग अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास के लिए कार्यों की गति में तेजी लाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार का अवरोध न हो। कार्यों में तेजी लाने के साथ ही फाइलों के त्वरित निस्तारण के लिए टिप्पणी संक्षिप्त और तथ्यात्मक लिखी जाए। कार्यों के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आनन्द वर्द्धन, अपर सचिव विनोद रतूड़ी, अनुभाग अधिकारी एवं सचिवालय प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

जल्द ही होगा पिथौरागढ़ एयरपोर्ट का विस्तारीकरण

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भारतीय विमान पत्तन प्राधिकरण एयरपोर्ट सलाहकार समिति की बैठक में सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। एयरपोर्ट के कॉन्फ्रेंस हाल में हुई बैठक में कोश्यारी ने कहा कि पंतनगर एयरपोर्ट का विस्तारिकरण हमारी पहली प्राथमिकता है। एयरपोर्ट के विस्तारिकरण के लिए अधिकारी टीम भावना से कार्य करें। ताकि यह कार्य शीघ्र हो सके।

उन्होने कहा कि उत्तराखंड में पंतनगर हवाई अड्डा पर्यटन व औद्योगिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसका विस्तार होने से पंतनगर से अन्य स्थानो को भी विमान सेवा शुरू होगी। इससे पर्यटन व औद्योगिक व्यवसाय बढेगा। पंतनगर में वर्तमान में 2250 मीटर का रनवे है। इसे बढाने की कवायद की जा रही है। इसके लिये 571 एकड भूमि अधिग्रहण मे लेनी है। भूमि का सीमांकन कर दिया गया है। इसके लिए रेलवे, टीडीसी व वन भूमि का हस्तानान्तरण किया जाना है। विस्तारीकरण के बाद सप्ताह के सातों दिन पंतनगर से उडान भरी जा सकेगी।

प्रथम चरण में देहरादून-पंतनगर व लखनऊ को जोडने के लिए चर्चा की गई। एयरपोर्ट में खराब मौसम में भी नियमित हवाई सेवा के लिए आधुनिक लैडिंग/टेक ऑफ उपकरण की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई । जिलाधिकारी डा नीरज खैरवाल ने कहा कि चिह्नीकरण की गई भूमि को शीघ्र एयरपोर्ट अथॉरिटी को हस्तान्तरण करने के प्रयास किए जाएंगे।

ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिशनर ने की मुख्यमंत्री से भेंट

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मुख्यमंत्री  त्रिवेन्द्र सिंह रावत से मुख्यमंत्री आवास में ब्रिटिश डिप्टी हाई कमिशनर मिस्टर एन्ड्रयू आयरे ने भेंट की। मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र तथा शासन के उच्च अधिकारियों से चर्चा के दौरान ब्रिटिश हाई कमिशनर मिस्टर एन्ड्रयू आयरे ने उत्तराखण्ड में स्वास्थ्य, चिकित्सा सेवा, स्मार्ट सिटी हेतु तकनीकी सहायता, सोलिड वेस्ट मेनेजमेन्ट, पर्यटन तथा हाॅस्पिीटिलिटी विकास आदि क्षेत्रो में तकनीकी व विशेषज्ञ सहायता देने की इच्छा व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान कहा कि राज्य के पर्वतीय ग्रामीण क्षेत्रो में अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है ताकि पलायन को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य में सुदृढ़ कानून व्यवस्था, सस्ती एवं निर्बाध बिजली आपूर्ति, सिंगल विण्डो सिस्टम, व्यापार अनुकूल नीतियां तथा अनुकूल वातावरण है। राज्य सरकार युवाओं के स्किल डेवलपमेंट पर विशेष फोकस कर रही है। राज्य सरकार द्वारा 13 जिले-13 नए पर्यटक स्थल विकसित करने की योजना आरम्भ की गई है। हम राज्य में निवेश का स्वागत करते है।

दून में शुरु हुई ”गड्डों की राजनिति”

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अगस्त महीने के शुरूआत में एक सड़क दुर्घटना में देहरादून में दो महिलाओं की मौत ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और विपक्षी कांग्रेस के बीच “गड्ढा राजनीति” की शुरुआत की है। 6 अगस्त को एक तेल के टैंकर ने दो महिलाओं को तब कुचल दिया था जब वे दोपहिया वाहन से राजपुर रोड पर एक गड्ढे में फंस कर अपना संतुलन खो बैठी।

दुर्घटना के एक दिन बाद, मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को राज्य भर में गड्ढे की मरम्मत के लिए निर्देशित किया। विपक्षी कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार इस मुद्दे के बारे में “गंभीर नहीं” है, क्योंकि शहर भर की सडकों में जगह-जगह गड्ढे हैं जो किसी अनहोनी को ही बुलाते हैं।

कांग्रेस के नेता सूर्यकांत धसमाना ने कहा कि, “अब तक हजारों गड्ढे सड़क पर यूं ही बने हुए हैं कोई मरम्मत कार्य नहीं किया गया है, जो सत्ता में मौजूद बीजेपी सरकार की उदासीनता के बारे में बताता है।” दरअसल धस्माना ने एक कैंपेन का आयोजन किया था जिसमें उन्होंने सड़क पर मौजूद गड्डो कोदिखाया था। धस्माना ने कहा कि “बहुत से स्थानों पर गड्ढों की गहराई 1 से 1.5 फीट तक हैं,जिससे लोगों की जान खतरे में है”। “कई जगहों पर, अधिकारियों ने गड्ढों को भरने के लिए अस्थायी समाधान लगाया है जो या तो बारिश होने से धुल जाते हैं और इससे अधिक नुकसान पहुंचता है।”उन्होंने आगे कहा कि उनका अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक कि राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों द्वारा गड्ढे की मरम्मत नहीं की जाए।

देहरादून शहर के कांग्रेस प्रमुख पृथ्वीराज चौहान ने कहा कि, “जिस तरह से सरकार ने दो युवतियों की जान जाने के बाद ही समस्या का समाधान किया, वह केवल दुर्भाग्यपूर्ण नहीं बल्कि बहुत दुख की बात है”। हमने इस मामले को पहले भी हाइलाइट किया था, लेकिन हमारी मांगें केवल एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल दी गईं।

हालांकि राज्य के शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि कांग्रेस केवल इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है।कौशिक ने कहा कि, “हमने (बीजेपी सरकार) कांग्रेस से क्षतिग्रस्त सड़कों की विरासत (पिछली कांग्रेस सरकार) प्राप्त की और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे अब इस मुद्दे का राजनीति कर रहे हैं।”कौशिक ने कहा कि “हम मामले के बारे में बेहद गंभीर हैं वास्तव में, देहरादून पूरे राज्य की छवि को दर्शाता है और सड़क मरम्मत कार्य को हम अपनी सूची में सबसे ऊपर और सबसे महत्तवपूर्ण कामों में लेते हैं।

आपको बतादें कि पिछले तीन सालों में देहरादून जिले में 1,106 सड़क दुर्घटनाओं में 490 से अधिक लोग मारे गए और 922 लोग घायल हुए हैं।

क्या है सराहा ऐप और कैसे करें इसका इस्तेमाल

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इंटरनेट पर वर्तमान में प्रचलित सराहा ऐप अब विवादों के घेरे में आ गया है, इस ऐप के द्वारा कोई भी किसी को अज्ञात रहकर कुछ भी व्यक्त कर सकता है। शुरुआत में इसे सार्थक रूप में इस्तेमाल किया जाता था परन्तु इसके प्रचलित होते ही इसके दुष्परिणाम सामने आने लगे हैं। अब अधिकतर इस ऐप के जरिये लोग अपनी कुंठाएं व घृणा व्यक्त करने लगे हैं, जिससे लोगों में अवसाद की स्तिथि उत्पन्न होने लगी है। सोशल मीडिया व कई अन्य ऐप्स का इस्तेमाल संभल कर करें, आपके द्वारा किसी भी प्रकार की नकारात्मक टिपण्णी किसी को मानसिक ठेस पहुंचा सकती है व उसके दुष्परिणाम भी हो सकते हैं। कृपया सोशल मीडिया ऐप्स का इस्तेमाल संयम से करें।

पिछले कुछ दिनों से लोगों के बीच मशहूर हुआ सराहा ऐप ना केवल एक माध्यम हैं अपनी भावनाएं शेयर करने का बल्कि लोग इसका प्रयोग एक दूसरे पर अपनी भड़ास निकालने के लिए भी कर रहें हैं।सोशल मीडिया हमेशा से चर्चा में रहा है लेकिन एक ऐसा ऐप जिसके माध्यम से आप अपने दिल की बात बिना अपनी पहचान बताएं कर पाएं ऐसा ऐप पहली बार आया है। फेसबुक पर चर्चा में आया ऐप इस्तेमाल करने में बेहद आसान हैं इसपर खुद को रजिस्टर करके लोग इस ऐप को डाउनलोड कर रहे और एक दूसरे से अपने दिल की बात कर रहें बिना अपना नाम बताएं।बीते दिनों में हर दूसरे फेसबुक यूजर की वाॅल पर केवल सराहा के मैसेज ही दिख रहें हैं जिससे पता चलता हैं कि इस ऐप ने भी अपने पैर पसार लिए हैं।

लेकिन फायदे के साथ-साथ इसके नुकसान भी हैं।लोग इसके माध्यम से अपनी भड़ास निकाल रहें हैं जिसकी वजह से कुछ यूजर डिप्रेशन का शिकार भी हो रहें हैं। सिक्के के दो पहलू की तरह इस ऐप के फायदे भी हैं नुकसान भी इसलिए दून पुलिस ने लोगों से यह निवेदन किया है कि इस ऐप का इस्तेमाल संभाल के करें और एक-दूसरे की भावनाओं को ठेस नां पहुंचाएं।

मसूरी के जंगल में मिली महिला की लाश का हुआ खुलासा

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मसूरी में जुलाई में मिली महिला के शव को लेकर पुलिस ने बङा खुलासा किया है।एसएसपी निवेदिता कुकरेती ने मसूरी में घटना का खुलासा करते हुए कहा कि, “महिला के साथ नौ लोगो ने सामुहिक ब्लात्कार कर हत्या की थीहत्या में शामिल नौ लोगो में पुलिस ने पांच लोगो को गिरफ्तार कर लिया है, चार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस टीम का गठन कर जांच चल रही है।

mussoorie murder 2

20 जुलाई को मसूरी के चुनाखाला के जंगल में पेङ से लटकी महिला की लाश के खुलासे में पुलिस को बङी सफलता मिली है, बिहार के सितामणि के रहने वाले मजदूरो ने एक साथ महिला के साथ सामुहिक ब्लात्कार कर गला दबाकर हत्या कर दी थी, पहचान छुपाने के लिए आरोपियों ने महिला का चेहरा तेजाब से जला दिया था, लेकिन पुलिस ने मोबाईल सिम के सहारा हत्यारों को पकङने में कामयाबी हासिल की।

आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने धारा 302 ,201,के तहत मुकदमा दर्ज कर दिया है। मृतक महिला के परिजन उज्जवल दास ने आरोपियों के खिलाफ कङी कारवाई की मांग की।