Page 596

छठे उत्तराखंड निशानेबाजी प्रतियोगिता का शुभारंभ

0

आज उत्तराखंड निशानेबाजी प्रतियोगिता का उदघाटन राज्य राइफल संघ के अध्यक्ष नारायण सिंह राणा, पुर्व मंत्री द्वारा किया गया। इस प्रतियोगिता मे अार.अाय.एम.सी देहरादून, आर्मी, गन एंड गन शूटिंग अकादमी ऋषिकेश, आई.टी.बी.पी, उत्तराखंड पुलिस, अो.एन.जी.सी, यूनिसन्न वर्ल्ड स्कूल, एकोलगलेबल स्कूल के साथ साथ 6-7 स्कूल के सहित 1200 निशानेबाज प्रतिभाग कर रहे है।

आज खेले गये मुकाबलो मे 10 मीटर एयर पिस्टल मे उत्तराखंड पुलिस के योगेश शर्मा बढत बनाये हुए है। 10 मीटर एयर राइफल मे एकोल ग्लोबल स्कूल की पोलिम चौधरी प्रथम, 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल महिला वर्ग मे यूनिसन वर्ल्ड स्कूल की प्रियांशा भल्ला प्रथम, 25 मीटर पुरुष वर्ग मे स्टैंडर्ड पिस्टल मे पिथौरागढ़ के मनोज जोशी प्रथम, 50 मीटर राइफल में आई.टी.बी.पी  के मदनमोहन प्रथम स्थान पर बढ़त बनाये हुए है।

इस मौके पर आनन्द रावत, सुभाष राणा, सुरेश राणा, संजय कुमार, मनीष कुमार, रोहित प्रजापति, विराज सिंह, रोसन रावत, अशोक शाही, योगेश शर्मा, अमर सिंह वीनेश रावत आदि मौजूद थे।

अब बकरवालों पर दिख रहा हैं भारत-चीन सीमा विवाद का असर

0

उत्तराखंड के सीमान्त जिले चमोली में भारत-चीन सीमा पर तनाव का असर अब भेड़-बकरिया चराने वाले बकरवालो ;शोकों द्धपर भी देखने को मिल रहा हैं। इसका ताज़ा मामला जोशीमठ इलाके में सामने आया हैं। खबरों के मुताबिक चीनी सैनिको के द्वारा धमकाए जाने के बाद आइटीबीपी ने इन चरवाहों को सुरक्षित एरिया में जाने के लिए कहा हैं।हालांकि प्रशासनिक रूप में इसकी पुष्टि नहीं हो पाई हैं। इस इलाके में भेड़-बकरियां चराने वाले बकरवालो को सरकारी अनुमति लेनी होती हैंए इस साल लगभग 50 से 55 चरवाहों को सरकारी अनुमति दी गई थी।

गौरतलब हैं की भारत-चीन सीमा पर स्थित चमोली जिले के नीतीमाणा इलाके में सीमा से लगे क्षेत्रों में चरवाहे हर साल जैसे ही गर्मी का सीजन शुरू होता हैं अपना रुख बुग्यालों की और करते है। सितम्बर अक्टूबर में जैसे ही बर्फवारी शुरू होती हैं,ये बकरवाल वापस आना शुरु कर देते हैं ण् इस बार इनकी वापसी के पीछे भारत चीन सीमा पर चल रही तनातनी बताया जा रहा हैं।
हाल ही में चीनी सैनिकों ने बाड़ाहोती इलाके में चरवाहों को न केवल धमकायाए बल्कि कुछ के तंबू भी उखाड़ दिए थे।

एक बार फिर याद आये उत्तराखंड के गाँधी इंद्रमणि बडोनी

उत्तराखंड के गाँधी के नाम से मशहूर  इन्द्रमणि बडूनी ने इस पुरे जनादोलन को एक दिशा दी और राज्य आंदोलन की कर्मभूमि बना ऋषिकेश जंहा से ये आंदोलन सांस्कृतिक रूप में निकल कर उत्तराखंड के गांव-गांव से दिल्ली दरबार तक पहुंचा । आज उत्तराखंड अपने प्रणेता इंद्रमणि बडूनी की पुण्यतिथि मना रहा है, जो सपना बडोनी ने  देखा था चंद सालो में उत्तराखंड अपने मूल उद्येश्य से भटक गया है जो सपने राज्य निर्माण के समय पर थे ,जो आज भी अधूरे है पहाड़ आज भी बेरोजगार-पलायन का शिकार है विकास की राह देख रहे है।

आज पुरे प्रदेश में इंद्र मणि बडूनी की पुण्यतिथि को संस्कृति उत्सव के  रूप में मनाया जा रहा है, ऋषिकेश बडोनी की कर्मस्थली रहा है यही से राज्य आंदोलन की चिंगारी उठी थी। शहीद  स्मारक पर बड़ी संख्या में राज्य आन्दोलनकारी अपने श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे है इन्द्रमणि बडोनी का जन्म 24 दिसम्बर 1925 को तत्कालीन टिहरी रियासत के जखोली ब्लॉक के अखोड़ी गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम पं. सुरेशानन्द बडोनी था। बडोनी की प्रारम्भिक शिक्षा गाँव में ही हुई और अपनी माध्यमिक व उच्च शिक्षा के लिए देहरादून व नैनीताल चले गये। शिक्षा प्राप्ति के बाद अल्पायु 19 वर्ष में ही उनका विवाह सुरजी देवी से हो गया।

बडोनी, डी.ए.वी. कॉलेज देहरादून से स्नातक की डिग्री लेने के बाद आजीविका की तलाश में बम्बई चले गये। लेकिन स्वास्थ्य खराब होने की वजह से उन्हें वापस गाँव लौटना पड़ा। तब उन्होंने अखोड़ी गाँव और जखोली ब्लाक को अपना कार्यक्षेत्र बना लिया।देवभूमि भ्रमण के दौरान उन्होंने ही भिलंगना नदी के उद्गम स्थल खतलिंग ग्लेशियर को खोजा था। उनका सपना पहाड को आत्मनिर्भर राज्य बनाने का था और उन्ही के प्रयासों से गंगी में दुर्लभ औषधियुक्त जडी बूटियों की बागवानी प्रारम्भ हुई।

उनका सादा जीवन देवभूमि के संस्कारों का ही जीता-जागता नमूना था। वे चाहते थे कि पहाडों को यहां की भौगोलिक परिस्थिति व विशिष्ट सांस्कृतिक जीवन शैली के अनुरुप विकसित किया जाए। अपनी संस्कृति के प्रति भी उनके मन में अगाध प्रेम था। वर्ष 1957 में राजपथ पर गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्होंने केदार नृत्य का ऐसा समा बॉधा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु भी उनके साथ थिरक उठे।

अमरीकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने स्व. इन्द्रमणि बडोनी को ”पहाड के गॉधी“ की उपाधि दी थी। वाशिंगटन पोस्ट ने लिखा था कि उत्तराखण्ड आंदोलन के सूत्रधार इन्द्रमणि बडोनी की आंदोलन में; उनकरी भूमिका वैसी ही थी जैसी आजादी के संघर्ष के दौरान भारत छोडों आंदोलन में राष्ट्रपिता महात्मा गॉधी ने निभायी थी।

अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष में उतरने के साथ ही उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई। लेकिन आजादी के बाद कामरेड पीसी जोशी के सम्फ में आने के बाद वह पूरी तरह राजनीति में सक्रिय हुए। अपने सिद्वांतों पर दृढ रहने वाले इन्द्रमणि बडोनी का जल्दी ही राष्ट्रीय स्तर पर राजनीति करने वाले दलों से मोहभंग हो गया। इसलिए वह चुनाव भी; निर्दलीय प्रत्याशी के रुप में लडे। उनकी मुख्य चिंता इसी बात पर रहती थी कि पहाडों का विकास कैसे हो।

राज्य आंदोलन में लगातार सक्रिय रहने से उनका स्वास्थ्य गिरता गया। 18 अगस्त 1999 को उत्तराखण्ड के सपूत श्री इन्द्रमणि बडोनी जी का निधन हो गया।

युवक ने की आत्महत्या

0

सिटी कंट्रोल रूम को सुबह सूचना प्राप्त हुई कि सुधोवाला फ्रेंड्स होस्टल में एक लड़का दरवाजा नही खोल रहा है और खिड़की से देखा तो लड़के ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। इस सूचना पर चौकी प्रभारी झाझरा पुलिस फ़ोर्स के साथ मौके पर पहुचें और मौके पर मौजूद लोगों के सामने दरवाजा तोड़ा गया तो देखा लड़के द्वारा पंखे पर गमछे से फांसी लगाई गई है और लड़के की मृत्यु हो चुकी है।

जानकारी की गई तो लड़के का नाम आरेन्द्र सिंह, पुत्र नेत सिंह, निवासी चितरी, जिला बदायूं उत्तर प्रदेश बताया गया।आरेन्द्र की उम्र 17 साल थी, हाल शिक्षारत बी.एफ.आई.टी कॉलेज, सुधोवाला, प्रेमनगर, देहरादून में अभी 15 दिन पहले बीएससी एग्रीकल्चर में एडमिशन लिया था। मृतक के परिजन को सूचित किया गया है। आत्महत्या करने के बारे मे जानकारी की गई तो पता चला है कि मृतक कुछ दिन से पढ़ाई को लेकर तनाव मैं था।

मौके पर कोई सुसाइड नोट नही मिला है।  शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया जाएगा। परिजनों के आने पर अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।

राजकुमार राव की फिल्म न्यूटन का टीजर हुआ रिलीज

0

अमित वी मसुरकर के निर्देशन में बनी अभिनेता राजकुमार राव की फिल्म न्यूटन का पहला टीजर हाल ही में लाँच हुआ। इरोस इंटरनैशनल और आनंद एल राय द्वारा प्रस्तुत यह फिल्म मनीष मुन्द्रा ने निर्मित की है।

फिल्म मे न्यूटन कुमार के अनोखे किरदार में राजकुमार राव नजर आनेवाले हैं। 67 वे बर्लिन अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में इस फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर हुआ है। इस समारोह में फिल्म को सीआयसीएई पुरस्कार से भी नवाजा गया ।

अमित मसुरकर द्वारा लिखी और निर्देशित हुई इस फिल्म में राजकुमार राव के अलावा, पंकज त्रिपाठी, संजय मिश्रा और रघुवीर यादव भी नजर आनेवाले हैं। इरोस इंटरनेशनल और आनंद एल राय द्वारा प्रस्तुत और मनीष मुन्द्रा द्वारा निर्मित फिल्म 22 सितंबर को रिलीज होनेवाली हैं।

मनोज वाजपेयी ने बिहार में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए सीएम से की अपील

0

बिहार के रहने वाले अभिनेता मनोज वाजपेयी इन दिनों अपने गृह राज्य में बाढ़ की विपदा से चिंतित हैं। मनोज ने सोशल मीडिया पर राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अपील की है कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए सरकारी तंत्र ज्यादा मुस्तैदी से काम करें।

मनोज वाजपेयी ने जिला पूर्वी चंपारण के अपने पैतृक गांव का जिक्र करते हुए अपनी पोस्ट में लिखा है कि ‘हालात गंभीर हैं और हमारे गांव के लोगों को खाना भी नहीं मिल पा रहा है। हम उम्मीद करते हैं कि लोगों की दुआओं और मदद से जल्दी ही हालात में सुधार होगा।’

मनोज इस समय लंदन में हैं और अगले सप्ताह लौटने के बाद वे पटना जाकर मुख्यमंत्री से निजी तौर पर मुलाकात करने के लिए विचार कर रहे हैं। ये भी कहा जा रहा है कि मुंबई लौटकर मनोज एक ऐसी योजना पर भी काम करेंगे, जिसमें वे अपने राज्य में बाढ़ पीड़ित लोगों की मदद के लिए बालीवुड के सितारों से मदद की गुहार करेंगे।

आमिर खान, शाहरुख खान और अक्षय कुमार सहित कई सितारों ने लोगों से बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री राहत कोष में मदद की अपील की है। 

कपिल के शो में सिद्धू की जगह अर्चना पूरन सिंह को बनाए रखने का फैसला

0

कपिल शर्मा के कॉमेडी शो को लेकर नवजोत सिंह सिद्धू की नाराजगी को दरकिनार करते हुए अर्चना पूरन सिंह को इस शो से जोड़े रखने का फैसला हो गया है। इस शो में नवजोत सिंह सिद्धू के अस्वस्थ होने के बाद उनकी चेयर पर मेहमान कलाकार के तौर पर अर्चना पूरन सिंह को एक एपिसोड के लिए लाया गया था, जिस पर खबरों के अनुसार, सिद्धू ने आपत्ति जताते हुए कपिल शर्मा से विरोध दर्ज कराया था।

इस विरोध को अनदेखा करते हुए ताजा खबर ये है कि अगले फैसले तक अर्चना पूरन सिंह इस शो का हिस्सा बनी रहेंगी। खबरो के मुताबिक, कपिल शर्मा की टीम के साथ सोनी चैनल के अधिकारियों की एक मीटिंग में इस बात पर सहमति हुई। उधर, अर्चना पूरन सिंह की भी प्रतिक्रिया सामने आई है।

अर्चना पूरन सिंह ने नवजोत सिद्धू की नाराजगी के विवाद को लेकर कुछ नहीं कहा, लेकिन कपिल शर्मा के शो के साथ जुड़ने को लेकर खुशी जताते हुए कहा कि पुराने साथियों के साथ फिर से काम करने में खुशी महसूस हो रही है। नवजोत को लेकर अर्चना का कहना है कि ये कपिल की टीम और चैनल के बीच की बात है, जिस पर वे कोई कमेंट नहीं करना चाहतीं। कपिल और अर्चना पूरन सिंह सोनी पर ही आने वाले शो ‘कॉमेडी सर्कस’ में साथ काम कर चुके हैं। 

यूएन से ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ को मिली वाहवाही

0

देश-विदेशों के सिनेमाघरों में इन दिनों धूम मचा रही अक्षय कुमार की हालिया रिलीज फिल्म टॉयलेट एक प्रेम कथा की गूंज संयुक्त राष्ट्र संघ तक जा पंहुची है।  संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से सोशल मीडिया पर फिल्म की एक झलक के साथ संदेश लिखा है कि भारत में लोगों का सामाजिक जीवन स्तर बेहतर करने के अभियान को यह फिल्म एक नई ऊंचाइयां देती नजर आ रही है। यह पहला मौका है, जब किसी भारतीय फिल्म को संयुक्त राष्ट्र जैसी विश्व संस्था की ओर से सराहा गया हो।

अब तक भारतीय बाक्स आफिस पर 90 करोड़ से ज्यादा का कारोबार कर चुकी यह फिल्म पहले तीन दिनों में अपनी लागत (40 करोड़) की वसूली के बाद अब मुनाफे की बरसात कर रही है। देश के साथ साथ पाकिस्तान सहित विदेशी सिनेमाघरों से भी फिल्म का अच्छा कारोबार करने की खबरें मिल रही हैं।

विदेशी सिनेमाघरों से फिल्म अब तक 18 करोड़ से ज्यादा का कारोबार कर चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत के अभियान के तहत लोगों के घरों में शौचालयों के होने की जरूरत पर बल देती इस फिल्म की प्रमुख भूमिकाओ में अक्षय के साथ भूमि पेडनेकर, दिव्येंदु शर्मा, सुधीर पांडे और अनुपम खेर हैं। पहली बार निर्देशन के मैदान में आए श्रीनारायण सिंह ने इसका निर्देशन किया है। 

नदियों को जोड़ने के अभियान में सलमान भी शामिल

0

तेजी से सूखती जा रहीं नदियों को बचाने के लिए और नदियों को आपस में जोड़ने के लिए शुरू हुए राष्ट्रव्यापी अभियान के साथ अब सलमान खान भी जुड़ गए हैं।

सलमान खान ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि ये हम सबके लिए बेहद चिंता की बात है कि हम सबकी प्यास बुझाने वाली तमाम नदियां तेजी से सूखती जा रही हैं। इनको संरक्षण देने के लिए अगर समय रहते उपाय नहीं किए गए, तो आने वाले समय में नदियों की स्थिति और ज्यादा भयावह हो जाएगी।

सलमान खान ने कहा कि सूखती जा रही नदियों को बचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है और इसके लिए हम सबको आगे आना होगा और मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि मैं इस अभियान के साथ हूं और अपील करता हूं कि ज्यादा से ज्यादा लोग इससे जुड़कर इस बड़े अभियान का हिस्सा बनें।

सलमान खान से पहले साउथ में काम करने वाली स्टार भाटिया और बालीवुड के अभिनेता ऋषि कपूर भी इस अभियान से जुड़ चुके हैं। इस अभियान के आयोजकों का कहना है कि आने वाले समय में वह और सितारों को इस अभियान से जोड़ने के लिए कोशिश कर रहे हैं।

जिन सितारों के इस अभियान के साथ आने की संभावना है, उनमें अमिताभ बच्चन, जूही चावला, सुनील शेट्टी, अक्षय कुमार, वरुण धवन, विवेक ओबेराय, शिल्पा शेट्टी, तब्बू, कैटरीना कैफ, हेमा मालिनी, अनुपम खेर, जावेद अख्तर, शबाना आजमी, करण जौहर, अर्जुन कपूर और फरहान अख्तर के नाम है। इस अभियान के तहत दिल्ली में अगले महीने एक बड़ी जन चेतना रैली होने जा रही है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के साथ-साथ फिल्मी हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद की जा रही है। 

सरकार व पतंजलि चलाएंगे अॉर्गेनिक प्लांटेशन अभियान

0

योग को वैश्विक गौरव दिलाने के बाद अब पतंजलि योगपीठ ने अब आयुर्वेद को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित कराने के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की। इसी संकल्प के साथ पतंजलि योगपीठ परिसर में ‘विश्व की चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद’ विषय पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। इस मौके पर उत्तराखंड सरकार के आयुष, वन एवं पर्यावरण मंत्री डाॅ. हरक सिंह रावत और कृषि, उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि सरकार योगपीठ के साथ मिलकर ऑर्गेनिक प्लांटेशन अभियान चलाएगी।

गुरुवार को आयोजित गोष्ठी में आयुर्वेद चिंतन में भारतीय ऋषियों द्वारा अनुसंधित प्राचीन चिकित्सा प्रणाली आयुर्वेद को आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के मानकों के अनुरुप प्रामाणिकता दिलाने, विश्व स्तर पर जनमानस तक इसकी पहुंच बनाने के लिए देश-विदेश में आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान शालाओं की स्थापना कर आयुर्वेदिक औषधियों की गुणवत्ता को परखनें की प्रणाली विकसित करने, इसकी प्राचीन जटिल एवं विस्तृत उपयोग प्रक्रिया का सरलीकरण करने एवं विविध रोगों में आयुर्वेदिक औषधियों के प्रयोग से प्राप्त होने वाली आरोग्यता का डॉक्यूमेंटेशन करने, स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जड़ी-बूटी व आयुर्वेद सम्मत बनौषधियों की गुणवत्ता से वहां की जनता को परिचित कराने के लिए विराट स्तर पर साहित्य तैयार कराने तथा आयुर्वेद सम्मत संपूर्ण प्रामाणिक संदर्भों के आधर पर विश्व स्तर पर जन आंदोलन खड़ा करने जैसे बिन्दुओं पर चर्चा हुई।
उत्तराखण्ड सरकार के आयुष, वन एवं पर्यावरण मंत्री डाॅ. हरक सिंह रावत ने कहा कि योगऋषि बाबा स्वामी रामदेव व आचार्य बालकृष्ण के अथक प्रयास से योग-आयुर्वेद को वैश्विक पहचान मिली हैं। उन्होंने कहा पतंजलि योगपीठ आयुर्वेद पद्धति का मानक गढ़ है। पतंजलि के आयुर्वेद अभियान से प्रेरित होकर ही आज जन-जन में आयुर्वेद चिकित्सा के प्रति जज्बा पैदा हुआ है।
कृषि, उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि पतंजलि योगपीठ ने उत्तराखण्ड को एक नई पहचान दी है। उत्तराखण्ड में जड़ी-बूटियों को लेकर जो भी सम्भावनाएं हैं, सभी दिशा में कार्य करेंगे। उन्होंने कहा सरकार किसानों को जड़ी-बूटियों के प्रति प्रोत्साहन देगी। साथ ही इस दिशा में पतंजलि के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड सरकार और पतंजलि जड़ी-बूटी के आर्गेनिक प्लांटेशन का अभियान भी चलाएगी।
चेयरमैन-सीसीआईएम, दिल्ली विनीता ने बताया कि पतंजलि योगपीठ ने आयुर्वेद में प्राण फूंककर दुबारा से जगाया है, यही कारण है कि अब गंभीर से गंभीर रोगों का समाधन आयुर्वेद के माध्यम से होने लगा है।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार ने आयुर्विज्ञान के प्रति सकारात्मकता दिखाई है। आचार्य ने आयुर्वेद को लेकर भ्रम पैदा कर रहे लोगों व कम्पनियों पर रोक लगाने पर जोर दिया। इस अवसर पर आचार्य बालकृष्ण रचित आयुर्वेद सिद्धांत रहस्य पुस्तक का स्वीडिश सहित 24 अंतर्राष्ट्रीय भाषाओं में विमोचन भी हुआ।
पतंजलि आयुर्वेद महाविद्यालय की ओर आयोजित इस कार्यशाला में देश के कई विश्वविद्यालयों के कुलपति, आयुर्वेद महाविद्यालयों के प्राचार्यगण एवं अन्य आयुर्वेद क्षेत्र के विशिष्टगणों ने सहभागिता की।