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होटल में युवती ने की खुदकुशी

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शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक होटल में एक लड़की ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को उतरवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस परिजनों से सम्पर्क का प्रयास कर रही है। होटल रजिस्टर में लिखा मोबाइल नम्बर पश्चिम बंगाल का बताया जा रहा है। पुलिस को कमरे से कोई सुसाइट नोट प्राप्त नहीं हुआ है।

शुक्रवार की रात एक लड़की होटल शिव गंगा में आकर रुकी थी। होटल में उसने अपना नाम व पता शिल्पा भटनागर निवासी मुरादाबाद यूपी लिखवाया था। बताया जा रहा है कि लड़की का असली नाम और पता कुछ और है। कारण की होटल रजिस्टर में जो मोबाइल नम्बर उसने लिखवाया था, वह गलत बताया जा रहा है। लड़की के खुदकुशी करने का पता तब चला जब उसने काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खोला।

पुलिस को सूचना देने पर पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो उसके होश उड़ गए। लड़की पंखे से लटकी हुई थी। पुलिस ने शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए पंचनामा भर जिला चिकित्सालय भिजवाया। मौत के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

प्रेम प्रसंग में युवती को चाकू मारा

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शनिवार को टिहरी जनपद के नरेंद्रनगर ब्लॉक में गजा क्षेत्र में एक युवक ने एक युवती पर चाकू से हमला कर दिया। युवती को घायल अवस्था में नरेंद्रनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा बताया जा रहा है।

गजा के नजदीकी जयकोट गांव निवासी आशा को करीब 10 बजे गजा बाजार में सिलाई सीखने के लिए आई थी। इसी दौरान एक युवक ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। आसपास के लोगों ने युवक को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वह भागने में सफल रहा।

लोगों ने घटना की जानकारी राजस्व पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल युवती को नरेंद्रनगर अस्पताल भेजा। नायब तहसीलदार गंभीर सिंह कोहली ने बताया कि, “पुलिस ने युवक को पकड़ लिया है, उसकी पहचान कराई जा रही है। आरोपी युवक बाहर का बताया जा रहा है।”

कौन खंगाल रहा थे तहसील की फाईलें? अब होगी जांच

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काशीपुर में छुट्टी के दिन तहसील में पटवारियों के साथ संदिग्धों के काम करने की खबर पर तहसील में हड़कंप मचा हुआ है।खबर के बाद डीएम ने जांच के लिए एसडीएम को निर्देश किया है और जल्द जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है। पटवारियों के साथ सरकारी दस्तावेज खंगालने वाले संदिग्ध लोगों की जांच डीएम नीरज खैरवाल ने संयुक्त मजिस्ट्रेट विनीत तोमर को सोंप दी है। उन्होने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इस खबर को लेकर गुरुवार को तहसील कार्यालय में दिनभर हलचल रही।

हमारे द्वारा आपको बताया गया था कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर छुट्टी के दिन खोली गई काशीपुर तहसील, में संदिग्धों ने खंगाले रिकार्ड की खबर बतायी गयी तो अफसरों, कर्मचारियों व पटवारियों में खलबली मच गई। पटवारी कार्रवाई के भय से सहमे हुए दिखे। तरह-तरह की चर्चा करते लोग दिखे। कार्यालय में सख्ती बरती गई। पटवारी भी सक्रिय रहे। 15 अगस्त को कुछ पटवारी कुछ संदिग्ध लोगों के साथ सरकारी दस्तावेज खंगाल रहे थे। इसकी भनक प्रशासनिक अफसरों को नहीं थी। तहसील की सुरक्षा के लिए तीन चौकीदार तैनात हैं। हालांकि तहसील कार्यालय की चाबी नायब तहसीलदार व पटवारी कक्षों की चाबियां पटवारियों के पास होती हैं। पटवारी अपना कार्यालय खोलकर काम करते हैं। चौकीदार पटवारियों को जानते हैं, इसलिए इसकी सूचना किसी अफसर को नहीं दी। ऐसी स्थिति में छुट्टी के दिन काम करने की सूचना प्रशासनिक अफसरों को नहीं मिल सकी।
इस मामले की जांच अब संयुक्त मजिस्ट्रेट विनीत तोमर करेंगे। जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी। इस मामले डीएम ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है और बाहरी लोगों द्वारा तहसील में किस आधार पर कार्य किया जा रहा था इसकी जांच एसडीएम को सोंपी गयी है और जांच रिपोर्ट खुद जिलाधिकारी देखर कर रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करेंगे।

शराब बिक्री के खिलाफ महिलाओं ने किया मार्ग जाम

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प्रदेश में जगह-जगह शराब की बिक्री के खिलाफ महिलाओं का आक्रोश देखने को मिल रहा है। शनिवार हल्द्वानी के चकलुवा में गुस्साएं महिलाओं ने हाइवे जाम कर प्रदर्शन किया।

चकलुवा में अवैध कच्ची शराब की बिक्री के खिलाफ स्वयं सहायता समूह की आक्रोशित महिलाओं ने हल्द्वानी-कालाढूंगी मार्ग में करीब दो घंटे तक मार्ग को जाम रखा। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि पुलिस व आबकारी विभाग के संरक्षण में अवैध शराब की बिक्री हो रही है। जिससे समाज पर बुरा असर पड़ रहा है। फिर भी विभाग की ओर से काई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जाम की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आक्रोशित महिलाओं को शांत कराते हुए अवैध शराब के खिलाफ तुरंत कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर प्रदर्शनकारी महिला सड़कों से उठी और रास्ता खुल गया। प्रदर्शन के चलते यात्री घंटों परेशान रहे। 

जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क मार्ग 72 घंटे से बंद

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पिथौरागढ़, के जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क मार्ग पिछले 72 घंटे बाद भी नहीं खोला जा सका है जिससे स्थानीय लोगों के साथ ही पर्यटकों और लंबी दूरी के यात्रियों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।

फगुवाबगड़ के समीप पहाड़ से बोल्डर से 48 घंटे से अधिक समय से सड़क बंद चल रही है। बोल्डर आने से बंगापानी क्षेत्र को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह ध्वस्त हो गई है। जिससे बंगापानी क्षेत्र का शेष जगत संपर्क कटा हुआ है। गोरी नदी भी मलबे से पटी हुई है। सड़क ध्वस्त होने के बाद सड़क के दोनों और कई वाहन फंसे हुए हैं। सड़क बंद होने से स्थानीय लोगों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं।

वहीं, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सड़क खोलने का कार्य जारी है लेकिन रुक-रुक हो रही बारिश के कारण दिक्कतें आ रही हैं और जल्द ही मार्ग को खोल दिया जाएगा। सीमा सड़क संगठन की ओर से मलबा हटाने का प्रयास किया जा रहा है। थल-डीडीहाट सड़क पिछले एक सप्ताह से अधिक समय से बंद पड़ी है। जिससे सड़क में आवागमन नहीं हो पा रही है और लोगों को आवाजाही करने में खासी परेशानी उठानी पड़ रही है।

पमतोड़ी, लालघाटी और लामाघर के समीप ग्रिफ कर्मचारियों की ओर से सड़क के मरम्मत का कार्य किया जा रहा है जिससे याातायात पर असर पड़ रहा है।

उत्तराखंड में बनेगी शहद की गुणवत्ता जांचने को लैब

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राज्य में एक शहद क्वॉलिटी कन्ट्रोल लैब स्थापित की जाएगी। मौनपालको को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि को 50 लाख से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये किया जाएगा। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ‘विश्व मधुमक्खी दिवस’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि राज्य शहद उत्पादन की अपार संभाववना है। इस मौके पर उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने ‘उत्तराखण्ड में मौनपालनः वर्तमान परिदृश्य एवं सभावनाएं’ विषय पर संगोष्ठी भी आयोजित की।

माधो सिंह भंडारी, किसान भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्यभर के दूरदराज क्षेत्रों से आए मौनपालकों के शहद उत्पादों का अवलोकन किया और शहद उत्पादन की बारीकियां जानी। उन्होंने मौनपालकों से मौनपालन की तकनीक, समस्याएं, चुनौतियों और सरकार से अपेक्षाओं के विषय में चर्चा की।

मधु उत्पादों के अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री ने अच्छा उत्पादन व व्यवसाय करने वाले मौनपालकों को अपनी बेस्ट प्रैक्टिसीज का एक प्रस्ताव बनाकर सरकार को देने का अनुरोध भी किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज विश्व में ऑरगेनिक उत्पादों का महत्व व मूल्य बढ़ा है। इसलिए किसान अपने उत्पादों और परिश्रम की कीमत पहचानें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जल्द क्वॉलिटी कन्ट्रोल लैब स्थापित करेगी ताकि शहद काश्तकारों को उनके उत्पादों की अच्छी कीमत मिल सके। किसानों को उत्पादों की आकर्षक व अच्छी पैकेजिंग पर भी ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि शीध्र ही मौनपालको का एक और सम्मेलन बुलाया जाएगा, जिसमें वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के सहयोग से राज्य में शहद उत्पादन को बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।

आगामी 25 सितम्बर को प. दीनदयाल उपाध्याय के जन्मशताब्दी दिवस के अवसर राज्य में किसानों को कृषि सम्बधित बहुउद्येशीय कार्यों के लिए मात्र दो प्रतिशत ब्याज पर एक लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने की योजना शुरू की जाएगी। इसी कड़ी में उद्यान मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य में 2083 मीट्रिक टन शहद प्रतिवर्ष उत्पादित किया जा रहा है। 4600 किसान मौनपालन से जुड़े हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में राज्य में मौनपालन के अलावा ऐरोमेटिक, ऑरगेनिक, चाय तथा जड़ी-बूटी की कृषि को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

सचिव उद्यान डी. सेंथिल पांडियन ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार राज्य में पहली बार ‘विश्व मधुमक्खी दिवस’ मनाया जा रहा है। मधुमक्खी की भागीदारी पर्यावरण संरक्षण तथा किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण है। इस वितीय वर्ष में मधुमक्खी से जुड़े काश्तकारों की संख्या दोगुनी की जाएगी। मौनपालन को इन्टिग्रेटेड फॉर्मिग के रूप में प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार हर जनपद के प्रगतिशील किसानों साथ विचार विमर्श कर कृषि विकास को पांच वर्ष की एक कार्ययोजना बनाएगी। केन्द्र व राज्य सरकार के कृषि विकास योजना के साथ कॉर्पोरेट सेक्टर से सीएसआर के तहत भी इसमें सहायता ली जाएगी।

जीएमवीएन और केएमवीएन का होगा विलय

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कुमाऊं मंडल विकास निगम, गढ़वाल विकास निगम तथा उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड का विलय किया जाएगा। विलय प्रस्ताव पर 23 अगस्त को कैबिनेट प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। एकीकरण के दौरान कर्मचारियों के वरिष्ठता के मामले एडवर्स तरीके से बदले जाएंगे, ताकि किसी कर्मचारी की वरिष्ठता के साथ छेड़छाड़ न हो। यह कहना है पर्यटन सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम का।
राज्य की नई पर्यटन नीति बनाने के लिए होटल समेत अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ मंथन कार्यक्रम में पहुंचे पर्यटन सचिव ने मीडिया से बातचीत करते हुए माना कि राज्य में केएमवीएन-जीएमवीएन, पर्यटन विभाग, यूटीडीबी आदि अलग-अलग संस्थाओं की वजह से पर्यटन विकास प्रभावित हुआ है। एक शहर में केएमवीएन-जीएमवीएन के अलग-अलग बुकिंग सेंटर हैं, इससे भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। सचिव ने कहा कि एकीकरण के प्रस्ताव का कर्मचारी वरिष्ठता प्रभावित होने की वजह से विरोध करते हैं, संयुक्त कर्मचारी महासंघ अध्यक्ष दिनेश गुरुरानी के नेतृत्व में मिले शिष्टमंडल ने भी इस चिंता की ओर ध्यान दिलाया है, मगर शासन ने इस बार प्रमोशन संबंधी चिंता का पहले ही निराकरण कर दिया है। उन्होंने कहा कि मसूरी में जाम की समस्या को देखते हुए कार फ्री बनाने का प्लान तैयार किया गया है, इसके तहत शहर से पहले ही पार्किग तैयार की जाएगी, जिसके लिए स्थान चिह्नित किया जा चुका है, फिर वहां से रोप-वे व अन्य माध्यमों से पर्यटकों को शहर भेजा जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक कार चलाने का भी प्रस्ताव है। स्थानीय ट्रैफिक सिस्टम के लिए भी प्रावधान किया गया है, ईको फ्रेंडली ट्रैफिक सिस्टम तैयार किया जाएगा।
मसूरी की तर्ज पर ही नैनीताल को भी कार फ्री बनाने पर विचार किया जा रहा है। नारायण नगर में 50 करोड़ की लागत से कार पार्किग बनाई जाएगी। एडीबी के सहयोग से यह पार्किग बनेगी। बोले कोशिश यह है कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा मिले। यह भी कहा कि वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन योजना में होटल-मोटल गेस्ट हाउस अपग्रेड करने पर फंड मुहैया कराने का प्रावधान जोड़ा जाएगा। होटलों की हर हाल में स्टार रेटिंग हो, इस दिशा में पहल तेज की जा रही है।

चीन से लगे सीमांत गांवों में अब सिर्फ 1200 लोग

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चीन की हठ धर्मिता के कारण एक बार फिर से सुर्खियों में आये बड़ा होती की नीती मलारी घाटी में सीमावर्ती गांवों की एक त्रासदी यह भी है कि इन नौ गांवों में 1200 के लगभग लोग ही ग्रीष्मकाल में प्रवास के लिए जाते हैं। नई पीढ़ी उत्सव विशेष में जब आती है तब इस घाटी में खूब रौनक और मानव संसाधन जुट जाते हैं। अन्यथा बुढ़े- बुजुर्ग 1200 लोग ही इन गांव में रह जाते हैं।

नीती मलारी घाटी अपनी खूबसूरती और परिश्रम की घाटी के रूप में भी जानी जाती है। छह माह में यहां पर भोटिया जनजाति के लोग परंपरागत रूप से रहते है और शीतकाल में नीचले गांवों में आ जाते है। नीती, मलारी, गमशाली, फरकिया, कैलाशपुर, कौसा, मेहर गांव, द्रोणागिरी, बांपा आदि गांवों में परंपरा के अनुसार छह माह निवास करने के लिए लोग आते है। इस दौरान वे पशुपालन और खेती व ऊन के कारोबार से जुड़े रहते हैं।

यूं तो शासन-प्रशासन ने इन घाटियों के गांवों समेत कुछ सीमा चौकियों तक सड़क भी पहुंचा दी है। इसके बावजूद भी उस संख्या में युवा पीढ़ी इन गांवों में नहीं रहना चाहती जिसकी अपेक्षा की जाती है। उपजिलाधिकारी जोशीमठ योगेंद्र सिंह कहते है कि यह सच है कि युवा पीढ़ी अब नौकरी पर विशेष रूप से ध्यान लगाना चाहती है मगर ऐसा नहीं कि वह इन गांवों में आती ही नहीं। अवसर व उत्सव विशेष पर आती है।

पूर्व पर्यटन मंत्री केदार सिंह मंत्री जो इसी गांव से हैं, उनका कहना है कि यदि सरकार चाहे तो पर्यटन नीति के तहत यहां पर पर्यटन को बढ़ावा दे सकती है।

आईआईटी के छात्र ने की खुदकुशी

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IIT to help improve education standards in uttarakhand

आईआईटी रुड़की के एक छात्र ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। अभी तक खुदकुशी का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। मृतक मैनपुरी उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचना दे दी है।

शनिवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान(आईआईटी) रुड़की के गंगा भवन छात्रावास के कमरा नंबर-111 में एमएससी प्रथम वर्ष के छात्र अमन चौहान ने फांसी लगाकर जान दे दी। छात्र का शव पंखे से लटका मिला। छात्र ने बेडशीट का फंदा लगाकर फांसी लगाई थी। अभी तक आत्महत्या के कारण सामने नहीं आ पाए हैं। अमन चौहान मूल रूप से आगरा रोड, गोपीनाथ बस स्टैंड के पास, मैनपुरी उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। कमरे से पुलिस को कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है। छात्र का रूम पार्टनर मोहित शुक्रवार शाम अपने घर दिल्ली चला गया था।
शनिवार दोपहर कुछ छात्रों ने खिड़की की जाली से शव लटका देखा तो प्रबन्धन को सूचना दी। शक्रवार की रात से छात्र को किसी ने देखा नही था। आशंका जताई जा रही कि छात्र ने रात में ही फांसी लगा ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

बीज घोटालेबाजों की जांच के लिये एसआईटी गठित

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उधमसिंहनगर, टीडीसी के बहुचर्चित गेहूं बीज घोटाले की जांच शासन ने एसआइटी के हवाले कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा के नेतृत्व में गठित टीम घोटाले की जांच करेगी। 16 करोड़ रुपये के इस घोटाले में दस लोगों के खिलाफ पंतनगर थाने में एफआइआर दर्ज है। इनमें से एक की मृत्यु भी हो चुकी है।

उत्तराखंड बीज एवं तराई विकास लिमिटेड (टीडीसी) हल्दी में वर्ष 2015-16 में गेहूं बीज विक्रय में हुए घाटे पर शासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए 29 जुलाई 2016 को अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। इसमें आइजी कार्मिक जीएस मर्तोलिया, निदेशक कृषि गौरी शंकर, अपर सचिव कार्मिक सुनील पांथरी शामिल थे। जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट 28 जून 2017 को सौंप दी थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रबंध निदेशक के निर्देश पर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सीके सिंह द्वारा पंतनगर थाने में सात अगस्त को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसमें तत्कालीन लेखाधिकारी अतुल पांडे (मृत), लेखाधिकारी जीसी तिवारी, प्रशासनिक अधिकारी (सेवानिवृत) शिवमंगल त्रिपाठी, उप मुख्य वित्तीय अधिकारी बीडी तिवारी, उप मुख्य विपणन अधिकारी अजीत सिंह, उप मुख्य विपणन अधिकारी (सेवानिवृत) एके लोहनी, मुख्य बीज उत्पादन अधिकारी दीपक पांडेय, मुख्य अभियंता (निलंबित) तत्कालीन विपणन प्रभारी (सेवानिवृत) पीके चौहान, कंपनी सचिव आरके निगम, पूर्व प्रबंध निदेशक पीएस बिष्ट को जांच में दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई थी।

मामले की जांच पंतनगर पुलिस कर रही थी, लेकिन मामला गंभीर होने के कारण शासन ने इस पर ठोस कदम उठाते हुए निष्पक्ष जांच के लिए मामले को एसआइटी के हवाले कर दिया। अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था आरएस मीणा ने अपर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पींचा के नेतृत्व में टीम का गठन किया हैं। एसआइटी में एएसपी पिंचा के अलावा सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार, एसएचओ पंतनगर संजय पाठक, एसएचओ दिनेशपुर डीआर वर्मा, एसआइएस प्रभारी एनएन पंत, सिडकुल चौकी प्रभारी एनपी सिंह को शामिल किया गया है।