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यहां कंकड़ में बसते हैं शंकर, मिला प्रमाण

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उत्तराखण्ड को देव भूमि यूं ही नहीं कहा जाता। कहते हैं यहां कंकर में शंकर बसते हैं…यही वजह है कि कि देव भूमि के आंचल में ना जाने कितने ही एसे पौराणिक स्थल है जो गुमनामी में है मगर जब ये रहस्य खुलता है तो एसे परिणाम सामने आते हैं जो सभी को दंग कर देते हैं।अल्मोडा जिले के चौखुटिया में खुदाई के दौरान मिले शिव मंदिर से जहां लोगों की आस्था को बल मिला है वहीं पुरातत्व विभाग भी अब इस खुदाई में मिले अवशेषों की गहता से छानबीन में जुट गया है।

अल्मोड़ा जिले के चौखुटिया स्थित प्राचीन वक्रमुंडेश्वर महादेव मंदिर परिसर में नौ और शिव मंदिर मिले हैं। पुरातत्व विभाग का अनुमान है कि ये मंदिर करीब नौ हजार साल पुराने हो सकते हैं। यहां खुदाई के लिए बीते दिनों भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग देहरादून मंडल को केंद्र सरकार से इसकी अनुमति भी मिल गई है। पुरातत्व की तकनीकी टीम जल्द ही खुदाई का काम शुरू करेगी।

गौरतलब है कि छह माह पहले भी यहां खुदाई के दौरान दो मंदिर मिले थे। ये मंदिर भी आठ से नौ हजार साल पहले के बताए जा रहे हैं। क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई अधिकारी चंद्र सिंह चौहान ने बताया कि कस्बे के वक्रमुंडेश्वर महादेव मंदिर में बीते दिनों स्थलीय निरीक्षण के बाद शिव मंदिरों की श्रृंखला  की जानकारी मिली। तकनीकी टीम ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया तो पता चला कि परिसर में करीब नौ और मंदिर हैं जो करीब नौ हजार साल पुराने होने का अनुमान है। जल्द ही तकनीकी व इतिहासकारों की टीम चौखुटिया पहुंचेंगी। जिसके बाद खुदाई का काम शुरू होगा। विभाग की तरफ से सारी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है।

डोडीताल के लिए महाराष्ट्र के श्रद्धालु रवाना

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डोडीताल के गणेश मंदिर में महाराष्ट्र के चार श्रद्धालु रवाना हुए। श्रद्धालु 25 अगस्त को गणेश महोत्सव के दिन मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना कर पुण्य के प्रतिभागी बनेंगे। सोमवार को श्रद्धालुओं ने हनुमान मंदिर में विधिविधान से पूजा अर्चना की। उसके बाद जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, एसपी ददनपाल और नगरपालिका बाड़ाहाट अध्यक्ष जयेंद्री राणा ने संयुक्त रूप से श्रद्धालुओं को डोडीताल के लिए रवाना किया।
प. राधेश्याम खंडूरी ने बताया कि स्कंदपुराण के अनुसार डोडीताल में माता पार्वती ने भगवान की उत्पत्ति की थी। यहां पर गणेश भगवान ने भगवान शिव को माता पार्वती के कक्ष में प्रवेश नहीं करने दिया। जिससे भगवान शिव ने क्रोधित होकर अपने त्रिशूल से गणेश का शिव धड़ से अलग कर दिया। माता पार्वती के रौद्ररुप धारण करने पर भगवान शिव ने गणेश के धड़ में हाथी का सिर लगाया था। तभी से यह स्थान महत्वपूर्ण माना जाता है और इस स्थान पर गजवक्त्रेश्वर मंदिर का निर्माण हुआ।
महाराष्ट्र से आए श्रद्धालु रोहित तक्ष, विजय, जनार्द्धन डे वागमरे और रुद्राणी ने कहा कि महाराष्ट्र और मुंबई में गणपति का विशेष महत्व है। भाद्रपक्ष गणेश का जन्म महीना माना जाता है। मीडिया के माध्यम से डोडीताल के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसलिए भगवान गणेश की जन्मभूमि के दर्शन करने के लिए यहां चले आए। इस मौके पर कमल सिंह, गणेश पंवार, शिवराम, बलदेव राणा, गिरीश भट्ट आदि मौजूद रहे।

‘नशा, पैसा, ताकत, डर के नाम पर चल रही छात्र राजनीति’

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पैसे और ताकत के दम पर चुनाव जीतने की जद्दोजहद, शराब की बोतलें लेकर सड़कों पर हुड़दंग, आपस में मारपीट, व्यापारियों से उगाही और प्राचार्य के साथ हाथापाई पिछले कुछ सालों में छात्र राजनीति की यही तस्वीर रही है। दून के कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव की तस्वीर बिलकुल साफ है। ये चुनाव किसी भी एंगल से एमपी और एमएलए के चुनाव से कम नही रहा है। यहां भी सभी चुनावों पर गौर करें तो छात्र राजनीति न सिर्फ लक्ष्य विहीन, दिशाहीन और खराब दशा से गुजर रही है बल्कि नियमों से भी यहां किसी को सरोकार नहीं। 
कॉलेज के बाहर चुनाव में फंडिंग के लिए जबरन वसूली, सडक़ों पर हुड़दंग, पटाखे और सीटियों के शोर के बीच डरा सहमा शहर। इन दिनों देहरादून के कुछ ऐसे ही हालात हैं। हर ओर पोस्टरों, बैनरों और रैलियों का आलम है। अकेले डीएवी पर गौर करें तो यहां के चुनाव विधान सभा या लोक सभा से कम नपजर नहीं आते हैं। छात्र संघ चुनाव को लेकी यहां अभी नामांकन भी शुरू नहीं हुए हैं और प्रत्याशियों ने अपनी रैलियों से जोर आजमाइश शुरू कर दी है। सभी संगठन अपना शक्ति प्रदर्शन करने में लगे हैं। इसके लिए फिर चाहे लिंगदोह की धज्जियां उड़े तो क्या फर्क पड़ता है।

पोस्टरों में नियम बेमायने
कॉलेज के बाहर पोस्टरों और बैनरों दीवारें पटी पड़ी है। जबकि लिंगदोह की सिफारिशों की मानें तो चुनाव प्रचार सामग्री में पोस्टर, बैनर, फ्लेक्स और पंपलेट के लिए कोई स्थान ही नहीं। केवल हस्तनिर्मित पोस्टरों को ही वैध माना गया है, लेकिन इस नियम को यहां पालन करने वाला कोई नहीं। इतना ही नहीं चुनाव में नियमों की बात करें तो अधिसूचना जारी होने के बाद चुनाव के दौरान वाहनों का उपयोग वर्जित है, लेकिन यहां यह नियम भी बेमायने है। कॉलेजों में गाड़ियां और बाइकों के लाव लश्कर का जमकर प्रयोग किया जा रहा है।

आपराधिक इतिहास में भी पीछे नहीं
कॉलेज से बाहर निकलकर पुलिस डायरी पर नजर डालें तो कॉलेजों के छात्र नेताओं का आपराधिक इतिहास भी काफी अच्छा है। मारपीट, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट के दर्जनों मामले छात्रों पर दर्ज हैं। पिछले आठ सालों की बात करें डीएवी के एबीवीपी के तकरीबन दो दर्जन छात्रों पर तीन दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हुए हैं। वहीं, एनएसयूआई के 14 छात्रों के खिलाफ 20 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, ‘आर्यन ग्रुप’ के छह छात्र नेताओं पर 19 मामले दर्ज हुए। हालांकि बीते कुछ वक्त में इन मामलों में कुछ में समझौते और कुछ में पुलिस ने एफआर भी लगाई है, लेकिन इसके बाद भी आपराधिक इतिहास हर साल बढ़ता जाता है।

उगाही करते छात्र गिरफ्तार, जेल
चुनाव में उगाही करना, धमकाना और अवैध वसूली आमबात हो गई। कई मामलों में लोग छात्रों से किसी प्रकार की रंजिश न करने के डर से मामले को दबा देते हैं। लेकिन बहते रोज एक बार फिर अवैध रुप से चुनाव में फंडिंग करने के लिए उगाही करने का मामला सामने आया। राजपुर रोड स्थिति रेस्टोरेंट चालक आयुष टंडन ने थाना डालनवाला में चुनाव के नाम पर पैसों की मांग करने और मना करने पर जान से मारने की धमकी दिए जाने की तहरीर दी है।
उन्होंने बताया कि 19 अगस्त की रात डीबीएस पीजी कॉलेज के छात्र नेता व पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सौरभ गुलेरिया, देवेंद्र नेगी, विपुल गौड़, पंकज कुमार द्वारा कॉलेज में छात्र संघ चुनाव के नाम पर पैसों की मांग की। पैसे देने से मना करने पर युवकों द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई। मामले में पुलिस ने लिखित तहरीर के आधार पर थाना डालनवाला में मु.अ.स. 202/17 धारा 384/506 बनाम देवेंद्र नेगी व अन्य पंजीकृत करते हुए अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

छात्र नेताओं की सत्ता में पकड़
एबीवीपी हो या फिर एनएसयूआई या फिर कोई अन्य संगठन ऐसे ही छात्रों को चुनाव में उतारती है, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज नहीं होते हैं। लेकिन इनके पीछे पुराने धुरंधर और और बड़े मास्टरमाइंड छात्र नेता लगातार काम करते हैं। चुनाव के लिए यह मास्टरमाइंड अपनी पकड़ सत्ता के गलियारों तक रखते हैं। इसका उदाहरण बीते दिनों एमकेपी पीजी कॉलेज में छात्र संघ चुनाव के दौरान हुए हंगामे में बड़े दलों के नेताओं का दखल देखा जाना है।

क्या कहती हैं लिंगदोह की सिफारिशें
– चुनाव प्रचार में अधिकतम एक प्रत्याशी पांच हजार तक खर्चा कर सकता है।
– व्यय व दूसरे नियमों का उल्लंघन करने पर चुनाव निरस्त।
– प्रिंटेड पोस्टर, पंपलेट या अन्य प्रचार सामग्री की अनुमति नहीं।
– प्रचार के लिए वाहन, लाउड स्पीकर व जानवरों का प्रयोग प्रतिबंधित।
– प्रत्याशी बनने के लिए अंडर ग्रेजुएट कोर्स के लिए अधिकतम आयु सीमा 22 साल।
– पोस्ट ग्रेएजुएट के लिए 28 साल अधिकतम आयु सीमा निर्धारित है।
– प्रत्याशी के लिए कक्षाओं में कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य।
– आपराधिक रिकॉर्ड, मुकदमा, सजा या अनुशासनात्मक कार्रवाई वाला छात्र प्रत्याशी योग्य नहीं।
– प्रत्याशी विश्वविद्यालय या कॉलेज का नियमित छात्र हो, पत्राचार कोर्स का छात्र अयोग्य।
– चुनाव प्रक्रिया, नामांकन व चुनाव परिणाम अधिकतम दस दिनों तक पूरे कर लिए जाएं।

बयान
निवेदिता कुमार कुकरेती, वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक, देहरादून ने बताया कि चुनाव में नियमों का पालन हो इसके लिए संयुक्त रुप से बैठक कर छात्रों को दिशा निर्देश दे दिए गए हैं। बावजूद इसके अगर कोई नियमों से खिलवाड़ होता पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डा. डीके त्यागी, मुख्य चुनाव अधिकारी, डीएवी पीजी ने बताया कि कई बार रैली बाहर से आती है तो वर्जित सामग्री के साथ कुछ तत्व परिसर में प्रवेश कर जाते हैं। इस पर नियंत्रण के लिए कमेटियां गठित कर दी गई हैं। नियमों के तहत चुनाव आयोजित होगा।

छात्र-छात्राओं ने बनाए 20 खगोलीय दूरबीन

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केन्द्रीय विद्यालय संगठन के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ते हुए छात्र-छात्राओं ने पांच दिवसीय खगोलीय दूरबीन निर्माण कार्यशाला में भाग लिया। 17 अगस्त से 21 तक चले केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-दो में आयोजित कार्यशाला में छात्र-छात्राओं ने 20 टेलीस्कोप तैयार किए। जिसमें 10 देहरादून संभाग के बच्चों ने एवं 10 दिल्ली संभाग से आए छात्र छात्राओं ने तैयार किए।

कार्यशाला के अंत में प्रतिभागियों ने फोकल लेंथ जांचना, उसके अनुसार ट्यूब काटना एट्यूब के भीतरी एवं बाहरी हिस्सों को पेंट करना, दूरबीन के भिन्न भागों को जोड़ना जैसे फाइंडर स्कोप , प्राथमिक, सेकेंडरी मिरर सेल, फोकसर आदि सीखा। प्रतिभागियों ने सही टेलीस्कोप परीक्षण हेतु टावर, इमारतें , चलती हुई कार और तारें आदि को देखा। छात्र-छात्रओं ने अपने द्वारा स्वनिर्मित टेलीस्कोप से यह सब देखना बहुत ही रोमांचकारी रहा। कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान को प्रतिभागियों ने व्यक्त किया।

इस अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वन्दना और देश भक्ति के गीत प्रस्तुत किए गए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सहायक आयुक्त केंद्रीय विद्यालय संगठन नई दिल्ली से आए ताजुद्दीन शेक ने दीप प्रज्वलन किया। उन्होंने विज्ञान एंव तकनीकी के क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा किए गए इस प्रयास की सराहना की।

केंद्रीय विद्यालय संगठन देहरादून संभाग के उपायुक्त सोमित श्रीवास्तव, ने प्रतिभागियो और मेजबान विद्यालय को बधाई दी। इस मौके पर सहायक आयुक्त विनोद कुमार, अरविन्द सी रानाडे, प्रधा

हादसे के बाद मंगलवार से फिर पटरी पर दौड़ेगी उत्कल एक्सप्रेस

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उत्तर प्रदेश के खतौली में शनिवार को भीषड हादसे का शिकार होने वाली कलिंग उत्कल एक्सप्रेस मंगलवार से एक बार फिर से पटरी पर दौड़ना शुरू करेगी। 
पूर्व तट रेलवे (ईसीओआर) ने सोमवार को एक विज्ञप्ति में बताया कि रेलगाडी संख्या 18477/18478 पुरी-हरिद्वार-पुरी कलिंग उत्कल एक्सप्रेस मंगलवार को पुरी से हरिद्वार के लिए रवाना होगी। वहीं इसकी वापसी सेवा 25 अगस्त को हरिद्वार से पुरी के लिए चलेगी।
रेलवे ने बताया कि 19 अगस्त को मुजफ्फरनगर के खतौली में उत्कल एक्सप्रेस के पटरी से उतरने के कारण इस ट्रेन की पुरी और हरिद्वार से एक-एक सेवा को रद्द करने का निर्णय लिया गया था।
रेलवे ने यह फैसला उत्कल-कलिंग एक्सप्रेस के खतौली में बेपटरी होने के कारण बाधित हुए मेरठ-मुजफ्फरनगर-सहारनपुर रेल खंड पर लगभग 31 घंटे बाद रेल यातायात बहाल होने के बाद उठाया है। सोमवार को तडके 1:21 बजे खतौली से पहली यात्री रेलगाड़ी संख्या 54542 अंबाला-मेरठ सिटी पैसेंजर ट्रेन दौडाई। इस रेलमार्ग पर यात्रीगाडी से पहले मध्यरात्रि में 00:48 बजे मालगाडी चलाई गई।
उल्लेखनीय है कि रेलगाड़ी संख्या 18477 पुरी-हरिद्वार उत्कल-कलिंग एक्सप्रेस के शनिवार को खतौली में दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण मेरठ-मुजफ्फरनगर- सहारनपुर रेल खंड पर रेल यातायात प्रभावित हो गया था। रेलवे ने क्षतिग्रस्त बोगियों को क्रेनों की मदद से हटाने और 200 मीटर के बुरी तरह टूट चुके ट्रेक को दुरुस्त करने के काम को युद्धस्तर पर अंजाम दिया।
इसके चलते रविवार शाम को साढे सात बजे तक यह ट्रेक रेल परिचालन के ट्रायल के लिए तैयार हो गया। इस के बाद ट्रैक पर 10-12 किमी प्रतिघंटा की स्पीड से मालगाड़ी दौड़ाई गई। इसके बाद 11:30 बजे सक्षम प्राधिकारी ने खतौली-मंसूरपुर ट्रैक को मालगाडी चलाने के लिए फिट घोषित कर दिया। मध्यरात्रि 12.48 बजे मालगाड़ी से इस ट्रैक पर ट्रायल लिया गया।

‘केदारनाथ’ का पहला मोशन पोस्टर हुआ जारी

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एकता कपूर की प्रोडक्शन कंपनी बालाजी में बनने जा रही फिल्म ‘केदारनाथ’ का पहला मोशन पोस्टर सोमवार को सोशल मीडिया पर जारी किया गया। इस फिल्म से सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान का बालीवुड में लांच होने जा रहा है। उनके हीरो सुशांत सिंह राजपूत होंगे। फिल्म की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

फिल्म का निर्देशन अभिषेक कपूर कर रहे हैं, जो रिश्ते में एकता कपूर के कजिन ब्रदर लगते हैं और इससे पहले काय पोचे और फितूर जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुके हैं। अभिषेक ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में सारा के साथ सुशांत के कुछ फोटो जारी करते हुए बताया कि दोनों फिल्म की पटकथा की रीडिंग में व्यस्त हैं।


सितंबर से इस फिल्म की शूटिंग शुरू होगी और अगले साल मार्च या अप्रैल में इसे रिलीज किया जाएगा। फिल्म के मोशन पिक्चर में सिर्फ फिल्म का टाइटल ही नजर आ रहा है। सारा अली खान को पहले करण जौहर की कंपनी में बनने वाली फिल्म स्टूडेंट्स आफ द ईयर के सीक्वल में लांच किया जाना था, लेकिन सारा की मां अमृता सिंह के साथ सारा की ड्रेसेज और किसिंग सीन को लेकर हुए मतभेदों के बाद सारा को इस फिल्म से अलग कर दिया गया। उनकी जगह करण जौहर की कंपनी की फिल्म में चंकी पांडे की बेटी अनन्या को कास्ट किया गया है। 

रेस्टोरेंट में घुसा गुलदार, वन विभाग ने पकड़ा

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अल्मोड़ा जिले में कोसी नदी के पास स्थित एक रेस्टोरमेंट में गुलदार घुस आया। इससे रेस्टोरेंट में बैठे लोगों में हंड़कंप मच गया। लोगों ने शोर मचाया तो गुलदार रेस्टोरेंट संचालक के बाथरुम में जा घुसा। सोमवार को रेस्टोरेंट और फिर संचालक के घर में घुसे गुलदार ने जमकर आतंक मचाया।

गुलदार ने घर में बंधे कुत्ते को निवाला बनाने की कोशिश की। इसके बाद गुलदार मकान के बाथरूम में घुस गया। परिवार के लोगो ने हिम्मत दिखाते हुए गुलदार को बाथरुम में बन्द कर दिया। इस बीच सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर जा पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद गुलदार को कब्जे में किया। वन रेंजर संचिता वर्मा ने बताया कि गुलदार की उम्र करीब तीन साल है, उसे पकड़कर जंगल में छोड़ दिया गया है।

जवाब दे गया धेेैर्य, सड़कों पर उतरे

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सातवें वेतन आयोग आदि लंबित मुद्दों की कोई सुनवाई न हुई तो ग्रामीण डाक सेवकों का धैर्य जवाब दे गया। उन्होंने जुलूस निकाल प्रधान कार्यालय में प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ गुबार निकाला। इधर लगातार छठे दिन बेमियादी हड़ताल का असर अब दिखने लगा है। स्पीड पोस्ट, रजिस्ट्री व बचत खातों का काम ठप हो गया है।अखिल भारतीय ग्रामीण डाक सेवक संघ के बैनर तले सोमवार को हड़ताली कर्मचारी सड़क पर उतर आए। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी के बीच माल रोड पर जुलूस निकाला। प्रधान डाकघर कार्यालय पहुंच प्रदर्शन के बाद सभा की गई। शाखा अध्यक्ष नंदन सिंह नेगी ने कहा कि डाक सेवकों को केंद्रीय कर्मी होने के बावजूद सातवें वेतन व अन्य सुविधाओं से वंचित रख उत्पीड़न किया जा रहा है। दो टूक चेतावनी दी कि जब तक लंबित मुद्दों का समाधान नहीं हो जाता हड़ताल खत्म नहीं की जाएगी।

राखी सावंत को पंजाब की अदालत में पेश होने का आदेश

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पंजाब के लुधियाना की जिला अदालत की ओर से अभिनेत्री राखी सावंत को 25 अगस्त तक सत्र अदालत में पेश होने के आदेश दिए गए हैं। ये आदेश उस सम्मन के बाद दिए गए, जिसमें राखी को सात अगस्त को अदालत में पेशी के लिए हाजिर होने को कहा गया था, लेकिन राखी सावंत के वकीलों ने दलील दी थी कि अमेरिका में होने की वजह से वे अदालत में हाजिर नहीं हो पाएंगी।

जिला अदालत ने साफ शब्दों में कहा है कि इस बार अगर राखी सावंत की पेशी में किसी भी तरह की परेशानी हुई, तो जिला अदालत उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी करने में संकोच नहीं करेगी। लुधियाना की स्थानीय अदालत में राखी के खिलाफ वाल्मिकी समाज के लोगों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का मामला चल रहा है।

राखी ने एक टीवी शो के दौरान इस समाज के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की थी। बाद में राखी ने अपनी टिप्पणी वापस लेते हुए इसके लिए सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी और अदालत से केस खत्म करने की गुहार लगाई, लेकिन अदालत ने इससे मना कर दिया और कहा कि जब तक वाल्मिकी समाज उनकी माफी को स्वीकार नहीं करता, तब तक केस को खत्म नहीं किया जा सकता। 

अल्मोड़ा में आठ दिवसीय मां नंदा देवी महोत्सव

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मां नंदा पार्वती को उनकी ससुराल कैलाश पर्वत से मायके में बुलाने लिए की जाने वाली पूजा (आठु) से छानी लवेशाल गांव भक्तिमय है। छानी लवेशाल के ग्रामवासी,1711 (करीब 300 वर्ष) से आठु पूजा की परंपरा को जिंदा रखे हैं। आठ दिन चलने वाली इस पूजा में दूरदराज से लोग शामिल होते हैं।

छानी लवेशाल गांव में चल रहा यह आठ दिवसीय देवी महोत्सव 25 अगस्त तक चलेगा। 26 अगस्त आठ पहर की पूजा के बाद मां नंदा की विदाई होगी। पूजा में झोड़े-जागर गीतों के माध्यम से मां तो बुलाया जाता है। इनके साथ गोलू देव, छुरमुल देव, लाटू देव और दाणु देव भी अवतरित होंगे। मां मुंह में कटार दबाए रौद्र रूप के साथ भक्तों को आशीर्वाद देंगी।
इस पूजा के दौरान हरिजन बंधू जागर गा कर मां का आह्रवान करते हैं। पूजा के अंतिम दिन बड़े मेले ता आयोजन किया जाएगा। 91 वर्षीय दीवान सिंह दोसाद आज भी दाणु देवता के रुप में अवतरित होते हैं। वे बताते हैं कि मां की पूजा से पूरे क्षेत्र की बुरी आत्माएं वर्ष भर शांत रहेंगी और क्षेत्र में कोई विपत्ति नहीं आएगी।