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उत्तर प्रदेश: 8 महीने में चौथा बड़ा रेल हादसा, यात्रियों की जान खतरे में

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आजमगढ़ से दिल्ली जा रही कैफियत एक्सप्रेस के 10 डिब्बे बेपटरी हो गए और उसमें कई यात्री घायल हुए। ये उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 में चौथा बड़ा रेल हादसा है और रेलवे कर्मचारियों की लापरवाही से बार बार यात्रियों की जान खतरे में पड़ रही है।

बुधवार, 23 अगस्त को उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में एक और रेल हादसा हो गया। ये रेल हादसा पिछले तीन और हादसे की याद दिला गया, जिसमें रेल यात्रियों की जान पर आफत आ गई। औरैया जिले में तड़के सुबह 2.40 बजे अछल्दा और पाता स्टेशन के बीच कैफियत-एक्सप्रेेस एक डम्पर से टकरा गयी। इस जोरदार टक्कर में एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन और 10 डिब्बे बेपटरी हो गए। वहीं 40 से अधिक यात्री घायल हो गए।
इसके पहले इसी साल रेल कर्मचारियों की लापरवाही के कारण रेल हादसे हुए हैं। बीते 30 मार्च को महोबा स्टेशन से कुलपहाड़ स्टेशन के बीच महाकौशल एक्सप्रेस के डिब्बे पटरी से उतर गए थे। उस दुर्घटना में 55 से अधिक यात्रियों के घायल हुए थे।
दूसरा बड़ा हादसा रामपुर जनपद में राज्यरानी एक्सप्रेस रेल हादसे के रूप में सामने आया था। 15 अप्रैल को रामपुर स्टेशन से मुण्डा स्टेशन के बीच राज्यरानी एक्सप्रेस ट्रेन के डिब्बे पटरी से उतर गए थे जिसमें 12 यात्री घायल हुए थे।
इसके बाद अगस्त माह में एक के बाद एक, दो बड़े रेल हादसे हुए है। इनमें पहला मुजफ्फनगर जिले के खतौली में 18477 पुरी-उत्कल एक्सप्रेस के 13 डिब्बे बेपटरी होते हुए एक दूसरे पर चढ़ गए। इस हादसे ने उत्तर प्रदेश सरकार से लेकर भारत सरकार को हिलाकर रख दिया। रेल मंत्रालय ने 48 घंटे हादसे के पीछे की वजह की मानिटरिंग की और इसमें चार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की गयी।
उत्कल एक्सप्रेस हादसे के तीन दिन के बाद ही बुधवार की सुबह दो बजकर चालीस मिनट पर उत्तर प्रदेश में चौथा बड़ा हादसा हो गया। इसमें आजमगढ़ से दिल्ली जा रही कैफियत एक्सप्रेस के 10 डिब्बे बेपटरी हो गए और कई यात्री घायल हो गए।
भारतीय रेलवे बोर्ड के अधिकारी एके मित्तल ने पिछले दिनों उत्तर प्रदेश में कई दौरे किए और डीआरएम से लेकर जीएम स्तर के अधिकारियों के साथ वार्ता भी की। उनके दौरे में विकास कार्यो की समीक्षा ज्यादातर होती रही। माना जाता रहा है कि वह एक सख्त अधिकारी रहे लेकिन रेल हादसों की जांच में उनके ढीलेपन की बात सामने आती रही है।
हाल ही में उत्कल एक्सप्रेस रेल हादसे के बाद पहली बार कोई बड़ी कार्रवाई की गयी जब आरके वर्मा (सीनियर डिवीजनल इंजीनियर, दिल्ली डिवीजन), रोहित कुमार (असिस्टेंट इंजीनियर, मेरठ, दिल्ली डिवीजन), इंदरजीत सिंह (सीनियर सेक्शन इंजीनियर, मुजफ्फरनगर) और प्रदीप कुमार (जूनियर इंजीनियर, खतौली) को निलम्बित कर दिया गया। 

गुलजार की फिल्म लिबास 29 साल बाद होगी रिलीज

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मशहूर फिल्मकार और लेखक गुलजार के 83वें जन्मदिन के मौके पर जी स्टूडियो ने उनकी 29 साल पुरानी फिल्म ‘लिबास’ को रिलीज करने की घोषणा कर दी है, इस फिल्म में नसीरुद्दीन शाह और शबाना आजमी मुख्य भूमिका में हैं।

ये फिल्म 1988 में बनी थी, लेकिन कुछ कारणों से कभी थिएटरों मे रिलीज नहीं हो सकी। फिल्म में स्व. राहुलदेव बर्मन का संगीत है, जबकि गीत खुद गुलजार ने लिखे हैं और फिल्म का संगीत खासा लोकप्रिय रहा है। फिल्म में नसीरुद्दीन शाह और शबाना आजमी की प्रमुख भूमिकाओं के अलावा राज बब्बर, सुषमा सेठ, स्व. उत्पल दत्त, अनु कपूर और सविता बजाज की भी अहम भूमिकाएं हैं।

जाने माने फिल्म पत्रकार और ट्रेड विश्लेषक स्व. विकास मोहन ने इस फिल्म का निर्माण किया था। विकास मोहन के बेटे अमूल मोहन ने जी स्टूडियो का आभार व्यक्त किया है कि उनके पिता का सबसे बड़ा सपना अब साकार होने जा रहा है। जी स्टूडियो की ओर से कहा गया है कि फिल्म को इसी साल रिलीज किया जाएगा, लेकिन इसके लिए अभी कोई रिलीज डेट तय नहीं की गई है। 

बाहुबली प्रभास की फिल्म साहो में विलेन होंगे जैकी

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हाल ही में रामगोपाल वर्मा की फिल्म सरकार 3 के बाद जैकी श्राफ एक और बड़ी फिल्म में बतौर विलेन का रोल करने जा रहे हैं। बाहुबली की महासफलता के नायक रहे प्रबास की तीन भाषाओं में बनने जा रही फिल्म ‘साहो’ में मेन विलेन के लिए जैकी श्राफ का नाम तय हुआ है। इस फिल्म में प्रबास की हीरोइन के तौर पर श्रद्धा कपूर का नाम सामने आया है। ऐसा हुआ तो श्रद्धा को पहली बार साउथ की किसी फिल्म में काम करने का मौका मिलेगा।

जैकी श्राफ के लिए भी ये बड़ा मौका माना जा रहा है। इस फिल्म की टीम मे चंकी पांडे और नील नितिन मुकेश को भी कास्ट किया गया है। नील नितिन मुकेश ने हाल ही में रिलीज हुई मधुर भंडारकर की फिल्म इंदु सरकार में कथित तौर पर संजय गांधी का रोल किया था। साहो को तीन भाषाओं हिंदी तमिल और तेलुगू को एक साथ बनाया जा रहा है।

फिल्म में प्रबास की हीरोइन के तौर पर काफी वक्त तक अनुष्का शेट्टी की चर्चा थीं जिनको निजी तौर पर भी प्रबास के काफी करीब माना जा रहा है, लेकिन दूसरी फिल्मों मे व्यस्त होने के कारण वे इस फिल्म के लिए तारीखें नहीं दे पाईं। इस फिल्म की शूटिंग नवंबर से शुरू होगी और अगले साल दिसंबर में इसे रिलीज किया जाएगा। 

सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने पर होगा जुर्माना

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सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने वालों पर सख्ती के साथ जिलाधिकारी चमोली ने हिदायत देते हुए सभी कार्यालयों, सार्वजनिक स्थानों पर वैधानिक चेतावनी के बोर्ड लगाये जाने के आदेश दिए है। पकड़े जाने पर जुर्माना होगा।

जिलाधिकारी आशीष जोशी ने सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद प्रतिषेध अधिनियम के तहत जिला स्तरीय स्टीयरिंग कमेटी/टास्कफोर्स की बैठक लेते हुए समिति के सदस्यों को महत्वपूर्ण एवं सार्वजनिक स्थलों तथा सभी कार्यालयों में एक सप्ताह के भीतर वैधानिक चेतावनी के लिए नोटिस बोर्ड लगाने के निर्देश नोडल अधिकारी सीएमओ को दिये है।
उन्होंने कहा कि सिगरेट व अन्य तंबाकू बेचने वाली दुकाने शैक्षिक संस्थानों के 100 मीटर दायरे में न हो यह सुनिश्चित किया जाए। कहा कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को तंबाकू बेचने या उसके द्वारा तंबाकू उत्पादों को बेचे जाने पर अधिनियम के तहत जुर्माना वसूला जाए। उन्होंने टास्कफोर्स टीम के सदस्यों को नियमित छापेमारी करते हुए सार्वजनिक स्थलों पर तंबाकू सेवन करने वालों पर जुर्माना लगाने को कहा।
बैठक का संचालन करते हुए कार्यक्रम के समन्वय दीपक खंडूरी ने बताया कि तंबाकू में निकोटिन, कोलतार, आर्सेनिक एवं कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी गैस समाहित होती है। तम्बाकू का विषैला प्रभाव मनुष्य के रक्त को बुरी तरह दूषित कर देता है।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ भांगीरथी जंगपांगी, एसीएमओ डॉ मंयक बडोला, समाज कल्याण अधिकारी सुरेंद्र लाल, डीपीआरओ बीएस दुग्ताल सहित बाल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

तो ऐसे आया चीन का सोना भारत में

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डॉयरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलीजेंस (डीआरआई) को हल्द्वानी में बड़ी सफलता मिली है। टीम ने काठगोदाम से एक युवक व युवती को पकड़ कर उनके पास से 12 किलो सोना बरामद किया। सोने की कीमत करीब चार करोड़ रुपये आंकी गई है। इसे चीन से तस्करी कर भारत लाया गया था।

चीन से सोने की तस्करी की शिकायतें मिलने के बाद डीआरआई टीम ने जाल बिछाया था। टीम ने काठगोदाम के पास एक कार में सवार युवक और युवती से पूछताछ की। कार की तलाशी में करीब 12 किलो सोना बरामद हुआ। सोमवार को दोनों से पूछताछ की गई।पता चला कि दोनों पिथौरागढ़ जिले के धारचूला के रहने वाले हैं। वे चीन से सोना लाकर यहां बेचते हैं। शाम को दोनों को नैनीताल सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया। काफी पूछने के बाद भी टीम ने कुछ नहीं बताया। यहां तक कि पकड़े गए लोगों के नाम भी नहीं बताए।

जीएसटी आयुक्तालय के हल्द्वानी संभाग के सहायक आयुक्त हर्ष पांडे ने बताया कि छापेमारी कर दो लोगों को सोने के साथ पकड़ा गया है। पूछताछ की जा रही है। कार्रवाई पूरी होने के बाद डीआरआइ की टीम विस्तार से जानकारी देगी। हमारा विभाग टीम को सहयोग कर रहा है। प्रवर्तन निदेशालय की केंद्रीय जीएसटी टीम द्वारा 12 किलो सोने के साथ पकड़े गए दोनों आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। कल हल्द्वानी क्षेत्र में दोनों को पकड़ा गया था। आरोपी युवक 23 वर्षीय नरेश रायपा पुत्र काशी सिंह  निवासी बूंदी धारचूला व महिला 45 वर्षीय लाबजोंग वांगमो निवासी मोतीनांग चिम्पू भूटान है। आज पूर्वाह्न 11 बजे उन्हें सीजेएम नंदन सिंह राणा की कोर्ट में पेश किया गया। जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के निर्देश दिए।

टीएचडीसी एवं आईआईएम के बीच हुआ समझौता

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टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, काशीपुर के मध्य अधिकारियों में प्रबंधन कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक समझौता काशीपुर में हुआ। एच वाधवा, अपर महाप्रबंधक तथा डॉ. गौतम सिन्हा, निदेशक, आईआईएम, काशीपुर ने एस के बिस्वासए निदेशक की उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के बाद टीएचडीसी के अधिकारी और कर्मचारी आईआईएम से मैनेजमेंट को लेकर की गुर सीखेंगे।

इस अवसर पर डॉ. राकेश उनियाल तथा डॉ. बधानी भी उपस्थिति रहे। टिहरी व कोटेश्वर जल विद्युत परियोजनाओं तथा गुजरात के पाटन व द्वारिका में पवन ऊर्जा परियोजनाओं की कमीशनिंग के उपरांत टीएचडीसी की कुल संस्थापित क्षमता 1513 मेगावाट हो गयी है। 

छात्र संघ चुनावों ने बदली दून की तस्वीर,पोस्टर,बैनर और स्टीकर से लैस हुआ शहर

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राजधानी देहरादून के विश्वविद्धालयों और कालेजों में चुनावी सीजन आते ही कालेज से लिए आसपास की सभी दीवारें पोस्टरों से रंग दी जाती है।चुनाव से और कुछ हो ना हों कालेजों की दीवार और लोगो के घर जरुर गंदे हो जाते हैं।हर साल की तरङ एक बार फिर दून के सभी कालेजों में चुनाव होने वाले हैं।बस फिर सबने कमर कस ली हैं चुनाव में जीते या हारे शहर को गंदा करने में सब जीतना चाहते हैं।

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पोस्टर,पैम्प्लेट,स्टीकर और बैनर जिनपर उम्मीदवारों के नाम और फोटों लगे हैं उसे काॅलेज से लेकर सड़को तक बिछा दिया गया है।एमकेपी कॉलेज में छात्रों के संघ चुनाव 19 अगस्त को आयोजित किया गया था, जबकि 23 अगस्त, 26 और 31 अगस्त को एसजीआरआर, डीबीएस और डीएवी कॉलेजों में चुनाव होने हैं। अब तक सिर्फ एक छात्र उम्मीदवार को  अपराध के लिए बुक किया गया है। गौरतलब हैं कि देहरादून पुलिस ने 16 अगस्त को करनपुर पुलिस चौकी की दीवारों पर पर्चे चिपकाने के लिए डीएवी कॉलेज के एबीवीपी उम्मीदवारों में से एक सचिन नैथानी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।डालनवाला स्टेशन के हाउस आॅफिसर यशपाल बिष्ट ने कहा कि सचिन पर उत्तरांचल प्रिवेंशन ऑफ डिफेटमेंटमेंट ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, 2003 के तहत मुकदमा किया गया था।डीएवी और डीबीएस काॅलेज दोनों ही डालनवाला पुलिस स्टेशन के अंदर आते हैं।

बिष्ट ने कहा कि हमने विभिन्न सरकारी विभागों (जिनकी इमारतों को गंदा कर दिया गया है) से अपील की है,कि छात्र नेताओं के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई जा सकें।” अधिनियम में 10,000 रुपये का जुर्माना या एक वर्ष तक के लिए जेल का प्रावधान है, या दोनों, अगर किसी व्यक्ति को यह काम करते हुए पाया गया।

किसी भी तरह के प्रिंटेड मैटेरियल का उपयोग लिंगदोह समिति द्वारामना कर दिया गया है।इस समिति ने महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में छात्रों के संघ चुनाव के नियम निर्धारित किए है। यह केवल चुनाव में इस्तेमाल होने वाली चीजों में हाथ से बनाए हुए पोस्टर का उपयोग करने की अनुमति देता है।यह समिति कॉलेज परिसरों के बाहर किसी भी रूप में चुनाव अभियान की किसी भी चीज के प्रचार या वितरण को प्रतिबंधित करती है।

लेकिन कॉलेज के अधिकारियों ने इस मामले से अपना पल्ला झांड़ लिया है। “हमने छात्रों को निर्देश दिया है कि वे कॉलेज के बाहर पोस्टर ना लगाएं ना ही बांटें क्योंकि यह ऐसा करना अच्छा संदेश नहीं देता है। डीएवी कॉलेज के प्रिंसिपल देवेंद्र कुमार भसीन ने कहा, “कॉलेज परिसर के बाहर किसी भी प्रकार के विकृति का काम हमारे दायरे में नहीं आता है, इसलिए हम कोई कार्रवाई नहीं कर सकते।”

देहरादून के जिला मजिस्ट्रेट एसए मुरुगेसन ने कहा कि वह देहरादून नगर निगम के उन लोगों सहित अधिकारियों को निर्देशित करेंगे कि जगह-जगह लगे पोस्टर्स को सार्वजनिक संपत्तियों से हटा दिया जाए। उन्होंने कहा, “मैं सरकारी विभागों या एजेंसियों से उन छात्रों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करने के लिए भी कहूंगा, जिन्होंने सार्वजनिक संपत्तियों को गंदा किया है।

 

धौली गंगा पर तमक के पास बन रही झील, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

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चमोली जिले के नीती घाटी के सुराईथोटा से आगे तमक नामक स्थान पर धौली गंगा में तमक नाले से आये मलवे के कारण झील बन रही है। यदि मौसम ने साथ नहीं दिया और बारिश जारी रही तो यह झील खतरे का सबब भी बन सकती है।
बीते रविवार की सुबह तमक नाले में बादल फटने से क्षेत्र में भारी नुकसान हो गया था और भारत चीन सीमा को जाने वाला हाईवे भी अवरुद्ध हो गया था। जिसे सेना व बीआरओ द्वारा सोमवार की देर सांय को खोल दिया गया था। वहीं तमक नाले में आये भारी बोल्डर व मलवे ने धौली गंगा के प्रवाह को रोक दिया है जिससे वहां अब एक झील आकार लेने लगी है। यदि मौसम की बेरुखी यूं ही चलती रही और वर्षा रूकी नहीं तो यह झील खतरे का सबब भी बन सकती है। वर्षा से यदि झील में रिसाव होना शुरू हुआ तो तमक से लेकर सुराईथोटा तक नुकसान हो सकता है।

बेटी की हुई जीत, तीन तलाक पर जंग में जीती बेटी : शायरा बानो के पिता

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तीन तलाक पर एक महिला की जंग को आखिर मुकाम मिल ही गया। मुस्लिम धर्मगुरुओं से लेकर मुस्लिम न्याय व्यवस्था को चुनोती देते हुए काशीपुर की रहने वाली शायरा बानों ने हिम्मत नहीं हारी और डट कर मुकाबला किया। महिलाओं के अधिकारों के लिए शायरा की मेहनत रंग लाई और लम्बी जद्दोदहद के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी माना की तीन तलाक असंवैधाानिक है। यही नहीं छ महीने में केन्द्र सरकार के इसके लिये कानून बनाने के लिये भी रहा।

 इस फैसले पर शायरा बानों का परिवार अपनी बेटी की हिम्मत की दाद देते हैं। उनका कहना है कि ये उनकी बेटी की जिन्दगी का सवाल नहीं है बल्कि मुस्लिम समाज में जन्म लेने वाली हर बेटी के अधिकार का मामला है जिसके लिए उनकी बेटी ने ये जंग शुरु की थी। शायरा बानों के पिता ने बताया कि उन्होने अपनी बेटी का हर कठीन परिस्थिति मे साथ दिया। मामला क्योंकि धर्म से जुड़ा था इसलिये उसके रास्ते में मुश्किलें बहुत आई मगर बेटी ने हिम्मत नहीं हारी। सुप्रीम कोर्ट के तीन तलाक पर निर्णय के बाद याचिकाकर्ता शायरा बानो के पिता के चेहरे पर खुशी झलक रही है। उन्होंने अपनी बेटी के साथ हुए अत्याचारों को आज मिले इस न्याय पर खुशी जाहिर की।  उनका कहना है कि ये ना केवल उनकी बेटी को मिला न्याय है बल्कि आने वाली मुस्लिम बेटियों को आज से इस दर्द से रू-ब-रु नहीं होना होगा ।

अपनी बेटी पर तीन तलाक की मार को याद करते हुए उन्होने कहा कि वो तलाक के उस पत्र को  कभी नहीं भूल सकते जो उनके घर में मातम लेक़र आया था । इसके बाद केस अलाहाबाद और फिर दिल्ली की सुप्रीम कोर्ट में चला। सुप्रीम कोर्ट ने शायरा बानो से कहा था कि अगर वो बच्चों से मिलना चाहती हैं तो परिवार न्यायालय काशीपुर में पत्र देकर अनुमति लें। आज न्यायालय ने शायरा बानो की जनहित याचिका को सुनते हुए ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है जिससे शायरा बानो के परिजन भी खुश हैं ।

ट्रिपल तलाक : भाजपा,कांग्रेस से लेकर रामदेव ने एक सुर में कहा महिलाओं की जीत

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सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को बेंच के बहुमत से ट्रिपल तलाक पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए इसे असंवैधानिक ठहराया है। साथ इस पर 6 महीने की रोक लगाते हुए जल्द से जल्द कानून बनाने के निर्देश दिया हैं। हालांकि खास बात ये हैं कि इस मामले पर भाजपा और कांग्रेस ने एक सुर में इसे महिलाओं की जीत करार दिया है।
सत्तारूढ़ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा, ‘तीन तलाक पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय, मुस्लिम महिलाओं के लिए स्वाभिमान पूर्ण एवं समानता के एक नए युग की शुरुआत।‘
केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कहा, ‘ये बहुत अच्छा निर्णय है और लैंगिक न्याय और लैंगिक समानता की ओर एक और कदम है। वहीं कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि ये महिलाओं की जीत है।‘
राज्यसभा सांसद आर.के.सिन्हा ने सर्वोच्च न्यायालय की बेंच के बहुमत से ट्रिपल तलाक को असंवैधानिक ठहराने के फैसले का स्वागत करते हुए केंद्र सरकार को विशेष सत्र बुलाकर इस पर कानून बनाने की मांग की है। राज्यसभा सांसद आर.के.सिन्हा ने कहा, ‘किसी भी देश में एक ही संविधान, एक ही नियम, एक ही प्रधान होता है। भारत में दो संविधान स्वीकार्य नहीं हैं। किसी भी मुस्लिम देश में दो तरह के कानून नहीं हैं| आज का सर्वोच्च न्यायालय का फैसला ऐतिहासिक है। इससे नौ करोड़ मुस्लिम महिलाओं पर जघन्य अत्याचार रुकेगा।‘
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के नेता इंद्रेश कुमार ने न्यायालय के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह सामाजिक मामला है। विवाह के प्रकार सामाजिक परम्परा होते हैं धार्मिक नहीं। इस्लाम महिलाओं पर अत्याचार की इजाजत नहीं देता। इंद्रेश कुमार ने कहा कि मैं पूछना चाहता हूं कि क्या कट्टरपंथी मौलाना और कांग्रेस इसका (ट्रिपल तलाक) का विरोध करेंगे।‘
विपक्ष की ओर से कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि जो हमने पहले उम्मीद की थी वो अब हुआ है| एक अच्छा फैसला आया है। उन्होंने कहा कि ये फैसला सच्चाई, वास्तविकता और सही इस्लाम को उजागर करता है।
दूसरी ओर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मुस्लिम पतियों को न्यायालय का फैसला मानने की अपील की है। बोर्ड ने सर्वोच्च न्यायालय की बेंच के बहुमत से ट्रिपल तलाक को असंवैधानिक ठहराने के फैसले का स्वागत किया है। बोर्ड ने कहा, ‘मुस्लिम पतियों से अपील है कि न्यायालय का फैसला मानें।‘
लेकिन यह महज संयोग नहीं था, जब ट्रिपल तलाक के मामले में कानूनी दखल दिए जाने की विरोध कर रही ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से अधिवक्ता और यूपीए में कानून मंत्री रहे कपिल सिब्बल ने इसका बचाव किया।
सिब्बल ने ट्रिपल तलाक को आस्था का मामला बताते हुए इसकी तुलना अयोध्या में राम के जन्म से कर डाली। सिब्बल ने कहा, ‘केंद्र सरकार आखिर क्यों मुसलमानों की 1,400 साल पुरानी आस्था पर आधारित ट्रिपल तलाक की संवैधानिकता पर संदेह कर रही है। अगर राम का अयोध्या में जन्म होना, आस्था का विषय हो सकता है तो तीन तलाक का मुद्दा क्यों नहीं।’
सिब्बल ने कहा कि समाज में बहुत कुछ प्रथा की आड़ में किया जा रहा है। अदालत यहां यह तय करने के लिए नहीं बैठी है कि दुनिया में क्या पाप है, बल्कि हम कानून के शासन की बात कर रहे हैं। सिब्बल ने हालांकि एक वकील की हैसियत से इस मामले में अपने क्लाइंट का पक्ष रखा था लेकिन कांग्रेस को इस बेहद संवेदनशील मसले पर सिब्बल की दलील पसंद नहीं आई।
विपक्ष पहले की ही तरह कुछ निश्चित कारणों से इस मुद्दे को छूना नहीं चाहता था। लेकिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मुद्दे को चुनावी एजेंडा बनाया, तब मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के सीताराम येचुरी ने कहा, ‘लोग यूपी चुनाव के बाद प्रधानमंत्री मोदी को ट्रिपल तलाक दे देंगे।’

तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला है, जिससे मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से छुटकारा मिलेगा और तीन हक सम्मान, समानता और समाज में शिक्षा एवं स्वतंत्रता के लिए उनकी यात्रा शुरू होगी। उन्होंने कहा कि सत्यमेव जयते। उन्होंने कहा कि उम्मीद इसके बाद नए भारत के निर्माण में नई भूमिका के साथ वह भी अहम रोल अदा कर सकेंगी।

शायरा बानो ने सुप्रीम कोर्ट में ट्रिपल तलाक, बहुविवाह और निकाह हलाला के मुद्दे को चुनौती दी थी लेकिन कोर्ट ने समय की कमी के कारण केवल ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर सुनवाई की।
कोर्ट ने हालांकि यह जरूर कहा कि भविष्य में वह बहुविवाह और हलाला के मुद्दे पर सुनवाई करेगी। वहीं केंद्र ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि अगर वह ट्रिपल तलाक के सभी तरीकों को निरस्तर कर देती है तो मुस्लिम समाज में शादी और तलाक के लिए वह कानून बनाएगी।
इससे पहले भी अदालतें पर्सनल लॉ को लेकर सवाल उठाती रही है। 1951 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने नारसू अप्पा माली बनाम बॉम्बे मामले में कहा था कि पर्सनल लॉ संविधान के अनुच्छेद 13 के तहत कानून नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ के इस फैसले ने यह साफ कर दिया है कि पर्सनल लॉ, कानून के ऊपर नहीं है और इसे अनुच्छेद 13 के तहत लाया जा सकता है जो अप्रासंगिक और बुनियादी अधिकारों के खिलाफ जाने वाले सर्वोच्च न्यायालय को समीक्षा का अधिकार देता है।
ऐसे में ट्रिपल तलाक पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले ने न केवल इन दोनों मुद्दों पर अदालती हस्तक्षेप की संभावनाओं को पुख्ता किया है बल्कि राजनीतिक मायनों में इसने यूनिफॉर्म सिविल कोड की दिशा में आगे बढ़ने की जमीन तैयार कर दी है।