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युवती का अपहरण करने वाला गिरफ्तार

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गांव रावली महदूद से अपहृत युवती को सिडकुल थाना पुलिस ने बरामद कर लिया और आरोपी युवक को भी गिरफ्तार कर लिया है। युवती को पुलिस ने उसके परिजनों को सौंप दिया।

थाना सिडकुल क्षेत्र के गांव रावली महदूद से एक माह पहले युवती लापता हो गई थी। परिजनों ने कॉलोनी में रहने वाले परमेंद्र पर युवती के अपहरण का आरोप लगाया था। परिजनों ने तलाश करने के बाद परमेंद्र के विरुद्ध अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया था। सिडकुल पुलिस व परिजन उसी दिन से अपहृत युवती की तलाश कर रहे थे। गुरुवार को सिडकुल पुलिस को सूचना मिली कि परमेंद्र युवती समेत बिजनौर में रह रहा है। आरोप था कि परमेंद्र ने उसे बंधक बनाया हुआ है। इस सूचना पर पुलिस गुरुवार को बिजनौर पहुंची और एक मकान से परमेन्द्र व युवती को बरामद कर लिया। दोनों को हरिद्वार लाया गया।

युवक का शुक्रवार को चालान कर दिया गया। एसओ सिडकुल कमल मोहन भंडारी ने बताया कि युवती को को उसके परिजनों को सौंप दिया।

चकमा देकर ठगे 50 हजार

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रुद्रपुर से पीलीभीत अपने घर जा रहे एक चालक को ठग ने चकमा देकर 50 हजार रुपये ठग लिए, पीड़ित ने जब मामले की सूचना कोतवाली पुलिस को दी तो पुलिस ने बताए गए हुलिए के आधार पर एक संदिग्ध को दबोच लिया। वहीं पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है।

पीलीभीत के काजरपुरी गांव निवासी प्रेमबाबू पुत्र तोता राम रुद्रपुर के ट्रांजिट कैंप में रहकर सिडकुल में मशीन चलाता है। गुरुवार की सुबह वह पीलीभीत जाने के लिए किच्छा के आदित्य चौक पहुंचा, यहां एक व्यक्ति उसे खुद को सरकारी गाड़ी का चालक बताकर उसे जल्द घर छोड़ने को कहने लगा। वह साथ जाने को तैयार हो गया, जाने से पहले उसने प्रेम से अपने पास अधिक नगदी हो तो उसे रास्ते में नगदी की जांच का भय दिखा एक लिफाफे डालने को कहा, प्रेम ने उसके दिए लिफाफे में अपने पास मौजूद 50 हजार की नगदी लिफाफे में रख दी, वाहन चालक ने लिफाफे में टेप लगाने के बहाने लिफाफा पल भर में बदल उसे मौके पर गाड़ी लाने को कह नौ दो ग्यारह हो गया। प्रेम ने काफी देर इंतजार किया पर चालक नहीं आया तो उसने लिफाफा खोला तो उसमें से पैसे के बजाय कागज के टुकड़े थे।

अपने को ठगी का शिकार हुआ मान वह कोतवाली पहुंचा,एसएसआई लाखन ¨सह को आप बीती बतायी, पुलिस ने तत्काल आदित्य चौक पर तलाशी अभियान चलाया, आधे घंटे में ठगी करने वाले हूबहू मिलता व्यक्ति पुलिस के हत्थे चढ़ गया। एसएसआई के अनुसार प्रेम ने उसे पहचान लिया है, उसके पास फिलहाल पैसे बरामद नहीं हुए है, संभावना है कि उसने मौका लगते ही पैसे अपने किसी साथी को थमा दिए है। पुलिस उससे पूछताछ कर उसके साथियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।

तिरंगे के अपमान पर लोगों में उबाल

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चीन से मंगाए गए जूतों के डिब्बे का रंग तिरंगा होने के मामले में शहर में जमकर हंगामा हुआ। विश्व हिंदु परिषद ने इसके विरोध में प्रदर्शन किया और चीन का पुतला फूंका।

शुक्रवार को विश्व हिंदु परिषद ने जूते के डिब्बों को तिरंगा रूप देने के विरोध में जमकर हंगामा किया। कई कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और जमकर नारेबाजी करते शिखर तिराहे पर पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने चीन का पुतला फूंका। उन्होंने लोगों से अपील किया कि राष्ट्रध्वज का अपमान करने वाले चीन के उत्पादों का बहिष्कार करें। उन्होंने कहा कि यह चीन की भारत विरोधी साजिश का हिस्सा है। इसका जवाब लोगों को एकजुट होकर देना होगा। चीन के किसी भी उत्पाद की खरीद से लोग बचें। गौरतलब है कि गुरुवार को अल्मोड़ा के एक जूता सेलर ने रुद्रपुर से जूते मंगाए थे। जूते का ऑर्डर उनके पहुंचा तो वे हैरान रह गए कि जूतों के डिब्बे तिरंगे थे।

मनरेगा में सामने आया एक लाख का घोटाला

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मनरेगा में एक लाख रुपये का घोटाला सामने आया है। सुरक्षा दीवार और भूमि विकास के नाम पर आपदा मद में मिली रकम का भुगतान पात्रों को करने के बजाय कुशल और अकुशल श्रमिकों के खाते में जमा कर दिया गया। इसमें से 9,450 रुपये की राशि प्रधान व उनके पति के खातों में भी पहुंची। करीब डेढ वर्ष से भुगतान के लिए भटक रहे पात्र श्रमिक ने विकास खंड के अधिकारियों पर दबाव बनाया तो यह फर्जीवाडा सामने आया। बीडीओ ने मामले को गंभीर बताते हुए जांच ग्राम विकास अधिकारी को सौंप रिपोर्ट मांगी है।

जुलाई 2016 में स्याल्दे ब्लॉक के तल्ला भाकुडा निवासी श्यामलाल के घर की सुरक्षा दीवार बरसात में ध्वस्त हो गई थी। आपदा मद से दीवार निर्माण व भूमि विकास के लिए एक लाख रुपये स्वीकृत हुए। अगस्त से सितंबर के बीच निर्माण कार्य पूरा किया गया। लेकिन, श्यामलाल के खाते में ब्लॉक कार्यालय से रकम जमा नहीं कराई। ग्रामीण ने विकासखंड मुख्यालय के कई चक्कर काटे पर धनराशि न मिलने का हवाला दे उसे टहलाया जाता रहा। आरोप है कि प्रधान अंजु देवी व उनके पति घनश्याम सिंह बंगारी भी बजट न मिलने की बात कह कर गुमराह करते रहे। काफी वक्त बीतने के बाद 21 अगस्त को श्यामलाल मनरेगा भुगतान के लिए फिर विकासखंड कार्यालय पहुंचा। दबाव बनाने पर अधिकारियों ने बताया कि 94418 रुपये का भुगतान पहले ही हो चुका है।
यह भी खुलासा हुआ कि बीते वर्ष नौ अगस्त से इस वर्ष विगत अप्रैल तक कुशल व अकुशल श्रमिकों के खातों में नियम विरुद्ध यह रकम जमा कराई गई। यह भी पता लगा कि प्रधान व उसके पति के खातों में अवैधानिक तरीके से 9450 रुपये जमा कर दिए गए। जबकि, मनरेगा में आपदा मद से मिली पूरी धनराशि श्यमलाल के खाते में जमा की जानी चाहिए थी। घोटाला सामने आने पर बीडीओ पुरुषोत्तम शर्मा ने जांच बैठा दी है। उन्होंने वीडीओ से गलत खातों में धनराशि जमा क्यों और कैसे की गई, विस्तृत जांच रिपोर्ट देने को कहा है।

तीन और मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि, अब तक 16 की मौत

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राजधानी में तीन मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। दो मरीज हिमालयन अस्पताल में भर्ती है, जबकि एक का दून अस्पताल में उपचार चल रहा है। तीनों की ही हालत गंभीर बताई जा रही है। इसके अलावा पांच मरीजों की रिपोर्ट एनसीडीसी दिल्ली को भेजा गया है।

राजधानी में स्वाइन फ्लू अब बैकाबू होता जा रहा है। इस घातक बीमारी के चलते अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 96 लोगों में पुष्टि हो चुकी है। शुक्रवार को आई रिपोर्ट में एक महिला सहारनपुर की है। उसका उपचार हिमालयन अस्पतालरांट में चल रहा है। एक अन्य महिला का उपचार भी हिमलायन अस्पताल में चल रहा है, वह धर्मपुर की है। जबकि दून अस्पताल में भर्ती महिला राजीव नगर की रहने वाली है। सीएमओ डॉ. टीसी पंत ने बताया, अब तक 96 लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है। लोगों को एहतियात बरतनी चाहिए। दून अस्पताल समेत सभी प्राइवेट अस्पतालों को निर्देशित किया गया है कि वो ऐसे मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाएं। 

चाय बागानों पर पलायन का संकट

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सार्वजनिक मंचों से अपने को चाय बेचने वाला और शून्य से शिखर तक पहुंचने की कहानी गर्व से सुनाते हैं, लेकिन इसके उत्पादन से जुड़े मजदूरों के लिए यह गर्व की बात नहीं है। बागान में काम करने वाले कर्मचारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। चाय बागान के श्रमिकों को कई माह से वेतन नहीं मिल रहा है। जिससे वे पलायन को मजबूर हैं।

उत्तराखंड टी बोर्ड कौसानी में बीते पांच महीने से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला है। जिससे उनकी परेशानी बढ़ गई है। रोजी रोटी के लिए परेशान ये श्रमिक यहां से कहीं और जाने की सोच रहे हैं। इससे पहले भी चाय फैक्ट्री बंद होने से करीब 25 परिवारों ने यहां से पलायन किया था। चाय बागानों की देखरेख में लगे ये परिवार विभाग की लापरवाही से कई माह से वेतन नहीं पा सके हैं। श्रमिकों का कहना है कि जब रोटी के लिए भी सोचना पड़ रहा है।

चाय बागान में काम करने वाले श्रमिक नंदन का कहना है कि, “टी बोर्ड के अधिकारी श्रमिकों के प्रति अमानवीय व्यवहार कर रहे हैं। बीते कई महीनों से सिर्फ काम करवाया जा रहा है। लेकिन वेतन के नाम पर कुछ भी नहीं दिया जा रहा है।”

श्रमिक चतुर सिंह का कहना है कि, “पहले के मुकाबले चाय बागानों का स्थिति भी अब बदतर है। यदि यही हाल रहा तो धीरे धीरे चाय बागान नष्ट हो जाएंगे।” श्रमिकों का कहना है कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि बहुत लंबे चौड़े वादे करके जाते हैं। लेकिन बाद में सब भूल जाते हैं। चाय बागान और चाय के श्रमिकों को कोई याद नहीं रखता। बस कहने के लिए चाय वाला प्रधानमंत्री है।

राम रहीम विवाद के चलते रुकी रोडवेज की 26 बसें

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हल्द्वानी- हरियाणा में चल रहे राम रहीम विवाद के चलते गुरुवार को पंजाब, हरियाणा में हाई अलर्ट घोषित होने के बाद बसों व ट्रेनों का संचालन रद कर दिया गया है। जिसमें कुमाऊं की 26 बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इससे निगम को लाखों रुपये का नुकसान झेलना पड़ेगा तो साथ ही यात्रियों को भी काफी दिक्कत होगी।

काठगोदाम व टनकपुर रीजन से पंजाब-हरियाणा होते हुए जयपुर, पटियाला, लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, चंड़ीगढ़, शिमला, गुड़गांव आदि मार्गो पर करीब 26 बसें जाती है। इन बसों को दिल्ली व सहारनपुर में रोका गया है। बसों के आगे न जाने से यात्रियों को बीच में ही उतारना पड़ा। आरएम कुशी राम ने बताया कि चालक-परिचालकों को एहतियात बरतने करने के आदेश दिए गए हैं। जहां तक बसें जा सकती हैं वहीं तक भेजी जाएंगी। अगर बसें नहीं जाएंगी तो उन्हें वहीं से वापस बुला लिया जाएगा।

प्रेम प्रसंग के चलते की आत्महत्या

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रात को करीबन 1:30 बजे थाना राजपुर को सूचना मिली की जाखन में एक युवक, गंगाराम, पुत्र हेम राम, उम्र 22 वर्ष, जोधपुर निवासी जोकि पंजाब ग्रीन रेस्ट्रोरेन्ट में काम करता था, ने अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली हैं। इस सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक का शव कमरे में फंदे से लटका था तथा कमरे व अन्य जगह तलाशी ली गई तो प्रथमदृष्टया प्रेम प्रसंग का मामला प्रकाश में आया है।

गंगाराम के पास से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। मृतक व्यक्ति के साथ अन्य दो लड़के भी रहते थे, जो कि उसी रेस्टोरेंट में काम करते हैं। शाम की शिफ्ट के समय मृतक कमरे में ही रुक गया था व अपने अन्य साथियों को बताया कि मैं थोड़ी देर में आता हूं। रात को अन्य साथी काम करके वापस कमरे में आए तो देखा कि उनका साथी कमरे में फंदे से लटका हुआ है। जिसकी सूचना उनके द्वारा पुलिस को दी गयी।

मृतक के शव को मोर्चरी में रखा गया है तथा परिजनों को सूचना दी गई है। परिजनों के आने पर अग्रिम कार्यवाही की जायेगी।

एम्स होकर जाएंगी ऋषिकेश जाने वाली सभी बसे: सीएम

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देहरादून से ऋषिकेश के लिए जाने वाली और हरिद्वार से ऋषिकेश को आने वाली सभी रोडवेज बसें एम्स ऋषिकेश से होते हुए आवागमन करेंगे। साथ ही एम्स ऋषिकेश में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों के रहने के लिए 500 बेड की आवासीय व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपने विधानसभा क्षेत्र डोईवाला में आयोजित एक कार्यक्रम में यह घोषणा की।
शुक्रवार को डोईवाला में एक स्थानीय वेडिग प्वाइंट में आयोजित शहीद मेजर दुर्गामल्ल के 74वें बलिदान दिवस कार्यक्रम में कहा कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि डोईवाला-खता रोड अब शहीद मेजर दुर्गामल्ल के नाम से जाना जाएगा। साथ ही डोईवाला डिग्री कालेज में शहीद मेजर दुर्गामल्ल की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मंत्री अब अपने विभागों से जुड़ी जनसमस्याएं अपने कार्यालयों में ही सुनेंगे। इसके लिए एक दिन नियत किया जाएगा। साथ ही जनता को जनसुनवाई के लिए मंत्री के कार्यालयों में जाने के लिए किसी पास की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में ऋषिकेश में हुई घटना में मृतक बालिकाओं की माता को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दो लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। इस मौके पर उन्होंने राज्य के सभी डिग्री कालेजों के छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे प्रधानमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का आवेदन पत्र भरें और योजना का लाभ उठाए।
कार्यक्रम में शहीद मेजर दुर्गामल्ल को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद किसी जाति विशेष या समुदाय विशेष के नहीं होते, बल्कि उनका बलिदान और त्याग सम्पूर्ण समाज या देश के लिए होता है। यह मात्र गोर्खाली समुदाय का कार्यक्रम नही है, बल्कि हर देशभक्त का कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि हमारे राज्य से अनेक ऐसे वीर हैं, जिन्हें परमवीर चक्र, शौर्य चक्र जैसे तमाम सर्वोच्च पुरस्कार मिले। उन तमाम ज्ञात-अज्ञात वीरों को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस देश में वीरों की पूजा बन्द हो जाती है, वह देश समाप्त हो जाता है। यदि देश को जीवित तथा मजबूत रखना है तो हमें अपने वीरों को याद रखना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जैसे वीर केशरीचन्द का मेला नागथात में भव्यता के साथ लगता है, उसी प्रकार शहीद दुर्गामल्ल से सम्बन्धित उत्सव जोश और उत्साह के साथ मनाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए एक कमेटी का गठन किया जाए।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बताया कि गत दिवस नई दिल्ली में नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच पंचेश्वर बांध, शारदा बैराज तथा धारचूला जैसे विषयों पर चर्चा हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र ने हाल ही में कारगिल में शहीद हुए बंजारावाला निवासी लांस नायक जीत बहादुर थापा की पत्नी रानी थापा को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने नगर पालिका परिसर डोईवाला में शहीद मेजर दुर्गामल्ल की प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, शहीद मेजर दुर्गामल्ल के भतीजे राजेन्द्र मल्ल आदि मौजूद रहे।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बहाल होंगे 100 बार

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नगर निकाय क्षेत्रों में शराब की दुकानों और बार को राष्ट्रीय राजमार्ग के नियम से बाहर रखने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश से उत्तराखंड सरकार को बड़ी राहत मिली है। इसका सबसे बड़ा लाभ निकाय क्षेत्रों में बंद चल रहे बारों को मिलेगा और इससे राजस्व में भी इजाफा हो पाएगा।

नगर निकाय क्षेत्रों की बात करें तो आबकारी विभाग के प्रारंभिक आकलन के मुताबिक राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों पर करीब 100 बार बंद हो चुके हैं। दून में ही निकाय क्षेत्र में शास्त्रीनगर से लेकर हरिद्वार बाईपास रोड, आइएसबीटी व बल्लूपुर चौक के आसपास तक एक दर्जन से अधिक बार के खुलने की राह आसान हो गई है। इसी क्षेत्र में शराब की दुकानों के पांच स्थल भी बहाल हो जाएंगे।
अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह के मुताबिक बारों को निकाय क्षेत्रों में राष्ट्रीय राजमार्ग पर बंद किए गए बारों को बहाल करने का आदेश एक-दो दिन में जारी कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजमार्गों पर बंद की गई शराब की दुकानों को अन्यत्र शिफ्ट कर दिया गया है। हालांकि नए स्थान पर खुली दुकानों के संचालक चाहें तो आसपास के राजमार्गों पर अपनी दुकानें शिफ्ट कर सकते हैं।