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प्रेमी ने प्रेमिका को छेड़ रहे युवक की पिटाई की

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सिडकुल थाना क्षेत्र में प्रेमी के सामने प्रेमिका से छेड़छाड़ करना युवक को महंगा पड़ गया। प्रेमी ने युवक की पिटाई कर सिडकुल पुलिस के हवाले कर दिया, माफी मांगने के बाद पुलिस ने युवक को छोड़ दिया।

थाना सिडकुल क्षेत्र के गांव रावली महदूद के पास में शाम को छुट्टी के बाद महिला कर्मचारी प्रेमी के साथ पैदल लौट रही थी। जिसे फैक्ट्री से कुछ दूरी पर खड़े युवक ने छेड़ दिया। जिसका युवती ने विरोध किया, अश्लील टिप्पणी करने पर प्रेमी ने युवक को पकड़ लिया और पीट दिया।,इसकी सूचना सिडकुल पुलिस को दी गई। पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया।

एसओ कमल मोहन भंडारी ने बताया कि, “आरोपी बरेली उप्र हाल निवासी रावली महदूद का निवासी था, युवती से माफी मांगने पर चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।” चेतक पुलिसकर्मियों को छुट्टी के समय फैक्ट्री के आसपास गश्त करने के निर्देश दिए हैं। 

एसओजी ने मारा छापा, तीन गिरफ्तार

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रुड़की के ढंडेरा में एसओजी ने छापा मारकर सट्टा लगा रहे तीन लोगों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से सवा लाख की रकम बरामद हुई है। एक माह में पुलिस की यह तीसरी कार्रवाई है। शहर में कई जगह सट्टा लगाया जा रहा है। एसएसी की तरफ से सट्टा लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

शुक्रवार की देर रात एसएसपी कृष्ण कुमार वीके के निर्देश पर एसओजी की टीम ने ढंडेरा गांव में छापेमारी की। गांव की एक सुनसान गली में सट्टा लगा रहे तीन लोगों को पुलिस ने धर दबोचा। उनके कब्जे से एक लाख 25 हजार की रकम बरामद की। आरोपियों को शुक्रवार रात को ही सिविल लाइंस पुलिस को सौंप दिया गया।

निरीक्षक ऐश्वर्य पाल ने बताया कि आरोपी बॉबी अग्रवाल निवासी आदर्शनगर, अफरोज निवासी गुलाबनगर कोतवाली गंगनहर तथा अश्वनी निवासी मिलापनगर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

किसानों को उपज का उचित मूल्य दिलाना सुनिश्चित कराना होगा : राज्यपाल

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उत्तराखंड के राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कांत पाल ने कहा कि कृषि-शिक्षा, कृषि-अनुसंधान के साथ ही कृषि उत्पादों के भण्डारण व विपणन पर फोकस किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना सुनिश्चित कराना होगा।
राज्यपाल शनिवार को किसानों को खेती के प्रति और अधिक आत्मनिर्भर करने के लिए भारत सरकार द्वारा संचालित योजना न्यू इंडिया मंथन-सकंल्प से सिद्धि कार्यक्रम में लोगों को संबोधित कर रहे थे। किसान भवन लाडपुर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि मंत्री सुबोध उनियाल सहित प्रदेश के कई किसानों एवं वैज्ञानिकों तथा सम्बन्धित अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड में पलायन को रोकने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करना होगा। इसलिए उत्तराखंड के संदर्भ में कृषि, हाॅर्टीकल्चर, पशुपालन, मत्स्य पालन व कृषि से जुड़ी अन्य गतिविधियों का महत्व और भी बढ़ जाता है। किसानों के कल्याण के लिए भारत सरकार व राज्य सरकारों के साथ ही सभी संबंधित संस्थाओं को भी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी।
इस अवसर पर किसानों को सम्बोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों की आय को 2022 तक दोगुनी करने के लिए कई कार्ययोजना तैयार की गयी हैं। जिसके तहत न्यू इंडिया मंथन-सकंल्प सिद्धि कार्यक्रम आयोजित किया गया है। जिसके सफल क्रियान्वयन के लिए किसानों की स्मृद्धि एवं खुशहाली के लिए संकल्प लेना है कि हमें 2022 तक किसानों की आमदनी को दोगुना करना है। उन्होंने कहा कि देश की आत्मा गांव में बसती है जिसके लिए किसानों के नई तकनीक के ऐसे उत्पाद पैदा करें, जिससे की उनकी पैदावार ठीक ढंग से हो, इसके लिए उन्होंने सभी अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों को निर्देश दिए हैं कि हमें किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज समय से उपलब्ध कराना है तथा बेहतर खाद भी उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की विषम भौगोलिक परिस्थितयों को मद्देनजर रखते हुए उस तरह कार्ययोजना तैयार करें तथा पर्वतीय क्षेत्र से हो रहे पलायन को रोकना होगा। लोगों का कृषि से लगाव कम हो रहा है एवं मनरेगा से अपनी आजीविका चला रहे हैं जो कि एक चिंता का विषय है। इसके लिए पर्वतीय क्षेत्रों के निवासियों को खेती के प्रति जागरूक करने के लिए सभी वैज्ञानिकों को इस पर गम्भीरता से कार्य करना है। उन्होंंने कहा कि प्रदेश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार प्रयासरत है, जिसके लिए 1 लाख तक के ऋण पर 2 प्रतिशत् ब्याज पर मुहैया कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हम किसानों के हित के लिए आंशिक रूप से चकबंदी भी देने जा रहे हैं जिसके लिए नया कानून लाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि हम नर्सरी एक्ट को भी लागू करने जा रहे हैं जिसमें गलत पौध देने वाले के विरूद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी। इसमें अच्छे उत्पाद के पौधे ही उपलब्ध कराए जाएंगे जिससे उत्पाद अच्छे होने पर किसानों की आमदनी बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में जड़ी बूटी के क्षेत्र में अपार सम्भावना है जिसके लिए सरकार द्वारा अटल हर्बल मिशन योजना तैयार की गयी है। जिसकी शुरूआत जनपद टिहरी के घंसाली से की गयी है। उन्होंने कहा कि प्रगति में बाधा के रूप में भ्रष्टाचार मूल जड़ है। जिसे खत्म करने की सबकी जिम्मेदारी है। उन्होेंने कहा कि सभी को जागरूक होने की आवश्यकता है।
उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में भू-कटाव को रोकने के लिए लेमन ग्रास लगाने का भी सुझाव दिया है। इससे जंगली जानवरों/सुअरों से भी रक्षा होगी एवं लेमन घास उगाने से आमदनी बढ़ेगी तथा जंगली जानवर इसे नुकसान नही पंहुचाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा कृषि के क्षेत्र में 84 करोड़ का बजट प्राप्त हुआ है जिससे कि कृषि के क्षेत्र में रोजगार की कई योजनाएं संचालित की जाएंगी। 

ब्रह्मकमल लाने के लिए नंगे पांव भक्त ग्लेशियर रवाना

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मां नंदा भगवती की पूजा के लिए हीरामणि ग्लेशियर ब्रह्मकमल लेने के लिए तल्ला और मल्ला जोहार के ग्रामीण रवाना हो गए हैं। यात्रा के दौरान नंदा भक्त नंगे पांव उच्च हिमालय के पथरीले रास्तों पर चलेंगे। शनिवार को तल्ला और मल्ला जोहार के बिर्थी, झेकला, बला, सैंणराथी, सुरिंग, क्वीरीजिमिया, रांथी, मरतोली, बुरफू, टोला, पांछू, गनघर और मिलम के ग्रामीणों ने क्षेत्र में स्थित मां नंदा के मंदिर में विधि-विधान से पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने पंडित गोपाल दत्त द्विवेदी के नेतृत्व में एक दल गाजे-बाजे के साथ उच्च हिमालयी क्षेत्रों से ब्रह्मकमल लाने के लिए रवाना हुआ।

यह दल 28 अगस्त को ब्रह्मकमल लेकर वापस लौटेगा। यह दल थल टॉप के गुफाओं में रात्रि विश्राम करेगा। सोमवार को यह दल हीरामणि कुंड में स्नान करने के बाद देर रात वापस गांव पहुंचेगा जहां ब्रह्मकमल से मां नंदा की पूजा-अर्चना की जाएगी। तल्ला और मल्ला जोहार के लोगों की आराध्य देवी हैं मां नंदा मुनस्यारी। मुनस्यारी तहसील के तल्ला और मल्ला जोहार के लोगों की आराध्य हैं नंदा देवी।
वहीं, मान्यता के अनुसार हिमालय में रहने वाली नंदा देवी का प्रिय पुष्प ब्रह्मकमल है। इसी के तहत तल्ला और मल्ला जोहार के कई गांवों के लोग अति दुर्गम इस यात्रा में जाते हैं। प्रतिवर्ष अलग-अलग गांवों के लोग हीरामणि ग्लेशियर पहुंच कर नंदा कुंड में स्नान करने के बाद ब्रह्मा कमल खोजते हैं। वहां से लाए जाने वाले ब्रह्मा कमल को जमीन में नहीं रखा जाता है। भक्त इन्हें डंडों के सहारे कंधे पर उठा कर लाते हैं।
विश्राम करने के दौरान ब्रह्म कमलों को पेड़ों में रखते हैं। नंदा मंदिर में पहुंचने के बाद मां नंदा की मूर्ति को ब्रह्मा कमल से सजाया जाता है। ब्रह्मकमल 3500 से 4400 मीटर की ऊंचाई पर मिलता है।

विश्व पुस्तक मेला:महापुरुषों की पुस्तकों पर 20 फीसदी छूट

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‘पढ़ेगा उत्तराखण्ड और बढे़गा उत्तराखण्ड’ थीम को लेकर राजधानी स्थित परेड ग्राउण्ड में विश्व पुस्तक मेला का आयोजन 28 अगस्त से पांच सितम्बर के मध्य होगा। आम नागरिको में पढ़ाई-लिखाई की प्रवृत्ति को बढ़ाने एवं जागरुकता में वृद्धि के उद्देश्य से लगाए जाने वाले इस विश्व पुस्तक मेला के आयोजन को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने समीक्षा की।
इस संबंध में उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने शनिवार को प्रेस वार्ता भी की। उन्होंने बताया कि पुस्तक मेला का उद्घाटन राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कांत पाल एवं मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। एनबीटी के अधीन लगाई जाने वाले विश्व पुस्तक मेला में लगभग 200 प्रकाशकों के स्टाॅल लगने की आशा की गई है। 2019 तक पूर्ण साक्षरता का लक्ष्य हासिल करने में यह पुस्तक मेला सहयोगी होगा। नौ दिवसीय विश्व पुस्तक मेला में प्रतिदिन सुबह 11 बजे से सायं आठ बजे तक अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस दौरान विचार गोष्ठी, बौद्धिक परिचर्चा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विश्व विद्यालय, अन्र्तविद्यालय प्रतियोगिता के आयोजन में प्रख्यात साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं समाजसेवी को आमंत्रित किया गया है। आम नागरिकों को न्यूनतम 10 प्रतिशत की छूट पुस्तकों पर होगी। जो छात्र अपने पहचान पत्र के साथ आयेंगे, उन्हें 20 प्रतिशत की छूट मिलेगी। इसके अतिरिक्त महापुरुषों से संबंधित पुस्तकों पर 20 प्रतिशत की छूट होगी। पुस्तक मेला का उद्देश्य उत्तराखण्ड के छात्र-छात्राओं में पढ़ने की अभिरूचि को जगाना है तथा विश्व स्तरीय पुस्तकों की

बैंक शाखा सप्ताहभर खोलने की मांग

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भारतीय स्टेट बैंक की बसुकेदार शाखा को सप्ताह में एक दिन खोलने के बजाय नियमित खोले जाने की मांग ग्रामीणों ने की। बैंक में नियमित स्टाफ की तैनाती न होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।

ग्रामीणों का कहना है कि 2005 में भारतीय स्टेट बैंक ने बसुकेदार में अपनी शाखा खोली। 12 साल बीत जाने के बाद भी बैंक सप्ताह में एक ही दिन गुरुवार को खुलती है। गुरुवार को भी बैंक जाने पर लोगों को बैरंग ही लौटना पड़ता है। कभी कनेक्टीविटी तो कभी कैश की समस्या के कारण लोगों के बैंक के कार्य नहीं हो पाते हैं।
ऐसे में ग्रामीणों को छह किमी दूर चन्द्रापुरी स्थित बैंक जाना पड़ता है। तहसील मुख्यालय होने के साथ ही इस शाखा से लगभग दो दर्जन गांवो के लोग जुड़े हैं। पूर्व प्रधान मनवर सिंह नेगी, धीर सिंह भंडारी, भानू प्रकाश भट्ट, राजीव लोचन भट्ट, कैलाश भण्डारी, भगवती भट्ट आदि का कहना है कि इस सबंध में कई बार शिष्टमंडल मुख्य कार्यालय देहरादून में भी गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों ने कहा कि अब जल्द इसको लेकर आंदोलन किया जाएगा।

महिला अभ्यर्थी अब आठ साल में शोध कार्य कर सकती है पूरा

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गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार, में शोधरत महिला अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है कि अब महिलाएं पांच साल के अतिरिक्त अधिकतम आठ साल में शोध कार्य पूरा कर सकती हैं। विश्वविद्यालय ने महिला सशक्तिकरण अभियान के अन्तर्गत अन्य सभी विश्वविद्यालयों से पहले यह कदम उठाया है। पीएचडी में समयावधि बढ़ने के साथ ही महिलाएं शोध कार्य के क्षेत्र में बहुमुखी विकास भी कर सकती है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के शोध नियमावली 2016 को विश्वविद्यालय में पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। इस नियमावली में महिलाओं को बहुत सारी प्राथमिकताएं दी गयी हैं, जिनका सही रूप में महिलाएं लाभ उठा सकती हैं। बता दें कि विज्ञान के क्षेत्र में शोध कार्य करने में बहुत अधिक समय लगता है और पांच साल की अवधि कैसे गुजर जाते हैं इस बात का पता ही नहीं चलता है। विज्ञान क्षेत्र में पीएचडी करने में डाटा संकलन और नये-नये सांख्यिकीय वियलेषणों से शोधार्थी का गुजरना पड़ता है।

विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. सुरेन्द्र कुमार ने कहा कि, “महिला शोधार्थिनी के लिए यह बात खुशी की है। मोदी सरकार का महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र यह नया प्रयोग है। महिला सशक्तिकरण को विश्वविद्यालय में पूरी तरह से लागू कर दिया गया है। वैसे तो विश्वविद्यालय में महिला सशक्तिकरण सैल बनाया हुआ है। इस सैल के द्वारा महिलाओं के उत्थान के लिए काम किया जाता है।”

कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार ने कहा कि, “भारत का राजपत्र असाधारण खण्ड-04, प्राधिकार से प्रकाशित, मानव संसाधन विकास मंत्रालय (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) नई दिल्ली द्वारा शोध नियमावली 2016 के आलोक में अधिसूचना जारी की गयी। उन्होंने कहा कि महिलाओं तथा निशक्त व्यक्तियों (जिनकी निशक्तता 40 प्रतिशत से अधिक हो) उन्हें पीएचडी के लिए अधिकतम दो वर्ष की छूट प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त महिला अभ्यर्थियों को पीएचडी की समयावधि में एक बार 240 दिनों तक का मातृत्व अवकाश, शिशु देखभाल अवकाश प्रदान दिया जा सकता है।” 

महिला सशक्तिकरण अभियान की संयोजिका प्रो0 नमिता जोशी ने कहा कि, “विश्वविद्यालय में महिला शोधार्थियों के लिए शोध में समयावधि बढ़ने से शोधार्थिनियों को निश्चित ही लाभ मिलेगा। विज्ञान विषय में बहुत से विषय वर्णनात्मक होते इस कारण विज्ञान विषय से जुड़े हुए शोधार्थिनियों की समय सम्बन्धी समस्या निश्चित ही खत्म हो जायेगी।”

वहीं रसायन विज्ञान में शोधरत अलका हरित एवं मोनिका चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय में शोध नियमावली 2016 के लागू होने से महिला शोधार्थियों को लाभ मिलेगा।

आनलाइन लीक हुई फिल्म बंदूकबाज

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एक और फिल्म पाइरेसी का शिकार हो गई। इस शुक्रवार को एक तरफ नवाजुद्दीन की फिल्म बाबूमोशाय बंदूकबाज को थिएटरों में रिलीज किया गया, तो वहीं ये फिल्म इसी दिन आन लाइन लीक हो गई। हालांकि सिनेमाघरों में भी फिल्म की स्थिति बहुत बुरी है और पहले ही दिन फिल्म फ्लाप हो गई, लेकिन रिलीज वाले दिन या इससे पहले फिल्म के आन लाइन लीक होने की घटनाओं ने बालीवुड को चिंता में डाल रखा है।

अक्षय कुमार की हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘टायलेट एक प्रेमकथा’ को भी आनलाइन लीक करने की कोशिश की गई, लेकिन मुंबई पुलिस की सायबर क्राइम शाखा की मुस्तैदी से ये प्रयास नाकाम हो गया। इससे पहले विवादों में रही फिल्म ‘लिपिस्टिक अंडर माईबुर्का’ को भी आनलाइन लीक करने की कोशिश की गई। इरफान खान की फिल्म मदारी को भी आनलाइन रिलीज कर दिया गया था। इस मामले में सबसे बड़ा झटका इंद्र कुमार की फिल्म ‘ग्रेट मस्ती’ को लगा था, जिसको कई दिनों पहले आनलाइन लीक कर दिया गया था और इस वजह से बाक्स आफिस पर ये फिल्म बुरी तरह से फ्लाप हो गई थी। बताया जाता है कि फिल्म बंदूकबाज के आनलाइन लीक होने के केस को मुंबई पुलिस में दर्ज करा दिया गया है और पुलिस ने छानबीन शुरु कर दी है। 

एक और फिल्म पर सेंसर की कैंची

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प्रसून जोशी ने सेंसर बोर्ड का चेयरमैन बनने के बाद जब पहले दिन बोर्ड के दफ्तर में अपना कामकाज संभाला, तो उन्होंने पहली जिस फिल्म की फाइल पर साइन किए, उसमें एक पंजाबी फिल्म को बैन करने का आदेश था। एक फिल्म को बैन करने से अपने कामकाज की शुरुआत करने वाले सेंसर बोर्ड के नए चेयरमैन प्रसून जोशी ने एक और फिल्म के साथ ऐसा ही किया है।

भारत में जल्दी रिलीज होने जा रही हालीवुड की फिल्म द हिटमैन्स बाडीगार्ड में सख्त रवैया दिखाते हुए सेंसर बोर्ड ने फक शब्द को एक या दो जगह नहीं, 39 जगह बीप करने का आदेश दिया है। इस तरह से फिल्मों में संवादों को बीप करने के लिए पहलाज निहलानी की जमकर आलोचना की जाती थी। इस अंग्रेजी फिल्म में सिर्फ एक ऐसे शब्द पर एतराज किया गया है, जो बहुधा अब हिंदी फिल्मों में भी बोलते देखा जाता है, लेकिन सेंसर बोर्ड ने नियमावली का हवाला देते हुए इस शब्द को भारतीय कल्चर के विपरीत बताया है।
फिल्म का भारत में वितरण अधिकार लेने वाली कंपनी का कहना है कि वे इसके खिलाफ रिवाइजिंग कमेटी में जाने पर विचार कर रहे हैं। ये फिल्म भारत में 22 सितंबर को रिलीज होनी है। इस फिल्म में रायन रेनोहोल्ड और सैमुयल जैक्सन प्रमुख भूमिकाओं में हैं। सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म से जुड़ी खबर पर प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया। 

चार जिलों में धारा-144 लागू, दर्जनों लोग हिरासत में

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हरियाणा ,पंजाब व कुछ अन्य प्रांतों में राम रहीम के समर्थको द्वारा की जा रही हिंसा को देखते हुए प्रदेश के चार जिलों में धारा 144 लगा दी गई है। इसके साथ ही दर्जनों लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं, पंचकुला गए जेरा सच्चा सौदा समर्थकों की तलाश में भी पुलिस लगी है।

शुक्रवार देर रात और शनिवार को उत्तराखंंड के चार जिलों में धारा 144 के साथ हाई अलर्ट जारी किया गया। इसके बाद पुलिस सतर्क है। शनिवार को हरिद्वार में डेरा सच्चा सौदा के शहर में मौजूद 14 समर्थकों से पूछताछ की गई। इनमें से दो लोगों के मोबाइल भी जब्त किए गए हैं।
तीन लोगों को हिरासत में लेने की बात सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस वहीं दो दिन पहले पंचकुला के लिए रवाना हुए 20 समर्थकों का भी पुलिस अभी तक पता नहीं लगा पाई है। इन लोगों को लेकर पुलिस और खुफिया विभाग की सांस अटकी है। जब्त किए गए मोबाइलों से पुलिस संपर्क सूत्रों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पूछताछ में डेरा समर्थकों ने पुलिस को बताया कि वह इस मामले में कुछ नहीं कर रहे हैं और न ही वह कहीं बाहर जाने की तैयारी ही कर रहे हैं। दो दिन पहले शहर से करीब 60 समर्थकों ने पंचकुला का रुख किया था। इनमें से 40 तो वापस आ गए, लेकिन अभी तक 20 के बारे में कोई जानकारी नहीं लग पाई है। इन लोगों ने पुलिस की नींद उड़ा रखी है। खुफिया विभाग भी इनके बारे में जानकारी जुटाने में लगा है।
उधर, रुड़की में शनिवार की सुबह गंगनहर व सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने बड़े पैमाने पर छापामार कार्रवाई की। इसमें पुराने रेलवे रोड पर स्थित मंदिर के समीप एक आवास की घेराबंदी की गई। यहां से एक सफाई कर्मचारी नेता को हिरासत में लिया गया, जबकि बाकी भागने में सफल रहे। इसके अलावा एक राशन डीलर समेत तीन लोगों को भी हिरासत में लिया गया है। सभी को गंगनहर कोतवाली में रखा गया है। वहीं, देहरादून से कुल 110 डेरा समर्थक पंचकुला जाने की जानकारी मिली थी। इनमें 90 वापस आ गए हैं, जबकि 20 लापता हैं। इसके साथ ही विकासनगर के तीन डेरा समर्थकों के पंचकुला में घायल होने की जानकारी मिली है।