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दून अस्पताल का सर्जिकल वार्ड फुल, मायूस लौट रहे मरीज

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देहरादून। यदि आप दून मेडिकल कॉलेज अस्पातल में अस्पताल की सोच रहे हैं तो अभी कुछ वक्त इंतजार करना पड़ सकता है। अस्पताल का सर्जिकल वार्ड फुल हो चुका है। जिससे ऑपरेशन के लिए अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को मायूस होना पड़ रहा है। डॉक्टर अब उन्हें आगे की तारीख दे रहे हैं।

राज्य के सबसे बड़े दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल पर मरीजों का अत्याधिक दबाव है। जब तब यहां बेड को लेकर मारामारी रहती है। ऐसे में मरीज को लौटाना अस्पताल प्रशासन की मजबूरी बन जाता है। इस वक्त भी हालात कुछ ऐसे ही चल रहे हैं। अस्पताल में तमाम बेड फुल हैं और मरीज परेशान घूम रहे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत सर्जिकल वार्ड में है। कहने को इस वार्ड में 97 बेड हैं, लेकिन अस्पताल में चल रहे निर्माण कार्यों व अन्य व्यवस्थाओं की वजह से इस वार्ड के बेड कम हो गए हैं।
सर्जिकल वार्ड में दस-दस बेड डेंगू व स्वाइन फ्लू के लिए आरक्षित हैं। जबकि अस्पताल में निर्माण कार्य के कारण बच्चा वार्ड लंबे समय से बंद है। इस वार्ड के बेड, चर्म रोग, सर्जिकल वार्ड व ट्रामा वार्ड में एडजस्ट किये गए हैं। जिस कारण सर्जरी से जुड़े मरीजों को सर्जिकल वार्ड में बेड नहीं मिल पाते हैं। बताते चले कि अस्पताल में रोजाना तीन दर्जन से अधिक सर्जरी होती है, जबकि पहले से ही ऑपरेशन के लिए वेटिंग रहती है। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने बताया कि अस्पताल के फर्स्ट फ्लोर के बरामदे में 17 बेड की व्यवस्था कर दी गई है। इससे बेड की दिक्कत काफी हद तक दूर हो जाएगी।

तो जानिये क्यों हर कोई खुश हैं अमित शाह के दून दौरे से

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बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के दून दौरे को लेकर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह रहा। देहरादून में जगह जगह शाह के स्वागत की तैयारियां की गई और नेता-कार्यकर्ता सभी पार्टी अध्यक्ष को पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा का सबूत देने में लगे रहे। ये प्रथा तो हर पार्टी में है, राज्य के नेता अपने आलाकमान को इंप्रेस करने की हर संभव कोशिश करते हैं। बहरहाल इस सब के बीच देहरादून के लोग भी अमित शाह के आने से खासे खुश हैं, और इनमें बीजेपी के समर्थक ही नहीं बल्कि कांग्रेस और अन्य सभी दलों और विचारधाराओं के समर्थक भी शामिल हैं। हैरान हो गये?

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जी हां दरअसल स्वच्छ भारत का जो रूप अमित शाह के दून आने से शहर ने देखा है उसको देखकर सभी दून वासी शाह की जल्द वापसी की उम्मीद लगाये बैठे हैं। शाह के दौरे के लिये देहरादून को किसी बड़े शहर की तर्ज पर सजाया गया। शहर की वो सड़कें जहां कूड़ा-मलबा पड़े रहना आम बात हो गई थी वहां साफ सुथरी सड़कों ने जगह ले ली है। जिन रास्तों पर सड़कों और गड्ढों में फर्क करना मुश्किल था वो सड़कें स्वच्छ भारत की ब्रैंड एंबेसडर बन गई हैं। सड़कों पर कूड़ा गिरने से पहले सफाई कर्मचारी मौजूद रहे, आनन फानन में शहर में सौंदर्यीकरण के कामों को अंजाम दिया गया।

दून के डालानवाला इलाके की निवासी शुभा बिष्ट कहती हैं कि, “इतनी साफ सफाई और वो भी इतनी जल्दी हमने पहले कभी नहीं देखी, हम उम्मीद करते हैं कि शहर में वीवीआईपीयों का आना लगा रहे ताकी शहर हमेशा साफ रहे।”

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के आने से दून को संजीवनी के रूप में सफाई का वरदान मिला है। उसे देखकर तो राज्य के अन्य शहरों के लोग भी ये उम्मीद लगा रहे हैं कि जल्द से जल्द अमित शाह या प्रधानमंत्री मोदि उनके यहां भी पधारे ताकि उनके शहरों को भी इस संजीवने से रूबरू होने का मौका मिले।

बहरहाल ये बात कोई राज़ नही हैं कि दून का ये फेसलिफ्ट केवल शाह के यहां रहने भर तक का है। लेकिन दून वासी उम्मीद लगाये बैठें हैं कि अमित शाह के जाने के बाद भी शासन प्रशासन कम से कम इन कामों को तो जारी रखेगा ताकि भीड़भाड़ और गंदगी से दम घुट रहे इस शहर को चंद खुशनुमा सांसे नसीब हो सके।

मेयर विनोद चमोली ने दून के सौंदर्यीकरण पर कहा कि, “दून में काम तो चल ही रहा है, राष्ट्रीय नेता आए तो उनके लिए अतिरिक्त काम हुआ है, लेकिन आपने देखा है कि स्मार्ट सिटी के चलते रात को मुख्य जगहों से कूड़ा उठाना कब से चल रहा है, एेसा नहीं हैं यह काम निरंतर नहीं चल रहा हैं और यह आगे भी चलेगा। नए पेड़ लगाए गए हैं और यह अपने समय पर बड़े भी होंगे और हरे भरे रहेंगे तो अच्छा लगेगा।”

वहीं कांग्रेस के पूर्व पार्टी अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि, “उत्तराखंड जो हैं उसमें अतिथि देवो भवः की भावना से काम करते हैं, पार्टी को स्वागत करना चाहिए, डबल इंजन हैं लेकिन मुख्य सवाल यह है कि क्या सरकार लोगों के पैसों का दुरुपयोग कर रही है? यह केवल दिखावे के लिए तो नहीं हो रहा? अगर ऐसा है तो उत्तराखंड की जनता के पैसो को इस तरह से दुरुपयोग करना गलत है..हम लोगों ने कभी ऐसा नहीं किया।”

जो भी हो, बात यह है कि अाम जनता दून की रौनक अौर साफ सफाई देखकर यहीं कह रहे है कि, ‘अमित जी दोबारा जल्दी अाना….बार-बार अाना।’

कौन थी ताड़का और क्यों किया राम ने वध?

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कौन थी ताडका और क्यो किया राम ने वध

रामायण की एक पात्र है ताडका, जोकि  सुकेतु यक्ष की पुत्री थी, जिसका विवाह सुड नामक राक्षस के साथ हुआ था। यह अयोध्या के समीप स्थित सुन्दर वन में अपने पति और दो पुत्रों सुबाहु और मारीच के साथ रहती थी। उसके शरीर में हजार हाथियों का बल था। उसके प्रकोप से सुंदर वन का नाम ताड़का वन पड़ गया था। उसी वन में विश्वामित्र सहित अनेक ऋषि-मुनि भी रहते थे। उनके जप, तप और यज्ञ में ये राक्षस गण हमेशा बाधाएँ खड़ी करते थे। विश्वामित्र राजा दशरथ से अनुरोध कर राम और लक्षमण को अपने साथ सुंदर वन लाते हैं। राम ने ताड़का का और विश्वामित्र के यज्ञ की पूर्णाहूति के दिन सुबाहु का भी वध कर देते हैं। मारीच उनके बाण से आहत होकर दूर दक्षिण में समुद्र तट पर जा गिरता है।

कहते हैं कि सुकेतु नाम का एक अत्यंत बलवान यक्ष था। उसकी कोई भी सन्तान नहीं थी, अतः सन्तान प्राप्ति के उद्देश्य से उसने ब्रह्म जी की कठोर तपस्या की, उसकी तपस्या से प्रसन्न होकर ब्रह्मा जी ने उसे सन्तान होने का वरदान दे दिया और उस वर के परिणामस्वरूप ताड़का का जन्म हुआ। सुकेतु ने ब्रह्मा जी से ताड़का के अत्यंत बली होने का वर भी ले लिया और ब्रह्मा जी ने उसके शरीर में हजार हाथियों का बल दे दिया। विवाह योग्य आयु होने पर सुकेतु ने ताड़का का विवाह सुन्द नाम के राक्षस से कर दिया और उससे सुबाहु और मारीच का जन्म हुआ। मारीच भी अपनी माता के समान बलवान और पराक्रमी हुआ। ताड़का का पुत्र मारीच सुन्द राक्षस से उत्तपन्न होकर भी स्वयं राक्षस नहीं था। परन्तु बचपन में वह बहुत उपद्रवी था।

ऋषि मुनियों को अकारण कष्ट दिया करता था। उसके उपद्रवों से दुखी होकर एक दिन अगत्स मुनि ने उसे राक्षस हो जाने का शाप दे दिया। अपने पुत्र के राक्षस गति प्राप्त हो जाने से सुन्द अत्यन्त क्रोधित हो गया और अगत्सय ऋषि को मारने दौड़ा। इस पर अगस्त्य ऋषि ने शाप देकर सुन्द को तत्काल भस्म कर दिया। अपने पति की मृत्यु और पुत्र की दुर्गति का बदला लेने के लिये ताड़का अगस्त्य ऋषि पर झपटी। परिणामस्वरूप ऋषि अगस्त्य ने शाप दे कर ताड़का की सुन्दरता को नष्ट कर दिया और वह अत्यंत कुरूप हो गई। अपनी कुरूपता को देखकर और अपने पति की मृत्यु का बदला लेने के लिये ताड़का ने अगस्त्य मुनि के आश्रम को नष्ट करने का संकल्प किया। इसलिये ऋषि विश्वामित्र ने ताड़का का वध राम के हाथों करवा दिया।

इस लीला का काशीपुर रामलीला कमेटी पायते वाली रामलीला के तत्वावधान में चल रही रामलीला मंचन के तीसरे दिन स्थानीय कलाकारों की ओर से मंचन किया गया, श्रीराम जन्म ताड़का- सुबाहु वध मारिच और अहिल्या उद्धार की लीला का मंचन किया गया। कलाकारों की ओर से किए गए मंचन की दर्शकों ने जमकर प्रशंसा की।

रात दिखाए गए रामलीला में कलाकारों ने अपने-अपने अभिनय के माध्यम से दर्शकों को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मंचन में दशरथ की भूमिका त्रिलोचन गहतोडी,  राम की शिवम अग्रवाल, लक्ष्मण की सजल मेहरोत्रा, विश्वामित्र की पंडित कृष्ण कुमार, सुबाहु की मयंक सारस्वत,वशिष्ट मदन मोहन पंत, ताड़का सुमित चतुर्वेदी, मारीच संजय चौधरी ने की भूमिका अदा की, जिसमे सहयोगी के तौर पर अदित्य चौधरी, ओमप्रकाश गिरी मौजूद थे।

साठ साल बाद भी अदाकारी का वही जल्वा
साठ सालों से रामलीला के मंच पर विभिन्न किरदार निभाने वाले मदन मोहन पंत बहुमुखी प्रतिभा के धनी है। पर्वतीय क्षेत्रों से अपनी अदाकारी करते हुए रामलीला के मंच पर कई किरदार निभाये, राम, लक्ष्मण, परशुराम, जनक, दशरथ, मेघनाथ, विश्वामित्र, वशिष्ट, सुमन्त जैसे कई किरदार अब तक निभा चुके हैं। साठ सालों बाद भी मदन मोहन पंत के अदर रामलीला के मंच पर वही जोश दिखाई देता है जो जवानी में था। आज भी मदन मोहन पंत पुरे माह तालीम से लेकर रामलीला तक नये कलाकारों के साथ खडे होते हैं और युवा पीढी में रामदरबार के प्रति प्रेरित करने के साथ ही उनको राम लीला के विभिन्न पात्रों की अदाकारी का गूड हूनर भी सिखाते हैं, आज भी काशीपुर की रामलीला में मदन मोहन पंत की अदाकारी युवाओं पर भारी पडती है, जिनका जोश देख युवा भी प्रेरित होते हैं।

ओवर लोर्डिंग पर सख्त हुआ प्रशासन

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लालकुआ में ओवरलोडिंग के मामले में एसडीएम एपी बाजपेयी ने सख्त रुख अपनाते हुए सात स्टोन क्रशर से रेता-बजरी के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के लिए रिपोर्ट डीएम को भेजी है। वहीं इस कार्रवाई के बाद उत्तराखंड ट्रक एंड ट्रासपोर्ट एसोसिएशन ने धरना-प्रदर्शन स्थगित कर दिया है।

एसडीएम ने रिपोर्ट भेजी है कि क्षेत्र में चल रहे स्टोन क्रशरों को ओवरलोडिंग नहीं कराने की हिदायत दी गई थी। इसके बाद बावजूद ओवरलोडिंग की जा रही है, पुलिस-प्रशासन और परिवहन विभाग ने भी ओवरलोड के खिलाफ चलाए गए अभियान में कई स्टोन क्रशरों के वाहन पकड़े, जिन स्टोन क्रशरों की तौल पर्ची एवं रवन्ना ओवरलोड वाहनों में पाया गया उन स्टोन क्रेशरों की क्रय-विक्रय प्रक्रिया रोकने की कार्रवाई होगी। जिसमें हिमालया स्टोन इंडस्ट्रीज मोतीनगर, जेपी स्टोन क्रशर फुटकुआ, विंध्यवासिनी स्टोन क्रशर रामपुर रोड हल्द्वानी, बालाजी स्टोन क्रशर रामपुर रोड हल्द्वानी, सुभाष स्टोन क्रशर बेरीपड़ाव, शुभम स्टोन क्रशर ऊधमसिंह नगर एवं विनोद स्टोन क्रशर मोटाहल्दू के क्रय और विक्रय प्रक्रिया रोकने के लिए डीएम को संस्तुति पत्र भेजा गया है। जिसकी प्रति संबंधित विभाग एवं स्टोन क्रशरों को भेजी गई है।

एसडीएम की इस कार्रवाई के बाद उत्तराखंड ट्रक एंड ट्रासपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने ओवरलोड पर प्रशासनिक कार्रवाई न करने के चलते धरना-प्रदर्शन के निर्णय को फिलहाल स्थगित कर दिया है। कहा कि यदि प्रशासन उदासीन बना तो वह आंदोलन का रुख फिर से अख्तियार करेंगे। एसडीएम की कार्रवाई से स्टोन क्रशर मालिकों में हड़कंप मचा है।

शाह एंड टीम ने मुन्ना सिंह केे घर किया स्वादिष्ट लंच

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सुर्खियों में बना अमित शाह का दो दिवसीय उत्तराकंड दौरा पहले से ही तूल पकड़े हुआ था।लेकिन आज जब शाह ने देहरादून मुन्ना सिंह के घर भोजन किया तो यह कार्यक्रम पूरा सा हो गया, आपको बता दें कि बलबीर रोड पर रहने वाले पेशे से ड्रायक्लीनर का करने वाले मुन्ना सिंह ने अमित शाह और बीजेपी के कुछ सदस्यों को होस्ट किया।खास बात यह हैं कि मु्न्ना सिंह का नाम कल ही बीजेपी ने फाईनल किया और एक दिन की तैयारी में मुन्ना सिंह ने आज शाह एंड को होस्ट किया।

गैरतलब हैं कि अमित शाह के साथ ही सीएम त्रिवेंद सिंह रावत,पार्टी अध्यक्ष अजय भट्ट,शिव प्रकाश,श्याम जाजू सहित कुल पांच लोगों ने दलित परिवार के यहां दिन का खाना खाया।खाने में शाह और टीम को पूरी, रोटी, आलू की सब्जी, मिक्स वेज, सलाद, रायता और चटनी परोसी गई।

शाह का दलित के घर खाने की वजह हैं उनका कार्यक्रम जिसके अंर्तगत वह हर राज्य में एक दलित के यहां लंच कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने राजस्थान,हरियाणा,यूपी और दूसरे राज्यों में भी यह कार्यक्रम किया है, दलितों को पारंपरिक रुप से कांग्रेस का वोटर माना जाता था लेकिन इस चुनाव में माना जा रहा कि बीजेपी को सभी ने दिल खोल के वोट दिया है।

इसकी पीछे बात जो भी हैं लेकिन कयास यह लगाए जा रहे हैं कि 2019 में होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी ने कमर कस ली है।

 

बिना सुविधा संसाधनों के विशेषज्ञों ने दी आंख के कैंसर को मात

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देहरादून। डॉक्टर कम और सुविधाएं भी इसके बाद भी दून मेडिकल कॉलेज के आई विभाग ने आई कैंसर से पीड़ित एक महिला की सफलतापूर्वक सर्जरी की है। 38 वर्षीय महिला ओक्यूलस सरफेस स्क्वैमस नेप्लासिआ (ओएसएसएन) से पीड़ित थी। इसमें आंख की सतह पर असामान्य वृद्धि होती है।

विकासनगर की रहने वाली सुमित्रा राणा की आंखों में पिछले दो सालों से दिक्कत थी। उन्होंने स्थानीय डॉक्टर को दिखाया पर कोई फायदा नहीं हुआ। बल्कि यह मर्ज बढ़ता गया। उनकी आंख सूज गई और दिखना लगभग बंद हो गया। ऐसे में परिजन उन्हें लेकर दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। यहां नेत्र रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुशील ओझा ने पीड़ित महिला की जांच की। इसमें बाईं आंख में कैंसर पाया गया। जिसके बाद महिला का सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। अब महिला को अस्पताल में ही कीमोथैरेपी दी जा रही है।
डॉ. ओझा ने बताया कि महिला अब पूरी तरह स्वस्थ है। महिला के पति सरदार सिंह राणा का कहना है कि वह निजी अस्पताल में ऑपरेशन का खर्च उठा पाने में सक्षम नहीं थे। इसलिए वह पत्नी को दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाए। जहां मरीजों के अत्याधिक दबाव के बीच भी चिकित्सकों ने उन्हें पूरा समय दिया। चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना, प्राचार्य डॉ. प्रदीप भारती गुप्ता व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने पूरी टीम को बधाई दी है। ऑपरेशन करने वाली टीम में एसआर डॉ. मनु भारद्वाज, डॉ. अंशिका कश्यप, सिस्टर रेनू, सुष्मा आदि शामिल रहे। 

किडनी कांड रैकेट में एक्स-रे करने वाला आरोपी गिरफ्तार

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गंगोत्री चैरिटेबिल ट्रस्ट, लाल तप्पड़, डोईवाला में बहुचर्चित किडनी कांड से सम्बन्धित अभियुक्त डॉ. अमित, राजीव चौधरी व अन्य व्यक्तियों को पुलिस द्वारा पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।  विवेचना व अन्य अभियुक्तों से पूछताछ के दौरान श्रीनिवास चौहान पुत्र श्यामलाल चौहान नि. म.नं. 394/210, गली नं.6, चन्द्रेश्वरनगर, चन्द्रभागा ऋषिकेश, देहरादून का नाम भी प्रकाश में आया। श्रीनिवास, गंगोत्री हास्पिटल में ऐक्सरे का कार्य करता था। अभियुक्त श्रीनिवास घटना के बाद से ही लगातार फरार था।

अभियुक्त श्रीनिवास की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण महोदय व सहायक पुलिस अधीक्षक महोदय ऋषिकेश के पर्यवेक्षण में वरिष्ठ उपनिरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश हेमंत खंडूरी के नेतृत्व में टीम गठित की गयी।  दिनांक 19.09.17 को गठित पुलिस टीम को सूचना मिली कि अभियुक्त श्रीनिवास ऋषिकेश छोड़कर कंही भागने की फिराक में है। इस सूचना पर गठित पुलिस टीम द्वारा दिनांक 19.09.17 को समय लगभग 21.35 बजे चन्द्रभागा पुल के पास से अभियुक्त श्रीनिवास चौहान को गिरफ्तार किया गया।

श्रीनिवास ने पूछताछ पर बताया कि, “मैं गंगोत्री चैरिटेबिल अस्पताल लालतप्पड़ में जनवरी 2017 से कार्य कर रहा हॅूं। मुझे राजीव चौधरी ने यहां काम पर रखा था। राजीव चौधरी व उसकी पत्नी अनुपमा इस चैरिटेबल अस्पताल का संचालन करते थे व डॉक्टर अमित व उनका पुत्र डॉ. अक्षय व डॉ. अमित का भाई जीवन व डॉ. संजय दास एरेस्थिसियन व डॉ. संजयदास की पत्नी सुशमा (गायनोसर्जन) बाहर से किडनी बदलने का ऑपरेशन करने आते थे व सोनू डायलिसिस का काम करता था।” दीपक, सरला व सरिता नर्स का काम करते थे, यह सब ऑपरेशन के दौरान जरूरत की चीजों को डॉक्टरों को उपलब्ध कराते थे। मैं, मरीजों का एक्सरे करता था व ऑपरेशन के दौरान डाक्टरों के कहे अनुसार काम करता था।

हम सबको पता था कि डाक्टर अमित व यह सब लोग गलत तरीके से किडनिया बदलने का काम यहां करते हैं। इसलिये राजीव चौधरी, डॉ. अमित व इनके सहयोगियों ने हमे किसी भी मरीज के बारे में व हास्पिटल की गतिविधियों के बारे में बाहर किसी आदमी को बताने को मना किया था।

हास्पिटल में मरीजों का लेखा जोखा भी सही प्रकार से नही रखा जाता था हमें मरीजों का नाम ही पता होता था। हास्पिटल में जो गार्ड थे, वे डॉ0 अमित के जान पहचान वाले थे। यह व राजीव चौधरी की अनुमति के बिना किसी को अस्पताल में अन्दर नही आने देते थे। श्रीनिवास के कब्जे से गंगोत्री हास्पिटल लालतप्पड़ में किडनी बदलने सम्बन्धी मरीजों के कई टैस्ट रिपोर्ट, एक्सरे बरामद हुये।

नवरात्र: हरिद्वार के सभी मंदिरों, बाजारों में बढ़ी रौनक

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बृहस्पतिवार से शक्ति की आराधना का पुण्य पर्व शारदीय नवरात्र आरम्भ हो जाएंगे। नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालु घट स्थापना के साथ नौ दुर्गाओं मेें प्रथम मां भगवान शिव की प्रिया मां शैलपुत्री का पूजन अर्चन करेंगे।

गुरुवार से आरम्भ हो रहे नवरात्र के चलते बुधवार को तीर्थनगरी के सभी देवी मंदिरों में आज खासी रौनक दिखाई दी। मंदिरों में खासी चहल-पहल के साथ सजावट की गई। नवरात्र की पूर्व संध्या पर सभी देवी मंदिर पूरी तरह से मां भगवती के पूजन के लिए सजकर तैयार हो गए।

तीर्थनगरी मायापुरी की अधिष्ठात्री देवी मां माया देवी, चण्डी देवी, मंशा देवी, शीतला माता मंदिर, काली मंदिर, दक्षिणेश्वर काली मंदिर, महिषासुर मर्दिनी मंदिर समेत तमाम सिद्ध पीठों व दुर्गा मंदिरों में उत्सव का माहौल रहा। सभी जगह मंदिरों को भली प्रकार से सजाया संवारा गया। इसी के साथ 15 दिनों से बाजारों में छायी मंदी का दौर भी समाप्त हो गया।

बुधवार को बाजारों में खासी चहल-पहल दिखाई दी। पूजन सामग्री व भगवान के श्रृंगार की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई। लोग नवरात्र उपासना के लिए जमकर खरीददारी करते दिखाई दिए। इसी के साथ फल व फूलों के दामों में अचानक तेजी देखने को मिली। 

भगवान राम जन्म लीला का मंचन

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भगवान राम जन्म लीला का मंचन

श्री रामलीला मंचन काशीपुर के दूसरे दिन रावण दिग्विजय के बाद रामजन्म लीला का मंचन किया गया। भगवान राम के जन्म के बाद सभी हर्षित होकर भगवान की जय-जयकार करने लगे। अवध में नाच गाना कर सभी झूमते नजर आए।

 देर रात रामलीला के मंच पर रावण दिग्विजय और रावण के अत्याचार से सभी देवता और पृथ्वीवासियों के दुखी होने के प्रसंग का मंचन किया गया। लोगों ने दुखी होकर भगवान की स्तुति की तो आकाशवाणी द्वारा भगवान के जन्म लेने की जानकारी मिली। इससे सभी हर्षित हो गए। सभी अपने अपने घर जाकर बेसब्री से भगवान की प्रतीक्षा करने लगे।

बहुत सुहावने मौसम में भगवान ने कौशल्या के पुत्र के रूप में जन्म लिया। साथ ही कौशल्या को अपना चतुर्भुज रूप दिखाया। इसे देखकर कौशल्या भयभीत हो गईं। जिसके बाद भगवान उनको बताते है कि वो उनकी कोख से जन्म लेंगे और राक्षसों के विनाश के लिए जन्म लेंगे। रामलीला मंचन के दौरान रंगमंच पर स्थानीय कलाकारों की ओर से श्रीराम जन्म का दृश्य प्रस्तुत किया गया। ताड़का- सुबाहु वध मारिच और अहिल्या उद्धार की लीला का मंचन आज किया जाएगा। कलाकारों की ओर से किए गए मंचन की दर्शकों ने जमकर प्रशंसा की। रात दिखाए गए रामलीला में कलाकारों ने अपने-अपने अभिनय के माध्यम से दर्शकों को लुभाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। मंचन में दशरथ की भूमिका में  गहतोडी, विश्वामित्र पंत जी, विष्णू शिवम अग्रवाल, शिव विशाल भारद्वाज, अग्नि राजकुमार यादव बने थे। इस मौके पर अध्यक्ष रामलीला कमेटी विष्णु अग्रवाल, संरक्षक महेश कुमार अग्रवाल, शरद मित्तल, उपमंत्री मनोज अग्रवाल, भण्डारी मुकेश कुमार, दीनेश अग्रवाल, राजेन्द्र मेहरोत्रा, शर्वेश शर्मा, रिषभ अग्रवाल, कैलाश प्रजापति, मनोज अग्रवाल, अजय अग्रवाल आदि मौजूद थे।

शिवम के विष्णु भगवान के किरदार की अनुठी छाप
कम उम्र मगर अभिनय का गूड अनुभव ही शिवम की कलाकारी का लोहा है, शिवम पायते वाली रामलीला में विभिन्न किरदार निभाते करते है, शोम्य स्वभाव और सुरों के धनी शिवम राम के अभिनय को भी रामलीला में करते हैं, शुरुवाती रामलीला में भगवान विष्णु का किरदार निभागर शिवम ने अपनी एक अनुठी छाप छोडी है।
काशीपुर के रहने वाले शिवम बचपन से ही अभिनय का शोक रखते हैं, और अभिनय को पंख देने के लिए रामलीला के मंच को जरीया बनाकर शिवम ने अपनी अदाकारी से सभी का मन मोह लिया है, शिवम के गले से निकले सुर, रागों पर पकड और अदा के धनी होने के कारण ही उनकी विशेष छवि रामलीला में रही है, लम्बे समय से रामलीला में राम , भरत और विष्णु का किरदार करते आ रहे हैं शोम्य स्वभाव के कारम ही उनको मिलने वाले पाठ भी उनकी छवि के अनुसार ही मिलते हैं, वहीं जल्द शिवम राम के किरदार में काशीपुर की पायते वाली रामलीला में दिखाई देंगें।

मर्डर कर हरिद्वार में छिपे आरोपी गिरफ्तार

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हरिद्वार। दिल्ली पुलिस की टीम ने उत्तरी हरिद्वार की एक धर्मशाला में दबिश देकर करीब छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस काफी समय से आरोपियों की तलाश कर रही थी। पुलिस सभी आरोपियों को लेकर दिल्ली रवाना हो गई है। ये लोग धर्मशाला में कब से ठहरे थे तमाम जानकारी धर्मशाला संचालकों से लेकर गई है।

मंगलवार की देर रात्रि उत्तरी हरिद्वार के बसंत गली के एक धर्मशाला में दिल्ली पुलिस की टीम पहुंची। धर्मशाला पहुंचते ही पुलिस ने मुख्य द्वार को बंद करा दिया। पुलिस ने धर्मशाला संचालक से कुछ लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई। कुछ देर बाद ही धर्मशाला के भीतर से करीब छह को पुलिस हिरासत में लेकर बाहर आई।
इस दौरान पुलिस ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। ये तमाम लोग किस मामले के आरोपी हैं। धर्मशाला में कब से ठहरे हुये थे। धर्मशाला संचालक ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया।

दिल्ली पुलिस की टीम में करीब 12 से अधिक लोग शामिल रहे। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर दिल्ली पुलिस रात्रि में ही दिल्ली रवाना हो गई है। जब इस संबंध में खड़खड़ी चौकी प्रभारी दीपक कठैत से बात की गई तो बताया कि हत्या के मुजरिम की तलाश में दिल्ली पुलिस की टीम आई थी। आश्रम से छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हत्या का मामला है। दिल्ली पुलिस ने आमद दर्ज कराई हुई है।