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कुंजापुरी पर्यटन मेले में सांस्कृतिक संध्या में झूम के नाचे कैबिनेट मंत्री

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फोटोः कृष्णा रावत

कुंजापुरी पर्यटन समिति, ऋषिकेश के द्वारा आयोजित होने वाला कुंजापुरी पर्यटन विकास मेले कि शुरुवात हो चुकी है, नौ दिनों तक चलने वाले इस मेले की ख़ास बात ये है कि इसमें कलाकार उत्तराखंड सहित देश के कोने कोने से आकर अपनी कला की प्रस्तुति देते है।

नवरात्रों की शुरुवात के साथ ही कुंजापुरी मेले पर भी शबाब चढ़ने लगा है पहले दिन की सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड के मशहूर गायक शबाब साबरी की प्रस्तुति पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल भी अपने आप पर काबू नही रख सके और उनके धुन पर नाचने लगे। मंत्री जी को नाचता देख उनके छेत्र की स्थानीय जनता में भी जोश आ गया और वो भी मंत्री जी के साथ ठुमके लगाने लगे।

वहीं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल का कहना है की नवरात्री पर्व का हमारे लिए काफी बड़ा महत्व है इसे बुराई पर मानवता की जीत मन जाता है, वहीँ कुंजापुरी पर्यटन विकास मेले के बारे में मंत्री जी ने बताया की इस मेले के माध्यम से नरेंदर नगर छेत्र के तमाम विकास की घोस्नाएं होती हैं।

उर्दू विषय में बिना डिग्री नहीं बनेंगे सहायक अध्यापकः हाईकोर्ट

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राज्य में समकक्ष परीक्षा पास और उर्दू विषय में डिग्री के बिना प्राथमिक सहायक अध्यापक नही बन सकते। शिक्षक बनने के टीईटी जरूरी है, शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए उर्दू मोअल्लिम डिग्री अयोग्य घोषित हो गई है।

दरअसल उधमसिंह नगर के मो.हफीज व अन्य ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सहायक अध्यापक के पदों पर आवेदन निरस्त करने को चुनौती दी, इनका कहना था कि, “वह उर्दू मोअल्लिम पास हैं जो बीटीसी के समकक्ष मानी जाती है। उत्तर प्रदेश में भी यही नियम लागू है तो एकलपीठ ने याचिका स्वीकार कर इन अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने का आदेश पारित कर दिया।”

इस फैसले के खिलाफ सरकार ने विशेष अपील दायर की, सरकार की ओर से मुख्य स्थाई अधिवक्ता परेश त्रिपाठी ने बताया कि, “2012 की निवमावली के अनुसार यह डिग्री पद के योग्य नही है। उत्तराखंड में उर्दू मुख्य विषय के साथ स्नातक, दो साल का बीटीसी व टीईटी के बाद ही शिक्षक बन सकते हैं। उर्दू मोअल्लिम एक साल का है और राज्य में समकक्ष डिग्री को नौकरी के लिए अयोग्य घोषित किया जा चुका है, ऐसे में आवेदक पात्र नही है।”

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति केएम जोसफ व न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ ने सरकार की दलीलें स्वीकार कर अभ्यर्थियों की याचिका को खारिज कर दिया।

बीआरओ की सुस्ती, निजी कम्पनी के हाथों बार्डर रोड का काम

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मुनस्यारी के चीन सीमा तक सड़क निर्माण में हो रही देरी को देखते हुए केंद्र सरकार ने 27 किलोमीटर सड़क निर्माण का दायित्व सीमा सड़क संगठन से वापस लेकर निजी कंपनी को सौंप दिया है। कंपनी को दो वर्ष के भीतर सड़क तैयार करने का दायित्व सौंपा गया है।

उत्तराखंड से लगी चीन सीमा तक 66 किमी लंबी सड़क निर्माण का कार्य वर्ष 2007 में स्वीकृत हुआ था। 2009 में इसका कार्य शुरू हुआ, वर्ष 2012 तक सड़क निर्माण पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन आठ वर्षो में मात्र 20 किमी सड़क बन पाई है। सड़क निर्माण की धीमी गति को देखते हुए केंद्र सरकार ने तिलमधार से बुगडियार तक 27 किलोमीटर सड़क निर्माण का जिम्मा सीमा सड़क संगठन से वापस लेकर निजी कंपनी एबीसीआइ को सौंप दिया है।

कंपनी वर्ष 2019 तक इस काम को पूरा करेगी। शेष 19 किमी सड़क निर्माण का कार्य सीमा सड़क संगठन करता रहेगा।आइटीबीपी के बरेली रेंज के डीआइजी एपीएस निंबाडिया ने कंपनी के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने सड़क को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कंपनी निर्धारित समय पर कार्य पूरा करे। उन्होंने कहा कि, “सड़क निर्माण की मॉनिटरिंग अब खुद आइटीबीपी खुद करेगी, आइटीबीपी के अधिकारी हर सप्ताह क्षेत्र में आकर निर्माण कार्य की समीक्षा करेंगे।” शुभारंभ अवसर पर एबीसीआइ कंपनी के तमाम प्रतिनिधि मौजूद थे।

पिता-पुत्र करेंगे धर्म और अधर्म का युद्ध

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हर पिता चाहता है कि उसका बेटा राम जैसा हो और शायद ही कोई बेटा हो जो चाहेगा उसके पिताजी रावण जैसे हों, लेकिन शीशमहल की रामलीला में पिताजी रावण तो बेटा राम की भूमिका में मंच पर आमने-सामने होंगे। राम के रूप में बेटा रावण बने अपने पिता पर युद्धभूमि में बाणों की बौछार करेगा।

शीशमहल, हल्द्वानी में युवा सामाजिक एवं सांस्कृतिक समिति की ओर से 23 सितंबर से रामलीला का शुभारंभ होगा। राम और रावण के रूप में पिता-पुत्र की जोड़ी मंच पर भक्तों के आकर्षण का केंद्र होगी। रामलीला में कार्तिकेय कॉलोनी ऊंचापुल निवासी प्रेम चंद्र जोशी रावण की भूमिका निभाएंगे, जबकि उनके पुत्र कृष्ण जोशी राम की भूमिका।

एलआइसी में क्लर्क के पद पर तैनात उनके पिता प्रेम पहले शीशमहल में ही रहते थे। वह पिछले आठ सालों से रामलीला में रावण के पात्र की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि, “पुत्र कृष्ण पहले सीता और भरत की भूमिका निभा चुका है। कृष्ण ने विगत वर्ष निर्मला कॉन्वेंट स्कूल काठगोदाम से इंटर की परीक्षा 94.3 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की। वर्तमान में वह दिल्ली के किरोड़ीमल कॉलेज में बीएससी प्रथम वर्ष का छात्र है।” कमेटी के अध्यक्ष हरीश पांडे ने बताया कि, “रामलीला में राम की भूमिका निभाने के लिए कृष्ण छुट्टी लेकर अपने घर आएगा, वह किरदार को लेकर उत्साहित है।”

पिता-पुत्र की भूमिका में दोनों को देखने के लिए दर्शकों में भी उत्साह है। कमेटी पिछले 46 वर्षों से शीशमहल में रामलीला का आयोजन कर रही है। निर्देशक नीरज फुलारा और सह-निर्देशक विनोद तिवारी ने सभी कलाकारों को रामलीला की तालीम दी है। कमेटी के मीडिया प्रभारी कमल पपनै ने बताया कि 23 सितंबर से रामलीला का आयोजन प्रारंभ होगा।

उत्तराखंड के कारीगरों ने इंग्लैंड में दिखाया जलवा

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फोटो साभारः नीति माणा घाटी कल्याण समिति फेसबुक पेज

उत्तराखंड के कारीगरों के लिए एक बहुत बड़ा अवसर था क्योंकि उन्हें र्बिमिंघम में आयोजित ‘ऑटम फेयर इंटरनेशनल 2017’ में अपने काम का प्रदर्शन करना था। राज्य के विभिन्न हिस्सों के आठ कारीगरों ने प्रदर्शनी में भारत का प्रतिनिधित्व किया। कारीगरों ने कालीन, शाॅल, मैट के अलावा उत्पाद जैसे बास्केट, टोपी, लैंप शेड्स, फूलों के गुलदस्ते और अन्य वस्तुओं का प्रदर्शन किया।

इंटरनेशनल फेयर 2017

उत्तराखंड हथकरघा और हस्तशिल्प विकास परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुधीर चंद्र नौटियाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, “हम प्रदर्शनी में कारीगरों द्वारा बनाई गई प्राचीन वस्तुएं, तांबा और बांस से बनने वाली हैंडिक्राफ्ट की वस्तुओं का प्रदर्शन करते हैं।प्रदर्शनी के दौरान हम अंतरराष्ट्रीय बाजार के बारे में बहुत कुछ सीख चुके हैं, हालांकि प्रदर्शनी में हमारे उत्पादों की डिमांड ज्यादा थी, लेकिन कुछ लोगों को हमारे उत्पादों की कीमत थोड़ी अधिक लगी। अब हम अपने परियोजना में और अधिक कारीगरों को शामिल करने की योजना बना रहे हैं।इसके अलावा मशीन के द्वारा अपने कुछ उत्पादों को बनाने की भी योजना बना रहे हैं ताकि हम कम समय में और अधिक निर्माण कर सकें, मशीन का प्रयोग यह हमारे मूल्यों को कम करने में हमारी मदद करेगा। “

चमोली जिले की गुड्डी देवी जिनको इस मेले में जाने का मौका मिला उन्होंने कहा कि, ”मेरे लिए अपनी कला को लोगों के बीच दिखाने के लिए दूसरे देश जाने का मौका मिलना बहुत गर्व की बात हैं। प्रदर्शनी में आने वाले लोगों को मेरे हाथ का बना हुआ कालीन और शाॅल बहुत पसंद आया और इन चीजों के लिए मुझे आॅर्डर भी मिले।”

वहीं शिव लाल ने कहा कि, ”दूसरे देश में जाकर अपनेी कला को दिखाने का अनुभव शानदार था, लोगों ने हमारे काम को सराहा और हमें दूसरे देश के कारीगरों से मिलने का मौका भी मिला”।

क्या कूड़ा उठाने वालों के दाम बढ़ने से होगी दून में सफाई!!

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दिसंबर से देहरादून में शिशमबर कचरा प्रबंधन कार्य शुरु हो जाने के बाद, नगर निगम एक निजी फर्म को डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने को काम सौंपने की योजना बना रहा है। जिसके बाद उपभोक्ता शुल्क प्रत्येक दो वर्षों में 10% बढ़ जाएगा। फिलहाल निगम उन उपभोक्ताओं से जो इस सेवा का लाभ उठाते हैं उनसे 40 रुपये जमा करवाता है।

देहरादून नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ कैलाश गंज्याल ने कहा कि, “गजट अधिसूचना जो कि 2009 में की गई थी, उसके मुताबिक उपयोगकर्ता के शुल्क को 10% तक बढ़ाया जाएगा, लेकिन हमने अभी तक ऐसा नहीं किया है। एक बार जब सेवा का निजीकरण दिसंबर में होगा, फर्म इस नियम का पालन करेगी और उपयोगकर्ता को हर दो साल में 10 प्रतिशत शुल्क बढ़ा कर निगम में देना होगा।”

निगम के इस पहल का निवासियों ने स्वागत किया है जो दावा करते हैं कि उपयोगकर्ता शुल्क में वृद्धि से बेहतर सेवाएं सुनिश्चित हो सकती हैं। दून निवासियों के कल्याण मोर्चा के अध्यक्ष डॉ महेश भंडारी ने कहा, “हम जो भुगतान करते हैं वह एक छोटा अमाउंट है जो मेरे हिसाब से स्वच्छता श्रमिकों के वेतन को भी कवर नहीं करता है। निजीकरण इन समस्याओं को दूर करेगा और कंपनी यह सुनिश्चित करेगी कि सफाई का काम समय पर किया जाए है क्योंकि वे सेवा के माध्यम से लाभ कमा सकते हैं। “

नगर निगम के आयुक्त रवनीत चीमा ने कहा कि, “हम इस काम की निगरानी कर रहे हैं और आशावादी हैं कि हम 1 नवंबर से इसका परीक्षण शुरू करेंग। हालांकि इसके एक महीने बाद यह पूरी तरह से कार्य करना शुरु कर देगा।”

mad group

वहीं शहर में सफाई और दूसरे मुद्दों पर काम करने वाला एनजीओ ”मैड मेकिंग ए डिफ्रेंस बाई बिंग द डिफ्रेंस” के सदस्य करन कपूर ने कहा कि, ”नगर निगम ने पहले भी ऐसे प्रयास किए हैं, इससे पहले भी नगर निगम ने डीबीडब्लूएम को कूड़ा उठाने और उसके डंप करने का काम दिया गया था लेकिन वह बहुत ज्यादा फायदेमेंद साबित नहीं हुआ।एक बार फिर नगर निगम किसी प्राईवेट कंपनी को यह काम दे रहा है जिसकी पीछे वजह हैं कि सेवाएं बेहतर होंगी और पैसे बढ़ाने से लोग ज्यादा तत्परता दिखाऐंगे तो यह सोचना गलत है।

“करन ने कहा कि, ”अभी दिक्कत यह नहीं है कि सफाई कर्मचारियों का वेतन कम है या नगर निगम को पैसो की जरुरत है। समस्या यह है कि सबसे पहले निगम को अपना दायरा बढ़ना होगा, उन लोगों पर जुर्माना लगाना होगा जो निगम की सेवाएं ना लेकर अपने घर का कचड़ा खुले मैदानों में डंप करते हैं।”

मैड ग्रुप ने पहलेे भी निगम को सुझाव दिया था कि नगर निगम को बिजली विभाग के साथ टाईअप करना चाहिए जिससे बिजली बिल के साथ कूड़े का बिल लोगों के घर तक पहुंचे और हर कोई बिजली के साथ निगम की सेवाएं ले सके”।

नगर निगम की यह नई पहल कहां तक सफल होती है यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन फिलहाल निगम ने अपनी नई सुविधाओं के लिए कमर कस ली है।

उत्तराकशी में ग्राम पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की निगरानी ऐप के जरिये

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उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले में अब ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों की समीक्षा ऐप के माध्यम से होगी। जिसमें सभी विकास कार्यों की फोटो अपलोड की जायेगी। 25 सितम्बर को मोबाइल ऐप की लॉन्चिंग की जा रही है।
आगामी एक अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक ‘ग्राम समृद्धि एवं स्वच्छता पखवाड़ा’ मनाये जाने को लेकर मुख्य विकास अधिकारी विनीत कुमार की अध्यक्षता में जनपद एवं ब्लॉक स्तर के लिए नामित सभी नोडल अधिकारियों की बैठक गुरुवार को जिला सभागार में हुई। जिसमें सीडीओ ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने विभागों में होने वाले कार्यों का कैलेन्डर पूर्ण कर हर दिन होने वाले कार्यक्रमों का रिकॉर्ड तैयार करें।
मुख्य विकास अधिकारी विनीत कुमार ने कहा कि सभी कार्यक्रम तीन मोबाइल ऐप ग्राम समृद्धि ऐप, स्वच्छता एप एवं कौशल पंजी ऐप, के माध्यम से सम्पादित करायें जायेंगे, 25 सितम्बर को मोबाइल ऐप की लॉन्चिंग की जा रही है। पखवाड़े कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत में विभिन्न विभागों के द्वारा जितने भी कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। उनकी जीपीएस एवं मोबाइल एप के माध्यम से फोटो, डाटा, आदि अपलोड किये जायेंगे। जिस क्षेत्र में कनेक्टिविटी नहीं रहेगी, वहां का डाटा संबंधित नोडल अधिकारी तैयार कर नेटवर्क वाले क्षेत्र में पहुंचने पर उसी दिन डाटा को अपलोड करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी ग्राम पंचायत भवनों में वाल पेंटिंग करवाकर वहां सरकारी योजना से लाभान्वित लाभार्थी का नाम अंकित करवायें। जिसमें पेंशन प्राप्त कर रहे लाभार्थी का नाम बीपीएल परिवार, प्रधानमंत्री आवास से आच्छादित व्यक्ति का नाम आदि लिखवायें। उन्होने परियोजना निदेशक से कहा कि पोर्टल के माध्यम से ऐप में संबंधित नोडल अधिकारियों का रजिस्ट्रेशन आदि की प्रक्रिया प्रारम्भ करें। नोडल अधिकारियों को आपसी समन्वय कर कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से सम्पादित करने के निर्देश दिये। 

फिर से गाएंगे अक्षय कुमार

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अक्षय कुमार अब तक दो फिल्मों में अपनी गायिकी का शौक पूरा कर चुके हैं। उन्होंने स्पेशल 26 में पहली बार गाना गाया था। फिर उन्होंने अपनी फिल्म एंटरटेनमेट में भी गाया था। इस बार अक्षय कुमार किसी फिल्म के लिए नहीं, बल्कि अपने पहले टीवी शो के लिए गा रहे हैं।

अक्षय स्टार प्लस के कामेडी शो लाफ्टर चैलेंज में जज बने हैं और पहली बार किसी शो को जज करने वाले हैं। इसी शो के एक एपीसोड में गायक अक्षय कुमार का अवतार नजर आएगा। इसके लिए हाल ही में रिकार्डिंग की जा चुकी है। ये शो सितंबर के आखिरी सप्ताह में शुरु होने जा रहा है। शो में अक्षय कुमार सुपर जज के रोल में होंगे। इसमें कई नए कामेडियन नजर आएंगे। ये शो 9 साल बाद वापसी कर रहा है।

पहले ये शो स्टार नेटवर्क के चैनल स्टार वन पर आता था, जिसमें नवजोत सिंह सिद्धू और शेखर सुमन जज हुआ करते थे। इसी शो से कपिल शर्मा सहित कई कामेडी कलाकारों को पहली बार अपना हुनर दिखाने का मौका मिला था। कपिल शर्मा इस शो के विजेता रहे हैं।

‘न्यूटन’ के जरिये फिर धमाका करेंगे राजकुमार राव और पंकज त्रिपाठी

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आनंद एल राय की फिल्मों में हमेशा एक ठोस कहानी और एक बेहतरीन मनोरंजन मूल्य होता है। अनोखे कलाकार, प्रतिभाशाली लेखक और निर्देशकों के साथ मिलकर आनंद एल राय हमेशा से ही हिंदी सिनेमा जगत में सशक्त कहानियां लेकर आते हैं। छोटे शहरों के रोमांस को बड़े परदे पर लाकर दर्शकों का मनोरंजन करने के बाद अब पुरस्कार प्राप्त फिल्मकार आनंद एल राय अपने कलर यलो प्रोडक्शंस की अगली पेशकश ‘न्यूटन’ लेकर आ रहे हैं।

दृश्यम फिल्म्स द्वारा निर्मित, ‘सुलेमानी कीड़ा’ फेम निर्देशक अमित वी मसुरकर के निर्देशित एवं 22 सितंबर को रिलीज के लिए तैयार 67वें बर्लिन फिल्म समारोह में आर्ट सिनेमा अवॉर्ड विजेता इस डार्क कॉमेडी फिल्म में एक्टर राजकुमार राव मुख्य भूमिका में नजर आएंगे। जबकि, ‘मसान’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ फेम पंकज त्रिपाठी, आमिर खान के ‘पिपली लाइव’ में दिखे लोकप्रिय टीवी और थिएटर एक्टर रघुबीर यादव और प्रकाश झा के ‘चक्रव्यूह’ में दिख चुकी अंजली पाटील भी इस फिल्म में अहम भूमिकाओं में हैं।

इसी फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में पिछले दिनों एक्टर राजकुमार राव निर्माता मनीष मुंद्रा एवं निर्देशक अमित वी मसुरकर के साथ दिल्ली में थे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस फिल्म में वह पच्चीस वर्षीय युवक न्यूटन कुमार का किरदार निभा रहे हैं, जो एक सरकारी विभाग में क्लर्क की नौकरी करता है, उसकी ड्यूटी चुनाव में लगाई जाती है। नक्सलवादी समस्या से ग्रस्त छत्तीसगढ़ स्थित एक छोटे शहर में उसे चुनाव के दौरान काम करना है।

वहां पर कदम-कदम पर खतरा है। तमाम सुरक्षा के बीच वह वहां पहुंचता है और कोशिश करता है कि पूरी ईमानदारी और निर्भीकता के साथ वह चुनाव में वोटिंग संपन्न कराए। उन्होंने बताया कि इस फिल्म में एक संवेदनशील विषय को बड़े ही सरल तरीके से समझाया गया है। आनंद एल राय एक अद्भुत कथाकार हैं, उनके पास प्रतिभाशाली निर्देशक और अभिनेताओं को चुनने की एक अचूक दृष्टि हैं। आनंद एल राय ने कई अनछुई कहानियों को सिल्वर स्क्रिन पर स्थान दिया हैं। कई अलग-अलग शैलियों की कहानियों को उन्होंने अपनी फिल्मों में दर्शाया हैं, ‘न्यूटन’ भी उनमें से एक है।

मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना में सरकार बुजुर्गों को कराएगी नि:शुल्क यात्रा

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उत्तराखंड सरकार पं. दीनदयाल उपाध्याय मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के तहत बुजुर्गों और वरिष्ठजनों को गंगोत्री, बद्रीनाथ, रीठा-मीठा साहेब एवं नानकमता की निःशुल्क यात्रा करा रही है। इसके अंतर्गत चमोली जनपद से भी बुजुर्गों व वरिष्ठ नागारियों को यह यात्रा करायी जायेगी।

जानकारी देते हुए जिला पर्यटन अधिकारी सुरेश चंद्र यादव ने बताया कि, ‘मेरे बुुजुर्ग, मेरे तीर्थ’ योजना के स्थान पर अब यह योजना पं. दीनदयाल उपाध्याय मातृ पितृ तीर्थाटन के रूप में संचालित की जा रही है। इसके तहत पिरान कलियर, कालीमठ, गंगोली हाट, बैजनाथ की भी यात्रा करवाई जाएगी।”

उन्होंने चमोली जनपद के वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि बद्रीनाथ एवं गंगोत्री धाम की यात्रा प्रथम चरण में निःशुुल्क प्रारंभ कर दी गई है। इसके लिए 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग योजना का लाभ उठाने के लिए विभाग में संकर्प कर सकते हैं। यात्रा जिला मुख्यालय गोपेश्वर से संचालित की जाएगी।