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देहरादून से साईकिल चोर गिरफतार

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लल्लूलाल सिंह ने थाना पटेलनगर मे लिखित तहरीर दी कि उनकी गुलाबी रंग की हीरो रट्रीट रेसर साईकिल को अपनी दुकान के बाहर खड़ी की थी, जब वह बाहर आया तो साईकिल वहा पर नही मिली। इस सम्बन्ध में थाना हाजा पर मु.अ.सं. 439/17 धारा 379 भादवि पंजीकृत किया गया। चोरी के सफल अनावरण के लिये प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर के दिशा निर्देशों दिये व टीम गठित की गयी।

पुलिस टीम द्वारा लगातार सार्थक प्रयास एवं सुरागरसी पतारसी करते हुये संदिग्ध व्यक्तियों/वाहनो की चैकिंग के दौरान मंडी तिराहा निरंजनपुर से एक संदिग्ध व्यक्ति गुलाबी साईकिल सवार को चैक किया गया, जिसने अपना नाम सुन्दर बताया। संदिग्ध व्यक्ति से पूछताछ कर गुलाबी साईकिल के सम्बन्ध में पूछा गया तो घबराते हुये संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। जिस पर पुलिस टीम द्वारा साईकिल का गहनता से निरीक्षण किया गया एवं वादी मुकदमा को मौके पर बुलाया गया। उनके द्वारा उक्त साईकिल को अपना होना बताया गया।

पकडे गये व्यक्ति से गहनता से पूछताछ की गयी तो इसके द्वारा बताया गया कि, “मैं बेराजगार हूँ तथा शराब पीने का आदी हूँ, जिस कारण मै घरों व दुकानो के बाहर खड़ी साईकिलों को व दुकानो के काउन्टरों पर रखे मोबाईलों को चोरी कर उन्हे कही अन्यत्र उचित दामों पर बेच देता हूँ, जिससे मेरा खर्चा निकल जाता है।” पकड़े गये व्यक्ति की निशानदेही पर 4 अन्य साईकिलो व 6 विभिन्न कम्पनियों के मोबाईल बरामद किये गये। अभियुक्त पूर्व में भी चोरी के अभियोगों में जेल जा चुका है।

भारी बारिश से नदी नाले उफान पर

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उत्तराखंड में लगातार बारिश से हाहाकार मचा हुआ है। वर्षों के बाद लोगों को नवरात्रों में ऐसी बारिश देखने को मिल रही है। लगता है वर्षा ऋतु पलटकर आ गई है। इन दो दिनों में पूरे प्रदेश में हल्की से माध्यम बारिश तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई है। आने वाले 24 घंटों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह का कहना है कि नैनीताल और चमोली दो जिले अब भी बारिश के चपेट में रहेंगे। शेष स्थानों पर मौसम या तो साफ रहेगा या तो कम बारिश वाला रहेगा। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए कोई चेतावनी तो नहीं दी है लेकिन दो जिलों को संवेदनशील बताया है फिलहाल इस 36 घंटे की बारिश से गढ़वाल और कुमाऊं दोनों मंडल बारिश से पूरी तरह भीगे हुए हैं। इस तीन दिन से बारिश ने लोगों को घर में बैठने को मजबूर कर दिया है। वर्षा का असर नवरात्र पर ही पड़ा ही है। रामलीलाओं की रात भी धुल गई है। तीन रातों तक कोई कार्यक्रम नहीं हो पाया है। जगह-जगह रामलीलाएं व जागरण स्थगित करने पड़े हैं। वर्षा से भूस्खलन, पेड़ गिरने जैसी घटनाओं से कई स्थानों पर आवागमन बाधित हुआ है।

कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार भारी वर्षा के कारण पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में भट, राजमा, गहत, लोबिया, उड़द धान, मडुवा, सोयाबीन सहित बेल वाली सब्जियों को नुकसान हुआ है। तराई में धान की फसल को 32 प्रतिशत तक नुकसान होने का अनुमान है। आपदा राहत विभाग के अनुसार नैनीताल जनपद में भारी बारिश से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित थुवा की पहाड़ी से जगह-जगह पत्थर गिर रहे हैं। हल्द्वानी से बेतालघाट जा रही केमू की बस भी पत्थर की चपेट में आई लेकिन जान माल का नुकसान होने से बच गया। कस्बा रामनगर क्षेत्र के सभी नदी और नाले उफान पर हैं। तीन अलग-अलग बरसाती नालों में बाइक सवार बह गए जिन्हें क्षेत्रीय लोगों और पुलिस वालों की मदद से सुरक्षित निकाल लिया गया।

कहां कितनी वर्षा हुई:
हरिद्वार में 15 सेंटीमीटर बारिश रिकार्ड की गई, जबकि मुक्तेश्वर में 11 सेंटीमीटर, जखोली में 10 सेंटीमीटर, चौखुटिया में 10 सेमी., हल्द्वानी में 10 सेमी, रुड़की में 9 सेमी, गैरसैंण 9 सेमी, द्वारहॉट में 9 सेमी, टिहरी 8 सेमी, जौलीग्रांट में 8 सेमी, श्रीनगर में 8 सेमी, देवप्रयाग में 7 सेमी, देहरादून में 6 सेमी, ऋषिकेश में 6 सेमी, लक्सर में 6 सेमी, ऊखीमठ में 6 सेमी, कीर्तिनगर में 6 सेमी, बागेश्वर में 5 सेमी, घनशाली में 5 सेमी, त्यूनी में 5 सेमी, कर्णप्रयाग में 5 सेमी, पौड़ी में 5 सेमी. कोटद्वार, मसूरी, नैनीताल, चमोली में 4 सेमी, उत्तरकाशी, डूंडा और उत्तरकाशी शहर में 3 सेमी, लैंसडाउन और कपकोट व मुनस्यारी में 3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। भारी बारिश के कारण राजाजी पार्क प्रशासन चीला मोटर मार्ग बंद कर दिया गया है।

ऋषिकेश हरिद्वार को जोड़ने वाला चीला मोटर मार्ग बीन नदी के उफान के कारण बंद किया गया है। इसमें ऋषिकेश से हरिद्वार जाने वालों को रायवाला होते हुए जाना पड़ रहा है। लगातार बारिश के कारण चीला रेंज में घासीराम रपटा तेज बहाव होने के कारण स्विफ्ट कार बहाव में फंस गई थी, जिसे पुलिस द्वारा निकाला गया। 

नगर निगम रुद्रपुर में लाखों की धांधली

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ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर नगर निगम का एक और कारनामा सामने आया है यहाँ निगम द्वारा कोई निर्माण कार्य भी ना किया गया और उसके बाद भी लाखो रूपये का भुगतान हो गया। निगम द्वार बिना टाइल्स रोड और बिना नाली मरम्मत के ही 25 लाख रूपये का भुगतान कर दिया गया, अब शासन के निर्देश के बाद जिला प्रशासन द्वारा इस धांधली की जांच कराई जा रही है।

विकास कार्यो के लिए शासन से मिलने वाले धन को निर्माण कार्यो के नाम पर कैसे ठिकाने लगाया जाता है ,यदि इसकी कला सीखनी है तो उसके लिए रुद्रपुर नगर से बेहतर कोई पाठशाला नहीं है | जिसने कागजो पर ही निर्माण कार्य करा दिए, बल्कि धड्ड्ले से इन कार्यो का भुगतान भी कर दिया | सरकारी धन को ठिकाने लगाने का यह सिलसिला  कब से चल रहा है और कब तक चलता, इसका तो पता नहीं चलता यदि आर टी आई एक्टिविस्ट चिराग कालरा ने सूचना के अधिकार में नगर निगम से जानकारी नहीं मांगी होती |
सूचना अधिकारी मांगने पर खुलासा हुआ की नगर निगम ने बर्ष 2013 -14 व् 2014 -15 में  गोलमार्केट में स्लेब  पुनर निर्माण,नाली मरम्मत और हरी मंदिर गली में पटरी टाइल्स रोड निर्माण के लिए 25. 47 लाख रूपये का भुगतान ठेकेदारों को किया , पर यह सारा निर्माण सिर्फ कागजो में ही हुआ।
धरातल पर कोई निर्माण नहीं लेकिन उसके बाद भी लाखो रूपये का भुगतान होने के बाद अब पूरा नगर निगम संदेह के दायरे में आ गया है | इतना बड़ा घोटाला होने के बाबजूद मेयर और निगम के वरिष्ठ अफसरों को कुछ भी पता नहीं चला | यह बात किसी के गले नहीं उतर रही है।
हालाँकि एक्टिविस्ट चिराग कालरा की शिकायत के बाद शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने इस पुरे गड़बड़ घोटाले की जांच शुरू करा दी है। यह जाँच रुद्रपुर के एसडीएम रोहित मीणा द्वारा की जा रही है एसडीएम ने बताया निगम द्वारा किये गए निर्माण कार्य की जाँच की जा रही है।

पहाड़ चढ़ेंगे उद्योग, खुलेंगे ग्रोथ सेंटर

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देहरादून। वर्ष 2011 की जनगणना के आंकड़े बताते हैं कि राज्य के ढाई लाख से अधिक घरों में ताले लटके हैं। इसके बाद भी ऐसा कोई जादुई चाबुक नहीं चला, जिससे यह कहा जाए कि पलायन की रफ्तार थमी है, बल्कि यूं कहें कि इसमें और तेजी आई है। जाहिर है, इससे राज्य सरकार की पेशानी में बल पड़े हैं और उसने पलायन थामने के लिए उद्योगों को पहाड़ चढ़ाने का निश्चय किया है। इसके तहत प्रदेश के सभी 670 न्याय पंचायत मुख्यालयों में औद्योगिक ग्रोथ सेंटर खोलने का निर्णय लिया गया है।मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के अनुसार प्रथम चरण में 50 ग्रोथ सेंटर खोले जाएंगे। प्रत्येक ग्रोथ सेंटर में क्षेत्र के 200 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की मंशा है। धीरे-धीरे इस पहल को सभी न्याय पंचायत मुख्यालयों तक ले जाया जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय सीमा से सटे उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से पलायन का सिलसिला राज्य गठन के बाद भी थमने की बजाए और तेजी से बढ़ा है। गिरि संस्थान लखनऊ की अध्ययन रिपोर्ट को ही देखें तो पिछले एक दशक के दौरान हर गांव से कम से कम 30 परिवारों ने पाल्यों की बेहतर शिक्षा और रोजगार के लिए पलायन किया है। हिमालय दिवस पर नौ व दस सितम्बर को देहरादून में आयोजित सतत पर्वतीय विकास शिखर सम्मेलन में पलायन का मसला प्रमुखता से उठा था। साथ ही सरकार को सुझाव दिए गए थे कि यदि रोजगार के उचित अवसर के साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य पर बेहतर फोकस कर दिया जाए तो पलायन की रफ्तार पर कुछ हद तक अंकुश लग सकता है। इसके बाद नियोजन विभाग की ओर से तैयार किए गए मसौदे में पलायन थामने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में औद्योगिक ग्रोथ सेंटर खोलने पर बल दिया गया। सुझाव दिया गया था कि ग्रोथ सेंटर कस्बाई क्षेत्रों के इर्द-गिर्द विकसित किए जाएं। अब राज्य सरकार भी इस दिशा में गंभीर हुई है और उसने पहाड़ों में उद्योग ले जाने की ठानी है। इसके तहत इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ ही स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों पर जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि पलायन सरकार की चिंता का विषय है और इस दिशा में ठोस प्रयास शुरू कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि न्याय पंचायत मुख्यालयों तक सड़क समेत अन्य सुविधाएं हैं। ऐसे में निर्णय लिया गया है कि प्रथम चरण में 50 न्याय पंचायत मुख्यालयों के आसपास ग्रोथ सेंटर खोले जाएं। इसके लिए भूमि चयन समेत अन्य कसरत तेज करने को अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। धीरे-धीरे सभी 670 न्याय पंचायत मुख्यालयों में ग्रोथ सेंटर तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा कलस्टर आधारित फसलोत्पादन, विपणन सेंटर समेत अन्य कदम भी उठाए जा रहे हैं।
पहाड़ में उद्योग चढ़ाने की पहल के तहत सरकार 2008 की पर्वतीय औद्योगिक नीति का भी अध्ययन कर रही है। इसके तहत उन कारणों की पड़ताल की जाएगी, जिनकी वजह से पहाड़ों में उद्योग चढ़ाने की कसरत परवान नहीं चढ़ पाई थी। कोशिश इस बात की है कि इस बार पूरी तैयारी के साथ पहाड़ों का भी औद्योगिक विकास हो।

निरोगी बनाने में अहम भूमिका निभाएगी लैब: अग्रवाल

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रुद्रपुर, 20 कल्याणी व्यू केशव मार्ग पर भारत विकास परिषद चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा धर्मार्थ स्थापित की गई भारत पैथ लैब का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल, भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री अजय दत्ता, सेवा प्रकल्प के क्षेत्रीय संगठन मंत्री डालचंद्र, संघीय अध्यक्ष केशव दत्ता गुप्ता, भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय अतिरिक्त महामंत्री संजीव कुमार बंसल व विधायक राजकुमार ठुकराल ने संयुक्त रूप से किया। विधान सभा अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने कहा कि संस्था का यह कार्य निश्चित ही समाज को निरोगी बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम साबित होगा।

श्री अग्रवाल ने कहा कि, “भारत विकास परिषद हमेशा समाजसेवा के कार्यों में बढ़ चढ़ कर भूमिका निभाता है, जो समाज के लिए अनुकरणीय है।” विधायक राजकुमार ठुकराल ने कहा कि, “लैब की स्थापना के लिए उनके स्तर से जो भी मदद होगी वह करेंगे।” पैथ लैब में पूर्णतया स्वचालित अत्याधुनिक मशीनों के जरिए लोगों के विभिन्न टेस्ट होंगे, ट्रस्ट ने उच्च योग्यता प्राप्त पैथोलॉजिस्ट एवं टैक्निशियन नियुक्त किए हैं।

उन्होंने बताया कि, “लैब का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर वर्ग के लोगों को कम मूल्य पर चिकित्सा जांचों की सुविधा मुहैया कराना है, लेकिन लैब की सुविधाएं समस्त समाज के लिए उपलब्ध रहेंगी। लैब द्वारा वर्तमान में बाजार में प्रचलित दरों से लगभग आधी दरों पर समस्त मेडिकल जांचों की सुविधा प्रदान की जाएगी।”

ट्रस्ट के अध्यक्ष सुनील खेड़ा ने बताया कि, “लैब की स्थापना के साथ ही भारत पैथ लैब द्वारा मधुमेह की जांच का एक व्यापक अभियान प्रारंभ कर रहा है। जिसमें प्रथम व द्वितीय चरण में पूर्णतया निशुल्क जांच की जाएगी। तृतीय चरण की जांच रियायती दर पर अल्प शुल्क पर की जाएगी। अल्प आयु के लोगों को यदि मधुमेह की जानकारी समय से मिलेगी तो उनके शरीर के अन्य अंग प्रभावित होने से बच जाएंगे।”

उन्होंने कहा कि, “यह कार्य समाज के आर्थिक सहयोग से होगा। इसके लिए उन्होंने डोनर आफ द डे की व्यवस्था की है, समाज के लोग आगे बढ़ कर इस कार्यक्रम में आर्थिक सहयोग करें, क्योंकि यह कार्यक्रम आम लोगों के सहयोग से ही चलेगा।”

दुबई में रहने वाले उत्तराखंडी दीप नेगी कर रहे मातृभाषा के लिए लड़ाई

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दुबई में बैठे भी कैसे एक उत्तराखंड निवासी यहां की भाषा और संस्कृति को संजोने की कोशिश में लगा है, इसका जीता जागता उदाहरण हैं 34 साल के दीप नेगी जोकि सुनार गांव, चंबा,जिला टिहरी के निवासी हैं।

दीप हमेशा से ही अपनी जन्मभूमि और खास तौर से गढ़वाली होने पर गर्व महसूस करते है। टीम न्यूज़पोस्ट से बातचीत में दीप बताते हैं कि, “जब घर से दूर हुआ तो वहां की हर चीज आपको याद आती है।आपको वहां का खाना,भाषा,गीत-संगीत,संस्कृति सब में घर की झलक दिखती है, लेकिन दुख तब होता है जब वहां पर रह रहे लोग अपनी संस्कृति को भूलते जाते हैं।इसी सोच के साथ दीप ने ”सोच” संस्थान की शुरुआत की और इसके माध्यम से अपनी जन्मभूमि को नए आयाम पर लेकर जा रहे हैं।

दरअसल दीप ने अपनी मातृ भाषा के प्रचार के लिए, ”आईवीआर यानि की इंटरेक्टिव वाईस रिर्काडिंग के लिये कुमाउंनी व गढ़वाली भाषा का pryog करने के लिये सरकार से विनती कर ek proposal दिया है जोकि उत्तराखंड की भाषाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा। unkee is पहल को जहा आम जनता ने सराहाया है वहीं इसके लिए वह सतपाल महाराज और सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से मिलना चाह रहे थे लेकिन मिल नहीं पाये। लेकिन हार ना मानते हुए दीप ने चिट्ठी के माध्यम से आई.वी.आर के इस सुझाव को सतपाल महाराज तक पहुंचाया और मंत्री जी ने इस पर विचार करने की बात भी कही।

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दीप बताते हैं कि, “मुझे इस पहल में बहुत सारे लोगों का समर्थन मिला, सराहना भी मिली लेकिन पूरा राज्य जिस हिसाब से भाषा-भाषा करता है, उस हिसाब से समाज के उन लोगों को समर्थन नहीं मिला जो दिन रात गढ़वाली-कुमाउनी करते हैं।”

जब पूरे देश में सब राज्यों के अलग-अलग आई.वी.आर हैं तो उत्तराखंड में क्यों नहीं?? अपने देश से दूर बैठे एक बेटे का यह लगाव अपनी मातृ भाषा के लिए एक छोटी सी पहल है जिसे सरकार को जल्द ही अमल करना चाहिए।

आपको बतादें कि दीप नेगी एक फेसबुक पेज ”जंगली चैनल उत्तराखंड वर्ल्ड वाईड” के माध्यम से उत्तराखंड से जुड़ी बाते लोगों तक पहुचाते हैं। उनका यह जज्बा अपनी मातृभूमि और भाषा के लिए लगाव देख कर लगता है कि काश यह जज्बा हमारे राजनितिज्ञ में भी होता तो शायद आज गढ़वाली और कुमाउनी संस्कति समाप्ति के कगार पर नहीं होती।

रामलीला समिति ने कराया सामुहिक विवाह

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आदर्श श्रीरामलीला समिति के तत्वावधान में सामूहिक विवाह समारोह संपन्न हुआ, जिसमें 22 जोड़ों ने वैवाहिक जीवन में प्रवेश कर किया। समिति द्वारा गरीब परिवारों की 22 कन्याओं के हाथ पीले करवाए गए जिसमें देर सायं रामलीला परिसर के पंडाल में वेदी सजाई गई। जहां शिव कुमार शास्त्री की अगुवाई में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सात फेरों की रस्में पूरी करवाई गईं।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि बेटी जैसे-जैसे बड़ी होती है उसके माता-पिता को विवाह की चिंता सताने लगती है और अपनी तरफ से पूरी कोशिश करते हैं कि बेटी के हाथ पीले किए जाएं, लेकिन अनेक परिवार चाह कर भी इस कार्य को नहीं कर पाते। ऐसे गरीब परिवारों का सहयोग कर रामलीला समिति जन सहयोग से पुण्य का काम कर रही है। लोगों ने सामूहिक रूप से वर-वधू को आशीर्वाद देकर खुशहाल जीवन की कामना की।
हर लड़की की तमन्ना होती है कि उसकी शादी धूमधाम से हो। लेकिन कई बार आर्थिक तंगी आड़े आ जाती है। ऐसी कन्याओं की हरसत को रामलीला कमेटी पूरा कर रही है। भारतीय संस्कृति की यह परंपरा रही है कि यहां बेटी को विवाह के वक्त उपहार देकर विदा किया जाता है। इसी रिवाज को श्रीरामलीला समिति ने भी निभाया है। बेटियों को दान-दहेज स्वरूप डबल बेड, साइकिल, अलमारी, गद्दा, बर्तन, साड़ी, कुर्सी-टेबिल आदि समेत करीब 30 हजार रुपये का सामान उपहार स्वरूप भेंट किया गया।

बारिश से फसलों को भारी नुकसान, किसान परेशान

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ऊधमसिंह नगर में पिछले दो दिन से रुक रुक कर हो रही बारिश से किसानों के धान की फसल को भारी नुकसान हो गया है। जून में लगाई गई धान की पौंध में फसल लगभग तैयार है, धान की बाली पकने भी लगी है। बारिश में धान के पौधे खेत में धराशायी हो गये।

दिनेशपुर के किसानो ने बताया कि, “उनकी फसल 80 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक खराब हो गई है। बारीक धान व सुपर फाइन धान, सरबती धान, एचआर 47 को भारी नुकसान हुआ है। यदि आगे भी बारिश रही तो धान की फसल खेत में ही सड़ जाएगी। पहले ही किसान फसल खराब होने या उचित मूल्य नहीं मिलने से परेशान है।”

धान की फसल से किसानों को बड़ी उम्मीदें थी। किसान फसल खराब से होने से भविष्य को लेकर चिन्तित हैं। किसानों ने खाद, बीज, रसायन उधार में लिया है। किसानों को कर्ज उतारने और अपने खर्चों को लेकर चिन्तायें सताने लगी है। किसान सुरेश ने कहा कि धान की फसल खराब होने से किसान के सामने आर्थिक संकट और गहरा गया है। पहले ही कर्ज में डूबे किसान के लिए दिक्कतें बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से धान के फसल का हुए नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की।

राष्ट्रीय खेलों को उत्तराखण्ड में कराने की करेंगे वकालतः अरविन्द पाण्डेय

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उत्तराखंड प्रदेश के पंचायत एवं शिक्षा, खेल मंत्री उधमसिंह नगर जिला पंचायत कार्यालय मंत्री बनने के बाद पहली बार पहुचे इस दौरान मंत्री ने परिसर में बनी टायल रोड और पुननिर्मित अत्याधुनिक सभागार का उद्घाटन किया इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी गंगवार और उपाध्यक्ष संदीप चीमा ने मंत्री का स्वागत किया। इसके बाद मंत्री ने जिला पंचायत की बैठक ली। इस दौरान मीडिया से रूबरू होते हुए पंचायत मंत्री पांडेय ने माना की राज्य में जिला पंचायतों की हालत खराब है जिनकी दशा सुधारने के प्रयास किये जायेंगे।

इस दौरान खेल मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा गोआ में राष्ट्रीय खेल होना अभी तय नही हुआ है उन्होंने कहा राष्ट्रीय खेल के लिए गोवा ने भी दावेदारी की है और हमारी भी दावेदारी मजबूत है उन्होंने कहा वो 25 सितंबर को दिल्ली जा रहे है और वहा वो राष्ट्रीय  खेल को उत्तराखण्ड में कराने के लिये पुरजोर वकालत करेगे।

खराब मौसम के बावजूद आस्था में नही कोई कमी

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा जहाँ एक तरफ नए रिकॉर्ड बनाती दिख रही है तो वहीँ पहाड़ों में बदलते मौसम के चलते अब यात्रियों की संख्या में भी कमी देखी जा रही है, 28 अप्रैल से शुरू हुयी इस यात्रा में अब तक सात लाख से ज्यादा श्रद्धालु दर्शन कर चुके है, लेकिन पिछले 3 दिनों से लगातार हो रही बारिश से यात्रा एक बार फिर थमी थमी से दिख रही है।

बीते साल की तरह इस साल भी चार धाम यात्रा अपने साथ श्रद्धालुयों के नए रिकॉर्ड लेकर आई है, अप्रैल माह से शुरू हुई यात्रा में अभी तक 7 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चारो धामों के दर्शन कर चुके है,  पिछले 3 दिनों में प्रदेश में मौसम ने जो करवट बदली है उससे यहाँ आने वाले यात्रियों की संख्या में भी असर देखा गया है, शुरुवात में जहाँ यात्री रोजाना 2 से 3 हजार की संख्या में यात्रा पर निकल रहे थे तो वहीँ अब खराब मौसम के चलते सिर्फ 700-800 यात्री ही रोजाना चार धाम यात्रा के लिए पहुंच रहे है।

ऋषिकेश से बॉयोमेट्रिक अधिकारी प्रेमाअनंत का कहना है कि, “यात्रा शुरू से ही अच्छी रही है, मानसून के दौरान यात्रियों की संख्या में गिरावट देखी गयी थी, फिर बीच में यात्रा मौसम के खुलते ही शुरू हो गयी थी लेकिन एक बार फिर मौसम ने यात्रा पर खलल डाला है।” प्रदेश में इन दिनों आसमानी आफत लगातार बरस रही है, मौसम पल-पल अपने तेवर बदल रहा है, खासकर पहाड़ों के हो रही बारिश के चलते भी श्रद्धालुयों की संख्या में कमी देखी गई है।

आपको बता दे कि इस वक़्त यात्रा मार्गों पर 8 हजार से ज्यादा यात्री है लेकिन उनकी सुविधा के लिए उन्हें समय समय पर मौसम की अपडेट के साथ साथ मार्गों के बारे में भी सूचित किया जा रहा है, तो वहीँ कुछ यात्री खराब मौसम के बावजूद यात्रा का हिस्सा बनने ऋषिकेश पहुंच रहे है।

एक बार जोर पकड़ चुकी चार धाम यात्रा पर फिर से बारिश ने असर दिखाना शरू कर दिया है लेकिन देश भर से आये श्रद्धालुओं की श्रद्धा के आगे मौसम की ये मार भी ज्यादा नहीं टिक पा रही है, तीर्थयात्री लगातार  अपने देवों के दर्शन के लिए आस्था पथ पर निकल रहे है।