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आखिर खुल गया सरिता हत्या काण्ड, घर का ही निकला कातिल

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लम्बे समय की पशोपेश के बाद आखिरकार काशीपुर पुलिस ने सरिता हत्याकांड का खुलासा कर ही लिया है। दो साल से उलझी सरिता हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। सरिता की हत्या उसी के चचेरे देवर ने की थी। जिसने भाभी के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की थी। भाई को पता न लगे इसलिए आरोपी ने खून के रिश्ते को दरकिनार कर सरिता की हत्या कर दी। इस दौरान आरोपी सोने की चेन लूटकर फरार हो गया था। पुलिस ने हत्या के बाद लूटी गई चेन आरोपी से बरामद कर ली है। हालांकि अभी तक हत्या में प्रयोग किया गया चाकू, जैकेट और बैग पुलिस को बरामद नहीं हुए हैं। पुलिस तीनों चीजों की बरामदगी में जुटी है।

छह अप्रैल 2015 को मुरादाबाद रोड स्थित आकांक्षा गार्डन में सरिता पत्नी रजनीश के घर बदमाशों ने लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था। विरोध करने पर बदमाशों ने सरिता की हत्या कर दी थी। पुलिस ने सरिता के पति रजनीश कुमार की तहरीर पर धारा 394 व 302 में केस दर्ज कर लिया था। साथ ही पुलिस भी तभी से इस मामले की जांच में लगी थी। मामले की जांच के दौरान कई आईओ बदले, लेकिन कोर्इ भी आरोपी का पता नहीं लगा पाया। यह मामला बहुचर्चित रहा।

पुलिस दो साल से हत्याकांड पर गहन जांच पड़ताल कर रही थी।एसएसपी ऊधमसिंहनगर ने एएसपी और सीओ काशीपुर के निर्देशन में एक टीम गठित की। साथ ही हत्या की जांच कोतवाल चंचल शर्मा को सौंपी गई। गहन जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। एएसपी डा. जगदीश चंद्र ने रविवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हत्याकांड की जांच-पड़ताल के बाद सरिता का चचेरा देवर दर्पण कुमार पुत्र यशपाल सिंह निवासी सलेमसराय, थाना धामपुर, जिला बिजनौर ही हत्या का आरोपी निकला। उन्होंने बताया कि वह सरिता से फोन पर बात करता था, साथ ही आरोपी को सरिता के घर आना जाना भी था। फोन पर बात करने से आरोपी को एक तरफा लगाव हो गया था। कई बार आरोपी ने फोन पर भी भाभी को एपरोच करने की कोशिश की, लेकिन उसने साफ मना कर दिया।

चार अप्रैल 2015 को आरोपी सरिता के घर महुआखेड़ागंज स्थित माल्ट कंपनी में साक्षात्कार देने की बात कहकर आया था। उसी रात पति रजनीश के ड्यूटी जाने के बाद आरोपी ने सरिता के कमरे में जाकर चार बार जबरन शारीरिक संबंध बनाने की कोशिश की, लेकिन सरिता ने फटकार लगाकर उसके मंसूबे नाकाम कर दिए। जब अगले दिन सुबह रजनीश घर पहुंचा तो उसे पत्नी और दर्पण के व्यवहार में कुछ फर्क महसूस हुआ, लेकिन इसे उसने नजर अंदाज कर दिया। पांच अप्रैल को आरोपी ने गौतमनगर स्थित जसवंत सिंह हवलदार के घर कमरा किराये पर ले लिया। छह अप्रैल की सुबह वह महुआखेड़ागंज स्थित फैकट्री गया और प्लान के तहत रजिस्टर में हस्ताक्षर कर वहां से गायब हो गया। साथ ही उसी दिन दोपहर में सरिता के घर पहुंचकर आरोपी ने दोबारा जोर जबरदस्ती करने की कोशिश की। उसके विरोध करने पर आरोपी ने रसोई से चाकू लेकर उसकी निर्मम हत्या कर दी। साथ ही पुलिस का ध्यान लूटपाट की ओर मोड़ने की वजह से घर का सामान बिखेर दिया और फिर दोबारा फैकट्री पहुंच गया।

इसके बाद वह सात अप्रैल को धामपुर चला गया। पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार दोपहर पुलिस ने दर्पण को उसके कार्यालय आरडी मैमोरियल डिग्री कालेज, धामपुर से गिरफ्तार कर लिया। साथ ही पुलिस ने घटना में चेन की बरामदगी होने पर धारा 411 बढ़ाकर आरोपी को कोर्ट में पेश कर दिया। हत्याकांड का खुलासा करने पर एसएसपी ऊधमसिंहनगर ने पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये इनाम की घोषणा की।

अब फिर से मिट्टी उगलेगी सोना

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माटी कहे कुम्हार से तू क्या रोंदे मोहे, एक दिन एसा आयेगा मैं रोंदूंगी तोहे, ये कहावत कभी कुम्हारों पर सटीक बैठती थी जब विदेशी उपकरणों ने कुम्हारों के हाथों की कारीगरी से बने दिये और बर्तनों की बिक्री कम कर दी थी… लेकिन समय बदलते हुए फिर से कुम्हारों के कारोबार में रौनक लौट आयी है और कुम्हारों के हाथों से बने मिट्टी के बर्तन, दीये और मंदिरों की मांग फिर से बढते ही कुम्हारों के चेहरे पर रौनक लौट आयी है।

दीपावली की तैयारियां जोरों पर हैं। इस दौरान चल रहे चायनीज सामान के बहिष्कार के मद्देनजर 
चाइनीज झालर नहीं बल्कि मिट्टी के दीये लोगों की पसंद बन रहे हैं। दीयों की खरीदारी तेज होने से कुम्हार भी काफी गदगद है। इस कला को जीवित रखने वालों का कहना है कि इस वर्ष चाइना निर्मित झालर के मुकाबले मिट्टी के दीये और बर्तन की ज्यादा मांग बड रही है,जो डूबते इस कारोबार के लिए शुभ संकेत हैं।
लम्बे समय से मंदी की मार झेल रहे कुम्हारों के लिए इस दिपावली में रौनक लौटी है, हर पीछले तीस सालों बाद मिट्टी को रोंदने वालों को उनकी मेहनत का सही दाम मिल रहा है और बाजार में मांग बडते देख कुम्हारों के चेहरे भी खिले हुए है, तीस प्रतिशत हुई कारोबार में वृद्धि को जहां कुम्हार इसे चाईना प्रोडक्ट का विरोध और स्वदेशी के प्रति जागरुकता मान रहे हैं तो दुसरी ओर इस कारोबार से मुंह मोड रही युवा पीढी को भी वापस इस कारोबार में अपना भविष्य दिखने लगा है, कुम्हारों के हाथों से बने बर्तन, दीये, मटके,कलश, मंदिर और मूर्तियों बाजार में मांग जमकर बड रही है, जिससे इस कारोबार में कुम्हार जाति के लोग वापस लौट रहे है।
जबकि चाईना प्रोडक्ट बेचने वाले कारोबारी इस बार मंदी की मार झेल रहे हैं पहले जीएसटी के चलते बढी कीमतों ने जहां बाजार की चकाचौंध को फीका किया है, तो दूसरी ओर चाईना प्रोडक्ट का विरोध इन कारोबारियों के चेहरों पर भी साफ झलक रहा है।

डाक्टर ने किया करिश्मा बच्चे को मिला नया जीवन

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रुद्रपुर के मेडिसिटी अस्पताल में न्यूरो सर्जन डा. अजय बजाज ने मात्र पांच दिन के नवजात शिशु की अर्ली न्यू नेटर सर्जरी करके विश्व रिकार्ड बनाते हुए बच्चे को जीवनदान दिया है। अभी तक न सिर्फ भारत बल्कि विश्व भर में इतने छोटे बच्चे की न्यूरो सर्जरी नहीं की गयी है। पेश है एक रिपोर्ट।

मेडिसिटी अस्पताल के एमडी डा. दीपक छाबड़ा ने उत्तरप्रदेश के जिला बरेली निवासी महेंद्रपाल की पत्नी सीमा को चार अक्टूबर को एक निजी हॉस्पिटल में पुत्र हुआ। अस्पताल के डाक्टर ने बच्चे को काला पीलिया बताया और अन्यत्र ले जाने की सलाह दी। परिजन नौ अक्टूबर को बच्चे को लेकर मेडिसिटी अस्पताल में उनके पास पहुंचे। डा. छाबड़ा ने बच्चे को देखने और उसकी जांचों के अनुसार बच्चे के माता पिता को बताया कि लगभग 42 एमजी/डीआई तक पीलिया हो चुका है।
baby in hospital

डा. ने बच्चे के शरीर का पूरा रक्त बदल दिया, उसके बाद भी बच्चा होश में नहीं आया तो उसके सिर का सीटी स्कैन कराया गया। जिसमें पता चला कि उसके दिमाग के आधे हिस्से में खून जम चुका है जिस कारण बच्चे का दिमाग पूरी तरह काम नहीं कर रहा था। उन्होंने हार नहीं मानी और अस्पताल में मौजूद जाने माने न्यूरो सर्जन डा. बजाज से बात की।  डा. बजाज ने बच्चे को न्यूरो डिपार्टमेंट में ले लिया और बच्चे को बचाने की आखिरी उम्मीद में पांच दिन के बच्चे के सिर की सर्जरी की। दो घंटे के आपरेशन के बाद बच्चे को आईसीयू में रखा गया। एनआईसीयू वार्ड में जांचों के बाद बच्चा पूरी तरह से स्वस्थ हो गया।

डा. अजय  बजाज ने बताया कि वह कांग्रेस ऑफ वल्र्ड न्यूरोलॉजिकल सर्जन यूएसए के सदस्य हैं। उन्होंने इस ग्रुप में आपरेशन की जानकारी साझा की और ग्रुप के सदस्यों से जानकारी ली तो बताया गया कि तीन माह तक के बच्चे की न्यूरो सर्जरी ही अब तक की गई है। इतने छोटे बच्चे की सर्जरी उनकी जानकारी में विश्व में कहीं नहीं हुई है। कहा कि इतने छोटे बच्चे की न्यूरो सर्जरी बेहद कठिन होता है। वह अपनी इस उपलब्धि को लिम्का बुक में दर्ज कराने को भेजेंगे।
वही बच्चे के परिजन इस सफल ऑपरेशन और बच्चे के जीवन दान को दीवाली के मौके पर तोफा मान रहे है। कहते हैं, ‘जाके राखे सांईयां मार सके ना कोई,’ चार दिन के बच्चे की हालत देख जहां डाक्टर भी हिम्मत हार चुके थे वहीं जिसको जीवन मिलना था उसके लिए भगवान की तरह डा बजाज उसे मिले और उन्होने वो करिश्मा कर दिखाया जिससे पुरा चिकित्सा जगत हैरान है, और पुरा चिकित्सा जगद इस उपलब्धि के लिए जहां बच्चे की जान बचाने वाले डाक्टर को बधाी दे रहे हैं वहीं उनकी उपलब्धि को लिम्का बुक में भी दर्ज कराने की पहल पर जुट गये हैं।

10वीं गढ़वाल राइफल्स ने मनाया 53वां स्थापना दिवस

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देहरादून में 10वीं बटालियन गढ़वाल राइफल्स के पूर्व सैनिकों ने अपना 53वां स्थापना दिवस खूब धूमधाम से मनाया। इस दौरान गढ़वाल राइफल्स के गौरांवित करने वाले इतिहास पर भी पूर्व सैनिकों ने विचार रखे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मेजर जनरल एसपीएस कंवर ने शहीद सैनिकों के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। इसके बाद यूनिट के पूर्व सैनिक संघ संगठन के अध्यक्ष कैप्टन गणेश जोशी द्वारा यूनिट के इतिहास व अवॉर्ड आदि के बारे में बताया गया। इसके बाद सितंबर 2017 में यूनिट को मिले पश्चिमी कमांड द्वारा प्रदान किए गए प्रशस्तिपत्र व सम्मान के बारे में बताया गया।

अध्यक्ष कैप्टन जोशी ने बताया कि, “10वीं गढ़वाल राइफल्स एक ऐसी यूनिट है, जिसके पास भारतीय सेना के सबसे अधिक गैलेंट्री अवार्ड हैं। साथ ही बटालियन अमरनाथ यात्रा करने का काम भी निर्विघ्न रूप से कर चुकी है।”

कार्यक्रम में पाइप बैंड की मुधर धुनों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में कर्नल एसएस चौधरी, कर्नल रजवार, कैप्टन रघुवीर, कैप्टन वीरेंद्र, कमल सिंह सहित काफी संख्या में पूर्व सैनिकों के परिवार के सदस्या भी मौजूद रहे। 

प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की अपील

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देहरादून के युवाओं के संगठन मेकिंग अ डिफरेंस बाय बीइंग द डिफरेंस (मैड) के आह्वान पर शहर के कई संगठन एवं बुद्धिजीवी लोग एक साथ गांधी पार्क पर इकट्ठे हुए। सभी ने एक स्वर में दीपावली त्यौहार के मौके पर बम पटाखों के उपयोग न किए जाने की अपील की।

संस्थान के आग्रह पर गांधी पार्क पर एकत्र हुए शहर के कई संगठन एवं बुद्धिजीवी लोगों ने घंटाघर तक रैली भी निकाली, जहां उन्होंने रैली निकालकर दीपावली को दीपों और रंगों का त्योहार के रूप में मनाने का संदेश दिया। इस आग्रह को न सिर्फ व्यापक जान समर्थन मिला बल्कि शहर के कई संगठनों ने एक स्वर में इसको अपना पूर्ण समर्थन संख्याबल एवं वैचारिक तौर पर दिया।

गौरतलब है कि मैड संस्था के सदस्यों ने पहले तो सुबह गुच्चुपानी क्षेत्र की सफाई में श्रमदान दिया और शाम को रैली में भी पहुंच गए। संस्था के सदस्यों ने संतुलित विकास, स्वच्छता का संदेश एवं एक पर्यावरण के दृष्टिकोण से सहनशील दीवाली का संदेश देते चार्ट पेपर के पोस्टरों के जरिए लोगों को जागरूक किया।

इस मौके पर संगठनों में अपने सपने, नियो विजन, आरटीआई क्लब, संयुक्त नागरिक संगठन, आईआईपीसी, अमूल्य जीवन, अखिल भारतीय समानता मंच, मैती स्वयंसेवा संगठन, दून रेसिडेंट्स वेलफेयर फ्रंट, फ्रीडम फाइटर सुक्सीस्सर आर्गेनाईजेशन एवं सोशल जस्टिस एंड ह्यूमन राईट आर्गेनाइजेशन शामिल रहे। मैड संस्था की ओर से संस्थापक अध्यक्ष अभिजय नेगी, करन कपूर, विनोद बघियाल, शिप्रा, आदर्श, दक्ष, जाह्नवी, श्रेया, विजय प्रताप सिंह, शरद माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।

गोलमाल-4 को लेकर पाक में एडवांस बुकिंग

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दीवाली के मौके पर रिलीज होने जा रही रोहित शेट्टी की फिल्म ‘गोलमाल रिटर्न्स’ पहली ऐसी भारतीय फिल्म है, जिसे लेकर पाकिस्तान के सिनेमाघरों में एडवांस बुकिंग शुरु की गई है और मिली खबरों के मुताबिक, वहां एडवांस बुकिंग को अच्छा रेस्पांस मिल रही है।

पाक से मिल रही खबरों में बताया गया है कि 60 प्रतिश्त से ज्यादा टिकटों की एडवांस में बुकिंग हो चुकी हैं। वहां के सिनेमाघरों में भी ये फिल्म भारत के साथ ही रिलीज होगी। भारत में भी इसकी एडवांस बुकिंग एक महीने पहले ही शुरु कर दी गई थी।

पाकिस्तान में हाल ही में अजय देवगन की फिल्म ‘बादशाहो’ भी रिलीज हुई थी और इसे वहां अच्छा रेस्पांस मिला था। जहां ‘गोलमाल रिटर्न’ पाक सिनेमाघरों में पंहुचने वाली है, वहीं आमिर खान की फिल्म ‘सीक्रेट सुपर स्टार’ को लेकर आशंका है कि वहां का सेंसर बोर्ड इस फिल्म पर रोक लगा सकता है, क्योंकि फिल्म की कहानी एक कश्मीरी मुस्लिम परिवार की लड़की को लेकर है, जिसे गाने की इजाजत नहीं मिलती। ‘दंगल’ वाली जायरा वसीम ने ये रोल किया है। आमिर खान ने फिल्म में मेहमान भूमिका निभाई है, जिसमें वे एक संगीतकार के रोल में हैं।

शिक्षा अधिकारी ही कर रहे हैं सरकार की छवि धूमिल

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उत्तराखंड के विद्यालयी शिक्षा को चुस्त-दुरूस्त करने का काम वर्तमान शिक्षामंत्री अरविंद पाण्डेय कर रहे हैं, लेकिन उन्हीं के विभाग के कुछ अधिकारी कर्मचारी इसमें मीन-मेख निकालकर सरकार की छवि धूमिल करने का काम कर रहे हैं।

मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में स्वीकृत/रिक्त पदों के सापेक्ष लगभग 612 शिक्षक नियुक्त की प्रत्याशा में काम कर रहे हैं। इनमें 132 प्रवक्ता पद पर तथा 480 सहायक अध्यापक पद पर नियुक्त हैं। 2000-5000 की राशि प्रतिमाह लेकर काम कर रहे इन शिक्षकों को समान कार्य समान वेतन का नियम लागू किया जाना चाहिए,लेकिन ऐसा नहीं है। सरकारी अधिकारी आर्थिक दोहन के नाम पर तमाम तरह की सीमाएं बांधकर इन लोगों को फंसाने का काम कर रहे हैं।

राज्य गठन के पश्चात 612 पीटीए शिक्षकों को तदर्थ नियुक्ति दी जा चुकी है, जिनमें 563 अध्यापक कार्य कर रहे हैं। इनमें 25 शिक्षक अनुसूचित जाति के भी हैं। सरकार द्वारा इन शिक्षकों के लिए 10 हजार रुपये प्रतिमाह का प्रबंधन किया गया है, लेकिन इस राशि को प्राप्त करने के लिए भी इन शिक्षकों को लंबे अरसे से पॉपड़ बेलने पड़ रहे हैं। हालांकि शिक्षामंत्री अरविंद पाण्डेय ने विधायक देशराज कर्णवाल द्वारा पूछे गए एक प्रश्न के दौरान उन्हें यह जानकारी दी थी, लेकिन अरविंद पाण्डेय के प्रयासों को पलीता दिखाने का काम विभागीय अधिकारी कर्मचारी कर रहे हैं। शिक्षा विभाग के वरिष्ठ रामकृष्ण उनियाल का फोन बामुश्किल मिला।

इस संदर्भ निदेशक डा. आरके कुंवर से भी जानकारी चाही गई थी, लेकिन उनका फोन बंद मिला। अपर निदेशक गढ़वाल रामकृष्ण उनियाल से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि, “शनिवार और इतवार अवकाश होने के कारण अधिकारिक जानकारी नहीं दी जा सकती।सोमवार को कार्यालय खुलने पर इस बारे में जानकारी दी जाएगी।” श्री उनियाल का कहना है कि, “इन शिक्षकों की कई श्रेणियां हैं, जिनके संदर्भ में कार्यालय खुलने पर ही बताया जा सकता है।” उनियाल के अनुसार, पीटीए शिक्षकों का मसला श्रेणियों में बंटे होने के कारण काफी पेचीदा हो गया है। उन्होंने कहा कि अब सोमवार को ही औपचारिक जानकारी दी जा सकती है। 

बांबे टाकीज के लिए करण जौहर की फिल्म में परिणीती चोपड़ा

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‘बांबे टाकीज’ की नई सीरिज के तहत करण जौहर की शार्ट फिल्म में परिणीती की प्रमुख भूमिका होगी। करण जौहर नवंबर में इसकी शूटिंग करेंगे। इस सीरिज के तहत भूमि पेड़णेकर को लेकर दिबाकर बनर्जी फिल्म बना चुके हैं। अनुराग कश्यप की फिल्म भी तैयार है। सिर्फ जोया अख्तर हैं, जिनकी फिल्म बननी बाकी है।

‘बांबे टाकीज’ नाम से 2013 में इन चार निर्देशकों की शार्ट फिल्मों का कलेक्शन रिलीज हुआ था। अब बांबे टाकीज की नई सीरिज फिल्मी परदे पर लाई जा रही है। उम्मीद है कि ‘बांबे टाकी’ज का ये नया वर्शन अगले साल मई-जून तक रिलीज हो जाएगा।

परिणीती की रिलीज होने वाली फिल्मों में ‘गोलमाल 4’ है, जो दीवाली पर रिलीज होने जा रही है। इसके बाद वे यशराज की दो फिल्मों में काम करने जा रही हैं, जिनमें से एक फिल्म में वरुण धवन और दूसरी में अर्जुन कपूर के साथ उनकी जोड़ी होगी।

 

पंचेश्वर बांध: ग्रामीणों ने डीपीआर स्पष्ट करने की मांग

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पंचेश्वर बांध को लेकर जनप्रतिनिधियों ने बांध प्रभावित गांवों का विस्थापन सुरक्षित और सुविधाजनक स्थान पर किए जाने के साथ जमीन का सर्किल रेट जिला मुख्यालय के सर्किल रेट के बराबर दिए जाने की मांग को लेकर जिलधिकारी को ज्ञापन सौंपा।

पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र में आ रहे बाराकोट ब्लॉक के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी जिलाधिकारी डॉ. अहमद इकबाल के माध्यम से माध्यम से राज्यपाल और मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजकर डीपीआर की स्थिति स्पष्ट करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि डीपीआर में इसका कोई उल्लेख नहीं है कि डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों का विस्थापन कहां किया जाएगा। स्थिति साफ नहीं होने से प्रभावित गांवों की जनता में असमंजस बना हुआ है। ग्रामीणों के विस्थापन और मुआवजे को लेकर कई सुझाव भी दिए गए हैं।

उन्होंने बांध प्रभावित परिवारों को मकान निर्माण के लिए एक मुश्त 30 लाख रुपये दिए जाने और गौशाला निर्माण के लिए अलग से ढाई लाख रुपये दिए जाने की मांग की है। प्रत्येक विस्थापित परिवार को 20 वर्षों तक कम से कम पांच हजार रुपये प्रतिमाह वार्षिक पॉलिसी के आधार पर दिए जाने चाहिए। ज्ञापन में डूब क्षेत्र का आकलन जलाशय के एफआरएल से कम से कम दो किमी ऊपर बसे गांवों को भी विस्थापन के दायरे में लाने और गांवों में हो रही खुली बैठकों में राजस्व विभाग के कर्मचारियों के साथ वाप्कोष कम्पनी का एक अधिकारी भेजे जाने का सुझाव दिया गया है। ज्ञापन में 49 बिन्दु शामिल किए गए हैं।

सिंगदा के क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज सामंत ने जिलाधिकारी के माध्यम से अलग से भेजे ज्ञापन में कहा है कि पंचेश्वर बांध से उनका आधा गांव डूब क्षेत्र में आ रहा है। शेष आधा गांव डूब क्षेत्र के ठीक ऊपर है। बांध बनने के बाद गांव के उपरी हिस्से में भविष्य में भू-स्खलन, बादल फटने जैसी घटनाएं घट सकती हैं। उन्होंने कहा कि घाट से उनके गांव की सीधी दूरी एक किमी है। दूसरी ओर मल्ली बेट्टा को बांध प्रभावित क्षेत्र में लिया गया है, जो सिंगदा के लिसाड़ी तोक और मसराड़ से अधिक ऊंचाई पर है। उन्होंने लिसाड़ी और मसराड़ को भी डूब क्षेत्र में शामिल करने की मांग की है।

श्रीनगर गढ़वाल में ‘भूतपूर्व सैनिक रैली’ का आयोजन किया गया

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जनपद पौड़ी गढ़वाल के श्रीनगर में भारतीय सेना की गरुड़ डिविजन के तत्वावधान में 13 एवं 14 अक्टूबर 2017 को उत्तराखंड के श्रीनगर गढ़वाल में ‘भूतपूर्व सैनिक रैली’ का आयोजन किया गया। इस रैली में पौड़ी गढ़वाल के विभिन्न क्षेत्रों से भूतपूर्व सैनिक एवं वीर नारियों ने भाग लिया। रैली का उद्घाटन गरुड़ डिविजन के जनरल आॅफीसर कमांडिंग मेजर जनरल कबिन्द्र सिंह ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ सैन्यधिकारियों सहित असैन्य गणमान्य अतिथिगण मौजूद थे।

sainik

दो दिवसीय रैली के आयोजन का उद्देश्य राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा भूतपूर्व सैनिकों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना एवं भूतपूर्व सैनिकों से जुड़े बुनियादी समस्याओं का मौके पर ही निराकरण करना था।

भूतपूर्व सैनिक रैली के दौरान सूचना से जुड़े विविध स्टाल लगाये गये, जिनमें पेंशन अदालत, बैंक पेंशन, आर्मी प्लेसमेन्ट नोड, एवं भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) शामिल हैं। इसके अलावा पेंशनरों के मोबाइल नंबर एवं पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने व डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र के पंजीकरण कराने के अवसर के साथ-साथ उन्हें बैंकों की नई पेंशन योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इसके अतिरिक्त भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के लिए एक चिकित्सा शिविर भी लगाया गया। इस अवसर पर निर्मल आई केयर, ऋशिकेष के द्वारा एक निःशुल्क नेत्र जांच स्टाल लगाया गया जिसका लोगों ने भरपूर लाभ उठाया।

इस दौरान दिव्यांग भूतपूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों को मोडिफाईड स्कूटर देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये गये, जिसमें भांगरा एवं गतका नृत्य शामिल हैं। इस रैली में बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिकों ने भाग लेकर रैली का लाभ उठाया तथा गरुड़ डिविजन द्वारा दी गई सुविधाओं की प्रशंसा की।