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लता मंगेशकर ने किया जावेद अख्तर को सम्मानित

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हिंदी सिनेमा के मशहूर गीतकार और लेखक जावेद अख्तर को गुरुवार की शाम को मुंबई में आयोजित एक भव्य आयोजन में ह्रदयनाथ मंगेशकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

इस मौके पर अपने संबोधन में जावेद अख्तर ने कहा कि मंगेशकर परिवार से मिला ये सम्मान उनके लिए गौरव की बात है। ये समारोह विले पार्ले के भाईदास हाल में आयोजित किया गया। जावेद अख्तर ने याद करते हुए कहा कि इसी हाल में उनको फिल्म जंजीर के लिए पहला पुरस्कार मिला था।

जावेद अख्तर ने लता मंगेशकर के साथ अपने रिश्तों को लेकर कहा कि बतौर गीतकार उन्होंने पहला गीत यश चोपड़ा की फिल्म सिलसिला के लिए लिखा था, जिसे लता मंगेशकर और किशोर कुमार ने मिलकर गाया था। इस मौके पर लता मंगेशकर ने जावेद अख्तर की सराहना करते हुए कहा कि बतौर लेखक और बतौर गीतकार जावेद अख्तर ने भारतीय सिनेमा को अपनी कलम के जादू से बांधे रखा है। ये सम्मान लता मंगेशकर के भाई ह्रदयनाथ मंगेशकर के 80वें जन्मदिन के मौके पर दिया गया।

‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ की अलख जगाएंगे युवा

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देहरादून। फाइव फेस एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड मॉडलिंग और फैशन की दुनिया में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए लेकर आया है मिस्टर एंड मिस देहारदून-2017 प्रतियोगिता के दूसरे सीजन के लिए 29 अक्टूबर को ऑडिशन होंगे। इस वर्ष यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता केंद्र सरकार की मुहिम ‘बेची बचाओ-बेटी बढ़ाओ’ के साथ लोगों के बीच आएगी। प्रतियोगिता के लिए चुने जाने वाले प्रतिभागी लोगों के बीच जाकर बेटियों को बचाने और बढ़ाने का संदेश देंगे।
फाइव फेस एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड मॉडलिंग के निदेशक विनायक शर्मा और श्वेता चौधरी ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता का फिनाले 10 दिसम्बर को होगा। इसके लिए पंजीकरण जारी हैं और 29 अक्टूबर को डग आउट लांज में ऑडिशन आयोजित किए जा रहे हैं। ऑडिशन में एमटीवी लव स्कूल और स्प्लिटविला फेम वेरोनिका राजपूत फैशन और मॉडलिंग से जुड़े विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे।

राष्ट्रीय स्तर पर निखरेगा टैलेंट
प्रतियोगिता के विजेताओं को मिस्टर एंड मिस उत्तराखंड और एक राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में सीधे प्रवेश दिया जाएगा। साथ ही ‘ट्रूगिग’ कंपनी के आगामी पंजाबी वीडियो एलबम में काम करने का मौका दिया जाएगा। वहीं, तमाम उपहार भी विजेताओं के लिए रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता के लिए अभी तक 300 से ज्यादा पंजीकरण हो चुके हैं और अभी दो दिन पंजीकरण जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि प्रतिभागी सीधे ऑडिशन के वक्त भी पंजीकरण करा सकते हैं।

सामाजिक मुद्दों पर करेंगे जागरूक
प्रतियोगिता के लिए चुने जाने युवा मॉडलिंग और फैशन के साथ ही समाज के लिए काम करेंगे। इसी उद्देश्य के साथ चुने गए प्रतिभागियों की ग्रुमिंग के दौरान उन्हें समाज के विभिन्न तबकों से रुबरु कराया जाएगा और इस दौरान वे स्वचच्छ भारत अभियान, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ को लेकर लोगों को जागरूक करेंगे। श्वेता चौधरी ने बताया कि इस आयोजन में कावेरी ज्वैलर्स, शेखर बाय मयंक, स्पोर्ट्स फिट बाय एमएस धौनी जिम, हेयर कैफे, दून ग्रुप ऑफ कॉलेजेज, सीएमएस एड एजेंसी, अवनीश फोटोग्राफी आदि सहयोग कर रहे हैं।
इस मौके पर मन्नू कालरा, विभोग गुप्ता, जैज पुश्कल, मिस्टर देहरादून-2016, शिवम खजूरिया, मिस्टर उत्तराखंड उप विजेता सागर सेनगुप्ता आदि मौजूद रहे।

16 घंटे के ऑपरेशन ने बचाई कैंसर पीड़ित रोगी की टांग

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देहरादून। चिकित्सक विशेषज्ञों की एक टीम ने 16 घंटे की हाई-प्रेसीजन मैराथॉन सर्जरी के जरिए 17 साल के मरीज की टांग को बचा लिया। पत्रकारों को जानकारी देते हुए डॉ. विपिन बर्थवाल ने बताया कि कैंसर की जंग जीत चुके इस मरीज को एम्प्यूटेशन यानि टांग काटने की सलाह दी गई थी। जटिल शल्यक्रिया को अंजाम देने वाले अस्पताल षज्ञों में शामिल थे डॉ. विपिन बर्थवाल व डॉ विवेक वर्मा, डॉ. महेश सुल्तानिया, डॉ. विमल पंडिता तथा मैक्स सुपर अस्पताल की टीम ने इस रोगी को टांग दान दी। 2015 में इस मरीज मनीष पडियार की दाहिनी टांग में ऑस्टियोसार्कोमा यानि हड्डी कैंसर का निदान किया गया। निदान के बाद मुम्बई के एक अस्पताल में उनकी शल्यक्रिया कर ट्यूमर निकाल दिया गया और प्रत्यारोपण यानि इम्प्लान्ट डाला गया। 2015 के बाद डॉ.. विमल पंडिता के मार्गदर्शन में मेडिकल ओंकोलोजी टीम ने उन्हें कीमोथैरेपी दी। जुलाई 2016 में मनीष के साथ एक दुर्घटना घटी, जिसके चलते उनकी उसी टांग में संक्रमण हो गया, जिसके बाद संक्रमित इम्प्लान्ट हटा कर रॉड डाल दी गई। लेकिन संक्रमण इतना गंभीर था कि उनकी टांग में घाव हो गया, जिसमें मवाद पड़ गई। कई अस्पतालों में राय लेने के बाद उन्हें एम्प्यूटेशन यानि टांग काटने की सलाह दी गई। दु:खी और परेशान परिवार एक बार फिर से डॉ. विमल पंडिता के पास पहुंचा। डॉ. पंडिता ने मनीष का मामला मैक्स इण्डिया फाउन्डेशन के समक्ष प्रस्तुत किया। मनीष के कैंसर के इतिहास का विश्लेषण करने के बाद मैक्स इण्डिया फा उन्डेशन मदद के लिए तैयार हो गया।
मैक्स अस्पताल देहरादून के विशेषज्ञों डॉ. विवेक वर्मा, डॉ. विपिन बर्थवाल, डॉ. महेश सुल्तानिया और डॉ.विमल पंडिता ने मामले का गहराई से अध्ययन किया, आपस में विचार-विमर्श किया। व्यापक विश्लेषण के बाद फैसला लिया गया कि टांग को बचाते हुए भी उनका इलाज किया जा सकता है। दो चरणों में सर्जरी का फैसला लिया गया। पहले चरण में डॉ. विवेक वर्मा ने संक्रमित इम्प्लान्ट, खराब हड्डी और अस्वस्थ उतकों को निकाला ताकि संक्रमण को नियन्त्रित किया जा सके। इसके बाद मरीज की टांग में पेशी और त्वचा कवर के बिना 20 सेंटीमीटर का दोष रह गया। पहले कई बार शल्यक्रियाएं होने के कारण मरीज की टांग में रक्त की आपूर्ति बहुत कम थी। इसलिए, घाव भर जाने के बाद सर्जरी की दूसरी अवस्था में टांग की हड्डी को रीक्रिएट किया गया, इसके लिए फि बुला (टांग की ही एक दूसरी हड्डी), पेशियों, तंत्रिकाओं, रक्त वाहिकाओं और त्वचा कवर का इस्तेमाल किया गया। डॉ. विपिन बर्थवाल ने कहा, ”यह मनीष के लिए जीवन बदल देने वाली शल्यक्रिया है। इस तरह की मुश्किल शल्यक्रिया मानसिक तौर पर भी मरीज पर भारी पड़ती है। इसके लिए टीम में काम करना होता है और शल्यक्रिया के बाद भी मरीज की सुरक्षा का पूर ध्यान रखना होता है, जिसे हमने मैक्स अस्पताल, देहरादून में कर दिखाया है।
डॉ. संदीप सिंह तंवर, वाईस प्रेजीडेन्ट-ऑपरेशन्स ने कहा, ‘जटिल लिम्ब सेविंग सर्जरी अब नियमित रूप से मैक्स सुपर स्पेशलटी अस्पताल, देहरादून में की जा रही है। हम मरीजों की सामर्थ्य को भी ध्यान में रखते हुए उन्हें इलाज मुहैया कराते हैं। हम पूरी कोशिश करते हैं कि मरीज के अंगों को बचाते हुए कैंसर को नष्ट किया जा सके। हम अपनी विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाओं के साथ उत्तराखण्ड एवं आस-पास के क्षेत्रों के लोगों को जटिल एवं सुरक्षित सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पुलिसकर्मी ने रक्तदान कर बचाई महिला की जान

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थाना गोपेश्वर के पुलिसकर्मी धनपाल ने एक महिला को रक्तदान कर उसकी जान बचाई। थानाध्यक्ष गोपेश्वर कुंदन राम ने बताया कि रोली ग्वाड निवासी जगदीश चंद्र की पत्नी कलावती देवी को उसके परिजन प्रसव के लिए जिला चिकित्सालय में लाये थे।

प्रसव के दौरान पैदा हुए बच्चे की मौत हो गई और कलावती देवी को अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी स्थिति काफी चिंता जनक हो गई थी। डॉक्टरों ने परिजनों से यथाशीघ्र खून की व्यवस्था करवाने की बात कही। 

इस पर परिजनों ने रक्तदाता ग्रुप के लोगों के साथ ही पुलिस के जवानों से भी संपर्क किया। जिस पर थाना गोपेश्वर में तैनात कांस्टेबल धनपाल ने रक्त दिया। जिससे महिला की स्थिति अब सामान्य बनी हुई है। परिजनों ने पुलिस महकमे का धन्यवाद किया है।

हाईवे पर गड्ढों से बढ़ा सड़क हादसों का ग्राफ

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ऋषिकेश। हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए दिन लगने वाले जाम के साथ ही गड्ढों के कारण होने वाले हादसे भी वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। आईडीपीएल, कैनाल गेट, हनुमान मन्दिर के सामने नेशनल हाईवे अथॉरिटी की ओर से कराया जा रहा डामरीकरण लोगों पर भारी पड़ रहा। सड़क निर्माण में बरती गई अनियमितता के चलते यहां आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं।

हाल में ही इस नेशनल हाईवे पर विभाग द्वारा सड़क का डामरीकरण किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि उक्त कार्य के दौरान सड़क के मध्य में मेन होल के ढक्कन और जगह-जगह बनी हुईं पुलिया पर ठीक से काम नहीं किया। इसके चलते जगह-जगह सड़क ऊपर-नीचे है। पिछले एक पखवाड़े में ही इनकी चपेट में आकर कई वाहन चालकों को अस्पताल का रुख करना पड़ा है। क्षेत्र के समाजसेवी वाईएस भण्डारी का कहना है इन गड्ढों की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को मामले की जानकारी देते हुए कारवाई की मांग की।

2800 रुपये में बना दिया फर्जी सर्टिफिकेट

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सितारगंज- एलएलबी के छात्र ने एक स्कूल के प्रधानाचार्य और उसके बेटे के खिलाफ एसडीएम को स्कूल द्वारा फर्जी टीसी बनाकर देने के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। जिस पर एसडीएम विनोद कुमार ने इसकी जांच खंड शिक्षा अधिकारी और कोतवाल से कराने की बात कही।

छात्र अमृतपाल सिंह का कहना था कि उसके पास चीनी मिल स्थित विद्यालय के प्रधानाचार्य का बेटा आया और कहने लगा कि किसी को अगर किस भी क्लास की कोई टीसी चाहिए हो तो वह अपने विद्यालय से बनवा देगा। जिस पर उसने इसका पता लगाने के लिए स्वयं विद्यालय जाकर आठवीं किलास की टीसी बनाने के लिए कहा, जिस पर उससे प्रधानाचार्य ने 2800 रुपये लेकर उसे फर्जी टीसी आठ पास की बना दी। इसके बाद उसने विद्यालय प्रबंधक और उसके बेटे के खिलाफ खंड शिक्षा अधिकारी और कोतवाली में तहरीर दी, लेकिन उनकी तहरीर पर न तो कोतवाली पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई की गई और न ही खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा।  जिस पर वह इस फर्जीवाड़े के खिलाफ  एसडीएम कार्यालय पहुंचे।

उसने एसडीएम विनोद कुमार से मांग की कि इस फर्जीवाड़े की जांच कर प्रधानाध्यापक और उसके बेटे के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस पर एसडीएम विनोद कुमार ने मामले की जांच खंड शिक्षा अधिकारी से करा उचित कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।

पीएम मोदी से मिलकर बच्चों ने जताई खुशी

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देहरादून। मसूरी के केंद्रीय विद्यालय एलबीएसएनएए के कक्षा छह से नौ तक के 35 चयनित विद्यार्थियों के लिए शुक्रवार का दिन यादगार बन गया। यह स्वाभाविक भी था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन बच्चों के साथ न सिर्फ योगाभ्यास किए, बल्कि करीब 10 मिनट तक बातचीत भी की। इससे न सिर्फ ये विद्यार्थी, बल्कि विद्यालय प्रशासन भी गदगद है। साथ ही बच्चों में इसका मलाल रहा कि समयाभाव के चलते वे प्रधानमंत्री से सवाल नहीं पूछ पाए, वहीं विद्यालय प्रशासन के मन भी टीस रही कि काश प्रधानमंत्री उनके विद्यालय का भी भ्रमण करते।

प्रधानमंत्री के साथ करीब 55 मिनट (45 मिनट योग और 10 मिनट बातचीत) की यादगार मुलाकात के अनुभवों को केवि के छात्रों ने मीडिया से साझा किया। आयुष रावत, उषा यादव, कुसुम कैंत्यूरा, वंशिका और आयुषी का कहना था कि पीएम सर को अपने बीच पाकर वे खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। योग के बाद प्रधानमंत्री ने सभी बच्चों से पूछा-‘योगा करते हो, आसन और प्राणायाम के बारे में जानते हो’, इस सवाल पर उन्हें बताया गया कि स्कूल में रोजाना सुबह योग कक्षा चलती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बच्चों योग का साथ कभी न छोड़ना। बच्चों के मुताबिक फिर पीएम सर ने पूछा कि कौन-कौन से खेल खेलते हो, इस बारे में किसी ने ताइक्वांडो, किसी ने स्केटिंग, टेबल टेनिस आदि के बारे में बताया तो प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि वे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करें। प्रधानमंत्री के मित्रवत व्यवहार से बच्चे अभिभूत दिखे। अभिषेक रावत, हार्दिक राय, इंशा असलम समेत अन्य छात्रों की प्रतिक्रिया देखिये-‘पीएम सर ने काफी फ्रेंडली बात की। हमने सोचा नहीं था कि पीएम हमारे बीच आकर और साथ बैठकर योग करेंगे। यह बेहद यादगार पल थे।’
छात्रों के मुताबिक वे पीएम से सवाल पूछना चाहते थे कि उन्होंने पूरे भारत को कैसे संभाला हुआ है, लेकिन समय नहीं था, इसलिए नहीं पूछ पाए। वहीं, विद्यालय के प्रधानाचार्य दीपक डबराल ने कहा कि यह यादगार मौका था, जब पीएम उनके विद्यालय के बच्चों के बीच थे। वह कहते हैं कि काश, पीएम उनके विद्यालय में भी आते।

अब उत्तराखंड के दिव्यांगों को मिलेगा चार प्रतिशत आरक्षण

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उत्तराखण्ड सरकार ने राज्याधीन सेवाओं, शिक्षण संस्थाओं तथा सार्वजनिक उद्यमों निगमों एवं स्वायत्तशासी  संस्थानों में दिव्यांगों के लिए निर्धारित 03 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को बढ़ाकर 04 प्रतिशत करने का निर्णय लिया है। प्रमुख सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने इस सम्बन्ध में शुक्रवार को शासनादेश जारी किया है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के निर्देश पर दिव्यांगों की सुविधा हेतु राज्य में विभिन्न चयन संस्थाओं द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले दिव्यांग अभ्यर्थियों हेतु सुविधा प्रदान किये जाने, परीक्षा केन्द्र बहुमंजिले भवन में होने की स्थिति में दिव्यांग अभ्यर्थियों को भवन के भूतल स्थित कक्ष में ही सीट आवंटित किये जाने एवं परीक्षा केन्द्र जनपद मुख्यालयों में रेलवे स्टेशन अथव बस स्टेशन के समीप बनाए जाने के आदेश पहले ही जारी किये जा चुके हैं।

सोनू निगम- पाकिस्तान के राष्ट्रगान का भी सम्मान करुंगा

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हाल ही में मस्जिद में होने वाली अजान में लाउडस्पीकर से होने वाली तेज आवाज के खिलाफ आवाज उठाने वाले गायक सोनू निगम ने सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजने के मुद्दे पर कहा है कि राष्ट्रगान किसी भी देश का हो, इसका सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कहीं पाकिस्तान का राष्ट्रगान बजता है, तो वे इसका भी सम्मान करेंगे। साथ ही सोनू निगम ने कहा कि वे ये भी महसूस करते हैं कि सिनेमाघरों में राष्ट्रगान को देशभक्ति के साथ नहीं जोड़ना चाहिए।

सोनू निगम ने कहा कि, “किसी की राष्ट्रभक्ति को मापने का कोई पैमाना नहीं हो सकता, देशभक्ति बाजारु नहीं हो सकती, जिसकी कीमत लगाई जाए। ये मन से होती है और जज्बे से होती है। इसे लेकर जोर जबरदस्ती का वे कभी समर्थन नहीं करते।”

सोनू निगम केंद्र की मौजूदा मोदी सरकार के काम काज से खुश हैं और कहते हैं कि, “इस सरकार ने कई अहम और साहसिक फैसले किए, जिनका फायदा आने वाले वक्त में देश की जनता को मिलेगा।” सोनू निगम ने राजनीति में आने की संभावना को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि वे हमेशा राजनीति से दूर रहे हैं और दूर ही रहना चाहते हैं, लेकिन जिम्मेदार नागरिक की तरह वे समाजिक और राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बात जरुर कहते रहेंगे।

ढाका पंहुचे शबाना और जावेद अख्तर

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शबाना आजमी और जावेद अख्तर की जोड़ी आज पड़ोसी देश बंग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित होने जा रहे एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पंहुची है। हवाई अड्डे पर दोनों का जोरदार स्वागत किया गया। शबाना आजमी और जावेद अख्तर कैफी और मैं कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे।

ये कार्यक्रम शबाना आजमी के पिता और मशहूर शायर कैफी आजमी की याद में आयोजित किया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, इस मौके पर शबाना आजमी अपने पिता की शायरी का पाठ करेंगी, तो जावेद अख्तर अपनी शायरी सुनाएंगे। इस मौके पर गजल गायक जसविंदर सिंह कैफी की गजलों को गाएंगे।

ये कार्यक्रम पहले 25 अक्तूबर को होने वाला था, लेकिन अब इसे शुक्रवार की शाम को किया जा रहा है। शबाना आजमी ने ढाका हवाई अड्डे पर पंहुचकर वहां से अपनी और जावेद अख्तर की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की और स्वागत के लिए शुक्रिया कहा। शबाना आजमी और जावेद अख्तर की ये दूसरी ढाका यात्रा है। ये जोड़ी शनिवार की शाम को मुंबई लौट आएगी।