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पति-पत्नी में मारपीट, पति पर केस दर्ज

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हरिद्वार, ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में दूसरी महिला के चक्कर में फंस कर पत्नी व बच्चों को पीटने वाले पति को हवालात की हवा खानी पड़ गई। पुलिस ने मारपीट करने पर उसके खिलाफ प्रभावी धाराओं में केस दर्ज कर लिया।

ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र की सुभाषनगर कॉलोनी में रजनी ने पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने बताया कि पति मोनू किसी दूसरी महिला के चक्कर में फंसा है। इसी बात को लेकर वह घर में मारपीट करता है। पुलिस ने शिकायत पर पति को पकड़ लिया और कोतवाली लाकर हवालात में बंद कर दिया। पति से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह पहले एक महिला के चक्कर में था, लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं है। उसके विरुद्ध प्रभावी धाराओं में कार्रवाई भी की।

वहीं, ज्वालापुर पुलिस को विवाहिता ने तहरीर देकर पति और सास पर मारपीट का आरोप लगाया है। पुलिस ने महिला रुकसाना की तहरीर लेकर पति नौशाद व सास रजिया के विरुद्ध जांच शुरू कर दी। पुलिस ने विवाहिता को आश्वासन दिया कि जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान की शुरुआत

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गोपेश्वर। चमोली के जिलाधिकारी अशीष जोशी ने जिला मुख्यालय गोपेश्वर के प्राथमिक विद्यालय कुंड में स्कूली बच्चों को खसरा-रूबेला टीका लगवाकर अभियान की शुरुआत की।
सोमवार को प्रावि कुंड में पंजीकृत सभी 30 बच्चों का टीकाकरण किया गया। एक माह तक चलने वाले इस अभियान के तहत जिले में 9 माह से 15 साल तक के 97,474 बच्चों का टीकाकरण किया जायेगा। इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि खसरा रूबेला टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं से टीकाकरण कार्यक्रम में सहयोग की अपील की है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की सभी टीमों को अभियान के दौरान 09 माह से 15 वर्ष तक के सभी बच्चों का टीकाकरण करने को कहा, ताकि बच्चों को खसरा रूबेला जैसी घातक बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. मंयक बडोला ने बताया कि मिजिल्स-रूबेला टीकाकरण कार्यक्रम 30 अक्टूबर से 30 नवंबर तक चलाया जायेगा। जिले में 97,474 बच्चों को खसरा रूबेला टीकाकरण हेतु लक्ष्य निर्धारित है। इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. मंयक बडोला, जिला कार्यक्रम प्रबंधक दीपक खंडुरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

ये है बुलेट ट्रेन लोगो के बनने के पीछे की कहानी

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केंद्र सरकार की बुलेट ट्रेन परियोजना जितनी महत्वाकांशी और मुश्किलों से भरी है उतनी ही रोमांच से भरी है। परियोजना का लोगो डिजाइन करने के लिये सरकार ने एक मुकाबला रखा, इस मुकाबले में चक्रधर आला नाम के डिजाइनर को जीत हासिल हुई और चक्रधर को आत्मविश्वास की बुलंदियों पर पहुंचा दिया। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि इस मुकाम पर पहुंचने के लिए उसे कितना इंतजार करना पड़ा।

दरअसल चक्रधर इससे पहले भी विभिन्न लोगो प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते रहे हैं और करीब-करीब 30 बार नाकामी का दर्द उन्हें झेलना पड़ा। नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद के सेकंड ईयर के छात्र 27 वर्षीय चक्रधर आला ने कहा कि उसने, “केंद्र सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर शुरु तकरीबन हर डिजाइन प्रतियोगिता में हिस्सा लिया, लेकिन लगातार नाकामी का सामना करना पड़ा, आखिरकार बुलेट ट्रेन के लिए बनाए उसके लोगो ने ज्यूरी का दिल जीत लिया।” चक्रधर का कहना है कि वह बेहद उत्साहित है और बुलेट ट्रेन से संबद्ध हर सरकारी दस्तावेज, लेटर हेड और सूचना पत्रों पर अपनी कृति देखने के लिये अब ज्यादा इंतजार नहीं कर सकते।

अपने डिजाइन के बारे में कहते हुए वो बतात हैं कि, “अगर कोई इस लोगो को करीब से देखे तो ट्रेन जैसी आकृति नजर आएगी, जिसमें बनायी गई बिंदु हर स्टेशन और संबंधित मार्ग को दर्शाती हैं। डिजाइन में देश की इस हाई स्पीड ट्रेन के कई पहलुओं को समाहित किया गया है।”

मूल रुप से हैदराबाद के रहने वाले चक्रधर के पिता एक सरकारी आॅफिसर हैं और उनकी माता शहर के स्कूल में प्रधानाध्यापिका हैं। अपने डिजाइन के बारे में चक्रधर ने कहा कि ”मेरा डिजाइन दिखने में बेहद आसान है लेकिन इसमें गहरे अर्थ छिपे हैं। चीता जहां तेज गति, विश्वसनीयता और भरोसे को दर्शाता है वहीं यह लोगो इसके शरीर पर उकेरे गये रेल नेटवर्क के साथ किसी पारंपरिक ट्रेन का मानचित्र भी प्रदर्शित करता है। लोगो डिजाइन करने के प्रति मेरी धुन के कारण मेरे मित्र एवं परिवार के लोग मुझे लोगोमैन कहते हैं। मैंने स्वच्छ भारत और बेटी बचाओ जैसे कई कार्यक्रमों का लोगो बनाया है, लेकिन ट्रेननुमा चीता की डिजाइन मेरी पहली जीत है”।

मिलिए महाराजा रतन सिंह की पहली पत्नी से

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संजय लीला भंसाली की 1 दिसंबर को रिलीज होने जा रही फिल्म पद्मावती में एक अहम किरदार महाराजा रतन सिंह (शाहिद कपूर का किरदार) की पहली पत्नी नागमति का है, जिसे इस फिल्म में टीवी अभिनेत्री अनुप्रिया गोयनका ने निभाया है।

कुछ दिनों पहले लांच हुए फिल्म के ट्रेलर में इस किरदार का जिक्र नहीं था, लेकिन हाल ही में लांच हुए फिल्म के पहले गाने घूमर, में महाराजा रतन सिंह और पद्मावती के साथ नागमति की झलक भी देखने को मिली। नागमति का ये किरदार निभाने वाली अभिनेत्री अनुप्रिया गोयनका काफी पहले उस वक्त मीडिया की सुर्खियों में आई थी, जब उन्होंने एक विज्ञापन में समलैंगिक किरदार किया था।

इस विज्ञापन को देश का पहला ऐसा विज्ञापन माना जाता है, जिसमें महिलाओ की समलैंगिकता को दिखाया गया था। अनुप्रिया गोयनका इससे पहले साउथ की कुछ फिल्मों में काम कर चुकी हैं। उनकी पहली हिंदी ‍फिल्म ढिशूम थी, जिसमें जान अब्राहम और वरुण धवन थे और निर्देशन वरुण के भाई रोहित धवन ने किया था।

चमोली में 97,474 बच्चों का टीकाकरण लक्ष्य

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खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान के तहत चमोली जनपद में 97,474 बच्चों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ भागीरथी जंगपांगी ने खसरा टीकाकरण कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि, “यह टीकाकरण अभियान 30 अक्टूबर से 30 नवम्बर तक चलाया जाएगा।”

13 राज्यों में इस कार्यक्रम का सफल आयोजन किया जा चुका है तथा उत्तराखण्ड 14वां राज्य है जहां खसरा रूबेला कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। बताया कि जिले में 97,474 बच्चों को खसरा रूबेला टीकाकरण हेतु लक्ष्य निर्धारित है। जिले में 1460 टीकाकरण सत्रों का आयोजन विभिन्न विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों में अभियान के दौरान किया जायेगा। जिले के 11 अति दुर्गम स्थानों में भी टीकाकरण सत्र आयोजित किये जायेंगे।

अभियान के तहत पहले और दूसरे सप्ताह में सभी सरकारी एवं प्राइवेट विद्यालयों में 9 माह से 15 साल तक के बच्चों को एएनएम, आशा, आंगबाड़ी कार्यकत्री, वाॅलियंटर टीम द्वारा बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। जबकि तीसरे व चौथे सप्ताह के दौरान गांव व शहरी क्षेत्रों में तय आउटरीच क्षेत्रों और मोबाईल पोस्ट द्वारा स्कूल न जाने वाले और छूटे हुए बच्चों का टीकारण कराया जायेगा। बताया कि कार्यक्रम की सफलता के लिए जिले को चार सैक्टर में बांटा गया है जिसमें नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जा चुकें है तथा पूरे जिले में 84 क्षेत्रों को हार्ड टू रीच क्षेत्रों की सूची में रखा गया है। किसी भी आपात स्थिति के लिए सभी विकास खंडों एवं जनपद स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किये गये हैं। 

18 इंच की लाइन में 18 लीकेज को ठीक करेंगे सात ठेकेदार

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देहरादून। साल भर से लीकेज पड़ी लाइन को ठीक करने के लिए जल संस्थान की नीद अब खुल गई है। हालत यह है कि लीक पड़ी एक पाइप लाइन को ठीक करने के लिए सात ठेकेदारों को लगाया जा रहा है। वजह ये है कि इस 18 इंच की लाइन 18 जगह से लीक है, जिससे हर दिन करीब 50 हजार लीटर पानी सड़क व नालियों में बर्बाद हो जाता है। इससे लोगों को भी पेयजल किल्लत से जूझना पड़ रहा है।

नेहरू कॉलोनी स्थित तीन नलकूपों से करीब सात हजार एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) पानी 18 इंच की लाइन के जरिए सर्वे चोक पहुंचता है, जहां से डालनवाला, करनपुर, ईसी रोड समेत 50 हजार से ज्यादा की आबादी को पानी की सप्लाई दी जाती है। चूंकि, ये लाइन सीमेंट की है और 50 साल से ज्यादा पुरानी हो चुकी है। इस वजह से यह लाइन 18 जगह से लीक है। पानी बर्बाद होने से लोगों को तो पेयजल किल्लत का सामना करना ही पड़ रहा है, साथ ही इससे सड़कें भी खराब हो रही हैं। इतना ही नहीं, ये आज नहीं बल्कि पिछले एक साल से अधिक समय से ऐसे ही लीक हो रही है।
हालांकि, लाइन को बदलने के लिए जल संस्थान ने कुछ समय पूर्व तीन करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया, लेकिन शासन से कोई बजट न मिलने के कारण प्रस्ताव डंप पड़ा हुआ है। अब सड़कें खराब होने से लोनिवि ने जल संस्थान को पत्र भेजते हुए उक्त लाइन को ठीक करने को कहा है। बजट न मिलने की स्थिति में जल संस्थान मुख्यालय ने दक्षिण शाखा में कार्यरत सभी सातों ठेकेदारों को एक दिन में लाइन की सभी लीकेज ठीक करने की तैयारी की है। सभी ठेकेदार एक दिन में अपनी लेबर लेकर लाइन को ठीक करने का काम करेंगे।
हालांकि इस दिन तीनों नलकूपों को बंद रखा जाएगा, जिससे संबंधित इलाकों में पेयजल आपूर्ति नहीं होगी। जल संस्थान की महाप्रबंधक नीलिमा गर्ग ने बताया कि ‘जल संस्थान लाइन को ठीक करने के लिए प्रयास कर रहा है। जल्द ही सभी लीकेज को ठीक कर आपूर्ति को सुचारू कर दिया जाएगा।

शाहरुख के साथ करण की दसवीं फिल्म

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आगामी 3 नवंबर को रिलीज होने जा रही फिल्म ‘इत्तेफाक’ करण जौहर और शाहरुख खान की पार्टनरशिप की दसवीं फिल्म होगी। करण जौहर की कंपनी में शाहरुख खान की पहली फिल्म ‘डुप्लीकेट’ थी, जिसे महेश भट्ट ने निर्देशित किया था और इसमें शाहरुख के साथ जूही चावला और सोनाली बेंद्रे थी।

इसके बाद शाहरुख खान ने इस बैनर में करण जौहर की बतौर निर्देशक पहली फिल्म ‘कुछ-कुछ होता है’ में काम किया, जिसमें उनकी जोड़ी काजोल के साथ रही और फिल्म को बाक्स आफिस पर रिकार्डतोड़ सफलता मिली। करण जौहर की कंपनी में शाहरुख खान की तीसरी फिल्म कल हो न हो थी, जिसे निखिल आडवाणी ने निर्देशित किया था और फिल्म में शाहरुख के साथ सैफ अली खान और प्रीति जिंटा का त्रिकोण था।

करण जौहर ने शाहरुख खान के साथ चौथी फिल्म ‘कभी-अलविदा न कहना’ बनाई, जिसमें शाहरुख के अलावा अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, रानी मुखर्जी और प्रीति जिंटा ने काम किया था। इस जोड़ी की पांचवी फिल्म थी ‘कभी खुशी कभी गम’, जिसमें शाहरुख खान के साथ काजोल के अलावा रितिक रोशन और करीना कपूर तथा अमिताभ बच्चन थे।

करण जौहर ने शाहरुख खान के साथ पार्टनरशिप में 6ठीं फिल्म काल बनाई, जिसमें अजय देवगन, जान अब्राहम और विवेक ओबेराय थे और सोहम शाह इसके निर्देशक थे। शाहरुख ने इस फिल्म के लिए सिर्फ प्रमोशनल सांग किया था। करण जौहर ने कई साल बाद निर्देशन में लौटते हुए शाहरुख खान को लेकर ‘माई नेम इज खान’ बनाई, जो करण जौहर और शाहरुख खान की कंपनी द्वारा मिलकर बनाई गई थी।

आलिया भट्ट, वरुण धवन और सिद्धार्थ मल्होत्रा को लांच करने के लिए बनी फिल्म ‘द स्टूडेंट्स आफ ईयर’ में भी शाहरुख खान और करण जौहर की पार्टनरशिप थी। गौरी शिंदे की फिल्म ‘डियर जिंदगी’ भी शाहरुख खान और करण जौहर की पार्टनरशिप की फिल्म थी, जिसमें शाहरुख खान और आलिया भट्ट ने प्रमुख भूमिकाएं की थीं। अब ये जोड़ी बीआर चोपड़ा के बैनर की फिल्म ‘इत्तेफाक’ के रीमेक में साथ है, जो 3 नवंबर को रिलीज होने जा रही है और इस रीमेक में सिद्धार्थ मल्होत्रा, सोनाक्षी सिन्हा और अक्षय खन्ना की प्रमुख भूमिकाएं हैं।

कैटरीना कैफ भी शुरु करेंगी फैशन लाइन

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ऐश्वर्या राय, सोनम कपूर और अनुष्का शर्मा के बाद अब कैटरीना कैफ को लेकर खबर मिल रही है कि वे भी जल्दी ही अपनी फैशन लाइन शुरु करने जा रही हैं। संकेत मिल रहे हैं कि जल्दी ही कैटरीना के नाम से डिजाइनिंग ड्रेसेज के लेबल को लांच किया जाएगा।

कैटरीना कैफ की टीम के हवाले से मिली खबर के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय स्तर की एक फैशन डिजाइनिंग कंपनी के साथ इसे लेकर करार हो चुका है, जो कैटरीना के फैशननुमा ड्रेसेज की सीरिज को लांच करेगी। संकेत हैं कि दिसंबर में इस सीरिज की लांचिंग होगी। कहा जा रहा है कि पहले इसे आन लाइन लांच किया जाएगा और आगे जाकर देश के 9 अलग अलग शहरों में कैटरीना के ब्रैंड के आउटलेट खोले जाएंगे।

ये आउटलेट मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, बंगलुरु, चंडीगढ़, जयपुर, अहमदाबाद और इंदौर में खोले जाएंगे। हाल ही में जब अनुष्का ने नुश नाम से अपनी फैशन लाइन शुरु की थी, तो चीन की एक आन लाइन फैशन कंपनी से नकल के मामले को लेकर विवाद हो गया था। संभव है कि अपनी आने वाली फिल्म टाइगर जिंदा है के रिलीज के मौके पर कैटरीना अपनी फैशन लाइन को लांच कर दें।

ये फिल्म 22 दिसंबर को रिलीज होने जा रही है, कैटरीना कैफ इस फिल्म के अलावा यशराज की फिल्म ठग आफ हिंदोस्तां में आमिर खान और आनंद एल राय की फिल्म में शाहरुख खान के साथ काम कर रही हैं।

दुबई में लांच हुआ रोबोट 2.0 का आडियो

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सुपर स्टार रजनीकांत की बहुभाषी फिल्म ‘रोबोट 2.0’ का आडियो यहां एक रंगारंग समारोह में रिलीज किया गया। इस समारोह में फिल्म में संगीत दे रहे एआर रहमान ने फिल्म के गानों पर लाइव परफारम किया।

दुबई के एक स्टेडियम में हुए इस भव्य समारोह में लोगों की गिनती 60000 से ज्यादा बताई गई है। अनुमान के तौर पर इस समारोह की लागत 15 करोड़ आंकी गई है, इस समारोह में फिल्म की पूरी कास्ट शामिल हुई। सुपर स्टार रजनीकांत कल एक विशेष विमान से इस समारोह में हिस्सा लेने दुबई पंहुचे थे। उनकी एक झलक पाने के लिए दुबई के हवाई अडडे और होटल तक जाने वाली सड़क पर उनके फैंस की भारी भीड़ जमा थी।

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दुबई में बनी दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग बुर्ज खलीफा पर इस फिल्म को लेकर विशेष लाइटिंग की गई। दुबई के लगभग सभी मॉल्स और रास्ते इस फिल्म के पोस्टरों से पाट दिए गए थे। बिल्डिंगों से लेकर समुद्र तक इस फिल्म के पोस्टर नजर आए। समुद्र में इस फिल्म के विशाल गुब्बारे उड़ाए गए।

समारोह में रजनीकांत, उनके साथ पहली बार काम कर रहे अक्षय कुमार, हीरोइन एमी जैक्सन और फिल्म के निर्देशक शंकर मौजूद रहे। मुख्य समारोह से पहले दुबई के सबसे बड़े होटल मैरियेडन में फिल्म को लेकर एक प्रेस कांफ्रेंस की गई, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय मीडिया को बुलाया गया था। कहा जा रहा है कि दुबई के बाद फिल्म का अगला समारोह अमेरिका के न्यूयार्क शहर में दिसंबर में किया जाएगा। ये फिल्म भारत की सबसे महंगी फिल्म मानी जा रही है, जिसका बजट 450 करोड़ से ज्यादा है। इसे तमिल, तेलुगू और हिंदी में बनाया गया है। ये शंकर की इससे पहले बनी फिल्म रोबोट की सिक्वल है।

स्थानांतरण एक्ट पर बैठक बेनतीजा, नहीं माने शिक्षक

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देहरादून। स्थानांतरण नीति पर चर्चा को बुलाई गई बैठक में एक बार फिर बेनतीजा रही। सभी शिक्षक संगठनों ने नीति को मानने से साफ इन्कार कर दिया है। वे ठोस स्थानांतरण एक्ट की मांग पर अडिग हैं। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि राज्य गठन से अब तक कई बार नीतियां बनाई जा चुकी हैं लेकिन पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षों से तैनात शिक्षकों के साथ न्याय नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि ठोस स्थानांतरण कानून से ही शिक्षकों के साथ न्याय होगा।

शनिवार को ननूरखेड़ा स्थित शिक्षा निदेशालय में शिक्षा विभाग की ओर से बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता कर रहे अपर निदेशक प्रारंभिक शिक्षा महावीर सिंह बिष्ट ने शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों से स्थानांतरण नीति के प्रस्ताव के संबंध में आवश्यक सुझाव मांगे। प्रारंभिक, जूनियर व राजकीय शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों ने सुझाव देने से मना कर दिया और सीधे स्थानांतरण नीति के विरोध में उतर आए। पदाधिकारियों ने एक सुर में कहा कि शिक्षकों के साथ न्याय करने के लिए स्थानानंतरण कानून आवश्यक है। कहा कि ठोस कानून न होने के कारण हजारों शिक्षक अपने परिवार से दूर दुर्गम क्षेत्रों में वर्षों से तैनात रहते हैं। जबकि रसूख वाले शिक्षक हमेशा मैदानी क्षेत्रों में आराम फरमाते हैं। स्थानांतरण प्रक्रिया में मजबूत एक्ट से ही पारदर्शिता आएगी।

प्राथमिक शिक्षक संगठन के महामंत्री दिग्विजय चौहान ने कहा कि प्राथमिक शिक्षक संगठन स्थानांतरण नीति के पक्ष में नहीं है। मजबूत एक्ट शिक्षकों के हित में हैं। संगठन मांग करता है कि जब तक कानून नहीं बनता, तब तक तत्कालीन व्यवस्था में आवश्यक संशोधन किए जाएं।
वहीं, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की उपाध्यक्ष कल्पना बिष्ट ने कहा कि संगठन स्थानांतरण नीति कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। विभागीय अधिकारियों से ठोस एक्ट की मांग की गई है। क्योंकि अभी तक कई बार नीति बन चुकी हैं, लेकिन शिक्षकों के स्थानांतरण में भेदभाव ही होता रहा है।