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श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया प्रकाश उत्सव

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ऋषिकेश। सिखों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव जी महाराज का पावन प्रकाश उत्सव तीर्थ नगरी में बेहद श्रद्धा व उल्लास के साथ मनाया गया।

इस मौके पर गुरुद्वारा श्री सिंह सभा के तत्वावधान में अखंड पाठ व शबद कीर्तन में सभी धर्मों के श्रद्धालुओं ने भाग लिया। संगत में रागी बंधुओं ने गुरुनानक देव जी महाराज के जीवन व उनकी शिक्षाओं पर प्रकाश डाला। देशभर के साथ अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ऋषिकेश मे भी गुरु पर्व बेहद धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर रेलवे रोड स्थित गुरुनानक निवास में दोपहर के दीवान सजाया गया। दीवाने खास में देहरादून से आये भाई चरनजीत सिंह और लखीमपुर खीरी से आये भाई अनन्त पाल ने अपनी अमृत वाणी मे शबद कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को निहाल कर दिया। इससे पहले गुरु तेग बहादुर स्त्री सत्संग सभा, रागी जत्था हेमकुण्ड साहिब, भाई जसवीर सिंह ने भी शबद कीर्तन प्रस्तुत किए। इससे पूर्व सुबह से ही संगतों की जबरदस्त भीड़ अरदास के लिए गुरुनानक निवास पर भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी।
इस पावन अवसर पर पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा ने भी अरदास कराकर शहर की खुशहाली के लिए गुरु महाराज के चरणों मे शीश नवाजा। दोपहर के दीवान के प्रश्चात गुरु महाराज का अटूट लंगर बरता गया, जिसमें श्रद्वा पूर्वक हजारों लोगों ने लंगर खाया। इस दौरान प्रधान हाकम सिंह, तरसैम सिंह, प्रेम सिंह डंग, भगत सिंह, गुरुबचन सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

ठगी के आरोप में एक तांत्रिक गिरफ्तार

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हरिद्वार। ज्वालापुर पुलिस ने तंत्र विद्या के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने एक व्यक्ति से उसके बीमार बच्चे को ठीक करने की एवज में 28 हजार रुपये लिए थे, जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे तो उसको गाली-गलौच कर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी हत्या व धोखाधड़ी के आधा दर्जन मुकदमें मुज्जफफरनगर में दर्ज हैं।

ज्वालापुर के सोंधी नर्सिंग होम वाली गली निवासी संतोष पुत्र नत्थू का बच्चा बीमार है। बच्चे को ठीक कराने के लिए संतोष ने तांत्रिक राशिद पुत्र शहीद निवासी न्यू शक्ति नगर पथरी पॉवर हाउस से संपर्क किया। राशिद की कटहरा बाजार ज्वालापुर में तंत्र विद्या की दुकान है। राशिद ने बीमार बच्चे को ठीक करने की एवज में 28 हजार रुपये की मांग की। संतोष ने पैसे दे दिए, लेकिन जब बच्चा ठीक नहीं हुआ तो संतोष ने राशिद से अपने पैसे वापस मांगे तो पैसे ना देने के बजाए राशिद ने उसके साथ गाली-गलौच करके उसे जान से मारने की धमकी दी। इस पर संतोष ने राशिद की धमकी से डरकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर राशिद की तलाश शुरू कर दी।
कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि शनिवार को पुलिस ने राशिद को गिरफ्तार कर उससे 28 हजार की रकम बरामद कर ली है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। राशिद तंत्र विद्या के नाम पर प्रेम विवाह, वशीकरण, परीक्षा में पास करवाना, नौकरी लगवाना आदि के नाम पर ठगी करता है।

महिला कांग्रेसियों ने रसोई गैस की बढ़ोत्तरी को लेकर केंद्र सरकार का फूंका पुतला

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देहरादून। महानगर महिला महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गैस सलेण्डर की कीमतों में भारी बढ़ोत्तरी को लेकर केन्द्र सरकार का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया।
शनिवार को महानगर कांग्रेस महिला अध्यक्ष कमलेश रमन के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एस्ले हॉल चौक पर केन्द्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कमलेश रमन ने कहा कि भाजपा ने 2014 के लोकसभा चुनाव में देश के लोगों के साथ जो वादे किये थे, उनमें से कोई भी वादा पूरा नही किया है। उन्होंने मोदी सरकार को उन वादों को याद दिलाते हुए कहा कि वादे पूरे करने के बजाए मोदी सरकार लगातार महंगाई बढ़ाकर देश की जनता को चिढ़ाने का काम कर रही है। अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल में केन्द्र सरकार 19 बार गैस के दामों में बढ़ोत्तरी कर चुकी है, जिससे कि महिलाओं के लिए अपने परिवार का भरण पोषण करना दूभर हो गया है।
कमलेश रमन ने कहा कि मोदी जी की सरकार सत्ता पर यह बोलकर काबिज हुई थी कि उनकी सरकार महिलाओं पर हो रहे अत्याचार कम करेगी तथा महंगाई पर अंकुश लगाएगी परन्तु मोदी जी की कथनी और करनी में जमीन आसमान का फर्क दिखाई पड़ रहा है। महिलाएं आज भी अपने अच्छे दिन की बात जोह रही हैं। उन्होंने कहा कि जनता में खासकर महिलाओं में केन्द्र सरकार के इन जन विरोधी फैसलों के प्रति काफी आक्रोश है। उन्होंने कहा कि बाजार में दाल और सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं ऐसे में महिलाओं के समक्ष अपने सीमित बजट में परिवार का पालन पोषण एक बड़ी समस्या बना हुआ है।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता गरिमा महरा दसौनी, कमलेश रमन, चन्द्रकला नेगी, विमला मंहास, अम्बिका, सुशीला प्रधान आदि मौजूद रही।

कांग्रेस के फैसलों को पलटने लगी सरकार

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देहरादून। प्रदेश की वर्तमान भाजपा सरकार पूर्व कांग्रेस सरकार के फैसलों को अव्यवहारिक बताते हुए परिवर्तन कर अब नए सिरे से काम कर रही है। चाहे नगर निकायों का मामला हो या फिर वन रक्षकों की भर्ती का सब पर सरकार समय के हिसाब से जनहित का मुद्दा बताकर योजनाओं को बदल रही है।

राज्य की वर्तमान सरकार ने पूर्व कांग्रेस सरकार हरीश रावत के फैसले पलटने शुरू कर दिए हैं। जहां सरकार ने शहरी विकास विभाग के तहत पहला बदलाव किया है। वहीं नगर निकाय बोर्ड में अब 20 फीसद से ज्यादा नामित सदस्य नहीं हो सकेंगे। नगर निकाय एक्ट में पुरानी व्यवस्था को संशोधित किया गया है और नगर निगमों के मामले में अधिसूचना जारी कर दी गई है। कांग्रेस सरकार के समय कीर्तिनगर, देवप्रयाग, नरेन्द्र नगर, नंदप्रयाग और ऊखीमठ जैसे निकायों में मानकों को ताक पर रखकर सदस्य नामित किए गए थे।
वहीं, वन रक्षकों की भर्ती के मामले पर भी राज्य सरकार ने बदलाव का फैसला कर लिया है। वन रक्षकों की भर्ती अब राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग नहीं करेगा बल्कि वन विभाग को ही इसका अधिकार देने की तैयारी है। वन सेवा नियमावली 2016 में राज्य सरकार ने संशोधन का प्लान तैयार कर लिया है। वर्तमान सरकार का कहना है कि राज्य हित में अनेकों जनकल्याणकारी योजनाएं सरकार ला रही है, जिसका फायदा आने वाले समय में लोगों को मिलेगा। वहीं कांग्रेस इसे सियासी नौटंकी बताकर सरकार को प्रदेश विरोधी बता रही है।
जहां भजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भटृ का कहना है कि केन्द्र और राज्य सरकार के सहयोग से प्रदेश को खुशहाल बनाने के लिए निर्णय तेजी से लिए जा रहे हैं और सरकार ऐसे अनेकों योजनाओं को ला रही है, जिससे सीधे जनता को लाभ मिल सके। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने सरकार के कामों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार वादों से मुकर रही है। पूर्व सरकार की योजनाओं पर सरकार का ध्यान नही है, अच्छी योजनाओं का श्रेय सरकार नाम कर रही है।

अमिताभ बच्चन के साथ शुरु होगी भूतनाथ 3

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अमिताभ बच्चन को लेकर बीआर चोपड़ा के बैनर में बनी फिल्म ‘भूतनाथ’ की तीसरी कड़ी जल्दी ही शुरु होने जा रही है। इस खबर की जानकारी कपिल चोपड़ा ने दी, जो अपने दादा की कंपनी का कार्यभार संभाल रहे हैं। कपिल चोपड़ा का कहना है कि ‘भूतनाथ’ की तीसरी कड़ी के लिए कहानी पर काम शुरु हो चुका है। एक बार कहानी का खाका तैयार होने के बाद इसे अमिताभ बच्चन के सामने पेश किया जाएगा। उन्होंने साफ कहा कि बिना अमिताभ बच्चन के भूतनाथ की सीरिज नहीं होगी।

कपिल ने ये नहीं बताया कि इस तीसरी कड़ी का निर्देशन कौन करेगा और फिल्म कब तक शुरु होगी। 2008 में इस फिल्म की पहली कड़ी आई थी, जिसका निर्देशन विवेक शर्मा ने किया था और इसमें अमिताभ बच्चन के साथ जूही चावला और मेहमान भूमिका में शाहरुख खान ने काम किया था। 2014 में भूतनाथ रिटर्न के तौर पर इसकी दूसरी कड़ी बनी, जिसमें अमिताभ बच्चन के साथ बोमन ईरानी थे और फिल्म की थीम राजनीति से प्रेरित थी

। इसका निर्देशन नितेश तिवारी ने किया था, जिन्होंने बाद में आमिर खान के साथ दंगल बनाई। बीआर चोपड़ा के बैनर में बनी सस्पेंस थ्रिलर फिल्म इत्तेफाक इस शुक्रवार को रिलीज होने जा रही है।

ठग आफ हिंदोस्तां में आमिर-अमिताभ के साथ प्रभुदेवा का गाना

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अमिताभ बच्चन ने सोशल मीडिया पर दिग्गज डांस डायरेक्टर प्रभुदेवा के साथ एक गाने की शूटिंग का उल्लेख किया था, लेकिन फिल्म का नाम नहीं बताया था। इसी को लेकर अंदाज लगा कि ये गाना अमिताभ बच्चन की आने वाली फिल्म 102 नाट आउट के लिए होगा, जिसमें बच्चन के साथ 26 साल बाद ऋषि कपूर भी काम कर रहे हैं।

अमिताभ बच्चन के साथ प्रभुदेवा की इस फिल्म का ये नाम गलत साबित हुआ। अब खबर मिली है कि ये गाना यशराज की नई फिल्म ठग आफ हिंदोस्तां के लिए फिल्माया गया, जिसमें उनके साथ साथ आमिर खान ने भी हिस्सा लिया। आमिर खान के साथ भी प्रभुदेवा ने पहली बार काम किया है, ऐसा यशराज की टीम का कहना है।

इस फिल्म में अमिताभ बच्चन और आमिर खान पहली बार साथ काम कर रहे हैं। इनके अलावा फिल्म में कैटरीना कैफ और दंगल गर्ल फातिमा सना शेख भी हैं। ये फिल्म अगले साल नवंबर में रिलीज होगी। इसका निर्देशन धूम सीरिज की फिल्मों का निर्देशन करने वाले विजया कृष्णा आचार्य कर रहे हैं। 

उद्गम पर रिस्पना के पानी की गुणवत्ता ए-ग्रेड

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देहरादून। उद्गम स्थल पर रिस्पना नदी का पानी जीवन के सभी तत्वों से परिपूर्ण है। जबकि दून में आते ही पानी की गुणवत्ता जहर की तरह बन जाती है। देव दीपावली के उपलक्ष्य पर रिस्पना के उद्गम स्थल के पास ऋषिपर्णा घाट पर महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से कराई गई सैंपलिंग में यह बात निकलकर सामने आई।

स्पैक्स संस्था ने ऋषिपर्णा घाट पर नदी की तीन अलग-अलग धाराओं के सैंपल भरे और पहली बार विधानसभा के पास रिस्पना पुल पर भी नदी के पानी के सैंपल लिए गए। रिस्पना बचाओ अभियान के तहत पानी की सैंपलिंग कराई गई, ताकि सरकार व जनसामान्य को बताया जा सके कि प्रयास किए जाएं तो रिस्पना नदी का पानी उद्गम स्थल की तरह ही पीने योग्य बनाया जा सकता है। रिस्पना नदी के उद्गम स्थल के पास व करीब पांच किमी दून में रिस्पना पुल पर पानी के सैंपल में पीएच, टीडीएस, ऑयल-ग्रीस, डिजॉल्व ऑक्सीजन, बायलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड समेत 15 पैरामीटर पर जांच की गई। ऋषिपर्णा घाट पर रिस्पना का पानी ऑक्सीजन की मात्रा से भरपूर नजर आया, जबकि रिस्पना पुल पर ऑक्सीजन का स्तर शून्य था।
शहरीकरण की दौड़ में दून के पानी में अप्रत्याशित रूप से ऑयल और ग्रीस की मात्रा भी पाई गई। जबकि उद्गम स्थल के पास यह यह मात्रा शून्य रही। इसके अलावा पानी में जो तमाम हानिकारक तत्व उसे जहर बना देते हैं, वे सभी रिस्पना पुल के पास लिए गए पानी के सैंपल में पाए गए हैं। स्पैक्स संस्था के सचिव डॉ. बृजमोहन शर्मा का कहना है कि पानी की जांच के परिणाम स्पष्ट कह रहे हैं कि रिस्पना नदी का पानी आज भी ए-ग्रेड का है, जरुरत सिर्फ शहरी क्षेत्र में नदी को स्वच्छ बनाने की है।

शहर में ये हानिकारक तत्व भी मिल रहे
क्लोराइड, फासफेट, फ्लोराइड्स, नाइट्रेट्स, आयरन, मैग्नीज (सभी की मात्रा बेहद अधिक पाई गई)

उद्गम और शहर में गुणवत्ता का फर्क
पैरामीटर, उद्गम स्थल, रिस्पना पुल
पीएच, 7.45, 4.2 से 8.7
टीडीएस, 42, 750 से 1600
ऑयल-ग्रीस, शून्य, 26
डिजॉल्व ऑक्सीजन, 7.1, शून्य
बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड, 1.0, 2200
कॉलीफॉर्म, शून्य, 1700
फीकल कॉलीफॉर्म, शून्य, 312
लैड, शून्य, 0.8

इस गुणवत्ता का पानी पीने योग्य
-डिजॉल्व ऑक्सीजन (घुलित ऑक्सीजन) की मात्रा 06 मिलीग्राम प्रति लीटर या इससे अधिक होनी चाहिए।
-बॉयोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी) की मात्रा 02 मिलीग्राम प्रति लीटर या इससे कम होनी चाहिए।
-कॉलीफॉर्म की मात्रा मोस्ट प्रोबेबल नंबर (एमपीएन) प्रति 100 मिलीलीटर में 50 या इससे कम।

मुआवजे की रकम मिली कम, लोग परेशान

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रुद्रपुर- राष्ट्रीय राजमार्ग-87 की अधिग्रहण की जद में आ रही निजी जमीनों के लिए 97 करोड़ मुआवजे की बजाए एसएलओ कार्यालय को 27 करोड़ ही मिल सका है। अधिग्रहण की जद में 24 गांवों के लोगों की जमीनें आ रही है, लेकिन मुआवजे की रकम सात गांवों के लोगों के लिए भी पूरी नहीं हो पा रही है। ऐसे में मुआवजे का नोटिस देने में संशय बना है। वहीं एनएचएआई के अधिकारी दस दिन में गड्ढे भरने के बाद काम शुरू होने का दावा कर रहे हैं।

रुद्रपुर से काठगोदाम तक एनएच 87 के चौड़ीकरण काम होना है। इसको लेकर सड़क किनारे पेड़ों का कटान किया जा रहा है। रुद्रपुर से लेेकर पंतनगर तक अधिग्रहण की जद में आ रही सरकारी जमीनों को एनएचएआई को दिया जा चुका है। केवल फाजलपुर महरौला में तीन लोगों की निजी भूमि में मुआवजा नहीं बंटने की वजह से यह जमीन अभी एनएचएआई को नहीं दी जा सकी है। एसएलओ कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार एनएच निर्माण में 24 गांवों के लोगों की जमीनें आ रही हैं। इसके लिए 97 करोड़ रुपयों का मुआवजा बंटना है। लेकिन अभी तक एसएसओ कार्यालय में महज 27 करोड़ मुआवजा ही पहुंचा है।

ऐसे में यह मुआवजा सात गांवों तक भी पूरा नहीं हो पा रहा है। मुआवजे की रकम इसलिए भी नहीं बांटी जा रही है क्योंकि एक गांव में अगर मुआवजा मिला तो बाकी गांव के लोग शोरशराबा करेंगे। मुआवजे की बाकी रकम कब आएगी, इसकी जानकारी नहीं है। एनएचएआई के पीडी कर्नल संदीप कार्की का कहना है कि सरकारी जमीन विभाग को ट्रांसफर हो चुकी है। अभी तक साढ़े छह हजार पेड़ों का कटान हो चुका है और बाकी का कटान किया जा रहा है। सड़क किनारे जहां सरकारी दीवार या अन्य छोटे निर्माण होने हैं, उनको लेकर लोनिवि को कहा गया है। निर्माण करने वाली कंपनी से बीते 28 अक्तूबर को अनुबंध हो चुका है। बताया कि पहले कंपनी रुद्रपुर से काठगोदाम तक हाइवे के गड्ढे भरवाएगी। इसके बाद बैरियर लगाकर वन वे यातायात कर एनएच में निर्माण शुरू करेगी। दावा किया कि इसी महीने हाइवे का काम शुरू हो जाएगा।
वहीं दुसरी ओर एनएच 74 के निर्माण का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। लेकिन अभी तक अधिगृहित जमीनों के मालिकों को मुआवजा नहीं मिल सका है। आलम यह है कि 54 गांवों के लोगों की जमीनें अधिगृहित की गई थी। लेकिन अभी तक 17 गांवों के लोगों तक ही मुआवजे का भुगतान हुआ है। अभी करीब 230 करोड़ रुपयों का मुआवजा बांटा जा चुका है। अभी विभाग के पास बांटने के लिए 64 करोड़ रुपयों से अधिक हैं। विभाग को पूरा मुआवजा बांटने के लिए अभी 300 करोड़ रुपयों की जरूरत है। बताया जा रहा है कि एनएच का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन मुआवजे के लिए काश्तकार चक्कर लगा रहे हैं। हालांकि विभाग की ओर से भी मुआवजे बांटने का क्रम चल रहा है। एसएलओ के अवकाश में होने की वजह से संपर्क नहीं हो सका है।

यूपी स्टोन क्रेशरों ने काटा हंगामा

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काशीपुर- अजीतपुर मार्ग पर यूपी के स्वार, रामपुर क्षेत्र में बने स्टोन क्रशरों से उप खनिज भरे वाहनों का उत्तराखंड सीमा में प्रवेश रोकने को लेकर आईटीआई थाना पुलिस ने बैरियर लगा दिया है, जिससे यूपी क्षेत्र के क्रशरों से आने वाले वाहनों को रोक दिया गया। उपखनिज भरे डंपर रोके जाने से क्रेशर स्वामियों में आक्रोश भड़क गया।
यूपी क्षेत्र के क्रशर स्वामी अमरजीत सिंह, विनय कुमार अरोड़ा, राकेश खत्री, समरपाल चौधरी, हैप्पी, विनेश मित्तल, कपिल सिंघल, मेघराज, ईश्वर गुप्ता आदि ने बैरियर पर पहुंचकर विरोध किया, लेकिन वहां तैनात पुलिस कर्मियों ने वहां से डंपर निकलने देने से साफ इनकार कर दिया। इस पर क्रशर स्वामियों ने वहां हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंचे आईटीआई थाना प्रभारी जसवीर सिंह चौहान ने उच्चाधिकारियों का आदेश बताते हुए इसे सख्ती से लागू करने की बात कही।
लोनिवि ने डंपरों के कारण अजीतपुर मार्ग खराब होने की शिकायत की है। स्टोन क्रशर यूनियन के चेयरमैन अमरजीत सिंह ने कहा की यूपी क्षेत्र में पट्टों से निकला हुआ उप खनिज भी उत्तराखंड के क्रशरों को जा रहा है। इसे भी रोका जाना चाहिए। एसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने कहा कि इस विषय को एसएसपी के समक्ष रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल यूपी के खनन वाहन उत्तराखंड से पास नहीं होने दिए जाएंगे।
इस पर क्रशर मालिकों ने चेतावनी दी कि यदि उनके वाहनों को रोका गया तो वे यूपी क्षेत्र एनएच पर बने कोसी पुल पर यातायात बाधित कर देंगे। हंगामा बढ़ने पर काशीपुर एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र, सीओ राजेश भट्ट पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। क्रशर मालिकों के वाहनों के दस्तावेज चेक कर जाने देने के अनुरोध को भी सीओ ने नकार दिया। इसे लेकर दोनों में जमकर नोकझोंक हो गई। सीओ ने कहा कि उत्तराखंड क्षेत्र में स्थित कोसी नदी का अवैध उप खनिज यूपी के क्रशरों पर आता है। ये डंपर अजीतपुर मार्ग से उत्तराखंड सीमा से होकर गुजरते हैं, जिसकी वजह से बाजपुर क्षेत्र के क्रशर खाली पड़े हैं।

पारदर्शिता लाएगी ऊर्जा निगम की केंद्रीयकृत बिलिंग

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देहरादून। ऊर्जा निगम ने शत-प्रतिशत बिलिंग के लिए सॉफ्टवेयर आधारित केंद्रीयकृत व्यवस्था बनाई है। अब तक मीटर रीडर की हीलाहवाली से काफी उपभोक्ताओं की रीडिंग नहीं दर्ज की जाती थी, जिससे उन्हें बिल जारी नहीं हो पाता था। इस स्थिति को देखते हुए ऊर्जा निगम प्रबंधन ने ऐसे उपभोक्ताओं, जिनकी रीडिंग दर्ज नहीं होती को पिछले तीन बिल के आधार पर औसत खपत का बिल भेजने का फैसला लिया है।

दरअसल, अभी तक डिविजन स्तर से उन उपभोक्ताओं को महीने के अंत में प्रोविजनल बिल जारी किए जाते थे, जिनकी रीडिंग किन्हीं कारणों से उपलब्ध नहीं होती थी लेकिन इस कार्य को शत-प्रतिशत अंजाम नहीं दिया जाता था। प्रदेश में करीब 20 लाख बिजली उपभोक्ता हैं और करीब ढाई फीसद उपभोक्ताओं के बिल नहीं बनते थे।
ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा ने बताया कि मीटर रीडरों को घरेलू श्रेणी में महीने की 28 तारीख तक और अघरेलू श्रेणी में 25 तारीख तक रीडिंग का कार्य पूरा करना होगा। इसके बाद सॉफ्टवेयर के माध्यम से उन उपभोक्ताओं को महीने की आखिरी तारीख को प्रोविजनल बिल जारी कर दिए जाएंगे। सॉफ्टवेयर में उपभोक्ता की पूरी जानकारी होगी। साथ ही प्रोविजनल बिल का मानक भी होगा और स्वत: ही बिल जनरेट हो जााएगा। इससे शत-प्रतिशत बिलिंग होगी और राजस्व बढ़ेगा। सभी अधिशासी अभियंता और उप खंड अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उनके स्तर से अगर रीडिंग का कार्य निर्धारित समय पर पूरा नहीं हुआ तो देरी के लिए उन्हें जिम्मेदार माना जाएगा। इसके बाद उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। नवम्बर से नई व्यवस्था को लागू किया गया है।