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नोटबंदी को लेकर कांग्रेस आठ को मनाएगी ​काला दिवस

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प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने नोटबंदी व जीसएटी पर केन्द्र की भाजपा सरकार को घेरते हुए कहा है कि अपनी विफलताओं से परेशान भाजपा नए-नए हथकंडे अपना रही है। कांग्रेस हर हाल में उसे बेनकाब कर जनता के सामने उजागर करेगी। इसी क्रम में आठ नवम्बर को कांग्रेस ने काला दिवस मनाने का निर्णय लिया है।

प्रीतम सिंह ने रविवार को कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बाचतीत करते हुए केन्द्र सरकार पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने उत्तराखण्ड सहित देशभर के चुनावों में डबल इंजन की सरकार बनाने की मांग जनता से किया, लेकिन सत्ता में आने के बाद अपने किए वादों को भूल गए। ठीक यही हाल उत्तराखण्ड की जनता के साथ हुआ है, चुनाव के समय किसानों के ऋण माफ करने की बात कहकर केन्द्र और राज्य दोनों सरकारों ने पल्ला झाड़ लिया। नोटबंदी को एक वर्ष पूरे होने वाले है। इसके बावजूद देश की अर्थव्स्था को पटरी पर लाने में केन्द्र सरकार नाकाम रही।

उन्होंने कहा कि नोटबंदी को बड़ी उम्मीद दिखाकर जनता को वर्तमान सरकार ने भरोसे में लिया था, लेकिन उसमें भी जनता को धोखा मिला। केन्द्र के ऐसी जुमलेबाजी को जनता अब समझने लगी है जिसका नुकसान भाजपा को हिमाचल और गुजरात के आम विधानसभा चुनावों में कीमत चुकानी पड़ेगी। केन्द्र सरकार नोटबंदी और जीएसटी जैसे एक के बाद एक जनविरोधी फैसले लेकर देश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से चौपट कर दिया है। भाजपा के ऐसे निर्णयों से व्यापार पर बुरा असर पड़ा है, जिससे महंगाई और बेरोजगारी की समस्याएं लोगों की चुनौती बनी हुई हैं। जबकि भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पहले युवाओं को रोजगार और महंगाई जैसे अनेकों लोकलुभावन घोषणाएं की थी, जिसे आज पूरा करने में असमर्थ दिख रही है। इसी विरोध के क्रम आठ नवंबर को काला दिवस मनाकर कांग्रेस देश भर में भाजपा के कार्यों को बताएगी।

प्रीतम सिंह ने कहा कि ‘सबका साथ-सबका विकास’ का नारा देने वाली सरकार पर से लोगों का विश्वास खत्म होने लगा है। फिर भी भाजपा सत्ता में बने रहने के लिए चुनाव के मौके पर वोटरों को लुभाने के लिए खेल-खेल रही है। इसी खेल के तहत गुजरात व हिमाचल चुनाव में बेनामी संपत्ती की बात कर जनता को फिर से भ्रम में डालना चाह रही है, लेकिन जनता अब उनके बहकावे में नहीं आने वाली है। उन्होंने भजराम और मुकुल राय का नाम लेते हुए कहा कि भाजपा अन्य दलों के नेताओं पर भ्रष्ट्राचार से लगे आरापों पर खूब सवाल करती है, लेकिन जब वही व्यक्ति बीजेपी में शामिल होता है तो वह दूध का धोया हो जाता है।

उन्होंने कहा कि भाजपा के चाल और चरित्र में काफी अंतर है, जो कहती है वह करती नहीं है। प्रदेश अध्यक्ष ने गैरसैंण स्थाई राजधानी पर भाजपा सरकार के नीयत में खोट बताते हुए कहा कि राज्य बनने के समय भाजपा की सरकार थी, उस समय ही राज्य हित में निर्णय लेना चाहिए था, लेकिन आज भाजपा नौटंकी कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री के द्वारा आयोजित ‘रैबार’ पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह भाजपा का कार्यक्रम है न कि राज्य का। अगर राज्य हित में कार्यक्रम होता तो अन्य दलों को भी इसमे आमंत्रित कर राज्य के विकास में चर्चा की जाती।

अवैध खनन मामले में आठ ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त

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हरिद्वार, लक्सर थाना पुलिस ने अवैध खनन के कारोबारियों पर कार्रवाई करते हुए आठ ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया है। इन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

एसएसपी कृष्ण कुमार वीके को अवैध खनन की सूचना मिली थी। उन्होंने तत्काल लक्सर थाना पुलिस को फोन कर चेकिंग करने के निर्देश दिए। पुलिस ने चेकिंग के दौरान बसेड़ी रुड़की मार्ग पर तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में रेत भर कर ले जाते हुए पकड़ लिया।

इसके अलावा पांच और ट्रैक्टर-ट्रालियों को अवैध खनन मामले में जब्त किया है। कोई भी ट्रैक्टर का चालक माल से संबंधित कागजात नहीं दिखा पाया। इस कार्रवाई से खनन कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

अनशनकारियों में खुशी की लहर, एम्स ऋषिकेश आया बैकफुट पर

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ऋषिकेश, आखिरकार फजीहत उठाने के बाद ऋषिकेश एम्स बैकफुट पर आया मरीजों के इलाज के लिए बढ़ाएं गए बेहताशा शुल्क को लेकर एम्स निदेशक की स्वास्थ्य मंत्रालय ने क्लास लगाई, जिसके चलते एम्स ऋषिकेश में शुल्क वृद्धि को वापस लेते हुए पुराने रेट पर ही मरीजों का इलाज करने की बात कही है।

ऋषिकेश निर्माणाधीन एम्स में ओपीडी शुल्क पर बेहताशा वृद्धि ने एम्स के इलाज पर सवालिया निशान लगा दिया था। मरीजों को इलाज के लिए तिगुनी रकम अदा करनी पड़ रही थी, जिसके चलते लोगों में लगातार रोष बना हुआ था। इलाज के शुल्क में वृद्धि को लेकर अनशन भी शुरू हो गया था। लगातार मीडिया में एम्स ऋषिकेश की कवरेज आने से स्वास्थ्य मंत्रालय ने संज्ञान लेकर एम्स निदेशक प्रोफेसर रविकांत को दिल्ली तलब किया और उन की क्लास लगाई, जिसके चलते ऋषिकेश एम्स बैकफुट पर लौट आया।

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आनन-फानन में परिसर में प्रेस कांफ्रेंस बुलाकर एम्स प्रशासन ऋषिकेश ने अपनी सफाई दी। प्रशासनिक अधिकारी अंशुमान गुप्ता ने बताया कि, “सोमवार 6 नवंबर से पुरानी ही दरों पर मरीजों को ऋषिकेश एम्स में सस्ते इलाज की सुविधा मिल सकेगी।”

ऋषिकेश एम्स के बैक फुट पर आते ही अनशन पर बैठे अनशनकारियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी, अब सस्ते इलाज की उम्मीद ने एक बार फिर उत्तराखंड के साथ-साथ सीमावर्ती इलाकों में खुशी की लहर फैल गई है। अनशन पर बैठे आंदोलनकारियों का कहना है कि, “यह एक स्वागत योग्य फैसला है जिसका सभी को स्वागत करना चाहिए और यह हमारी हर उत्तराखंड की जनता की जीत है। देर आए दुरुस्त आए।”

बिल्डरों ने की रेरा से पेनल्टी में राहत की मांग

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देहरादून। 31 जुलाई के बाद रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) में पंजीकरण के लिए आवेदन करने वाले बिल्डरों ने पेनल्टी में राहत देने की मांग की है। इसको लेकर उत्तराखंड रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व सचिव आवास अमित नेगी को ज्ञापन भेजा है। बिल्डरों ने उत्तर प्रदेश, गुजरात, गोवा समेत तमाम राज्यों का हवाला देते हुए यह मांग उठाई।

ज्ञापन में एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश बत्ता ने कहा कि रियल एस्टेट का कारोबार पहले ही मंदी की मार से जूझ रहा है। ऐसे में उन पर पेनल्टी लगाई जाएगी तो बिल्डरों को भारी नुकसान झेलना पड़ जाएगा। उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट नया है और ऐसे में कई बिल्डर पंजीकरण के लिए तमाम औपचारिकताएं पूरी करने में व्यस्त रहे और 31 जुलाई की तारीख निकल गई। जबकि कई बिल्डरों ने अधूरे दस्तावेज जमा किए हैं, जिस कारण अभी तक भी अधिकतर का पंजीकरण नहीं हो पाया।
हालांकि वह पेनल्टी से बच गए। लिहाजा, ईमानदारी के साथ काम कर रहे अन्य बिल्डरों को भी रेरा में राहत दी जानी चाहिए। अध्यक्ष बत्ता ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात जैसे राज्यों ने भी नए कानून को देखते हुए बिल्डरों को समय की मोहलत दी है। लिहाजा, उत्तराखंड सरकार से मांग की गई है कि अन्य राज्यों की व्यवस्था का अध्ययन करते हुए नवम्बर माह तक रियायती रूप से पेनल्टी लगाई जानी चाहिए। ताकि मंदी की मार झेल रहे बिल्डरों को कुछ राहत मिल सके। 

आठ नवम्बर तक प्रभावित रहेगा कई ट्रेनों का संचालन

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हरिद्वार। अगले चार दिनों में अगर आप उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से ट्रेन का सफर करना चाह रहे हैं तो जरा यात्रा से पहले गाड़ियों की आवाजाही जांच लें। पांच से आठ नवम्बर तक देहरादून से आने-जाने वाली कई ट्रेनें प्रभावित रहेंगी। प्रभावित ट्रेनों का सफर नौ नवम्बर तक सामान्य हो पाएगा।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक देहरादून के हर्रावाला रेलवे स्टेशन पर रेलवे ट्रैक का काम चल रहा है। जिसकी वजह से देहरादून आने वाली दो ट्रेनों को रद्द किया गया है और कुछ ट्रेनों का संचालन हरिद्वार तक ही होगा। लाहौरी और जनता एक्सप्रेस को रद्द किया गया है। इसके अलावा बांद्रा, लिंक, गोरखपुर एक्सप्रेस, काठगोदाम एक्सप्रेस का संचालन आठ नवम्बर तक हरिद्वार तक ही रहेगा। हालांकि, यात्रियों के पास हरिद्वार से कुछ दूसरी ट्रेनों का विकल्प रहेगा। 5 नवंबर को लाहौरी, 6 को लाहौरी और जनता, 7 को भी लाहौरी और जनता एक्सप्रेस दोनों, 8 को लाहौरी एक्सप्रेस कैंसिल रहेगी। जबकि, 8 नवंबर को जनता एक्सप्रेस का संचालन होगा। 9 नवंबर से दोनों ट्रेनों का संचालन सामान्य हो जाएगा। इसके अलावा, गोरखपुर, लिंक एक्सप्रेस, ब्रांद्रा एक्सप्रेस, उज्जैन एक्सप्रेस, काठगोदाम ट्रेनों का संचालन 8 नवंबर तक हरिद्वार तक ही चलेंगी।

पुलिस ने शातिर चोर गिरोह पकड़ा, कई घटनाओं का खुलासा

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रुड़की। कोतवाली सिविल लाइन पुलिस ने एक बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए बन्द मकानों में रेकी कर चोरी करने वाले अन्तर्राज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनसे तमाम घटनाओं के साथ ही रुड़की में रिटायर्ड आईआईटी कर्मी व दो अन्य लोगों के यहां हुई चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। इनसे चोरी की इन घटनाओं में गया काफी माल भी बरामद कर लिया गया है। पकड़ा गया एक बदमाश आईआईटी में ही संविदा पर काम कर रहा था। तीनों के खिलाफ अलग अलग तीन दर्जन मुकदमें दर्ज हैं।
आईआईटी के रिटायर्ड कर्मचारी एवं पूर्व नगर पालिका चेयरमैन दिनेश कौशिक के भाई सच्चिदानंद कौशिक के सिविल लाइन स्थित घर से छोटी दीवाली की रात्रि चोरी हो गई थी। उस समय जब कौशिक का परिवार नोएडा गया हुआ था। चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए घरेलू सामान नकदी व जेवरात आदि चोरी कर लिए गए थे। इसी प्रकार की एक चोरी इससे कुछ रोज पूर्व आईआईटी गेट के सामने गली में रहने वाले यशवीर सैनी नामक व्यक्ति के यहां हुई थी। इस वारदात में भी बंद मकान को निशाना बनाया गया था। एससपी केके वीके के निर्देशन में इन चोरी की वारदातों के खुलासे को लगी सिविल लाइन कोतवाली पुलिस के शक की सुई आईआईटी के फर्नीचर विभाग में संविदा पर काम करने वाले दीपक धीमान पुत्र सुखबीर सिंह निवासी ग्राम हसनपुर लुहारी थानाभवन जिला शामली हाल निवासी आमोद कुंज एनआईएच गेट के पास रुड़की की ओर घूमी। दरअसल, सच्चिदानंद के आईआईटी में कार्यरत रहने के दौरान दीपक उनके संपर्क में आया था और बिजली मिस्त्री का काम जानने वाला दीपक यदाकदा किसी बिजली संबंधी काम के लिए उनके घर आता जाता था। उनके यहां हुई वारदात से कुछ रोज़ पूर्व भी दीपक उनके घर बिजली का कुछ काम करके गया था। सिविल लाइन कोतवाली पुलिस ने दीपक को केंद्र में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई तो पूरा मामला साफ हो गया। पुलिस ने दीपक को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की तो उसने सच्चिदानंद कौशिक के साथ ही इससे कुछ रोज पूर्व आईआईटी गेट के सामने गली में रहने वाले यशबीर सिंह सैनी के मकान में भी इसी प्रकार चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उसने बताया कि वह अपने दो अन्य साथियों मयंक उर्फ टिंकू पुत्र नत्थूराम निवासी बड़ौत हाल निवासी आवास विकास रुड़की एवं उधम सिंह उर्फ लंगड़ा पुत्र स्वर्गीय खचेड़ू निवासी गांव मंसूरी थाना इंचौली जिला मेरठ के साथ दीपक इस प्रकार की वारदातों को अंजाम देता रहा था। पुलिस ने दिन रात भाग दौड़ कर इन दोनों को भी पकड़ लिया।
एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि इन तीनों से दोनों वारदातों के साथ ही कुछ रोज पूर्व गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास में शिव नारायण नामक व्यक्ति के यहां हुई चोरी की वारदात का सामान भी बरामद हुआ है। इस वारदात को भी इन तीनो ने ही अंजाम दिया था। दीपक धीमान ने अपने साथियों के साथ सच्चिदानंद कौशिक के यहां वाली वारदात को कुछ इस प्रकार अंजाम दिया कि उनके घर बिजली का काम करते समय बातों-बातों में उसकी जानकारी में आ गया कि श्री कौशिक का परिवार छोटी दीपावली पर नोएडा जाएगा और घर खाली रहेगा। इसके बाद उसने अपने रिश्तेदार मयंक उर्फ टिंकू को सूचित किया और बकायदा उसे सच्चिदानंद के घर की रेकी कराई। यशवीर सैनी के घर वाली वारदात को भी रेकी करके ही अंजाम दिया गया था। एसपी देहात ने बताया कि यह तीनों लोग तमाम वारदातों को इसी प्रकार अंजाम देते थे। तीनों बदमाशों के खिलाफ अलग अलग तीन दर्जन मुकदमे दर्ज हैं और लूट तक का मुकदमा भी इन पर है।

डीएलएड का रजिस्ट्रेशन करा चुके विशिष्ट बीटीसी शिक्षक निरस्त कराएंगे अपना रजिस्ट्रेशन

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देहरादून। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संस्थान (एनआईओएस) में डीएलएड का रजिस्ट्रेशन करा चुके विशिष्ट बीटीसी शिक्षक अपने रजिस्ट्रेशन निरस्त कराएंगे। शनिवार को रेस कोर्स स्थित शिक्षक भवन में प्राथमिक शिक्षक की बैठक में यह निर्णय किया गया।

प्रांतीय महामंत्री दिग्विजय सिंह चौहान ने कहा कि राज्य की विशिष्ट बीटीसी की मान्यता न मिलना अफसरों के स्तर की चूक है। शिक्षकों का इसमें कोई दोष नहीं है। उन्होंने शासन से मिले दिशानिर्देशों और व्यवस्थाओं के अनुसार ही विशिष्ट बीटीसी की है। बैठक में तय किया गया कि कोई भी शिक्षक एनआईओएस में डीएलएड के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं करेगा। और जिन शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन करवा लिए है, वो भी तत्काल अपने रजिस्ट्रेशन वापस लेंगे। मालूम हो कि, पूर्व में कुछ शिक्षकों ने असमंजस में रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया था। अभी एनआईओएस के रजिस्ट्रेशन का का वक्त बढ़ाए जाने के बाद विशिष्ट बीटीसी शिक्षक गुपचुप ढंग से रजिस्ट्रेशन कराने लगे हैं।
महामंत्री ने साफ कहा कि शिक्षकों को घबराने की जरूरत नहीं है। यह चूक विभाग के स्तर से हुई है। संघ शिक्षकों के हित के लिए संघर्ष जारी रखेगा। दून के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कृषाली और नरेंद्र मैठानी ने कहा कि सरकार को केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय और एनसीटीई से बात कर विशिष्ट बीटीसी की मान्यता का समाधान कराना चाहिए।
बैठक में चंपावत के गोविंद सिंह वोरा, पौड़ी जिला मंत्री दीपक सिंह नेगी, नरेंद्र मैठानी, राकेश बागड़ी, सतीश कपरूवान, विनोद असवाल, देवेश डोभाल, अनिल चमोली, सूर्यप्रकाश, राजेंद्र त्यागी, फरीद खान, हिम्मत सिंह, वीरेंद्र भंडारी, प्रमोद कैंत्यूरा, फरशराम कोठारी, विनोद जुयाल, अवतार सिंह, महावीर सिंह, चमन पंवार आदि मौजूद रहे।

राजकीय बाल गृह में बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार, सात के खिलाफ मामला दर्ज

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देहरादून। राजकीय बाल गृह में रह रहे बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार करने का मामला सामने आया है। थाना नेहरू कालोनी पुलिस ने सात कर्मियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
बता दें कि कुछ माह पूर्व राजकीय बाल गृह में एक बच्ची पर गीजर का गरम पानी गिर गया था। इलाज सही तरीके से नहीं कराया गया था। यदि बच्ची का इलाज समय से और सही तरीके से कराया जाता तो उसका पैर निशक्त नहीं होता और ऑपरेशन की जरूरत भी न पड़ती। लेकिन इलाज के दौरान तत्कालीन फार्मेसिस्ट के साथ-साथ वहां नियुक्त केयर टेकर व विभिन्न महिलाओं की भी जांच रिपोर्ट में लापरवाही सामने आई है।
इसी तरह पूर्व में एक नवजात शिशु जो दो माह का था, की मृत्यु हो गई थी। जांच के दौरान शिशु की मृत्यु के पीछे भी केयर टेकर की लापरवाही सामने आई है। लापरवाही के चलते शनिवार को थाना नेहरू कॉलोनी पर मुकदमा किशोर न्याय अधिनियम के तहत हरिकृष्ण सेमवाल पूर्व फार्मेसिस्ट, केयरटेकर मंदा, शांति, दीपा, सुशीला, सरोजिनी तथा करण के विरुद्ध पंजीकृत किया गया है। पुसिल का कहना है कि अभियोग की विवेचना की जा रही है। गुण दोष के आधार पर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

6 नवम्बर को स्कूली बच्चों व शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच मध्य संवाद कार्यक्रम

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मुख्यमंत्री की पहल पर इस वर्ष राज्य स्थापना दिवस समारोह की श्रृंखला में स्कूली बच्चों और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के मध्य संवाद कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 6 नवम्बर को शासन में तैनात आई.ए.एस. अधिकारी देहरादून एवं आस-पास के सरकारी स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और उनके साथ समय व्यतीत करेंगें। मुख्य सचिव श्री उत्पल कुमार सिंह 06 नवम्बर को सचिवालय में शिक्षा विभाग द्वारा चयनित 20 टापर्स छात्र-छात्राओं के साथ स्वयं मुलाकात एवं परिचर्चा करेंगे।
स्कूली बच्चों और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के मध्य संवाद कार्यक्रम में डाॅ.रणबीर सिंह रा.प्रा.वि.जाखन व रा.इ.का.किशनपुर, देहरादून, श्री ओमप्रकाश रा.प्रा.वि.हाथीबडकला व रा.क.उ.मा.वि. हाथीबडकला, देहरादून, श्रीमती राधा रतूड़ी रा.उ.प्रा.वि. 55-राजपुर रोड एवं आवासीय विद्यालय 55-राजपुर रोड, देहरादून, श्रीमती मनीषा पंवार रा.इ.का.मेहूवाला व रा.प्रा.वि. मेहूवाला, देहरादून, श्रीमती भूपिंदर कौर औलख रा.इ.का.रानीपोखरी, श्री डी.सेन्थिल पाण्डियन रा.इ.का.कारगी व रा.प्रा.वि.कारगी, श्रीमती राधिका झा रा.इ.का.माजरी माफी व रा.उ.मा.वि. चकजोगीवाला, श्रीमती सौजन्या रा.इ.का.कौलागढ़ व रा.प्रा.वि.कौलागढ़, श्री दिलीप जावलकर रा.इ.का.बडोवाला(जौली) व रा.प्रा.वि.भानियावाला, देहरादून।
श्री हरबंस सिंह चुघ रा.इ.का. हर्बटपुर व रा.प्रा.वि.ढकरानी, श्रीमती उषा शुक्ला रा.प्रा.वि.छरवा लोअर व रा.इ.का.छरवा, श्री चन्द्रशेखर भट्ट रा.प्रा.वि.खुरर्पाताल, रा.उ.प्रा.वि.खुरर्पाताल व रा.इ.का.खुरपाताल, श्री पंकज कुमार पाण्डेय रा.इ.का.थानो व रा.प्रा.वि.रामनगर डांडा, श्री रंजीत कुमार सिन्हा रा.उ.प्रा.वि.कुआंवाला व रा.क.उ.मा.वि.हर्रावाला, श्री बृजेश कुमार संत रा.प्रा.वि.मालदेवता व रा.इ.का.मालदेवता, देहरादून, श्री इन्दुधर बौड़ाई रा.बा.इ.का.राजपुर रोड, देहरादून, श्री हरिचन्द्र सेमवाल रा.इ.का.पुजारगांव, टिहरी, श्री अशोक कुमार रा.इ.का.गंगाभोगपुर, पौड़ी, श्री भूपाल सिंह मनराल रा.इ.का.मोहनचट्टी पौड़ी।
श्री विनय शंकर पाण्डेय रा.इ.का.गुलर, टिहरी, श्री युगल किशोर पंत रा.इ.का.सहिया व रा.प्रा.वि.सहिया, श्री रणवीर सिंह चैहान रा.इ.का.कालसी व रा.प्रा.वि.कालसी, देहरादून, श्री धीरज गब्र्याल रा.इ.का.मोतीनगर व रा.प्रा.वि.मोतीनगर, नैनीताल एवं श्री सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय रा.इ.का.गढ़ीश्यामपुर व रा.इ.का.छिद्दरवाला देहरादून में सरकारी स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और उनके साथ समय व्यतीत करेंगें।

ऊर्जा निगम व्यवस्था में सुधार के दावे फेल

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देहरादून। ऊर्जा निगम व्यवस्थाओं में सुधार के लाख दावे करें, पर हकीकत बदहाल ही है। छोटे-छोटे कामों के लिए उपभोक्ताओं को परेशान होना पड़ता है जबकि यह परेशानी भी निगम के कारण ही पैदा होती है। ऐसा ही एक मामला स्वीकृत भार कम कराने को लेकर सामने आया है। सुद्धोवाला निवासी दीपिक सिंह ने जनवरी, 2016 में 75 किलोवाट क्षमता का कनेक्शन लिया था। छह महीने बाद उन्होंने देखा कि जरुरत खपत के अनुसार कनेक्शन की क्षमता अधिक है। लोड कम कराने के लिए वह अधिशासी अभियंता कार्यालय में संपर्क किया तो वहां से कहा गया कि छह महीने बाद लोड में बदलाव किया जा सकता है। जबकि छह महीने पूरे हो चुके थे।

वहीं, नियमानुसार कनेक्शन लेने के बाद एक बिल आने के बाद उपभोक्ता लोड में बदलाव करा सकता है। कई महीने चक्कर काटने के बाद दीपिका ने दिसंबर, 2016 में आवेदन किया कि 75 किलोवाट लोड को 30 किलोवाट करा दिया जाए, लेकिन इसके बाद भी लोड कम नहीं किया गया और उसी लोड के हिसाब से बिल जारी किया जाता रहा। सितंबर, 2017 में एसडीओ मोहनपुर ने उन्हें जानकारी दी कि लोड कम कर दिया है, लेकिन इसके बाद भी बिल 75 किलोवाट लोड के अनुसार ही आया।
ऊर्जा निगम दफ्तरों के चक्कर काटकर परेशान दीपिका सिंह ने विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच में शिकायत की। अधिशासी अभियंता ग्रामीण ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि 30 अप्रैल, 2017 को लोड घटा दिया था, लेकिन तकनीकी कारणों से लोड में बदलाव नहीं हुआ। इसके बाद चेक मीटर लगाया गया और मीटर 33 फीसद धीमा पाया गया। इसके बाद फिर से सितंबर में भार कम करने के आदेश जारी किए गए। मंच ने फैसला सुनाया कि 30 अप्रैल से ही लोड कम करना माना जाएगा। ऊर्जा निगम उपभोक्ता को मई से अब तक का संशोधित बिल जारी करे।