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नोटबंदी पर एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने

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देहरादून। नोटबंदी के मुद्दे पर एक बार फिर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गये है। नोंटबंदी के एक साल पूरे होने पर जहां कांग्रेस इसे काला दिवस के तौर मनाने का फैसला किया है, वहीं बीजेपी कालाधन विरोधी दिवस के तौर पर जश्न करने की तैयारी कर रही है।

बीजेपी महानगर कार्यालय में आयोजित बैठक में विनय गोयल ने कहा कि जिनका कालाधन काला हो गया है, वो लोग इस दिवस को काला दिवस के रूप में मनाएंगे, जिससे उनकी बौखलाहट सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद से भ्रष्टाचार पर रोक लगी है। आने वाले समय के लिए सुधारात्मक कार्य शुरु हुए है उसी का प्रमाण है कि आज इज ऑफ डूइंग बिजनेस में भारत की रैकिंग 130 से सीधे 100 पर आ गई है और हमारा लक्ष्य इसे आगे लाना है। यह सारे काम पीएम मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में चल रहा है।
वहीं, प्रदेश में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट के नेतृत्व में जो सरकार चल रही है उससे हम नए सफलता के कीर्तिमान स्थापित कर रहे है। इसी को जश्न के रूप में मनाने के लिए छह से नौ नवम्बर तक कालाधन विरोधी दिवस मनाएंगे। जिसमें सात तारिख को विशाल जूलूस गांधी पार्क से प्रारम्भ होकर शहर के मुख्य मार्गों से होता हुआ महानगर कार्यालय पर ही समापन होगा। इस कार्यक्रम के लिए विशेष रुप से केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन उत्तराखंड की राजधानी देहरादून पहुंच रहे।

भाजपा की ताबड़तोड़ बैठक
शनिवार को बीजेपी महानगर कार्यालय में आयोजित कालाधन विरोधी ताबड़तोड़ बैठकों में युवा मोर्चा, महिला मोर्चा,अल्प संख्यक मोर्चा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ता पहुंचे। बैठक को संबोधित करते हुए बीजेपी महानगर अध्यक्ष विनय गोयल ने आगामी आठ नबंवर को होने वाली महा रैली के बारे में जानकारी दी। उन्होने सभी मंडल के अध्यक्षों को हर वार्ड से संपर्क बनाने और रैली में अधिक से अधिक लोगों के साथ में लाने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सैकड़ों की तादाद में कार्यकर्ताओं गांधी पार्क में इकट्ठा होकर राजधानी के विभिन्न सड़कों से होते हुए महानगर कार्यालय तक एक पैदल मार्च निकालेंगे, जो नोटबंदी के सफल एक साल गुजरने पर उसका समर्थन होगा।
महानगर अध्यक्ष ने कहा कि कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दास्त नहीं की जाएगी। उन्होने बताया कि आगामी सात तारिख को विशाल जूलूस निकाला जाएंगा जिसमें प्रदेश की सभी विधानसभाओं से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता व जनता शामिल होगी।

मर्म चिकित्सा रोगों के लिए संजीवनीःजोशी

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अल्मोड़ा- वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि भारत भूमि से ही प्राचीन ऋषि परंपरा से जुड़े ध्यान, योग व मर्म चिकित्सा पद्धति पर विश्व में शोध का नया सूर्योदय होगा। हजारों वर्ष पुराने भारतीय चिकित्सा विज्ञान व पद्धति का लोहा अब पश्चिम भी मानने लगा है। डॉ. जोशी ने शरीर, मस्तिष्क व आत्मा में समन्वय पर जोर देते हुए युवा पीढ़ी को संदेश दिया कि मन व बुद्धि को एकाग्र कर ही भारत वर्ष को पुन: विश्वगुरु बनाया जा सकता है।

कुमाऊं विश्वविद्यालय के सोबन सिंह जीना परिसर के योग विभाग सभागार में  ‘नेशनल वर्कशॉप ऑन मर्म थैरेपी फॉर ट्रीटमेंट ऑफ वैरियस डिजीज’ विषयक तीन दिनी कार्यशाला के समापन समारोह पर डॉ. जोशी ने यह बात कही। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. जोशी ने प्राचीन भारतीय चिकित्सा विज्ञान की गहराई को छूआ। मर्म चिकित्सा पद्धति को महाभारत से जोड़ते हुए कहा कि उस महायुद्ध में आहत व हताहत सैनिक अगली सुबह फिर उठ खड़े हुए। यानी उस दौर में हजारों वर्ष पुरानी यह चिकित्सा पद्धति थी जिसमें हमारे पूर्वजों को महारथ हासिल थी। शरीर के क्षत विक्षत अंगों को त्वरित उपचार देकर प्राकृतिक अवस्था में पुनर्जीवित करने का समृद्ध चिकित्सा विज्ञान हमारी प्राचीन भारतीय संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, यही वजह है 50 वर्ष पूर्व तक ध्यान योग की महत्ता को नकारने वाले पश्चिमी देशों के न्यूरो वैज्ञानिक आज उसे सत्य मान आजमाने लगे हैं। उन्होंने मौजूदा दौर में ईश्वर प्रदत्त इस विज्ञान को समझने, अध्ययन व अनुसंधान की पुरजोर वकालत करते हुए कहा कि विश्व स्तर पर भारत से ही शोध का नया सूर्योदय होगा। खासतौर पर विद्यार्थियों को सीख दी कि मन, मस्तिष्क व आत्मा में सामंजस्य स्थापित कर एकाग्रता लाएं। तभी तभी मानव सेवा की जा सकती है।

वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने कहा, बगैर रेडिएशन व हानिकारक दवाओं के इस्तेमाल के मर्म चिकित्सा रोग को समाप्त करने में कारगर है। शरीर के कुछ खास बिंदुओं को दबाने मात्र से व्याधि खत्म करने की इस प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति के साथ ही ध्यान एवं योग की विश्व स्तर पर स्वीकार्यता की ओर भारत के कदम आगे बढ़ चुके हैं।

गैंगस्टर दूल्हा और पुलिस बाराती

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नैनीताल। उत्तरप्रदेश के बागपत जिले में रहने वाले गैंगस्टर सचिन खोखर की गिनती प्रदेश के खूंखार बदमाशों में होती है। इन दिनों वह नैनीताल की जिला जेल में बंद है। पुलिस के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक सचिन खोखर ने न्यायालय विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट/चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्ययायाधीश हरिद्वार के न्यायालय में उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद में रहने वाली युवती से विवाह रचाने के लिए चार घंटे के पैरोल की अनुमति मांगी थी।
रुड़की के डिप्टी जेलर हत्याकांड व चीनू पंडित गिरोह से हुए गैंगवार समेत कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने वाले सुनील राठी गिरोह का खास गैंगस्टर सचिन खोखर आज दूल्हा बनेगा। नैनीताल के जिला कारागार में बंद सचिन को शादी के लिए गैंगस्टर न्यायालय ने चार घंटे की पैरोल देने का आदेश पारित किया है। उसे जेल से जाने और लाने के लिए दो जिलों की पुलिस का कड़ा सुरक्षा पहरा लगाया गया है। इसके साथ ही चार नवंबर 2017 को होने वाले विवाह की लग्न पत्रिका, विवाह का निमंत्रण पत्र, अध्यक्ष सनातन धर्मशाला को बरात घर के लिए लिखे गए पत्र, बुकिंग रसीद, पंडित द्वारा विवाह के लिए निकाले गए समय की छायाप्रति भी संलग्न की थी। सभी छाया प्रति को सचिन के वकील ने सत्यापित किया था। इसके साथ ही अधिवक्ता ने शपथ पत्र भी न्यायालय में प्रस्तुत किया।
उत्तरप्रदेश के बागपत जिले में रहने वाले गैंगस्टर सचिन खोखर की गिनती प्रदेश के खूंखार बदमाशों में होती है। इन दिनों वह नैनीताल की जिला जेल में बंद है। पुलिस के अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक सचिन खोखर ने न्यायालय विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट/चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्ययायाधीश हरिद्वार के न्यायालय में उत्तरप्रदेश के गाजियाबाद में रहने वाली युवती से विवाह रचाने के लिए चार घंटे के पैरोल की अनुमति मांगी थी। न्यायालय ने सचिन का प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया है। साथ ही जिला कारागार, नैनीताल के वरिष्ठ अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि सचिन को पुलिस अभिरक्षा में चार नवंबर को समय 12 से शाम चार बजे तक विवाह संस्कार पूर्ण किए जाने के लिए रुड़की में उचित एवं पर्याप्त सुरक्षा बल के साथ उपस्थित करें। विवाह संस्कार पूर्ण होने के बाद सचिन को जिला कारागार में दाखिल करने के बाद आख्या से न्यायालय को भी अवगत कराना होगा।

नर्स को दबंगों ने पीटा

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रुद्रपुर- शहर के एक निजी अस्पताल की नर्स के साथ कुछ दबंगों ने जमकर मारपीट की। नर्स के मुंह को बुरी तरह नोंचा गया था। जिससे उसके मुंह पर खून छलक आया। पुलिस को मामले की तहरीर दी गई है।

शहर के एक निजी अस्पताल में तैनात नर्स शगुन ने बताया कि रात्रि उसके अस्पताल के निकट रहने वाला मोमो विक्रेता उसके यहां आया और कुछ बात करने लगा। इसी दौरान मोमो विक्रेता के रिश्तेदारों ने आकर उस पर हमला बोल दिया। यही नहीं उस पर तमाम आरोप प्रत्यारोप लगाकर खूब पीटा। जिससे उसके मुंह पर खासी खरोंचे और शरीर में चोटें आई हैं। पुलिस को मामले की तहरीर दे दी गई है।

सीबीएसई नेट एग्जाम, 9763 अभ्य​र्थी होंगे शामिल

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देहरादून। सेंट्रल बोर्ड आॅफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) द्वारा नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) परीक्षा का आयोजन रविवार को आयोजित होगा। उत्तराखंड में सीबीएसई देहरादून तीन शहरों में परीक्षा का आयोजन करने जा रहा हैै। देहरादून में 18 परीक्षा केंद्रों पर 9,763 अभ्यर्थि परीक्षा में शामिल होंगे।
देशभर के 91 शहरों में सीबीएसई (नेट) परिक्षा का आयोजन रविवार को होगा। राज्य में सीबीएसई देहरादून रीजन ने एग्जाम संबंधी दिशा निर्देश परीक्षा केंद्रों को भेज दिए हैं। बोर्ड ने इस बार परीक्षा में शामिल होने वाले दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए स्क्राइब (लेखक) की व्यवस्था केंद्रों पर ही की है। अभ्यर्थियों को बाहर से स्क्राइब (लेखक) लाने की अनुमति नहीं होगी। नेट परीक्षा को लेकर उत्तराखंड में तीन शहरों को चुना गया है। प्रदेश में देहरादून शहर में 18, श्रीनगर में चार और नैनीताल में 11 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित होगी। परीक्षा में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को सुबह सात बजे से एग्जाम हॉल में प्रवेश मिलेगा। इसके बाद साढ़े नौ बजे तक ही प्रवेश मिलेगा। निर्धारित समय के बाद किसी भी हालत में अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा। सीबीएसई देहरादून के क्षेत्रीय अधिकारी रनबीर सिंह ने बताया कि देहरादून के सभी 18 केंद्रों पर 9,763 अभ्यर्थी शामिल होंगे। अभ्यर्थी अपने साथ परीक्षा केंद्रों पर केवल पेन, एडमिट कार्ड व एक पहचान पत्र ले जा सकेंगे। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए केंद्रों पर मेटल डिटेक्टर आदि की व्यवस्था की गई है।

देहरादून में इन केंद्रों पर होगी परीक्षा
– श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, पटेल नगर
– केंद्रीय विद्यालय आईएमए, देहरादून
– केंद्रीय विद्यालय, अपर कैंप
– श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, रेस कोर्स
– श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, बिंदाल
– चिल्ड्रन एकेडमी, टैगोरविला
– डीएवी पब्लिक स्कूल, डिफेंस कॉलोनी
– केंद्रीय विद्यालय, एफआरआई
– आर्मी पब्लिक स्कूल, क्लेमेंटटाउन
– केंद्रीय विद्यालय, ओएनजीसी
– केंद्रीय विद्यालय, नंबर-1 हाथीबड़कला
– केंद्रीय विद्यालय नंबर-2 हथिबड़कला
– स्कॉलर्स होम, राजपुर रोड
– गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, वसंत विहार
– द एशियन स्कूल, इंदिरा नगर
– दिल्ली पब्लिक स्कूल, सहस्त्रधारा रोड
– श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, नेहरू ग्राम
– श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, बॉम्बे बाग

शहीद सूरज को अंतिम विदाई के लिए उमड़ा जन सैलाब

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गोपेश्वर। चमोली जिले के कर्णप्रयाग विकास खंड के फलोटा गांव का लाल सूरज सिंह तोपाल जम्मू-कश्मीर के पुलगांव में आतंकवादियों से मुकाबला करते हुए शहीद हो गए थे, जिनके पार्थिव शरीर को लेकर सेना के जवान शनिवार को उनके गांव फलोटा पहुंचे। जहां पर हजारों की संख्या में लोग शहीद के अंतिम दर्शनों के लिए खड़े थे। इस मौके पर सूबे के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किया।
फलोटा गांव के नारायण सिंह व विमला देवी का इकलौता पुत्र सूरज दो साल पहले राष्ट्रीय राइफल्स में भर्ती होकर जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। गुरुवार को सूरज की शहादत की सूचना पाने के बाद से उनके परिजन व पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है। शनिवार को सेना के जवान उनके पार्थिव शरीर को लेकर उनके गांव पहुंचे। जहां पर लोगों ने नम आंखों से शहीद को अपनी अंतिम विदाई दी। गांव से शहीद के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक घाट कर्णप्रयाग अलकनंदा के तट पर लाया गया। गांव से लेकर कर्णप्रयाग तक शहीद की अंतिम यात्रा में लोगों को हुजुम उमड़ पड़ा हर ओर से सूरज अमर रहे के नारों से गुजांय मान हो रहा था। कर्णप्रयाग में सेना के साथ ही राज्य के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी शहीद को अपनी अंतिम विदाई दी।

भाजपा ने पद्मावती की रिलीज रोकने की मांग की

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भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात में होने जा रहे विधानसभा चुनावों को देखते हुए फिल्म ‘पद्मावती’ की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है। भारतीय जनता पार्टी की गुजरात इकाई के प्रवक्ता आईके जड़ेजा के अनुसार, ‘पार्टी इस बाबत चुनाव आयोग, सेंसर बोर्ड और केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग करेगी।’ उनका कहना था कि, “फिल्म में जिस तरह से महारानी पद्मावती और सुलतान खिलजी के बीच रिश्तों को दिखाने की कोशिश की गई है, इससे क्षत्रिय समाज क्षुब्ध है और इसका असर गुजरात के चुनावों पर हो सकता है।”

भाजपा के प्रवक्ता का कहना है कि हमारी मांग है कि इस मामले का सर्वमान्य हल निकाले जाने तक फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई जानी चाहिए। जड़ेजा ने ये भी जोड़ा कि फिल्म को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शन से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है। उनका कहना है कि विरोध प्रदर्शन राजपूत समाज से जुड़े संगठनों द्वारा किया जा रहा है और ये उनका लोकतांत्रिक अधिकार है।

संजय लीला भंसाली द्वारा बनाई गई ये फिल्म आगामी 1 दिसंबर को रिलीज होनी है, जिसमें पद्मावती के रोल में दीपिका पादुकोण, उनके पति महाराज रतन सिंह के रोल में शाहिद कपूर और सुलतान अलाउद्दीन खिलजी के रोल में रणबीर सिंह हैं। फिल्म का जहां एक तरफ रिलीज होने का इंतजार किया जा रहा है, वहीं इसे लेकर देश के अलग अलग हिस्सों में विरोध भी लगातार बढ़ता जा रहा है। खास तौर पर राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, हरियाणा और बिहार में फिल्म के विरोध प्रदर्शन लगातार हो रहे हैं।

बेलगाम अफरशाही ने तोड़ी किसानों की कमर

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रुद्रपुर- भूमि तो अधिगृहित कर दी गयी मगर मुआवजा मिला नहीं जिसके लिे अब कास्तकार विभाग की परिक्रमा करने को मजबूर हैं। कुछ ऐसा हाल है उन किसानों का जिनकी जमीन एनएच-74 के चौड़ीकरण के लिए अधिग्रहित की गई है। इस जमीन से हाईवे गुजर चुका है तो एनएचएआइ भी लेटलतीफ है। 54 में से सिर्फ 17 गांवों का ही पैसा आया है तो अन्य गांवों के किसान मुआवजे के लिए धक्के खा रहे हैं। हालांकि 230 करोड़ की डिमांड भेजी जा चुकी है लेकिन अफसरशाही ऐसी हावी है कि किसानों के दर्द से कोई लेना-देना नहीं। भला हाईवे का काम बाधित होता तो मुआवजे की फाइल भी तेजी से दौड़ती। अब क्योंकि किसानों के लहलहाते खेतों से गुजरी सड़क पर सरपट वाहन दौड़ रहे हैं तो संवेदनशीलता भी दम तोड़ रही है।एनएच-74 का चौड़ीकरण चर्चा में है। पहले मुआवजा घोटाले ने कमर तोड़ी और अब बेलगाम अफसरशाही किसानों का दम तोड़ रही है। उन किसानों का बुरा हाल है जिनकी जमीन चौड़ीकरण की जद में गई। काशीपुर से सितारगंज के बीच ऐसे 54 गांवों में से मात्र 17 का पैसा ही खाते में आया है। यानी 230 करोड़ का भुगतान अब तक हो चुका है। तीन सौ करोड़ की और आवश्यकता है। अब क्योंकि मुआवजा बंटने से रह गए गांवों से सड़क गुजर चुकी है तो अफसरों ने भी मुंह मोड़ लिया है। एनएचएआइ को 230 करोड़ की डिमांड भेजी जा चुकी है लेकिन अभी तक मुआवजा किसानों के खाते में नहीं आया है। ऐसे में किसान कभी एसएलएओ कार्यालय तो कभी एनएचएआई के चक्कर काट रहे हैं। डीएम के पास भी शिकायती पत्र देते-देते वे थक चुके हैं, लेकिन मुआवजा नहीं मिला है। वहीं नगीना से काशीपुर तक का करीब-करीब पूर्ण भुगतान हो चुका है।

जोनल प्लान पर आई 246 आपत्तियां, 35 पर ही टाउन प्लानिंग के हाथ खड़े

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देहरादून। करीब डेढ़ माह के लंबे अंतराल तक चली जोनल प्लान की आपत्तियों पर सुनवाई के बाद भी हालात ढाक के तीन पात हैं। जोनल प्लान की खामियों पर एक साथ 246 आपत्तियां लगाने वाले उत्तरांचल इंजीनियर्स एंड ड्राफ्ट्समैन वेलफेयर एसोसिएशन की आपत्तियों पर टाउन प्लानिंग (नगर नियोजन) विभाग ने हाथ खड़े कर दिए हैं। अाखिरी दिन की सुनवाई एसोसिएशन की आपत्तियों के लिए रखा गया था लेकिन करीब 35 आपत्तियों की सुनवाई में ही अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए। अब एसोसिएशन को सभी नौ जोन का नक्शा देने की बात कही जा रही है ताकि इस पर ही खामियों पर निशान लगाकर इंगित किया जा सके।

शुक्रवार को एमडीडीए कार्यालय में जोनल प्लान की आपत्तियों पर आखिरी सुनवाई थी। सबसे अधिक 246 आपत्तियां एसोसिएशन की तरफ से लगाई गई थीं, लिहाजा, अंतिम दिन इन्हीं आपत्तियों की सुनवाई के लिए रखा गया था। सुनवाई दोपहर बाद तीन बजे शुरू की गई और एसोसिएशन के अध्यक्ष डीएस राणा इसमें उपस्थित हुए। सेक्टर एक से शुरू की गई सुनवाई में उन्होंने पुलिस महानिदेशक कार्यालय के जोनल प्लान में गायब होने, कांवली रोड स्थित एमडीडीए की आवासीय कॉलोनी में कमर्शियल दिखाने समेत जंगल को कृषि भूमि व कृषि भूमि का अन्य भूपयोग में दर्ज करने जैसी तमाम आपत्तियों को डीएस राणा ने उठाया। आपत्तियों की संख्या अधिक होने व उनकी गंभीर प्रकृति को देखते हुए मुख्य नगर नियोजक एसके पंत ने तय किया कि एसोसिएशन को हर सेक्टर का अलग-अलग नक्शा दिया जाएगा। इस पर एसोसिएशन खामियों पर निशान लगाएगी, ताकि उनकी वास्तविक स्थिति का आसानी से पता लगाया जा सके। यह भी तय किया गया कि एसोसिएशन को सुनवाई के लिए दोबारा अवसर दिया जाएगा। हालांकि अभी इसकी तिथि तय नहीं की जा सकी है। सुनवाई में नगर नियोजक गीता खुल्बे आदि उपस्थित रहे।
एसोसिएशन ने यह खामियां उठाईं
जोन-1: सुभाष रोड स्थित राज्य का पुलिस मुख्यालय, खुड़बुड़ा स्थित गुरुनानक गल्र्स स्कूल और तिब्बती मार्केट नक्शे से गायब हैं। बिंदाल स्थित पावर स्टेशन, धामावाला स्थित मस्जिद, एमकेपी कॉलेज क्षेत्र, रेंजर्स कॉलेज की दोनों तरफ की सड़कें, ईसी रोड स्थित बिजली दफ्तर, जीपीओ के पास चर्च, सचिवालय के पिछले गेट के सामने का राजकीय स्कूल, तिलक रोड स्थित वन विभाग कार्यालय व आवास, कांवली रोड पर एमडीडीए कॉलोनी सहित अनेक सरकारी व निजी क्षेत्रों को कमर्शियल श्रेणी में रखा गया है। घोसी गली का स्थान भी जोनल प्लान में परिवर्तित किया गया है।
जोन-2: रेसकोर्स में सरकारी कॉलोनी और विधायक निवास नक्शे से गायब हैं। यहां के गुरुद्वारा, पटेलनगर स्थित बीएसएनएल कार्यालय, एसजीआरआर मेडिकल इंस्टीट्यूट, बिंदाल नदी से लगता हुआ बाइपास क्षेत्र, कारगी चौक का आवासीय क्षेत्र समेत तमाम इलाकों वास्तविक स्थिति में नहीं नजर आते। यहां के राजकीय मेडिकल कॉलेज को आवासीय और हर्रावाला के आवासीय क्षेत्र, विधानसभा से लगता हुआ आवासीय क्षेत्र सार्वजनिक व अद्र्धसार्वजनिक के रूप में प्रदर्शित किए गए हैं।

जोन-3: कुआंवाला, नकरौंदा, नथुवावाला के एक बड़े भूभाग को कृषि क्षेत्र दर्शाया गया है। जबकि इस इलाके का अधिकांश भाग आवासीय घोषित किया जा चुका है। वहीं, रायपुर रिंग रोड स्थित राजस्व परिषद और इससे लगते हुए अन्य राजकीय विभागों को कमर्शियल भूमि दर्शाया गया है। राज्य सूचना आयोग के पिछली तरफ से लगते हुए आवासीय क्षेत्र को वन क्षेत्र दिखाया है। डालनवाला के ब्राइटलैंड स्कूल को आवासीय व राजकीय गांधी शताब्दी हॉस्पिटल को तो प्लान से गायब ही कर दिया गया। बलबीर रोड स्थित रिवेरडेल जूनियर स्कूल को भी प्लान में नहीं दर्शाया गया है। मोहिनी रोड स्थित दून इंटरनेशनल स्कूल, चैशायर होम, लक्ष्मी रोड पर आयकर विभाग की कॉलोनी और पेयजल निगम मुख्यालय नक्शे से गायब हैं।
जोन-4: रायपुर के अधिकांश आवासीय क्षेत्र को कैंट की भूमि दर्शाई गई है। रायपुर रोड स्थित पुलिस स्टेशन से लगते हुए वन क्षेत्र के स्थान पर नक्शे में पार्क दिखाया गया है और उससे लगते हुए आवासीय भूमि को वन भूभाग दर्शाया गया है। जगतखाना से लगते हुए आवासीय क्षेत्र को कृषि भूमि दिखाया गया है।

जोन-5: जाखन जोहरी गांव से लगते हुए विशाल वन भूभाग को जोनल प्लान में आवासीय और कृषि भूमि बताना समझ से परे है। वहीं, मसूरी डायवर्जन क्षेत्र में सिनोला के वन भूभाग को आवासीय दिखाया गया है। उत्तरी गांव (कसिगा) स्थित भगवती इंटर कॉलेज और इससे लगे वन क्षेत्र को कृषि भूमि दिखाया गया है। भगवंतपुर से जाने वाले बाइपास मार्ग का कृषि क्षेत्र गायब है। पुरकुल गांव के प्राइवेट जमीन पर नक्शे में जंगल उग आया है। नक्शे में दानियों का डांडा इलाके के विशाल वन क्षेत्र को कृषि क्षेत्र दिखाया गया है।

जोन-6: गोविंदगढ़ स्थित ईदगाह नक्शे से गायब है। यमुना कॉलोनी के सरकारी विभाग भी नक्शे में नहीं हैं। राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री स्कूल (आरआइएमसी) को भी नक्शे से गायब कर दिया गया। ओएनजीसी के हेलीपैड को टूरिस्ट प्लेस दिखाया गया है, जबकि पंडितवाड़ी स्थित राजकीय स्कूल और अधिकांश आवासीय क्षेत्र को कमर्शियल दर्शाया गया है।

जोन-7: शिमला बाइपास रोड पर बड़े पैमाने पर आवासीय व कृषि भूमि को वन भूभाग बताया गया। बड़ोवाला से लगते हुए आवासीय क्षेत्र को कृषि भूमि, मेहूंवाला, हरभजवाला, मेहूंवालामाफी के अधिकांश आवासीय क्षेत्र को कृषि भूमि दिखाया गया है। भारतीय वन्यजीव संस्थान से लगते हुए एक बड़े भूखंड को जिसमें आवासीय निर्माण हैं, उन्हें पार्क और बाग दिखाया गया है। संस्थान से लगते हुए आरकेडियाग्रांट के आवासीय क्षेत्र को जंगल दर्शाया गया।

जोन-8: चाय बागान से लगते हुए तमाम क्षेत्रों में भारी खामियां हैं। प्रेमनगर स्थित कारमन स्कूल के सामने से शुरू होकर आसन नदी तक फैले चाय बागान को नक्शे से गायब कर आवासीय क्षेत्र को चाय बागान बताया गया है। ईस्टहोपटाउन के आवासीय भाग को कृषि, आसन नदी से लगते हुए गांव के एक बड़े आवासीय भूभाग को कृषि भूमि दर्शा रखा है।

जोन-9: कोल्हूपानी स्थित उर्वरक फैक्ट्री को कृषि भूमि और कृषि भूमि को सार्वजनिक बताया गया। पौंधा स्थित दून इंटरनेशनल स्कूल नक्शे से ही गायब है। फूलसनी के आवासीय क्षेत्र, कोटड़ा संतौर की कृषि भूमि को जंगल, मसंदावाला स्थित टीएचडीसी कॉलोनी, जैंतनवाला, गजियावाला के आवासीय क्षेत्र को कृषि बताते हुए संतला देवी मंदिर को नक्शे से गायब कर दिया गया।

कार्तिक पूर्णिमा : गंगा तट पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

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हरिद्वार। कार्तिक मास की पूर्णिमा पर देश के कई प्रांतों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने ब्रह्मकुण्ड हरकी पैड़ी समेत गंगा के विभिन्न घाटों पर डुबकी लगा पुण्य अर्जित किया। स्नान के लिए उमड़े श्रद्धालुओं के सैलाब से तीर्थनगरी की छटा अनुपम नजर आई। पुलिस ने यातायात व्यवस्था व श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किया है। मेला जोन को सुरक्षा के लिहाज से आठ जोन व 32 सेक्टरों में बांटकर जोन व सेक्टर प्रभारी नियुक्त है। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके स्वंय व्यवस्थाओं को जायजा लेते दिखाई दिए। पुख्ता व्यवस्थाओं के बाद भी श्रद्धालुओं को जाम के झाम से जूझना पड़ा।

कार्तिक मास की पूर्णिमा पर शनिवार को देश के कई प्रांतों से आए लाखों श्रद्धालुओं ने ब्रह्मकुण्ड हरकी पैड़ी समेत गंगा के विभिन्न घाटों पर गंगा में डूबकी लगा पुण्य अर्जित किया। स्नान के लिए श्रद्धालुओं का तीर्थनगरी में आगमन एक दिन पहले से ही होने लगा था जिसे कारण हरिद्वार के सभी होटल, धर्मशाला पूरी तरह से यात्रियों से भरे हुए थे। स्नान का सिलसिला तड़के से आरम्भ हुआ। रेल व बस के अलावा आसपास के प्रांतों के लोग अपने वाहनों से भी बड़ी संख्या में स्नान के लिए हरिद्वर पहुंचे। श्रद्धालुओें की सुरक्षा में दो हजार पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है।
स्नान पर्व पर हालांकि पुलिस प्रशासन ने यातायात व्यवस्था दुरुस्त बनाए रखने के लिए खासे इंतजाम किए थे, किन्तु भीड़ के आगे पुलिस की सभी व्यवस्थाएं धराशायी दिखाई दी। राजमार्ग समेत सड़कों पर जाम के झाम से लोग परेशान रहे। जाम का आलम यह था कि सड़कों पर वाहन रेंगकर चलने के लिए मजबूर रहे। यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी। जाम के कारण स्थानीय लोगों को भी खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कार्तिक पूर्णिमा स्नान के साथ एकादशी से आरम्भ हुआ पांच दिनों का कार्तिक स्नान पर्व भी सम्पन्न हो गया है। मान्यता है कि देवोत्थान एकादशी से कार्तिक पूर्णिमा तक पांच दिनों प्रातःकाल तारों की छांव में गंगा व पवित्र नदियों में स्नान करने से पूरे कार्तिक मास में गंगा स्नान करने का पुण्य मिलता है। इसी के साथ पांच दिनों तक चला पंचस्नानी पर्व सम्पन्न हो गया।
कार्तिक मास की पूर्णिमा के साथ देव दीपवाली भी सम्पन्न हो गई। देवोत्थान एकादशी के दिन भगवान विष्णु के जागृत होने के साथ देवताओं की दीपावली आरम्भ हो जाती है। पांच दिनों तक चलने वाली देव दीपावली का कार्तिक मास की पूर्णिमा को समापन होता है। इसी के चलते शनिवार को लोगों ने भगवान विष्णु के समक्ष दीपदान कर देव दीपावली का समापन किया।
स्नान पर्व के लिए दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं के कारण बसों व रेल में यात्रियों की भारी भीड़ रही। भीड़ का आलम यह था कि बसों में यात्रियों को बैठने तक का स्थान नहीं मिला। रेल में भी कुछ ऐसी ही स्थिति बनी रही। बस स्टैण्ड में आने से पूर्व ही बसों के भर जाने के कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी।