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राज्य से 11.50 हजार करोड़ आयकर वसूली का लक्ष्य

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देहरादून। नोटबंदी के एक साल बाद आयकर विभाग ने भी कालेधन को लेकर घेराबंदी व पारदर्शी भुगतान की तमाम व्यवस्थाएं की। इसी क्रम में अब निरंतर बढ़ रही आयकर रिटर्न को देखते हुए आयकर विभाग ने अपना लक्ष्य बढ़ा दिया है। मुख्य आयकर आयुक्त प्रमोद कुमार गुप्ता के मुताबिक, इस वित्तीय वर्ष (2017-18) में राज्य में 11.50 हजार करोड़ रुपये आयकर वसूल करने का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 के मुकाबले 16 फीसद अधिक है।

पिछले वित्तीय वर्ष में राज्य से 10.32 हजार करोड़ रुपये का आयकर प्राप्त हुआ था। इसमें करीब छह हजार करोड़ रुपये अकेले ओएनजीसी से प्राप्त हुए थे। नोटबंदी के बाद खातों में जमा बड़ी राशि और उसके रिटर्न फाइल करने की अब समाप्त हुई अवधि को देखते हुए माना जा रहा है कि चालू वित्तीय वर्ष में आयकर का ग्राफ काफी बढ़ जाएगा। इसके अलावा वर्तमान में जिस तरह कैशलेस ट्रांजेक्शन में इजाफा हुआ है ऑनलाइन या चेक से भुगतान करने को लेकर कई नियम बने हैं, उससे भी आयकर में बढ़ोतरी होने की उम्मीद की जा रही है। मुख्य आयकर आयुक्त गुप्ता के अनुसार नोटबंदी के बाद जो भी नई व्यवस्था बनी है, उन्हें देखते हुए ही यह लक्ष्य बढ़ाया गया है। उम्मीद है कि यह लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया जाएगा।

उत्तराखण्ड पुलिस ने प्रतियोगिता में जीते 9 पदक

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पुलिस मुख्यालय उत्तराखण्डदेहरादून में अनिल के. रतूड़ीपुलिस महानिदेशकउत्तराखण्ड ने 66वीं आँल इण्डिया पुलिस रेस्लिंग कलस्टर- 2017 मे पदक प्राप्त खिलाड़ियों से मिलकर उन्हें शुभकामनायें देते हुये भविष्य में होने वाली प्रतियोगिताओं के लिए कड़ी मेहनत व लगन से अभ्यास करने को लिये प्रेरित किया गया।

अशोक कुमार, सचिव उत्तराखण्ड पुलिस खेल नियंत्रण बोर्ड ने बताया कि, “27 अक्टूबर 2017 से 31 अक्टूबर 2017 तक पुणे, महाराष्ट्र में आयोजित हुई 66वीं आँल इण्डिया पुलिस रेस्लिंग कलस्टर-2017 मे उत्तराखण्ड पुलिस के खिलाड़ियों ने कुश्ती(पुरूष एवं महिला)/वेटलिफ्टिंग/ कबड्डी/बाक्सिंग प्रतियोगिता में प्रतिभाग किया, जिसमें वेटलिफ्टिंग में महिला आरक्षी दीपा मेहरा ने स्वर्ण पदक, मुख्य आरक्षी ममता कुटियाल ने रजत पदक एवं आरक्षी रीना कैंतूरा ने कांस्य पदक जीता।”

बाक्सिंग के पुरूष वर्ग में आरक्षी अमित कुमार ने रजत पदक, आरक्षी विशाल सिंह ने कांस्य पदक तथा महिला वर्ग में महिला आरक्षी विनीता मेहर ने कांस्य पदक, महिला आरक्षी संगीता ने कांस्य, महिला आरक्षी नम्रता कंसियाल ने कास्य पदक जीता।

प्रतियोगिता मे लगभग 40 टीमों द्वारा प्रतिभाग किया गया, जिसमें बी.एस.एफसी.आर.पी.एफ,पैरा मिल्ट्री फोर्स भी सम्मिलित हुई। इस प्रकार उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा प्रतियोगिता में 1 स्वर्ण, 4 रजत तथा 4 कांस्य: कुल 9 पदक अर्जित किये गये।

सर्दियों की दस्तक और खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों ने पहाड़ों की रानी में चोरों के हौंसले किये बुलंद

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पिछले दो हफ्तों में मसूरी में बदमाशों ने चोरी की तीन वारदातों को अंजाम दिया है। जिसके चलते शहर की पुलिस हरकत में आ गई है। तीन साल पहले शहर में लगे 12 सीसीटीवी कैमरों की मरम्मत की जा रही है। ये कैमरे लंबे समय से खराब पड़े थे, तीन लाख रुपये की लागत से लगे इन कैमरों का मकसद था शहर की ट्रैफिक व्यवस्था के साथ-साथ असामाजिक तत्वों पर नज़र रखना।

मसूरी इंस्पेक्टर राजीव रौथन कहते हैं कि, “बिना कैमरों के शहर पर नज़र रखना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। हमें उम्मीद है कि नवंबर के आखिर तक नये कैमरों का काम पूरा हो जायेगा।” हांलाकि इस बार की खरीद मसूरी नगर पालिका करेगी पर इन सभी कैमरों के संचालन व रखरखाव मसूरी पुलिस करेगी। इन कैमरों की मदद से मसूरी के खास इलाके जैसे की लाइब्रेरी चौक, पिक्चर पैलेस, केंपटी टैक्सी स्टैंड आदी पर निगरानी रखी जायेगी”।

सर्दियों में गिरते तापमान और स्कूलों की छुट्टियों के चलते शहर में दुकाने जल्दी बंद हो जाती हैं जिसके चलते चोरों और बदमाशों के लिये शहर का इलाका अपनी हरकतों को अंजाम देने के लिये और मुफीद हो जाता है।

इंस्पेकटर रौथन कहते हैं कि, “सर्दियों में पर्यटकों व गाङियों की संख्या कम होने के कारण हमने आठ पुलिस अधिकारियों को जिन्हे ट्रैफिक मैनेजमेंट की ड्यूटी पर लगाया गया था वहां से हटाकर शहर में रात में  गश्त करने के लिये लगाया है।”

ये अफसोस की बात है कि हमारे यहां पर सरकारी तंत्र किसी अप्रिय घटना के घटने के बाद हरकत में आता है और ऐसा ही कुछ मसूरी में खराब पड़े सीसीटीवी कैमरों के केस में हुआ है। अब उम्मीद यही कर सकते हैं कि आने वाले दिनों में नये कैमरे शहर को और सुरक्षित बनाने में मदद कर पायेंगे।

भारत की नेत्रहीन क्रिकेट टीम पर बनेगी फिल्म

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एक तरफ कबीर खान 1983 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय क्रिकेट टीम पर फिल्म बना रहे हैं, तो निर्माता रॉनी स्क्रूवाला ने अब भारत की नेत्रहीन टीम पर फिल्म बनाने की घोषणा की है।

सन 2012 में टी 20 विश्वकप के फाइनल में भारत की नेत्रहीन टीम ने पाकिस्तान की टीम को हराकर चैंपियनशिप जीती थी। भारत की नेत्रहीन टीम ने पहली बार टी 20 में हिस्सा लिया था।

रॉनी स्क्रूवाला की फिल्म की योजना अभी कागजों पर है। उनका कहना है कि, “जल्दी ही इस फिल्म के लिए निर्देशक का नाम तय कर लिया जाएगा और फिर कहानी पर काम शुरु कर दिया जाएगा।” उन्होंने बताया कि अगले साल फिल्म सेट पर जाएगी और इसे 2019 में रिलीज किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि फिल्म में नए कलाकारों की टीम बनाई जाएगी।

उत्तराखंड महिला मंच ने सरकार का फूंका पुतला

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राज्य सरकार द्वारा गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने के विरोध में उत्तराखंड महिला मंच ने सड़कों पर उतरकर सरकार का पुतला फूंका।

उत्तराखंड महिला मंच की अध्यक्ष निर्मला विष्ट ने राज्य सरकार पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि, “जनता ने हमेशा गैरसैंण को स्थाई राजधानी माना है और उसके लिए संघर्ष व जन आंदोलन भी किए हैं।  जिस तरह सरकार जन भावनाओं को दर किनार कर गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाने की घिनौनी राजनीति कर रही है, वह शर्मनाक है।”

उत्तराखंड महिला मंच जनता के साथ धोखा नहीं होने देगी। विरोध में महिला मंच ने सत्तापक्ष व विपक्ष की ग्रीष्मकालीन राजधानी की राजनीति के विरोध में घंटाघर पर एकत्र होकर पुतला फूंका।

‘दिल्ली यमुनोत्री मार्ग भी हो ऑल वेदर परियोजना में शामिल’

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उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले के पुरोला में जन प्रतिनिधियों ने दिल्ली यमनोत्री मोटर मार्ग को आॅल वेदर परियोजना में शामिल करने की मांग उठाई है। सोमवार को पुरोला में राज्य सभा सांसद प्रतिनिधि दिनेश खत्री की अध्यक्षता बैठक आयोजित हुई।जिसमें जन प्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार के इस मामले में शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई न करने पर दिल्ली यमनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग में चक्काजाम करने की चेतावनी दी।

सोमवार को राज्य सभा सांसद प्रतिनिधि दिनेश खत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने उत्तराखंड के चारधाम के लिए आॅल वेदर मोटर मार्ग बनाने का निर्णय लिया है, लेकिन इसमें चारधाम यात्रा के प्रथम पड़ाव यमनोत्री को धरासू मोटर मार्ग से जोड़ा गया है। जबकि कई यात्री दिल्ली यमनोत्री मोटर मार्ग से ही यमनोत्री धाम पहुंचते हैं। उन्होंने कहा कि चारधाम के प्रथम पड़ाव यमनोत्री धाम यात्री दिल्ली यमनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग से वाॅया मसूरी, विकासनगर होते हुए धाम पहुंचते हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने दिल्ली यमनोत्री मोटर मार्ग को आॅल वेदर प्लान में शामिल नहीं किया है।
सरकार हमेशा चारधाम यात्रा ऋषिकेश से शुरू होना दिखाती है। जबकि हकीकत यह है कि यात्री हरिद्वार, देहरादून से विकासनगर, मसूरी होते हुए चारधाम के प्रथम धाम यमनोत्री के दर्शन करने के बाद तीन धाम होकर ऋषिकेश से वापसी करते हैं। वक्ताओं का कहना है कि नौकरशाही की गलत जानकारी के कारण ही केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने दिल्ली यमनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को ऑल वेदर प्लान में नहीं जोड़ा गया है। बैठक में शीघ्र दिल्ली यमनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग को ऑल वेदर प्लान में शामिल न करने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। बैठक में जाज मोहन सिंह, प्रेम सिंह नेगी, धर्म सिंह, राजपाल, एलम सिंह, केशर प्रसाद, शिव सिंह, विक्रम लाल आदि शामिल रहे। 

होनहारों के लिए जल्द शुरू होगी निशुल्क कोचिंग योजना

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देहरादून। जल्द ही राज्य के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग प्रदान करने की योजना तैयार की जाएगी। योजना के पीछे सरकार का मकसद है कि राज्य के ऐसे छात्र जो तंग हालातों के चलते अपनी योग्यता को बेहतर पायदान पर साबित करने में असमर्थ हैं, उन्हें बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सकें। सेवायोजन विभाग योजना पर कार्य कर रहा है। जल्द ही योजना पटल पटल पर नजर आएगी।

10 लाख की राशि स्वीकृत:अब राज्य के मेधावी छात्र-छात्राओं को निजी संस्थानों की महंगी कोचिंग का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। इसके लिए सेवायोजन विभाग नई ‘प्रतिभाशाली छात्र निशुल्क कोचिंग योजना’ शुरू करने जा रहा है। योजना के लिए प्रथम चरण में 10 लाख की राशि भी स्वीकृत कर दी गई है।
दरअसल, प्रदेश सरकार की ओर से राज्य के निर्धन वर्ग के मेधावी छात्र-छात्राओं को सरकारी सेवाओं में प्रोत्साहित करने के लिए उत्तम श्रेणी की निशुल्क कोचिंग योजना बनाई गई है। इस योजना का सारा बजट राज्य सरकार देगी। योजना का नाम प्रतिभाशाली छात्र निशुल्क कोचिंग योजना रखा गया है। योजना के संबंध में सेवायोजन कार्यालय को जानकारी भी दी जा चुकी है। अब विभागीय अधिकारियों ने नई योजना को मूर्त रूप देने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।

 सरकारी सेवाओं के लिए मिलेगी उत्तम श्रेणी की कोचिंग: सेवायोजन उप निदेशक चंद्रकांता ने बताया कि इस नई योजना के तहत गरीब वर्ग के बच्चों को बैंक और एसएससी जैसी सरकारी सेवाओं की उत्तम श्रेणी की निशुल्क कोचिंग दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश में राज्य सरकार की इस तरह की पहली योजना है। इसमें प्रतिभाशाली बच्चों का चयन कर उन्हें सरकारी सेवाओं के लिए तैयार किया जाएगा।

 योजना का लाभ तो लेते हैं, भुनाते नहीं :वर्तमान में भी सेवायोजन कार्यालय देहरादून में केंद्र सरकार की ओर से एससी-एसटी वर्ग के लिए निशुल्क कोचिंग योजना चलाई जा रही है। इस योजना में पिछले पांच वर्षो में करीब 400 से अधिक युवा कोचिंग ले चुके हैं। लेकिन सरकारी सेवाओं में निकलने वाले की संख्या 10 भी नहीं पहुंची है।

एक डॉक्टर के भरोसे चल रहा है जिले का सबसे बड़ा सीएचसी

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उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले की यमुना घाटी का सबसे बड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव पिछले दो वर्षों से एक चिकित्सक के भरोसे चल रहा है। इस अस्पताल से नौगांव ब्लॉक की 126 ग्राम पंचायते जुड़ी हुई हैं, लेकिन अस्पताल की च‌िक‌ित्साध‌िक्षक डॉ. निधि रावत और व्यवस्था पर तैनात एक सामान्य चिकित्साधिकारी ही लोगों को सेवाएं दे रहे हैं। लैब टेक्निश‌ियन न होने से एक्सरे रूम बंद पड़ा है। जबकि लैब टेक्निशियन न होने से कई अन्य महत्वपूर्ण जांचे भी नहीं हो पा रही हैं। जिसकी वजह से मरीजों को हर छोटे बड़े इलाज के लिए करीब 150 किमी दूर देहरादून या विकासनगर की दौड़ लगानी पड़ रही है।

चार वर्ष पूर्व सरकार द्वारा सीएचसी को दिल्ली की एक प्राईवेट कंपनी को 2018 तक पीपीपी मोड़ में दिया गया था। इससे पूर्व ही यहां तैनात फिजिशीयन, हड्डी रोग विशेषज्ञ, महिला चिकित्सक, दंत रोग, लैब तथा एक्सरे टेक्न‌िश‌ियन, फार्मेसिस्ट आदि का स्थानांतरण कर दिया गया था, लेकिन अनबन के चलते अस्पताल का संचालन कर रही कंपनी दो वर्ष बाद ही काम छोड़कर चली गई। कंपनी और स्वास्थ्य विभाग के बीच का विवाद अभी तक न्यायालय में विचाराधीन है। जिस वजह से अस्पताल पूरी तरह से स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नहीं हो पाया है। ऐसे में सरकार भी यहां पर स्थाई डॉक्टरों की व्यवस्था नहीं कर पा रही है, जिसका नुकसान क्षेत्र की गरीब जनता को भुगतना पड़ रहा है।
भाजपा जिला अध्यक्ष श्याम डोभाल ने कहा कि चिकित्सालय में डॉक्टरों की कमी के कारण लोग परेशान हैं। शीघ्र ही समस्या को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा जाएगा। चिकित्साध‌िक्षक डॉ. निधि रावत का कहना है कि कंपनी और विभाग का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, जिस वजह से अभी पूरी तरह से अस्पताल विभाग को हैंड ओवर नहीं हो पाया है। विवाद निपटने के बाद ही स्थिति में सुधार आयेगा।

बदलेगा केदारनाथ विकास प्राधिकरण का नक्शा

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रुद्रप्रयाग। केदारनाथ विकास प्राधिकरण का नक्शा जल्द ही बदलने वाला है। इसके लिए शासन स्तरा पर कसरत शुरू कर दी गई है। इसके तहत किन क्षेत्रों को नक्शे शामिल करना है और कौन से क्षेत्र हटाए जाने हैं, इसे लेकर मंथन जारी है। जल्द ही इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। वर्तमान में वासुकीताल, चौराबाड़ी समेत केदारपुरी के दूरस्थ क्षेत्रों को भी केडीए में लिया गया है। लेकिन, सबसे महत्वपूर्ण केदारनाथ पैदल मार्ग इसमें शामिल नहीं है।

केदारनाथ आपदा के तीन माह बाद सितंबर 2013 में तत्कालीन सरकार ने केडीए के गठन का शासनादेश जारी किया था। इसमें वासुकीताल व चौराबाड़ी से जुड़े क्षेत्र के साथ ही भैरव मंदिर, गरुड़चट्टी, रामबाड़ा, गौरीकुंड व त्रियुगीनारायण समेत 500 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र को शामिल किया गया। लेकिन, इसे धरातल पर उतारने की तैयारी अब चार साल बाद चल रही है। हालांकि, केडीए को लेकर कई भ्रांतियां भी हैं। मसलन, केदारनाथ पैदल मार्ग को इसमें शाामिल नहीं किया गया है, जबकि वासुकीताल व चौराबाड़ी क्षेत्र को इसमें शामिल किया जाना तर्कसंगत नहीं माना जा रहा। इतना ही नहीं, केडीए के अंतर्गत केदारपुरी से छह किमी दूर हिमालयी क्षेत्र के विकास की बात भी गले नहीं उतर रही।
केदारपुरी में खोला जा रहा कार्यालय
20 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिन पांच परियोजनाओं की केदारपुरी में नींव रखी थी, उन्हें धरातल पर उतारने के लिए केदारपुरी में केडीए का दफ्तर खोला जा रहा है। साथ ही इन दिनों जीपीएस से केडीए में शामिल क्षेत्र का सर्वे भी चल रहा है। जल्द ही नक्शे को अंतिम रूप देकर इसकी रिपोर्ट डीएम रुद्रप्रयाग के माध्यम से शासन को भेज दी जाएगी। इधर, केडीए में अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। जिलाधिकारी केडीए में मुख्य कार्याधिकारी होंगे, जबकि प्रमुख सचिव पर्यटन को प्राधिकरण के अध्यक्ष का जिम्मा सौंपा गया है। इसके अलावा कार्यालय संचालन के लिए एक दर्जन अन्य पदों पर भी भर्ती होनी है।
जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि तमाम विसंगतियों को देखते हुए केडीए के क्षेत्रफल में परिवर्तन किया जाना है। इसके तहत केदारनाथ पैदल मार्ग को प्राधिकरण में शामिल किया जाना है। साथ ही वासुकीताल व चौराबाड़ी क्षेत्र को केडीए में रखा जाए या नहीं, इस पर भी विचार चल रहा है। इसके लिए इन दिनों सर्वे कराया जा रहा है।

सीएम ने रन फॉर गुड गवर्नेंस को झण्डी दिखाकर किया रवाना

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देहरादून। प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को सचिवालय में राज्य स्थापना सप्ताह के अवसर पर आयोजित रन फॉर गुड गवर्नेंस को झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस मौकेे पर उन्होंने कहा, ‘आज हम सचिवालय के लोग यहां अच्छे प्रशासन के लिए दौड़ रहे हैं। सचिवालय की परिक्रमा कर हमें प्रदेश के विकास की गति व गुड गवर्नेंस पर विशेष संदेश देना होगा। सकारात्मक सोच के साथ राज्य में विकास की गति तेजी से दौड़े, यह संकल्प लेकर हमें दौड़ना है।’
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि राज्य अपने स्थापना के 17 वर्ष पूरे करने जा रहा है। हमने रैबार कार्यक्रम से इसकी शुरुआत की है। देश के महत्वपूर्ण स्थानों पर उत्तराखण्ड के लोगों को इसमें सम्मिलित करने का प्रयास किया जा रहा है। लोग अपने घर आएं, यही महसूस कराना रैबार कार्यक्रम का लक्ष्य था।
उन्होंने कहा कि दो नदियों अल्मोड़ा में कोसी और देहरादून में रिस्पना (ऋतुपर्णा) नदी के पुनर्जीवीकरण का कार्यक्रम शुरू किया गया है। यदि हम अभी भी नहीं बदले तो इन नदियों का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। हमें इसके लिए दीर्घकालिक योजना पर कार्य करना है। यह कार्य जन सहयोग से होना है। हमने तय किया है कि इस कार्य को सरकारी और सहकारी भाव से किया जाना है, जिसके लिए परमार्थ निकेतन ने एक करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की है। रिस्पना के लिए ऐसी रणनीति बनानी है, जिसमें जितने भी पौधे लगें, उन्हें एक दिन में ही लगाया जाए।
उन्होंने आह्वान किया कि इसमें सभी लोग सम्मिलित हों, तभी यह अभियान सफल होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे आईएएस अधिकारी विद्यालयों में गए। उन्होंने वहां की स्थिति और विद्यार्थियों की स्थिति समझा होगा। नीति निर्धारक जब सच्चाई को जानेंगे, स्थिति को समझेंगे तो उसके अनुसार नीतियां बना पाएंगे। वहीं कार्यक्रम में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारीगण एवं सचिवालय के सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।