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सामाजिक व आर्थिक विकास के लिए महिला सशक्तिकरण जरूरीः राज्यपाल

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देहरादून। राज्यपाल डाॅ. कृष्ण कांत पाल ने कहा कि देश व समाज का विकास महिला सशक्तिकरण से ही सम्भव है। सामाजिक व आर्थिक प्रगति के लिए महिला शिक्षा को प्रोत्साहित करना जरूरी है। शुक्रवार को राज्यपाल ने अंग्रेजी दैनिक गढ़वाल पोस्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘‘उत्तराखण्ड की बेटियां’’ में बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को आयोजक संस्था की ओर से सम्मानित किया।

राज्यपाल ने सम्मानित की गई महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि वे सभी युवाओं के लिए रोल माॅडल हैं। उनकी सफलता दूसरों के लिए पे्ररणा है। उत्तराखण्ड में महिला सशक्तिकरण की परम्परा है। साक्षरता में राज्य की स्थिति दूसरे राज्यों की तुलना में बेहतर हैै। परंतु पर्वतीय क्षेत्रों में महिला स्वास्थ्य में सुधार पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता है। राज्य सरकार इस पर गम्भीरता से काम भी कर रही है। टेली मेडिसिन सहित कई पहलें की गई हैं। जन जागरूकता के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में बसंती देवी बिष्ट, वीआर गार्डनर, काॅलिन गैंट्जर, वंदना शिवा, अद्वैता काला, रोशन दलाल, ज्योत्सना बरार, स्वीटी वालिया, राकेश धवन, अंजलि नौरियाल, अनुपमा जोशी, श्रुति पंवार, सिल्की जैन, अनुराधा मल्ला, बीना भट्ट, गगन मान, रजनी डोरिस जोन, रश्मि शर्मा, रेनु डी सिंह, तानिया शैली बक्शी, ज्योत्सना नुपुर कर्णवाल, नम्रता राय, हेमलता बगड़वाल गुप्ता, मीनाक्षी, ईला पंजवानी, रानु बिष्ट, डाॅ. आरती लुथरा, संगीता कालरा, सोहनी जुनेजा, सोनिया आनंद, डाॅ. अल्का आहुजा, नगमा फारूख, किरण भट्ट, समानिका सिंह व हर्षवंति बिष्ट को सम्मानित किया गया।

हरकी पैड़ी में दिखेगा गंगा अवतरण का नजारा

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हरिद्वार। उत्तराखण्ड के संस्कृति मंत्री तीर्थनगरी हरिद्वार को एक और तोहफा देने जा रहे हैं। इस तोहफे के कारण न केवल विश्व के मानचित्र पर हरकी पैड़ी की सुंदरता में चार चांद लगेंगे, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी यह आस्थावान श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केन्द्र होगा। अब हरकी पैड़ी पर गंगा की बहती लहरों के बीच अवतरित होती हुई मां गंगा की आलौकिक गाथा को दर्शाया जाएगा। गंगा अवतरण की सम्पूर्ण यात्रा को विद्युत किरणों के द्वारा प्रदर्शित करने का कार्य करेगा।

गंगा सभा के अध्यक्ष गांधीवादी पुरुषोत्तम शर्मा हरकी पैड़ी की भव्यता में चार चांद लगाने के लिए प्रयासरत हैं। इसी के चलते उन्होंने अवतरित मां गंगा को प्रदर्शित करने और विद्युत किरणों के द्वारा इस रोमांचक स्वरुप को बनाने का बीड़ा उठाया। इसी संकल्प को साकार करने के लिए उन्होंने यह देश के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के समक्ष रखा था। पूर्व राष्ट्रपति अपनी धर्मपत्नी की अस्थियां लेकर हरकी पैड़ी आए थे। पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने इस पर अपनी सहमति भी व्यक्त कर दी थी। उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह प्रस्ताव परवान नहीं चढ़ पाया। अब गांधीवादी ने एक बार फिर प्रदेश के संस्कृति व पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज के आश्रम पहुंचकर उनके समक्ष यह प्रस्ताव रखा है।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने इस प्रस्ताव को सहर्ष स्वीकार करते हुए सरकारी स्तर पर शीघ्र ही हरकी पैड़ी पर गंगा अवतरण की लीला का प्रदर्शित करने के लिए कार्य योजना तैयार करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कुंभ से पूर्व तीर्थनगरी को यह सौगात मिल जाएगी। बतादें कि रानी लक्ष्मी बाई की नगरी झांसी में भी इस प्रकार विद्युत प्रकाश के माध्यम से उनकी शौर्य गाथा को दर्शाया जाता है। इस प्रकार की झांकी की शुरुआत सिंगापुर में हुई थी। पुरुषोत्तम शर्मा ने इस प्रोजेक्ट का पूरा करने के लिए पूना से इंजिनियरों के एक दल को बुलाया था, जिन्होंने निरीक्षण भी किया था।

अस्सी गंगा में बने वैकल्पिक मार्ग पर आवाजाही शुरू

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उत्तरकाशी । गंगोरी में गंगोत्री राजमार्ग के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अस्सी गंगा के ऊपर से मार्ग बनाकर वाहनों की आवाजाही शुुरू करा दी गई है। यह कार्य गुरुवार देर रात प्रशासन, पुलिस व बीआरओ के अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ। इस दौरान डीएम भी स्वयं वैकल्पिक मार्ग को चालू कराने के लिए लगातार नजर बनाये हुए थे।

रात्रि में डीएम डॉ. आशीष चौहान, पुलिस अधीक्षक ददनपाल, एडीएम पीएल शाह, बीआरओ के कमांडेंट केएमके खुल्लर समेत अन्य अधिकारियों ने जब वैकल्पिक मार्ग बन कर तैयार हुआ तो इनके द्वारा वहां फंसे हुए वाहनों की आवाजाही शुरू कराई गई। मार्ग बनने पर पहला ट्रायल डीएम समेत अन्य अधिकारियों ने किया जिसके बाद सभी वाहनों की आवाजाही शुरू हुई। देर रात में मार्ग के खुल जाने से जहां एक ओर प्रशासन ने राहत की सांस ली तो वहीं इस क्षेत्र के करीब 65 से अधिक गांवों की भी तकलीफ दूर हुई। साथ ही सीमा की अग्रिम चौकियों के लिए लगा ब्रेक भी खत्म हुआ। गौरतलब है कि गुरुवार को तड़के गंगोरी में बना वैली ब्रिज ओवरलोड के कारण गिर गया था, जिससे सीमावर्ती क्षेत्र समेत 65 से अधिक गांवों का संपर्क कट गया था। 

एनएच74 की जांच से बच रहे एनएचएआई के अधिकारी

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रुद्रपुर, एनएच 74 मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी के नोटिसों को एनएचएआई के अफसर कोई गौर नहीं कर रहे हैं। एनएचएआई के अफसर एसआईटी के सवालों का जवाब देने से बचने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि शुरूवाती जांच के दौरान एसआईटी ने एनएचएआई के अफसरों से पूछताछ की थी तो एनएचएआई के अफसरों ने खुद को पाक साफ बताते हुए तमाम दस्तावेज उपलब्ध करा दिए थे, मगर जैसे जैसे जांच आगे बढ़ी तो एसआईटी के पास एनएचएआई के अफसरों से सवाल पूछने की फेहरिस्त लंबी होती चली गई। अब एनएचएआई के अफसर एसआईटी के बुलाने पर भी नहीं आ रहे हैं।

एसआईटी ने जांच शुरू की तो एनएचएआई के अफसरों ने अपने बयान दर्ज कराए तथा तमाम साक्ष्य प्रस्तुत किए। हालांकि उस समय जांच की प्रारंभिक स्थिति थी, इसलिए एसआईटी के पास एनएचएआई के अफसरों से सवालों का अभाव था। जांच ने रफ्तार पकड़ी तो एसआईटी के पास सवालों की लंबी सूची बन गई, जिसका जवाब एनएचएआई के अफसरों को देना है।

एसआईटी ने नोटिस जारी करके बीते सोमवार को एनएचएआई नजीबाबाद के परियोजना निदेशक को तलब किया था, लेकिन परियोजना निदेशक एसआईटी के सामने हाजिर नहीं हुए। एसआईटी की टीम एनएचएआई के अफसरों की प्रतीक्षा करती रही, लेकिन एनएचएआई के अफसर गच्चा दे गए। एसआईटी अभी तो इंतजार कर रही है, लेकिन अफसरों का रवैया असहयोगात्मक रहा तो एसआईटी सख्त हो सकती है।

महिला नीति पर आयोग ने लिए महिला पत्रकारों से सुझाव

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देहरादून। महिला नीति बनाए जाने को लेकर महिला आयोग की शुक्रवार को एक होटल में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयोग की अध्यक्ष सरोजनी कैंतूरा ने महिला नीति बनाए जाने के संबंध में महिला पत्रकारों से मिले सुझावों का संज्ञान लिया।

पत्रकारों द्वारा सुझाव दिए गए कि आयोग को सोशल साइट्स इंस्टाग्राम, ट्विटर व फेसबुक पर आईडी होनी आवश्यक है, जिससे महिलाओं को सहायता प्राप्त हो सके। विद्यालयों की छुट्टी के समय विद्यालयों के बाहर पुलिसकर्मी तैनात किए जाने चाहिए ताकि बालिकाओं को असुविधा न हो। साथ ही महिलाओं की सुविधा के लिए सिटी बसों में आगे की सीट महिला के लिए आरक्षित होनी चाहिए, पीछे की सीट पुरुषों के लिए होनी चाहिए। महिलाओं को खेलकूद की तरफ प्रोत्साहित करना चाहिए। सभी विद्यालयों में बालिकाओं के लिए खेल को अनिवार्य होना चाहिए, जिससे उनका मानसिक एवं शारीरिक विकास हो सके।
साइंटिफिक टेम्परामेन्ट के विकास करने के लिए बालिकाओं के लिए विज्ञान विषय का इंटर तक होना अनिवार्य होना चाहिए।इसके अलावा स्कूलों में लड़कियों के लिए स्पोर्ट विषय को जरुरी करने का भी सुझाव दिया गया।
अन्य सुझावों में महिला नीति सामाजिक वर्गीकरण को मद्देनजर रखते हुए ही बनाई जानी चाहिए, जिससे समाज में जो ऊपर व शोषित है, उसकी महिलाओं के साथ शोषण की तीव्रता बहुत ज्यादा होती है, उन्हें राहत मिल सके। इन सभी सुझावों पर आयोग ने जरुरी बताते हुए संज्ञान में लेने को कहा। इस मौके पर बैठक में आयोग की सदस्य सचिव रमिन्द्री मंद्रवाल, लकी, शिवानी आजाद, जूही दास, विनोद उनियाल आदि मौजूद रहे

भ्रष्टाचार से लिपटा सिडकुल का सच

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प्रदेश में लगातार उजागर होते करोडों के घोटालों से देव भूमि शर्मशार हो रही है, एक बार फिर उघोगो को विकसित करने के नाम पर लगभग हजार करोड का घोटाला उजागर हुा है, जिसने पूर्ववर्ती सरकार के साथ ही ब्यूरोक्रेसी की कार्यशैली पर फिर से सवालिया निशान लगा दिये हैं, कागजों हजार करोड से अधिक खर्च लेकिन जमीनी हकीकत देख कर चौंक जांयेगे आप, देकिये काशीपुर से योगेश शैली की एक रिपोर्ट।

सिडकुल द्वारा औघोगिक क्षेत्रों को विकसित करने और नये और बडे उघोगों को प्रदेश में स्थापित करने के लिए सरकार द्वारा सितरगंज और काशीपुर के एस्कोर्ट फार्म को चयनीत किया गया, जहां सितारगंज फेस टू की स्थापना की गयी तो एस्कोर्ट फार्म में 303 एकड भूमि अधिगृहित की गयी, जिसमें उघोगों को विकसित करने के लिए मुलभूत सुविधाओं का ढांचा खडा किया जाना था, सडक, बिजली, पानी, वाटर ट्रीटमेन्ट प्लांट, सीवरेज आदि सुविधाओं से लैस कर इन क्षेत्रों में उघोगों के लिए तैयार किया जाना था, जिससे उघोग लगाये जा सकें और उघोगों को प्रोत्साहन दिया जाना था, मगर हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत निकली और हजारों करोड रुपये कागजों में खर्च कर दिये गये, जब्की जमीनी हकीकत ये है कि यहां महज एक गेट, चन्द सडकें और बाउन्डरी वाल बना दी गयी है, बाकी खेत बंजर पडे हैं, क्षेत्रीय लोगों को उम्मीद थी की सिडकुल की फैक्ट्रीया लगने से रोजगार की सम्भावनाएं बनेंगी और क्षेत्र का विकास होगा, लेकिन उनको भी निराशा ही मिली।

वहीं हजारों करोड का खर्च दिखाये जाने और जमीनी हकीकत में बंजर खेतों को तांकते स्थानीय लोगों में भी नाराजगी बनी है, लोगों का कहना है कि उनकी खेती कि भूमि ले ली गयी और बदले में रोजगार की उम्मीद थी वो भी टूट गयी है, अधिकारियों ने बिना निरीक्षण के ही करोडों रुपये स्वीकृत कर दिये जबकि सुविधाओं के नाम पर खानापूर्ति की गयी है।

18 लाख की किताबों का हिसाब लेंगे अपर सचिव उच्च शिक्षा

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काशीपुर के राधेहरी महाविघालय में किताबों के घोटाले को लेकर बरपा हंगमा आखिर देहरादून तक गूज उठा है, जिसकी तहकीकात करने खुद अपर सचिव उच्च शिक्षा रंजीत सिन्हा काशीपुर पुहंचे।उन्होने किताबों के घोटाले को लेकर लगातार आंदोलन करने वाले छात्र संघ के पदाधिकारियों से वार्ता की, छात्र नेताओं ने बताया कि 18 लाख की किताबें महाविघालय द्वारा पहले तो बिना टेंडर प्रक्रिया के खरीदी गयी, यही नहीं किसी भी विभागाध्यक्ष से किताबों की सूची मांगे बिना ही लाखों की पुस्तकें मंगवा दी गयी।

यही नहीं किताबों में बिना मुल्य की कालिख पुती पुस्तकें पुस्तकालय में रखवायी गयी, जब किताबों के बिल मांगे गये तो गलत बिल दिखाकर किताबों का क्रय होना बताया गया, जिसका छात्र ने जमकर विरोध किया तो महाविघालय के प्राचार्य ने आननफानन में किताबों की बदली करना शुरु कर दिया, जिसपर लगातार हंगमा होता रहा, वहीं पुरी जानकारी लेते हुए अपर सचिव उच्च शिक्षा रंजीत सिन्हा ने पुरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की बात कहीं साथ ही नियमों के विरुद्ध कार्य पाये जाने पर ठोस कार्यवाही की बात कहीं।

हत्या कर मसूरी में फेंका शव, दिल्ली पुलिस ने किया बरामद

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देहरादून। दिल्ली में हत्याकर शव को मसूरी में फेंके जाने के मामले में दिल्ली पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर शव को बरामद कर लिया है। हाथी पांव के पास करीब 300 मीटर गहरी खाई में शव को बोरे में बंद कर फेंका गया था।

शुक्रवार को दिल्ली में हुई एक हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस की टीम मसूरी पहुंची। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार तीन दिल्ली की हर्ष विहार प्रीतमपुरा निवासी सिल्की(35) पत्नी ललित तीन दिसम्बर से लापता थीं। इस मामले में आठ दिसम्बर को गुमशुदगी थाना रानीबाद दिल्ली में दर्ज कराई गई थी। इस मामले में मृतका के परिजनों ने उसके पति,देवर, ससुर समेत पांच लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए मामला पंजीकृत कराया। पुलिस ने जांच की तो सुराग मिले की हत्या कर शव मसूरी लाया गया था। जांच के लिए पहुंची टीम ने मसूरी पहुंच शव की तलाश की तो हाथी पांव के पास करीब 300 मीटर गहरी खाई में महिला का बोरे में बंधा शव बरामद हो गया। पुलिस ने अभियुक्तों की निशानदेही पर ही शव बारमद किया। एसपी सिटी प्रदीप राय ने बताया कि दिल्ली में हुई हत्या के मामले में एक टीम मसूरी पहुंची थी। टीम ने अभियुक्तों की निशानदेही पर शव बरामद कर लिया है।

सत्संग भवन के चौकीदार व सेवादार का शव मिलने से दून में सनसनी

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देहरादून। देहरादून में हरिद्वार बाईपास स्थित निरंकारी सत्संग भवन के परिसर में शुक्रवार सुबह एक सेवादार और एक चौकीदार के शव मिले। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस पहुंची और शवों को अपने कब्जे में ले लिया।

नेहरू कॉलोनी थानाक्षेत्र के अंतर्गत हरिद्वार बाईपास पर निरंकारी मिशन का सत्संग भवन है। यहां इन दिनों निर्माण कार्य चल रहा है। शुक्रवार सुबह स्थानीय लोग मैदान में दो शव देखे और इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि दो युवकों के शव मौके पर थे, जिनका चेहरा खून से लथपथ था, मृतक में एक कमल राम निवासी देवप्रयाग जो वहां चौकीदारी करता था, जबकि दूसरा मृतक सोनु निवासी सेवला कलां देहरादून सेवादार था। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जें में ले लिया है।
घटना की सूचना पर डीआईजी पुष्पक ज्योति व पुलिस कप्तान निविदेता कुकरेती ने जायजा लिया। डीआईजी व कप्तान ने निरीक्षण कर घटना का जायजा लिया। फिलहाल हत्या का राज नहीं खुला है, पुलिस ने शवों को कब्जें में कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं पुलिस ने शक के आधार पर कुछ लोगों को पकड़ा है।
डीआईजी का कहना है कि पोस्मार्टम रिर्पोट के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल दोनों के शवों को देखकर साफ लग रहा है कि दोनों की हत्या की गई है। पुलिस शक के आधार पर कुछ लोगो को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ कर रही है।

क्रिस्मस के रंग में रंगने लगे दून के स्कूल

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देहरादून। द आर्यन स्कूल में शुक्रवार को धूमधाम से क्रिसमस पर्व मनाया गया। इस अवसर पर स्कूल परिसर में इंटर हाउस कैरल सिंगिंग काॅम्पीटिशन का आयोजन किया गया। स्कूल के चारों सदनों के प्रतिभागियों ने प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।

स्कूल में आयोजित हुए कार्यक्रम का शुभारंभ प्रिंसिपल बी. दासगुप्ता ने किया। इसके बाद प्रतियोगिताओं का आगाज हुआ। विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रतिभागियोंं ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल के रूप में द आर्यन स्कूल की एचआर हेड मृदुला बेदी व एचओडी इंग्लिश आशिमा चांदना बतौर जज उपस्थित रही। प्रतिभागियों ने विभिन्न क्रिसमस गीत गायन कर खूब तालियां बटोरी।
यूजर हाउस ने मिडनाइट क्लीअर, सामा हाउस ने गो टेल इट आॅन द माउंटेन, रिग हाउस ने इट्स अबाउट द क्राॅस व अथर्वा हाउस ने वेन होप वाॅज बाॅर्न दिस नाइट की प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध किया। कैरल सिंगिंग काॅम्पीटिशन में सामा हाउस ने प्रथम, रिग हाउस ने द्वितीय यूजर हाउस ने तृतीय व अथर्वा हाउस ने चतुर्थ स्थान प्राप्त किया।
स्कूल के प्रिंसिपल ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिताओं के माध्यम से न सिर्फ बच्चों का मानसिक व शारीरिक विकास होता है बल्कि उनका मनोबल भी बढ़ता है। उन्होंने सभी छात्रों को क्रिसमस का महत्व बताते हुए कहा कि यह पर्व हमें प्रेम की भावना सिखाता है। साथ ही बुराइयों से दूर रहकर सभी को खुशियां बांटने का संदेश देता है। उन्होंने बच्चों को प्रभु ईसा मसीह द्वारा दिखाए रास्ते पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने सभी छात्रों को क्रिसमस व नए साल की बधाई के साथ उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं भी दी। कार्यक्रम के अंत में सेंटा क्लाॅज ने छात्रों को मिठाइयों के साथ उपहार बांटे। इस अवसर पर द आर्यन स्कूल के सभी टीचर्स, छात्र-छात्राएं व स्टाफ के सदस्य मौजूद रहे।
सेंट पैट्रिक अकेडमी का किंडरगार्टेन भी क्रिस्मस के रंग में रंगा रहा। शुक्रवार को स्कूल के सभागार में विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई, जिसमें बच्चों ने प्रभू यीशु के जन्म पर प्ले प्रस्तुत किया। बच्चों ने क्रिसमस कैरल सिंगिंग और नृत्य की प्रस्तुतियां भी दीं। आकर्षण का केंद्र सांता क्लॉस की ‘जिंगल बेल’ प्रस्तुति रही। स्कूल के प्रिंसिपल सोलोमान के साथ सांता क्लॉज ने एक भव्य प्रविष्टि की। स्कूल प्रिंसिपल ब्रदर सोलोमन ने बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की।