युवा दिलों की धड़कन कहे जाने वाले जाने माने रैप सिंगर हनी सिंह इन दिनों गंगा किनारे अपना समय बिता रहे हैं। इन दिनों हनी सिंह ऋषिकेश में योग और मेडिटेशन कर रहे हैं।
तकरीबन दो सालों से सुर्खियों से दूर रहने वाले हनी सिंह इन दिनों गंगा किनारे सभी मोह माया को त्यागकर योग और ध्यान में लीन हैं। यह बात हनी सिंह की दो फोटो सोशल मीडिया पर आने के बाद सामने आई। फोटो में हनी सिंह ऋषिकेश के लक्ष्मण झूला पुल के पास निम बीच में गंगा किनारे बैठे दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं उनको देखकर साफ लगता है कि अब वो अपनी बीमारी से काफी हद तक उभर गए हैं। जानकारों की मानें तो हनी सिंह ऋषिकेश में बीते सात दिसम्बर को आए थे। उनके साथ उनके तीन साथी भी आए हुए हैं।
लंबे वक्त से बाइपोलर डिसअॉर्डर से जूझ रहे हनी सिंह
हनी सिंह पिछले लंबे समय से बाइपोलर डिसऑर्डर नाम की बीमारी से जूझ रहे हैं। इतना ही नहीं हनी सिंह बीते काफी वक्त से कोई गीत या रैप भी नहीं गाया। स्टेज शो से भी हनी सिंह दूरी बनाए हुए थे। पिछले काफी समय से ‘यो यो’ हनी के बारे में कई तरह की बातें चर्चाओं में आई हैं। इसमें बाइपोलर डिसऑर्डर बीमारी की बात भी शामिल है। खुद हनी सिंह भी ये बात बता चुके हैं। इतना ही नहीं हनी ने पिछले दिनों एक इंटरव्यू में ये भी बताया कि वो शराब के आदि हो गए थे, लेकिन अब वो ठीक हैं और जल्द वापसी करेंगे। हालांकि, हनी अभी भी मीडिया से दूरी ही बनाए हुए हैं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक, हनी सिंह जल्द ही नए गाने के साथ फिर से वापसी की तैयारी में हैं। इसी को लेकर वे ऋषिकेश में गंगा किनारे अपने नए गानों की बीट तैयार करने में लगे हैं। यहां वे योग और मेडिटेशन कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे अभी यहां लंबे समय तक रुकेंगे।
ऋषिकेश में योग और ध्यान में लीन ‘यो यो’ हनी सिंह
ट्रेचिंग ग्राउंड मामले को लेकर व्यापार मंडल ने जताया रोष
ऋषिकेश, ट्रेचिंग ग्राउंड के मामले में सर्वदलीय आंदोलन की सुध नहीं लिए जाने पर नगर उद्योग व्यापार मंडल में रोष व्याप्त है। मामले को लेकर नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल का एक शिष्टमंडल सोमवार दोपहर नगर अध्यक्ष जयदत्त शर्मा की अध्यक्षता में उप जिलाधिकारी से मिला और प्रशासन की उपेक्षा को लेकर जबरदस्त आक्रोश जताया।
सोमवार को प्रतिनिधि मण्डल का नेतृत्व कर रहे व्यापार मण्डल के अध्यक्ष शर्मा ने उपजिलाधिकारी को बताया कि पिछले 25 दिन से ज्यादा समय से ट्रेचिंग ग्राउंड के मामले मे चल रहे आंदोलन के बावजूद शासन या किसी भी जनप्रतिनिधि के द्वारा धरना स्थल पर जाकर ट्रेचिंग ग्राउंड से संबंधित समस्या के समाधान पर आकर कोई बात नहीं की और न ही समाधान के लिए अपनी ओर से कोई प्रस्ताव रखा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही इस समस्या के समाधान के लिए कोई पहल शासन स्तर पर नहीं की गई तो धरने को समाप्त करने का कोई प्रयास नहीं किया जाएगा।
व्यापार मंडल जो कि अभी तक सिर्फ इस धरने का समर्थन कर रहा है वह सक्रिय रूप से इस आंदोलन में शिरकत करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। ट्रेचिंग ग्राउंड के साथ-साथ चंद्रेश्वर नगर के अंदर कूड़े के कंटेनर को हटाने को लेकर किए जा रहे आंदोलन पर भी प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किए जाने पर रोष प्रकट किया।
पर्यटकों से गुलजार है राजाजी नेशनल पार्क
देहरादून। हरिद्वार स्थित राजाजी नेशनल पार्क इन दिनों पर्यटकों से गुलजार है। देश ही नहीं विदेशी पर्यटक भी पार्क में भ्रमण कराने के लिए व्यापक मात्रा में रोज पहुंच रहे हैं। इस बारे में जानकारी देते हुए पार्क स्थित चीला रेंज के वार्डन अजय शर्मा ने बताया कि अभी तक कुल 2249 पर्यटक पार्क का भ्रमण कर आनन्द उठा चुके हैं।
अजय शर्मा के अनुसार इन पर्यटकों में 190 विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। राजाजी पार्क का लुफ्त उठाने के लिए रोजाना पर्यटक चीला रेंज स्थित पार्क के कार्यालय में पहुंचते हैं। सरकारी जीप व हाथी पर सवारी कर क्षेत्र का भ्रमण करते हैं। पार्क क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों के चलते अभी तक विभाग को 6,12,290 (छह लाख बराह हजार दो सौ नब्बे रुपये मात्र) की आय हो चुकी है। इस आकड़े में अभी और वृद्धि होने का अनुमान है।
अतिक्रमणकरियो पर चली प्रशासन की जेसीबी
गदरपुर, पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुरूप प्रशासन द्वारा एनएच-74 पर चिन्हित अवैध अतिक्रमण को हटाए जाने की मुनादी के बाद उप जिलाधिकारी पूरन सिंह राणा की अगुआई में एनएचएआई के प्रबंधन (तकनीकी) अनुज कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक काशीपुर डॉक्टर जगदीश चंद्र, अपर पुलिस अधीक्षक (क्राइम) कमलेश उपाध्याय के संयुक्त नेतृत्व में टीम द्वारा भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में जेसीबी मशीनों की मदद से थाना गेट के सामने से दुकानों के आगे बने पक्के फड़ों एवं शेडों को ध्वस्त करने की कार्यवाही आरंभ कर दी गई।
व्यापारियों द्वारा अतिक्रमण अभियान को रोके जाने की पुरजोर मांग एवं कड़े विरोध के बावजूद प्रशासन द्वारा उनकी एक नहीं सुनी गई। व्यापारियों ने अतिक्रमण हटाओ अभियान की कमान संभाल रहे उप जिलाधिकारी पूरन सिंह राणा एवम् एनएचएआई के उप प्रबंधक (तकनीकी) अनुज कुमार सिंह का घेराव कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को बंद किए जाने की मांग की। व्यापारियों ने प्रशासन पर न्यायालय के आदेश ना होने का आरोप लगाते हुए शासन- प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की। देखते ही देखते जेसीबी मशीनों द्वारा थाना गेट से लेकर नैनीताल बैंक के पास एवं थाने के सामने वाली वाली गली के मोड़ के अलावा मदान फ़ोटो स्टेट गली के मोड़ से लेकर सनातन धर्म मंदिर गली के मोड़ तक बने दर्ज़नों टिन शेडों एवं पक्के फड़ों को ध्वस्त कर दिया। अतिक्रमणसराफा क मौके पर भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी के चलते व्यापारियों द्वारा खुलकर विरोध नहीं किया जा सका, परंतु तमाम व्यापारियों ने उग्र विरोध प्रदर्शन करते हुए अपना विरोध जताया।
सबसे पहले पालिका अध्यक्षा अंजू भुड्डी के पति राकेश भुड्डी बंटी द्वारा जेसीबी मशीन के सामने लेट कर अपना विरोध प्रदर्शित किया गया, उनकी अतिक्रमण हटाने आई टीम के अधिकारियों से तीखी झड़प भी हुई लेकिन प्रशासन द्वारा अपनी ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को जारी रखा गया। व्यापारियों ने उप जिलाधिकारी पूरन सिंह राणा से ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को रोके जाने की मांग भी की गई लेकिन उनके द्वारा नकारात्मक रुख अपनाए जाने पर व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज सेतिया, कांग्रेस नगर अध्यक्ष विजय सुखीजा, समाजसेवी जरनैल सिंह काली, भाजपा नेता रविंद्र बजाज, मंडी समिति के चेयरमैन प्रीत ग्रोवर, गन्ना समिति के पूर्व अध्यक्ष राजेश गुम्बर मिन्नी, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष अभिषेक गुंबर, आढ़ती एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अशोक हुडिया, व्यापार मंडल के महामंत्री मनीष फुटेला एवं युवा व्यापार मंडल के अध्यक्ष लवली हुडिया सहित तमाम व्यापारियों ने थाना गेट के सामने जेसीबी मशीनों पर चढ़ कर अपना विरोध प्रदर्शन किया और धरने पर बैठ गए।
मौके पर पहुंचे पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़, रुद्रपुर व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय जुनेजा एवं व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश बंसल ने भी प्रशासन द्वारा शुरु की गई ध्वस्तीकरण की कार्यवाही का विरोध जताया और धरने पर बैठे व्यापारियों का समर्थन किया। प्रशासन द्वारा ध्वस्तीकरण की कार्यवाही किए जाने के दौरान हजारों हजारों की संख्या में व्यापारी मौके पर उमड़ पड़े, लेकिन प्रशासन के भय के चलते उनको बेबस होकर जेसीबी मशीनों द्वारा की जा रही ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को देखते रहने पर विवश होना पड़ा।
व्यापारियों के भारी आक्रोश एवं ध्वस्तीकरण की कार्यवाही के चलते किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति ना होने देने के लिए प्रशासन द्वारा भारी संख्या में पुलिस एवं पीएसी के जवानों के अलावा घुड़सवार पुलिस को भी तैनात किया गया था। प्रशासन की सख्ती के चलते तमाम व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठानों के आगे बनाए गए अस्थाई टीन शेड को स्वयं ही हटाना शुरू कर दिया। उप जिलाधिकारी पूरन सिंह राणा ने बाईपास मार्ग के निर्माण कार्य को आरंभ किए जाने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे आंदोलनकारियों से हुई वार्ता की। आंदोलनकारियों ने अनशन स्थल से उठकर एनएच-74 पर डेरा जमा दिया। और प्रशासन पर प्रशासन पर दमनात्मक कार्यवाही किये जाने का आरोप लगाया। इस दौरान हजारों की संख्या में व्यापारी मौजूद थे।
आयुर्वेद के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करेगा उत्तराखंडः कौशिक
देहरादून। उत्तराखंड में आयुर्वेद की असीम संभावनाएं हैं। प्रदेश के शहरी विकास, आवास, राजीव गांधी शहरी आवास, जनगणना, पुनर्गठन एवं निर्वाचन मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि आयुर्वेद के क्षेत्र में उत्तराखण्ड देश का नेतृत्व करेगा।
सोमवार को एक स्थानीय होटल में आयुष विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में अध्यक्षीय भाषण में कौशिक ने कहा कि उत्तराखण्ड में आयुष, आयुर्वेद के विकास की असीम सम्भावनाएं हैं। वर्तमान सरकार इन सम्भावनाओं के उपयोग के सम्बन्ध में अपनी नीतियां भी बना रही है। उन्होंने कहा कि हमारी परम्परा में एलोपैथ के पहले आयुर्वेद का स्थान आता है और आयुर्वेद को अत्यधिक महत्व भी दिया गया है लेकिन चकाचौंध की दुनिया में एलोपैथ का स्थान पहले हो गया है। इस कारण मरीज के साथ आयुर्वेद क्षेत्र के डॉक्टर भी एलोपैथ पर अधिक विश्वास करते हैं। इसके परिणामस्वरुप आज आयुर्वेद का अपेक्षित विकास नहीं हो सका है लेकिन इस अन्तराल को हमारा उत्तराखण्ड अपना नेतृत्व देकर पूर्ण करेगा। इसलिए आवश्यकता है कि आयुर्वेद क्षेत्र के डॉक्टर अपनी पद्धति में विश्वास रखें और अपने स्वभाविक स्वरुप को सामने लाएं। मंत्री ने बाबा राम देव का उदाहरण देते हुए कहा कि योग हमारी प्राचीन परम्परा का मूल स्वरुप होते हुए भी अपेक्षाकृत कम लोकप्रिय था लेकिन बाबा रामदेव ने योग को आम जनता के सामने लाकर इसकी उपयोगिता को घर-घर तक पहुंचाया।
इस मौके पर आयुष मंत्री डॉ हरक सिंह रावत ने कहा की हमारा लक्ष्य चिकित्सा पद्धति की गुणवत्ता में सुधार लाना है। इसके लिए अनेक मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं। आने वाले दिनों में देहरादून, हरिद्वार के अतिरिक्त अन्य पहाड़ी जनपदों मेडिकल कॉलेज को प्राथमिकता दी जाएगी। आयुर्वेद के क्षेत्र में अनेक डॉक्टरों द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया गया है। सरकार आयुष विभाग के सुधार के लिए निरन्तर प्रयास कर रही है।
पुलिस व वन विभाग ने बरामद किए खैर के 98 गिल्टे
बाजपुर, पुलिस व वन विभाग की टीम ने सयुक्त रूप से खेर की लकड़ी से भरे पिकअप वाहन को पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस को आता देख आरोपी मौके से फरार हो गए। बरामद माल करीब चालीस क्वटल के आसपास है, पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की छानबीन शुरू कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम बन्नाखेड़ा चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह को मुखबिर से मिली सूचना पर वन विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम का गठन किया गया। जिसके उपरांत ग्राम भीकमपुरी क्षेत्र में छापामारी की गई। जिसमें उप प्रधान के यहां से पिकअप संख्या यूपी 30 / ए 9019 में लदे खैर के 98 गिल्टे बरामद हुए। टीम को आता देख उप प्रधान संतोख सिंह पुत्र ध्यान सिंह, राजू पुत्र मिरची सिंह, गुरबचन सिंह पुत्र ध्यान सिंह निवासीगण भीकमपुरी व दो अन्य लोग मौके से फरार होने में सफल रहे।
इन सभी को लकड़ी तस्करी में नामजद करते हुए तलाश प्रारंभ कर दी गई है। करीब 40 क्विटल माल की कीमत लाखों रुपये में बताई गई है। वहीं इस कार्रवाई के चलते गांव में हड़कंप मचा रहा। टीम में बन्नाखेड़ा वन क्षेत्राधिकारी मोहन चंद्र पंत, उप वन क्षेत्राधिकारी पीसी जोशी, एसआइ नवीन चंद्र सुयाल, नईम कुरैशी, सुरेश आर्या, अशोक कुमार, लोकेश तिवारी, रमेश चंद्र भट्ट, वन आरक्षी सुरेश चंद्र परगाई, पुष्कर कुमार चौहान, गौरीशंकर, धर्मवीर, गुरमीत सिंह आदि शामिल थे।
जौनसार के 50 गांव अंधेरे में रहने को मजबूर
विकासनगर, कालसी क्षेत्र के अंर्तगत जौनसार में पिछले लंबे समय से लोग अंधेरे में जीने को मजबूर हैं। विद्युत लाइन, विद्युत पोल और विद्युत सब स्टेशन की जर्जर हालत होने से क्षेत्रवासियों में ऊर्जा निगम के खिलाफ रोष व्याप्त है।
साहिया क्षेत्र में विद्युत सब स्टेशन के अंतर्गत जौनसार क्षेत्र के लगभग 50 गांव 33 केवी लाइन से पूरा जौनसार बावर क्षेत्र जुड़ा है। इस सब स्टेशन का 40 वर्ष पहले निर्माण किया गया था, जो अब जर्जर हालत में है। यहां हल्की हवा चलने या वर्षा होने पर कई दिनों के लिए विद्युत व्यवस्था बंद हो जाती है, जिससे क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। विद्युत सब स्टेशन में लगे फीडर भी काफी पुराने हो चुके हैं जो कभी भी खराब हो जाते हैं। इससे कई क्षेत्रों में क्षेत्रवासियों को अंधेरे में रात गुजारनी पड़ती हैं। इस समस्या के बारे में कई बार लिखित व मौखिक रूप से अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है लेकिन अभी तक इस संज्ञान में कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे क्षेत्रवासियों में रोष है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि 33 केवी विद्युत लाइन में विद्युत सब स्टेशन में नवनिर्माण की अति आवश्यकता है। ताकि क्षेत्र में विद्युत की आपूर्ति सुचारू हो सके। उन्होंने कहा कि समय रहते हुए पुरानी मशीनों व फीडरों को जल्द सही कराया जाए। ताकि विद्युत संबन्धी परेशानी समाप्त हो जाए।
कोर्ट के आदेश पर पिस्टल व रिवाल्वर चोरी का केस दर्ज
काशीपुर, चोरो ने गन हॉउस को निशाना बनाते हुए गन हाउस से पिस्टल व रिवाल्वर सहित भारी मात्रा में कारतूस चोरी कर लिए। गन हाउस स्वामी ने चोरी की सूचना पुलिस को दी। केस दर्ज न होने के बाद पीडि़त ने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने गन हाउस से असलहा चोरी का मामला दर्ज कर लिया है।
जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशन रोड निवासी आर्म्स डीलर विनय टंडन पुत्र स्व.प्रताप नारायण टंडन ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि उनकी स्टेशन रोड पर ही काशीपुर गन हाउस के नाम से असलहे की दुकान है। 24 सितंबर की सुबह उसने दुकान का स्टॉक चेक किया था। इस दौरान एक रिवाल्वर 32 बोर, एक पिस्टल 0.25 एमएम, दो कारतूस .2एमएम, 55 कारतूस 32 बोर, 60 कारतूस 32 बोर पिस्टल, 50 कारतूस 12 बोर व 50 कारतूस 315 बोर के कम पाए गए थे।
हथियार व कारतूसों की खोजबीन करने के बाद भी न मिलने पर कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई थी। लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आइपीसी की धारा 380 के तहत रविवार को केस दर्ज कर लिया है। साथ ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
हेलंग-मारवाड़ी बाईपास मामला नितिन गडकरी तक पहुंचा
(गोपेश्वर) आॅल वेदर सड़क निर्माण के तहत हेलंग-मारवाड़ी बाईपास को असंगत बताते हुए पर्यटनमंत्री सतपाल महाराज के नेतृत्व में भाजपाइयों का दल केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिला।
दिल्ली में नितिन गडकरी से मुलाकात के बारे में बताते हुए बद्रीनाथ के विधायक महेंद्र भट्ट ने कहा कि वर्तमान में हेलंग से लेकर मारवाड़ी तक बद्रीनाथ हाईवे को बाईपास के रूप में बनाने की योजना है, जिसका जोशीमठ समेत पैनखंडा के अधिकांश जनता विरोध कर रही है।

कारण यह है कि बद्रीनाथ की यात्रा परंपरागत रूप से जोशीमठ नृसिंह मंदिर से होकर ही निकलती है और परांगत रूप से जोशीमठ से चलने वाली यात्रा से स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भी लाभ है उनकी आर्थिकी यात्रा से ही जुड़ी है। यदि हेलंग से मारवाड़ी बाईपास बनता है कि तो यात्रा इस बाईपास से निकलेगी, जिससे जोशीमठ क्षेत्र प्रभावित होगा और जनजीवन व आर्थिकी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जनता की ओर से एक ज्ञापन केंद्रीय सडक परिवहन मंत्री को दिया गया है जिसमें निवेदन किया गया है हेलंग-मारवाड़ी बाईपास का निर्माण नहीं किया जाए और यात्रा परंपरागत रूप से यात्रा जिस तरह से चलती है उसी तरह चलती रहे। केंद्रीय मंत्री से मुलाकात करने वालों में भाजपा के विधायक महेंद्र भट्ट, जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल, नपा अध्यक्ष रोहणी रावत, रामकृष्ण रावत, डॉ मोहन सिंह आदि शामिल रहे।
क्या आप जानते हैं कि हादसे का शिकार होने पर आप भी हैं सरकारी बीमा के हकदार
दिल्ली सरकार के हादसों के शिकार लोगों को मुफ्त इलाज देने के फैसले के बाद से उत्तराखंड में भी इस तरह के कानून की मांग होने लगी थी। वहीं आपको ये जानकर हैरानी होगी के सरकारी नियमों में इस तरह का प्रावधान पहले से ही मौजूद है। इसके बारे में उत्तराखंड यातायात निदेशालय के फेसबुक पेज से निदेशक केवल खुराना ने जानकारी साझा की। इस पोस्ट में कहा गया है कि
“#यातायात_निदेशालय_उत्तराखंड_की_आमजन_से_अपील
सङक सुरक्षा समिति के पत्र संख्या -29/2014/सीओआरएस दिनांक 24.11.2017 के द्वारा अवगत कराया गया है कि मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 161 से 163 के अन्तर्गत अझात वाहन से टक्कर मारकर भाग जाने की स्थिति में प्रभावित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने की व्यवस्था है। केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचना संख्या 440ई दिनांक 12.06.89 के अन्तर्गत तोषण निधि योजना (सोलेशियम फण्ड स्कीम )प्रवृत्त की गयी है जिसके अन्तर्गत अझात वाहन द्वारा टक्कर मारने के कारण मृत्यु होने की स्थिति में रूपये 25000/- एवं गम्भीर चोट लगने पर रूपये 12500/- की आर्थिक सहायता की व्यवस्था की गयी है। आम जन में इस स्कीम की जानकारी नहीं है जिससे राज्य सरकार द्वारा नामित बीमा कम्पनियों को लाभ हो रहा है तथा पीङित व्यक्तियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है स्कीम के तहत अझात वाहन से दुर्धटना पीङित जिला मर्जिस्टेट के समक्ष आवेदन कर सकता है ।”
गौरतलब है कि पोस्ट में साफ लिखा गया है कि इस बारे में आम लोगों को जानकारी न होने के कारण न तो लोगों को इस सुविधा का फायदा मिल पा रहा है बल्कि सरकार की जेब से बीमा कंमपनियों को जाने वाले प्रीमियम ये इन कंपनियों की जेबें भर रही हैं।स्कीम के तहत अझात वाहन से दुर्धटना पीड़ित जिला मर्जिस्टेट के समक्ष सहायता राशि के लिये आवेदन कर सकता है।





























































