गोपेश्वर। चमोली जिले के पीपलकोटी के एसडी मैदान में आयोजित सात दिवसीय बंड मेले की चौथी संध्या रुद्रप्रयाग की जय मां हरियाली सांस्कृतिक कला मंच के नाम रही। कला मंच के गायक सुनील कोठियाल के सुण जा बात मेरी हां, मेरी गैल्याणी हां… पर मंच पर कलाकार तो दर्शक दीर्घा में दर्शक भी खूब झूमे।
बंड मेले की चौथी सांस्कृतिक संध्या शनिवार को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थानाध्यक्ष चमोली धीरज रावत, चौकी प्रभारी पीपलकोटी ऋषिकांत पटवाल और एएसआई चंद्र प्रकाश ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत जय मां हरियाली कला मंच की लोक गायिका रचना सेमवाल ने जय मां धारी देवी की स्तुति के साथ-साथ चंदना मेरा पहाड ऐई… के साथ की। गायक विनोद पंत के गीत ऐजे मेरा कांहा धवाडी लगांदू… को भी दर्शकों ने खूब सराहा।
बंड मेले में सरकारी विभागों के स्टाॅलों से भी काश्तकार, कृषक व आम लोग सरकारी योजनाओं के साथ ही कृषि, पशुपालन, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, उद्यान, जडीबूटी आदि की जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। विभाग भी अपनी प्रचार सामग्री के माध्यम से जनता को सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाकर उन्हें योजनाओं से लाभ लेने की अपील कर रहे हैं। मेले में स्थानीय काश्तकारों ने अपने-अपने क्षेत्र में उगाई जाने वाली साग, सब्जी, फल, अनाज, दाले लायी गई है, जिसकी खूब बिक्री हो रही हैं। लोग दूर-दूर से मेले में आकर स्थानीय उत्पादों की खूब खरीददारी कर रहे हैं, जिससे स्थानीय काश्तकारों को भी लाभ मिल रहा है।
मेले की चौथी संध्या हरियाली सांस्कृतिक कला मंच के नाम
नगर के बीच कचरे के ढेर पर दूसरे दिन भी दिया धरना
ऋषिकेश। गोविंद नगर क्षेत्र में कूड़े के ढेर पर सामाजिक कार्यकर्ता और अन्ना आंदोलन से जुड़े समाजसेवी दिनेश कोठारी का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। कूड़े को शहर के लिए कैंसर बताते हुए खाली भूंखड मे पालिका प्रशासन द्वारा डाले जा रहे कूड़े के विरोध में धरना दे रहे कोठारी को तमाम लोगों का समर्थन मिल रहा है।
रविवार दोपहर पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार, कोठारी ने नगर की जनता के सहयोग से गोविंद नगर में कूड़े के ढेर पर बैठकर धरना दूसरे दिन भी जारी रखा। उनकी इस मुहिम मे गोविंद नगर क्षेत्र के लोग बड़ी संख्या मे शामिल हुए। उन्होंने कहा कि शहर के बीच रिहायशी क्षेत्र स्थित खाली भूंखड मे कूड़े का ढेर लगाकर नगर पालिका प्रशासन हजारों लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा है। इस मामले को लेकर उन्होंने सबसे लड़ाई शुरू की है, इस संघर्ष को अब वह मुकाम तक पहुंचाकर ही दम लेंगें।
सरदार मंगा सिंह के संचालन मे चले धरना कार्यक्रम मे आईएमए के सचिव डॉ. हरिओम प्रसाद, टीम अन्ना के सहयोगी रहे प्रवीण ने कहा कि यदि इसी प्रकार कूड़ा डाला जाता रहा तो एक दिन सांस लेना भी दूभर हो जाएगा। इस दौरान सरदार हाकम सिंह, दीपक चुग आदि ने भी सम्बोधित किया।धरना देने वालों मे मनमोहन संगर, कमल शर्मा, सतवीर तोमर, अजय गुप्ता, योगेश ब्रेजा, मानव जौहर, हर्षित गुप्ता, कोमल सिंह, मधू सूदन, अजय गर्ग आदि प्रमुख रहे।
भालू के हमले से महिला घायल
गोपेश्वर। घास काटने गयी एक महिला पर भालू ने अचानक हमला कर दिया। महिला घायल हो गई। उसे काफी चोंटे आईं हैं। प्राथमिक उपचार के बाद पीड़ित को घर भेज दिया गया।
घटना चमोली जिले के घाट विकास खंड के रानीहाट गांव की है। परिजनों के अनुसार, शनिवार देर शाम अंजू देवी (30) पत्नी संतोष सिंह गांव के पास जंगल में घास काट रही थी। इसी दरम्यान भालू आ गया और उस पर झपट पड़ा। महिला ने जान बचाने के लिए दराती से भालू पर कई वार किए। आखिरकार भालू भाग गया।
बे-सहाराओं के लिए बने रेनबसेरे खुद सहारे को तरसे
उधमसिंहनगर, ठंड का प्रकोप दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। ऐसे में असहाय, निराश्रित व बाहर से आने वाले लोगों के लिए सरकार ने रैन बसेरे तो बना दिए लेकिन इनमें बेसहारों को सहारा नहीं मिल पा रहा है। कारण कि रैन बसेरों में तो कहीं ताले लटके हैं तो कहीं इनका अभी तक प्रयोग ही शुरू नहीं हो पाया। जनपद उधमसिंहनगर में जसपुर, काशीपुर, बाजपुर, गदरपुर, सितारगंज, किच्छा आदि शहरों में रैन बसेरे में लोगों के लिए सुविधाएं ही नहीं है जहां सुविधाए है भी तो व्यापाक प्रचार प्रसार ना होने के कारण यहां कोई आता ही नहीं है।
रैनबसेरा का पूर्ण उपयोग न होने का एक कारण यह भी है कि अधिकांशत: यह बंद रहता है। रैनबसेरा की देखरेख के लिए नियुक्ति सुपरवाइजर व स्वच्छक भी यहां से अक्सर गायब ही रहते हैं। जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि हॉस्पिटल, थाना, कोतवाली, तहसील आदि मुख्य स्थानों में रैनबसेरा की जानकारी दी गई है तथा संपर्क नंबर दिए गए हैं। संपर्क करने पर ऐसे लोगों को रहने की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
फोटो खींचने पर गजराज को आया गुस्सा
हरिद्वार, जंगल की दुनिया जितनी सुंदर होती है, उतनी ही खतरनाक भी है। देश-विदेश से उत्तराखंड में पर्यटक जंगल सफारी और जानवरों को देखने के लिए आते है, लेकिन कभी-कभी पर्यटक जानवरों का निवाला बनने से भी बच जाते हैं। कुछ ऐसा ही राजाजी नेशनल पार्क में देखने को मिला।
जंगलों के अंदर जरा सी लापरवाही कभी-कभी भारी भी पड़ जाती है। ऐसा ही कुछ हुआ राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की चीला रेंज में, जहां हरिद्वार के रहने वाले पांच युवक जंगल की सफारी के लिए पार्क गए थे। पांचों दोस्तों के इस ग्रुप को खुली जिप्सी में जंगल की सफारी करना बेहद भा रहा था। लेकिन मुश्किल तो तब पैदा हो गई जब अचानक रास्ते में उन्हें एक टस्कर हाथी दिखाई दिया।
जिप्सी के ड्राइवर ने रोज की तरह सावधानी से गाड़ी को निकाला, लेकिन गुस्से से भरे गजराज ने शायद ये सोच लिया था कि इन्हें बिना डराए जंगल से नहीं भेजना है। सभी दोस्तों को ड्राइवर ने गाड़ी के अंदर से ही फोटो लेने के लिए कहा। इस दौरान हाथी को और गुस्सा आया, वह गाड़ी के पीछे दौड़ पड़ा, जिसके बाद पर्यटक हक्के-बक्के रह गए। लेकिन अच्छा ये रहा कि ड्राइवर ने गाड़ी जल्दी वहां से निकाल ली वरना क्या होता खुद उन पर्यटकों को नहीं पता था।
डीपीआर के लिए बजट की राह खुली
देहरादून। नमामि गंगे के तहत वर्ष 2014 में तत्कालीन जल संसाधन मंत्री उमा भारती के निर्देश पर करीब 2200 करोड़ रुपये की जो डीपीआर वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआइ) ने तैयार की थी, उसकी बजट की राह अब खुल गई है। देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आइजीएनएफए) पहुंचे केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि वह इस राशि को जारी कराकर परियोजना को आगे बढ़ाएंगे। दरअसल, उमा भारती से जल संसाधन मंत्रालय की जिम्मेदारी हट जाने के बाद मंत्रालय ने डीपीआर से किनारा कर लिया था और एफआरआइ के केंद्रीय वन मंत्रालय के अधीन होने पर यह डीपीआर इस मंत्रालय के गले आ पड़ी थी।
इस संबंध में शनिवार को केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने कहा कि डीपीआर को लेकर वह अधिकारियों के साथ कई बार गंभीर मंथन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह भी जब वह एफआरआइ परिसर में मॉर्निंग वॉक कर रहे थे तो महानिदेशक वन के साथ इसी डीपीआर को लेकर चर्चा की गई। गंगा स्वच्छता व संरक्षण की दिशा में यह डीपीआर अभूतपूर्व भागीदारी निभा सकती है, लिहाजा वन मंत्रालय इसे व्यर्थ नहीं जाने देगा। जल्द ही डीपीआर पर काम शुरू करने के लिए बजट जारी किया जाएगा। डीपीआर में उत्तराखंड समेत, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल में गंगा किनारे वनीकरण व गंगा स्वच्छता की दिशा में तमाम अन्य कार्य किए जाने का ब्योरा है।
42 हजार करोड़ जारी करने की राह जनवरी तक खुलेगी
कैंपा में वनीकरण के करीब 42 हजार करोड़ की राशि के दिसंबर माह के अंत या जनवरी माह तक जारी किए जाने की पूरी उम्मीद है। देश के वन महानिदेशक वन सिद्धांत दास के मुताबिक यह मामला अभी वित्त मंत्रालय के पास है और उम्मीद है कि आने वाले कुछ दिनों में सारी औपचारिकताएं पूरी कर दी जाएंगी। इस राशि में से उत्तराखंड के हिस्से करीब 1500 करोड़ रुपये आएंगे।
चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहें युवा अधिकारी
देहरादून। भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थियों के सत्र के समापन में पहुंचे पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी द्वारा युवा अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण भविष्य में उनके सामने आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट्री एक कठिन व्यवस्था है और जिन युवा अधिकारियों ने चुना है उनकी निष्ठा की प्रशंसा की जानी चाहिए।
शनिवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी में भारतीय वन सेवा परिवीक्षार्थियों के सत्र संपन्न हुआ। कार्यक्रम में पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने मुख्य अतिथि के रुप में शिरकत की। इस मौके पर अकादमी के निर्देशक डॉ. शशि कुमार ने अपने संबोधन में मंत्री तथा पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के विशेष सचिव एवं वन महाननिदेशक सिद्धांत दास का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने कहा कि शुरू होने जा रहे हैं नए बैच के अधिकारियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि उन्हें समाज की अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए देश के संतुलित विकास के लिए अपना योगदान देने के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने इन अधिकारियों को सफलता का सूत्र देते हुए कहा की सेवा में सफलता और संतुष्टि प्राप्त करने के लिए कर्तव्य के प्रति परम निष्ठा और लगन परम आवश्यक तत्व है।
वहीं, इस मौके पर मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि युवा अधिकारी देश की उम्मीद के केंद्र है। उन्होंने कहा कि आज की युवा देश की देश के चरित्र तथा उज्जवल भविष्य के प्रति पूर्णतया समर्पित है सरकार को इनसे अत्यधिक अपेक्षाएं हैं। उन्होंने युवा अधिकारियों को सलाह दी कि वह सत्य, प्रेम और दूसरों के प्रति संवेदना की शक्ति के साथ नए-नए विचारों को आगे लाएं यही रास्ता है जिससे हर समस्या का हल प्राप्त किया जा सकता है उन्होंने जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और वायु प्रदूषण पर चिंता जताते हुए कहा कि यह हमारे समक्ष चिंता का विषय है जिसके समाधान के लिए अच्छी वैज्ञानिक समझ के साथ साथ प्रत्येक स्तर पर समेकित कार्यवाई करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश की विशाल जनसंख्या आजीविका और निर्वहन के लिए वनों और वनभूमि पर सीधे आश्रित हैं। हमें सतत विकास के पथ पर चलते हुए ग्रामीण समुदायों की अनुकूलन क्षमता में वृद्धि के उपाय करने होंगे और युवा अधिकारियों को इस उद्देश्य से अपना योगदान करने के लिए तैयार रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने कीर्तिचक्र श्रीनिवास तथा स्व. संजय सिंह तथा अन्य समस्त शहीदों को याद करते हुए नमन किया जिन्होंने अपने कर्तव्य के लिए अपने जीवन की भी कुर्बानी दे दी।
वहीं अकादमी के अपर प्राध्यापक डॉ. एस सेंथिल कुमार ने अकादमी की गतिविधियों के संबंध में विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए अकादमी में दिए जाने वाले प्रशिक्षकों की रूपरेखा प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि इस अकादमी द्वारा अभी तक अन्य भारतीय वन सेवा अधिकारियों के साथ 351 विदेशी प्रशिक्षुओं को भी प्रशिक्षित किया है। उन्होंने सूचित किया कि आरंभ हो रहे बैच में कुल 96 परीवीक्षार्थी शामिल है जिसमें से 2 विदेशी प्रशिक्षु भूटान है और इनमें कुल 8 महिलाएं परीवीक्षार्थी शामिल है। वहीं इस दौरान डॉ सिद्धार्थ दास ने अपने भाषण में युवा अधिकारियों को उनकी सफलता पर बधाई देते हुए कहा कि उनका वानिकी प्रशिक्षण ऐसे शहर में शुरू हो रहा है जिसे वानिकी की काशी कहा जाता है उन्होंने बताया कि भारत में वन प्रबंधन का इतिहास 1864 से आरंभ होता है आज भारत विश्व के उस शीर्ष 10 देशों में से एक है जहां जनसंख्या के गहन दबाव के बावजूद वन-आवरण में वृद्धि दर्ज की जा रही है आज वन प्रबंधन का उद्देश्य टिंबर से हटकर कार्बन एकत्रीकरण की ओर उन्मुख हुआ है और भारत में विश्व के समक्ष कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने के प्रति निष्ठा व्यक्त की है उसे प्राप्त करने में इन वानिकों को एक बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि 21वीं शताब्दी में पर्यावरण पूरी दुनिया के समक्ष एक मुख्य समस्या बनकर उभरा है जिसका एक अभिन्न अंग वन भी है उन्होंने विश्वास व्यक्त किया की अकादमी में प्राप्त होने वाला प्रशिक्षण इन युवा अधिकारियों का पथ प्रशस्त करेगा । जिससे वे वानिकी क्षेत्र की हर चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे।
स्वच्छ भारत अभियान पर डीएम ने डाला प्रकाश
चम्पावत। जिलाधिकारी डॉ. अहमद इकबाल ने छात्र-छात्राओं से जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और स्वच्छ भारत अभियान में छात्रों की भूमिका पर प्रकाश डाला। इस दौरान उन्होंने शिक्षण कार्यो पर शिक्षक और छात्र दोेनों को सही दिशा अपनाने को कहा।
शनिवार को आदर्श विद्यालय राइंका बाराकोट के वार्षिकोत्सव समारोह के मौके पर उपस्थित जिलधिकारी ने विद्यालय की प्रगति आख्या का जायजा लिया और मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इस मौके पर उन्होंने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और स्वच्छ मुहिम में गति प्रदान करने की लोगों से अपील की। उन्होंने कहा कि समाज के बिना सहयोग के कोई भी योजना आगे नहीं बढ़ा सकता है। विशिष्ट अतिथि सीईओ ने आरसी पुरोहित ने कहा कि आज का छात्र कल का भाग्य विधाता है। राउमावि कोठेरा के प्रधानाचार्य गंगा दत्त जोशी ने भी इस मौके पर अपने विचार रखे। ब्लॉक प्रमुख निर्मल माहरा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वन्दना, स्वागत गीत के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।
विद्यालय के प्रधानाचार्य आरआर लोहया ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यालय में खेल मैदान, छह कम्प्यूटर और सभा कक्ष की आवश्यकता बताई। डीएम ने विद्यालय की मदद का आश्वासन दिया। छात्रा रेनू बोहरा ने महिलाओं और बालिकाओं की स्थिति पर विचार रखे। संचालन संचालन आशीष ओली, मीना गोस्वामी और नागेन्द्र कुमार जोशी ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर राशिसं के चम्पावत अध्यक्ष जगदीश सिंह अधिकारी, प्रवक्ता डायट शिवराज सिंह तड़ागी, बीआसी समन्वयक रमेश जोशी मौजूद रहे।
संचार सेवा की बदहाली से लोगों में आक्रोश
पिथौरागढ़। बीएसएनएल और निजी कंपनियों के सेवा की बदहाली से आक्रोशित लोगों ने संचार सेवा में सुधार की मांग को लेकर आज जोरदार प्रदर्शन करते व्यवस्था में सुधार करने की मांग की। साथ ही कहा कि शीघ्र ध्यान नही दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
शनिवार को बंगापानी क्षेत्र के ग्रामीणों ने सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश गोस्वामी के नेतृत्व में बीएसएनएल और निजी कंपनियों के खिलाफ सेरा में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कहा कि संचार सेवा की बदहाली से क्षेत्र के 20 हजार की आबादी प्रभावित परेशान है। कहा बीएसएनएल और निजी संचार कंपनियों की के मोबाइल नेटवर्क हमेशा खराब रहने के कारण लोगों को संचार सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने शीघ्र व्यवस्थाओं में सुधार नहीं होने पर सड़को पर उतरने की चेतावनी दी है। इस मौके पर करन रावत, पप्पू महर, महेश धामी सहित दर्जनों की संख्य में लोग शामिल थे।
बिना फिटनेस-लाइसेंस के दौड़ रहे स्कूली वाहनों के काटे चालान
देहरादून। मानवाधिकार आयोग को सौंपी गई संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) सुधांशु गर्ग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जिन वाहनों पर स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने की जिम्मेदारी है, वह बिना फिटनेस और चालक लाइसेंस के ही दौड़ाए जा रहे हैं। देहरादून समेत ऋषिकेश, विकासनगर, हरिद्वार व रुड़की में परिवहन विभाग ने सर्वाधिक 286 चालान बिना फिटनेस व लाइसेंस के वाहन संचालन पर ही काटे हैं।
आरटीआइ कार्यकर्ता राजेंद्र प्रसाद ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी कि स्कूली बच्चों को ढोने वाले वाहनों का संचालन नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है। बिना फिटनेस वाहन चलाए जा रहे हैं, चालकों के पास लाइसेंस नहीं है और वाहनों में ओवरलोडिंग कराई जा रही है। यहां तक कि खुले वाहनों में भी जमकर बच्चों को ढोया जा रहा है। शिकायत का संज्ञान लेते हुए मानवाधिकार आयोग सदस्य हेमलता ढौंडियाल ने आरटीओ का जवाब तलब किया था। आयोग के निर्देश के बाद संभागीय परिवहन कार्यालय में संभाग के तमाम शहरों में स्कूली बच्चों को ढोने वाले वाहनों की जांच भी की और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। आयोग के समक्ष इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए आरटीओ ने बताया कि इस साल अक्तूबर माह तक 334 वाहनों के चालान काटे गए हैं। साथ ही पांच लाख 38 हजार 300 रुपये का जुर्माना भी वसूल किया गया है। जवाब में आरटीओ ने यह भी बताया कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए सभी स्कूलों को बच्चों को लाने-जाने वाले वाहनों के संबंध में नवंबर माह में दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। वहीं परिवहन विभाग ने ओवरलोडिंग व वाहन की यांत्रिक व भौतिक दशा खराब होने पर भी चालान किए हैं और इन्हें मिलाकर ही चालान का आंकड़ा 334 पर पहुंचता है।
स्कूली वाहनों के काटे गए चालान
- शहर, खुले वाहन लाइसेंस फिटनेस
- देहरादून 28 26 12
- ऋषिकेश 10 42 32
- विकासनगर 05 31 23
- हरिद्वार 18 31 20
- रुड़की 13 31 42
- कुल 74 150 136





























































