देहरादून। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी एसए मुरूगेशन ने जिले के विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त हुए आवेदन में अधिकतर कूड़ा उठान, शहर में स्वच्छता, सरकारी भूमि पर अतिक्रमण जमीन से जुड़े विवाद, पेयजल, विद्युत, छोटे-छोटे निर्माण कार्य से सम्बन्धित शिकायतें प्राप्त हुई। इसमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण किया गया। बाकी को डीएम ने सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को तय सीमा के भीतर निस्तारित करने के निर्देश दिये। इस दौरान कुल 35 शिकायतें प्राप्त हुए।
नेहरूग्राम की महिलाओं द्वारा शिकायत की गयी कि बरसात के समय में नाले में अत्यधिक पानी का बहाव होने के कारण उसे पार करने का जोखिम रहता है और उन्होने समय से इसके उपर पुलिया निर्माण करने का आग्रह किया। बहुत से फरियादी समाज कल्याण से पेंशन, छात्रवृत्ति की शिकायतें तथा उप जिलाधिकारी सदर, लो.नि.वि, नगर निगम, पेयजल इत्यादि विभागों से सम्बन्धित अधिकतर शिकायतें संज्ञान में आयी।
जिलाधिकारी ने इसके पश्चात जिला योजना के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए लोक निर्माण विभाग, सिंचाई और कम व्यय प्रतिशत्ता वाले विभागों को फटकार लगाते हुए शीघ्रता से व्यय की प्रगति बढाने के निर्देश दिये। उन्होंने पुरानी देनदारी का शीघ्रता से भुगतान करने तथा नये बजट से व्यय प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने अगली जिला योजना की बैठक की तैयारी हेतु सभी विभागों को अपने-अपने स्तर पर पर्याप्त होमवर्क करने के भी निर्देश दिये।
इस अवसर पर नगर मजिस्टेªट मनुज गोयल, मुख्य विकास अधिकारी जीएस रावत, परियोजना प्रबन्धक डीआरडीए राजेन्द्र रावत, मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी सहित जनपद के अधिकारी तथा कार्मिक उपस्थित थे।
जनसुनवाई : स्वच्छता, पेयजल व अतिक्रमण से जुड़े मामले दर्ज
हावड़ा-दून सहित आधा दर्जन ट्रेनें विलंब से पहुंचीं
देहरादून। राजधानी देहरादून आने वाली लंबी दूरी की गाड़ियों के समय में सुधार नहीं हो पा रहा है। सोमवार को भी करीब आधा दर्जन ट्रेनें अपने तय समय से घंटों विलंब पहुंचीं।
सोमवार को वाराणसी से प्रतिदिन चलने वाली जनता एक्सप्रेस अपने तय समय से एक घंटे की देरी से पहुंची, जबकि हावड़ा से चलने वाली हावड़ा-दून एक्सप्रेस 4:30 घंटे की देरी से पहुंची। दिल्ली रोहिला सराय से चलकर देहरादून आने वाली मसूरी एक्सप्रेस और इंदौर देहरादून एक्सप्रेस डेढ़-डेढ़ घंटे तो इलाहाबाद से देहरादून प्रतिदिन चलने वाली लिंक एक्सप्रेस तीन घंटे की देरी से आई। जबकि अन्य ट्रेनें अपने तय समय से पहुंची। स्टेशन अधीक्षक करतार सिंह ने बताया कि सोमवार को दून आधा दर्जन ट्रेनें तय समय से लेट आईं। हालांकि यहां से जाने वाली गाड़ियों के समय में बदलाव नहीं किया गया है। सभी गाड़ियों को निर्धारित समय से रवाना किया जा रहा है।
साधु की हत्या के आरोप में एक गिरफ्तार
गोपेश्वर। चमोली जिले के विकास खंड गैरसैंण के सिलंगी गांव के पास सोमवार को नदी किनारे झाड़ियों में एक साधु का शव बरामद किया गया। ग्रामीणों की निशानदेही पर गांव के एक युवक को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अनुसार सोमवार को सिलंगी के लोगों ने सूचना दी कि गांव के पास नदी किनारे झाड़ियों में एक शव पड़ा हुआ है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की गई तो पता चला कि मृतक साधु तीन-चार दिन से गांव के ही एक युवक सतीश के साथ देखा गया। सतीश नशेड़ी प्रवृत्ति का है। जिसकी अभी तक शादी नहीं हुई है। उसकी मां उसके साथ नहीं रहती है। पुलिस ने घटना के साक्ष्य एकत्र कर आरोपी को खोजने का कार्य शुरू किया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने जगह-जगह दबिश देकर देर शाम को आरोपी सतीश चंद्र को गैरसैंण के गडोली गांव के पास गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह चरस, भांग पीने का आदी है और घर में अकेला ही रहता है। तीन दिन पूर्व गांव में एक बाबा आया था उसे वह अपने घर ले गया। बाबा ने अपना नाम विष्णुनाथ बताया था। रविवार रात्रि में दोनों ने घर में बैठक कर शराब पी और उसके बाद भांग पी। नशे की हालत में दोनों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया और मैंने बाबा को चिमटे व डंडे पीटा जिससे बाबा की मौत हो गई। रात को ही उसने बाबा के शव को नदी किनारे झाड़ियों में छिपा दिया था। पुलिस टीम ने अभियुक्त की निशान देही पर घटना में प्रयुक्त चिमटा, डंडा एवं अभियुक्त के घटना के समय पहने खून से सने कपड़े बरामद किये गये हैं। बाबा के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेजा गया है
स्टोर रूम से संचालित हो रही आपातकालीन सेवाएं
विकासनगर। जौनसार-बावर, पछवादून, टिहरी, उत्तरकाशी, हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले आदि के मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने वाले सबसे बड़े सरकारी स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी विकासनगर में आपातकालीन सेवाएं वेंटिलेटर पर हैं।
सीएचसी में आकस्मिक उपचार देने के लिए आपातकालीन कक्ष ही उपलब्ध नहीं है। एक शैय्या की क्षमता वाले स्टोर रूम में अस्पताल प्रबंधन द्वारा आपातकालीन सेवा संचालित की जा रही हैं। वहीं, मरहम पट्टी लगाने के स्टोर रूम से छोटे आकार के कक्ष का उपयोग किया जा रहा है। यही हाल अस्पताल में पैरा मेडिकल कर्मियों का भी है। छह सौ से अधिक की ओपीडी एक फार्मासिस्ट के सहारे संचालित होती है। जबकि आपातकालीन सेवा के लिए भी मात्र एक फार्मासिस्ट व दो अप्रशिक्षित उपनल कर्मियों की सेवा ली जा रही है। अस्पताल में पिछले तीन माह से आर्थोपेडिक सर्जन का पद रिक्त चल रहा है। ऐसे में क्षेत्र में कोई दुर्घटना होने पर अस्पताल प्रबंधन के पास घायलों को प्राथमिक उपचार देने के लिए मानव संसाधन के साथ ही पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं है। जाहिर है जहां आपातकालीन सेवाएं खुद ही वेंटिलेटर पर हों वहां आकस्मिक उपचार की आशा रखना बेमानी है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विकासनगर आठ लाख की आबादी को स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने वाला सबसे बड़ा स्वास्थ्य केंद्र है। दुर्घटना की दृष्टि से संवेदनशील जौनसार-बावर परगने में सड़क दुर्घटना होने पर सीएचसी विकासनगर में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल भी खुल जाती है। यहां एक साथ दो घायलों को आकस्मिक उपचार देना भी स्वास्थ्य कर्मियों के लिए संभव नहीं है। कारण आकस्मिक सेवाओं को संचालित करने के लिए कक्ष में पर्याप्त जगह ही नहीं है। आठ लाख की आबादी को स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने वाले अस्पताल में आपातकालीन वार्ड के नाम पर एक स्टोर नुमा कक्ष में मात्र एक बैड उपलब्ध है। ऐसे में क्षेत्र में बड़ी वाहन दुर्घटना होने पर घायलों को किस तरह प्राथमिक उपचार दिया जाता होगा, इसका अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं सीएचसी में मात्र दो फार्मासिस्ट तैनात हैं जिनमें से एक की ड्यूटी स्टोर रूम में रहती है। लिहाजा ओपीडी व आकस्मिक सेवाओं का संचालन मात्र एक ही फार्मासिस्ट के सहारे हो रहा है। दो अप्रशिक्षित उपनल कर्मी जरूर हर रोज फार्मासिस्ट की सहायता के लिए तैनात रहते हैं। क्षेत्र के सबसे बड़े स्वास्थ्य केंद्र में आपातकालीन सेवा के खुद ही वेंटिलेटर पर होने से जनता को स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए जिम्मेदारों की संवेदनशीलता का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
इस मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी देहरादून डॉ. वाईएस थपलियाल ने कहा कि सभी सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं को दुरस्त करने के लिए आवश्यक भौतिक व मानव संसाधन प्राथमिकता के आधार पर मुहैया कराए जा रहे हैं। जिससे मरीजों को पर्याप्त स्वास्थ्य सेवाएं मिल सके।
जर्जर बसों से यात्रियों को हो रही परेशानी
ऋषिकेश। राज्य परिवहन निगम की अधिकांश पुरानी व खटारा हो चुकी बसों को डेंट-पेंट व मरम्मत कराकर यात्रियों की सेवा में लगाया गया है। इसका खामियाजा यात्रियों को उठाना पड़ता है। परिवहन विभाग के ऋषिकेश डिपो में बसों के बेड़े में खस्ताहाल बसें यात्रियों के लिए दुखदायी साबित हो रही हैं। इसमें खुद विभाग की बसों सहित अनुबंधित बसें भी शामिल हैं। विभाग की ओर से यात्रियों की सुविधाओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। कम दूरी की कई बसों में तो सफर करते समय दरवाजे व खिड़कियों के शोर से यात्रियों का सिर दर्द करने लगता है। इसके अलावा लंबी दूरी के यात्रियों को दोगुना समय लगाकर यात्रा करनी पड़ती है।
इस संबंध में जब चमोली की एआरटीओ अनीता से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने बताया कि ऋषिकेश डिपो की कोई भी बस उनके कार्यालय मे पंजीकृत नहीं है, जबकि उनका रिकवरी वाहन अकेला उनके कार्यालय में पंजीकृत है बाकी सभी गाड़ियां जिनकी संख्या 71 बताई गई है वह देहरादून में पंजीकृत हैं। इसके बावजूद इस प्रकार की शिकायतें आने पर वह परिवहन निगम के अधिकारियों से बात करेंगी। उधर प्रतिदिन देहरादून हरिद्वार के लिए यात्रा करने वाले यात्रियों को कहना है कि ऋषिकेश डिपो में बसों की कमी लगातार बनी हुई है। कई रूटों पर तो खस्ताहाल बसों के जरिए ही यात्रियों को सफर करना पड़ रहा है।
अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के लिये सैंपल
सितारगंज। नगर में विभिन्न दुकानों में छापेमारी अभियान चलाकर खाद्य पदार्थों के सैंपल लिये गए। इस दौरान नगर में चली इस कार्रवाई से व्यापारियों में हड़कम्प मच गया। एसडीएम विनोद कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अपर्णा शाह ने सोमवार को लोगों की शिकायत पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी को बुलाकर ब्रांडेड कम्पनी के आटा के सैंपल भरे। इस दौरान बाजार की दूसरी दुकानों से भी आटा व अन्य खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए गए। वार्ड सात निवासी रेनू ने रविवार को जब रोटी पकाने के लिए आटा गूंथा तो आटा रबर की तरह खिंचने लगा था। इसकी शिकायत उन्होंने प्रशासन से की। जिस पर प्रशासन की ओर सख्त रुख अख्तियार किया गया है। उपभोक्ताओं का कहना था कि खाद्य पदार्थों की नियमित चेकिंग करने व नकली खाद्य सामग्री बाजार से जब्त करने की कार्यवाही लगातार होनी चाहिए। इस प्रकार के अभियान से दुकानदारों में भय बना रहेगा।
देवभूमि में कौन है रजनी कांत का पावर हाउस
फिल्म इंडस्ट्री के सुपर हीरो, भगवान, रजनी कांत,हर कोई जानना चाहता है आखिरकार थलैवा रजनी कांत को कहां से मिलती वो पावर,तो आज राज़ खुल ही गया..
रजनी कांत का पावर हाउस है, ऋषिकेश, शीशम झाड़ी में स्थित एक आश्रम में,इसलिए किसी भी नए काम की शुरुआत से पहले रजनीकांत अपने गुरू ब्रह्मलीन स्वामी दयानंद सरस्वती का आर्शीवाद ज़रूर लेतें हैं।रजनी कांत जल्द ही राजनैतिक पारी शुरू करने जा रहे हैं,इसलिए 13 मार्च को वो देवभूमि आ रहे हैं और कुछ दिन यहां योग और ध्यान से मन स्थिर करने के बाद राजनीति में कदम रखेंगे।
इस आश्रम में विश्वास रखने वाली वो अकेली हस्ती नहीं,प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी भी अकसर यहां आते हैं। मोदी के आध्यत्मिक गुरू भी दयानंद सरस्वती थे,जो दो साल पहले वो शरीर त्याग चुकें हैं।
बलूनी ने दिग्गज़ों की मौजूदगी में भरा राज्यसभा के लिए नामांकन
भाजपा मीडिया विभाग के प्रमुख और उत्तराखंड से राज्यसभा सीट के प्रत्याशी अनिल बलूनी मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट, प्रदेश मंत्रिमंडल के सभी मंत्री, पार्टी विधायक के साथ-साथ काफी संख्या में समर्थकों की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया। आज दोपहर करीब बारह बजे भाजपा प्रत्याशी अनिल बलूनी मुख्यमंत्री के साथ नामांकन पत्र लेने विधानसभा पहुंचे थे।

भाजपा प्रत्याशी बलूनी ने सवा दो बजे अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। इस अवसर पर कांग्रेस से भाजपा में आए विजय बहुगुणा मौजूद नहीं थे। उनकी गैरमौजूदगी को उनकी नाराजगी के रूप में देखा जा रहा है। नामांकन के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भाजपा हाई कमान नई पीढ़ी को आगे बढ़ा रहा है। भाजपा नेता अनिल बलूनी सुयोग्य प्रत्याशी हैं। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अजय भट्ट ने बलूनी के नामांकन दाखिल करने पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि अनिल युवा और ऊर्जावान नेता हैं। उनके राज्यासभा में पहुंचने से उत्तराखंड को लाभ मिलेगा। वहीं सतपाल महाराज बोले कि अनिल बलूनी हमेशा से ही उत्तराखंड के हितों को लेकर मुखर रहे हैं। भाजपा हाई कमान ने सही प्रत्याशी का चुनाव किया है।
इस सीट पर नामांकन की आखिरी तारीख 12 मार्च है यानि आज है। बता दें कि आगामी 23 अप्रैल को राज्यसभा चुनाव होंगे। इससे पहले भाजपा ने 8 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी।राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 12 मार्च है और 13 मार्च तक गलती सुधारने की अंतिम तिथि है। अधिकारी के मुताबिक, नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 15 मार्च है।
अनिल बलूनी उत्तराखंड की कोटद्वार विधानसभा सीट से दो बार विधायक का चुनाव लड़े थे लेकिन उन्हे हार का मुंह देखना पड़ा था। उत्तराखंड में बलूनी की छवि हवाई नेता के तौर पर ही है ना तो आम जनता और ना ही कार्य कर्ताओं में उनकी पैठ है ।बहरहाल इस बार उन्हें भाजपा हाइकामन की नजदीकी का फायदा मिल भी जाए तो कोई आश्चर्य नहीं
“मार्गदर्शक मंडल” का खतरा मंडराने लगा है उत्तराखंड के दिग्गजों पर
उत्तराखंड ने अपने जन्म के साथ ही राजनीति के कई उतार चढ़ाव देखे हैं। 18 साल के इस युवा प्रदेश में गुटबाजी हमेशा से ही हावी रही है चाहे कांग्रेस हो चाहे भाजपा यही कारण रहा है कि राज्य में विकास की धारा हमेशा से ही बाधित रही है। मोदी की केंद्र में सत्ता संभालते ही अचानक ही उत्तराखंड जैसा छोटा राज्य अपने बौद्धिक प्रतिनिधित्व के चलते देश में अपनी चमक बिखेरने लगा। उत्तराखंड में सत्ता में अपनी गहरी पकड़ बनाए रखने वाले बुजुर्ग नेता धीरे धीरे हाशिए पर जाने लगे और बीजेपी ने त्रिवेंद्र सिंह रावत को कमान सौंपकर उत्तराखंड में छटनी की बयार को तेज कर दिया।
पार्टी ने राज्यसभा के लिये पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी को चुनकर आने वाले समय में पार्टी दशा और दिशा साफ कर दी है। भविष्य सेकंड लाइन के युवा नेताओं का है जिनसे उत्तराखंड को तेजी के साथ विकास के रास्ते पर ले जाने की उम्मीद की जायेगी। संघ के मार्गदर्शन में इस तरह के युवाओं की एक टोली उत्तराखंड में तैयार हो रही है जो जल्दी ही राज्य की राजनीति को प्रभावित करेगी। इसी कड़ी में अजय टम्टा के बाद युवा नेता अनिल बलूनी को राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश करा कर नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने अपने इरादे और साफ कर दिये हैं।
2014 में चुनाव जीतने के बाद से ही मोदी ने पार्टी औऱ सरकार में युवा नेताओं को बढ़ावा देने की कोशिश की है फिर चाहे पार्टी में 75 साल को अनौपचारिक रिटायरमेंट उम्र करना हो या फिर महत्वपूर्ण पदों पर युवा चेहरों को बैठाना हो। और ये हो भी क्यों न जब देश में युवा मतदाताओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अपने इन नये युवा सिपाहियों के ज़रियो मोदी और पार्टी 2019 के चुनावी रण को भी जांचने के कोशिश करेंगे।
कुछ ऐसी ही कोशिश बीजेपी के विरोधी खेमे में राहुल गांधी भी कर रहे है। कांग्रेस में भी राहुल के अध्यक्ष बनने के बाद से ही युवाओँ को आगे लाने और पुरानी पीढ़ी के नाताओं को “मार्गदर्शक मंडल” में डालने की कोशिश की जा रही है।
युवाओँ को राजनीति में आगे लाना पार्टियों की ज़रूरत भी है और मजबूरी भी। इससे देश को भी एक नई शक्ति मिलने की उम्मीद की जा सकती है। कांग्रेस और बीजेपी दोनो ही अपनी युवा पीढ़ी को धारदार करने में जुटी है पर किस खेमे का वार ज्यादा घातक साबित होगा ये तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।
स्पर्श गंगा टीम के सदस्यों ने निकाले गंगा से मृत जीव
हरिद्वार। स्पर्श गंगा टीम की विभिन्न टीमों ने साप्ताहिक रूप से गंगा घाटों पर सफाई अभियान चलाया। स्पर्श गंगा टीम लगातार हरिद्वार एवं आस पास के गंगा घाटों एवं तटों पर मैले कुचेले पदार्थो एवं मृत जीव, प्लास्टिक, पाॅलीथीन पन्नियां निकालकर एकत्र कर नगर निगम के कर्मचारियों को इसकी सूचना देती चली आ रही है।
रविवार को इसी क्रम में जगजीतपुर स्पर्श गंगा घाट पर बड़े पैमाने पर मृत जीवों के अवशेष मिलने से स्पर्श गंगा टीम के सदस्य काफी आहत है लगातार मृत जीव के अवशेष मिलने की शिकायतें जिला प्रशासन को की जा रही है। अपने हाथों से स्वयं जगजीपुर टीम के सदस्य मनप्रीत एवं मोहित के नेतृत्व में मृत जीवों को गंगा से निकालने का काम कर रहे हैं। स्पर्श गंगा के उत्तराखण्ड के संयोजक शिखर पालीवाल ने कहा कि हरिद्वार में मुनिश्वर घाट, स्पर्श गंगा घाट, ऋषिकुल, प्रेमनगर आश्रम घाट, विश्वकर्मा घाट, सलेमपुर, अवधूत मंडल, पायलट बाबा घाट, गाजीवाला समेत ऋषिकेश देहरादून और उत्तर प्रदेश के भी कई स्थानों पर रविवार को टीम के सदस्यों द्वारा सफाई अभियान चलाया गया। निरन्तर यह अभियान बड़ा रूप लेता जा रहा है। स्पर्श गंगा टीम की कार्यशैली से प्रभावित होकर कई ओर संगंठन भी गंगा को प्रदूषण मुक्ति में जुड़े रहे है। शिखर पालीवाल ने कहा कि मृत जीवों के गंगा में अवशेष मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है शासन प्रशासन को इस ओर कड़ाई से कार्यवाही करनी चाहिये मृत जीवों के अवशेष आस्था को ठेस पहुंचा रहे हैं। टीम के सदस्य सेवाभाव से गंगा को प्रदूषण मुक्त करने में जुटे हुए है। सदस्य किसी भी रूप से गंगा को प्रदूषणम मुक्ति की इस योजना से पीछे नहीं हट रहे है। महिलाएं जिसमें विमला, रीता चमोली, पूनम चैहान, मन्नू रावत, चन्द्रकला, लक्ष्मी सक्रिय रूप से साप्ताहिक गंगा सफाई अभियान में अपनी टीमें बनाकर सेवाभाव से हरिद्वार एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई अभियान चला रही हैं। स्पर्श गंगा टीम के सदस्यों ने विभिन्न घाटों पर वृहद स्तर से स्वच्छता अभियान चलाकर स्वच्छ भारत अभियान को बल दिया। इस अवसर पर सीमा चैहान, वेनू त्यागी, मनप्रीत कश्यप, मोहित, जोनी चैहान, विकास, रवि, अक्षय, ऋतिक, शिवम अरोड़ा, कमल सहगल, संजय, आदि उपस्थित रहे।




























































