डा गोविंद रावत ने ढाई महीने में 70 हजार लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की

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नई टिहरी,  कोरोना काल में अपनी समाज सेवा के जुनून के चलते ढाई महीनों के भीतर 100 से अधिक गांवों में 70 हजार लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग करने के साथ ही आम लोगों को इम्युनिटी बढ़ाने वाली दवा आर्सेनिक आल्व-30, सेनेटाइजर व मास्क बांटने का काम डा. गोविंद रावत ने किया है। डा. गोविंद रावत का लक्ष्य 60 मेडिकल कैंप कर एक लाख लोगों की सेवा पूरा करना है। जिले के डीएम मंगेश घिल्डियाल ने डा . गोविंद रावत के इस जज्बे को सराहा है। उन्होंने एक लाख का लक्ष्य पूरा करने वाले शिविर में मौजूद रहने का भरोसा भी डा. रावत को दिया है। डा. रावत बताते हैं कि आम लोगों सेवा की प्रेरणा उन्हें उनके पिता व चाचा ने दी।

  • कोरोना काल में डा रावत ने लोगों की सेवा को बनाया मिशन, 1 लाख की सेवा का लक्ष्य 
  • अब तक 100 से अधिक गांवों मे मेडिकल कैंप कर आर्सेनिक आल्व-30 दवा को बांटा 
जनपद टिहरी गढ़वाल के भिलंगना ब्लाक के गांव खवाड़ा के रहने वाले डा. गोविंद रावत विनयखाल में होम्योपैथिक क्लीनिक चलाते हैं। मार्च के अंतिम सप्ताह से कोरोना को लेकर आम लोगों में भय का माहौल दिखने लगा था। लाकडाउन शुरू होने से लोगों में कोरोना को लेकर भ्रांतियां भी पैदा हो रही थीं। ऐसे लोगों की परेशानी को भांपते हुए डा. गोविंद रावत ने अपने पिता रिटायर्ड अध्यापक व वर्तमान में समाज सेवारत बचन सिंह रावत व स्पेन में होटल व्यवसायी चाचा त्रेपन सिंह रावत की प्रेरणा से कोरोना में लोगों के बीच जाकर इससे लड़ने को लोगों को तैयार करने का निर्णय लिया। अप्रैल माह से ही डा. रावत ने गांव-गांव जाना शुरू किया। उन्होंने ग्रामीणों को कोरोना से भयभीत न होने की सलाह देते हुए उन्हें कोरोना से निपटने के तरीकों में मास्क का प्रयोग, सेनेटाइजर का उपयोग, बार-बार हाथ धोना, सोशन डिस्टेसिंग का प्रॉपर अनुपालन व नियमित योग जैसी जागरूकता से अवगत कराते हुए भारत सरकार की गाइड लाइन के अनुसार इम्युनिटी बढ़ाने वाली आर्सेनिक आल्व-30 दवा का वितरण शुरू किया।
डा. रावत ने घनसाली क्षेत्र में भिलंगना ब्लाक के अखोड़ी, भिलंग, बासर, बुढ़ाकेदार, आरगढ़ व कैमरी पट्टी के गांवों में कैंप करने शुरू किये। 41 कैंपों में 100 गांवों का कवर करते हुए उन्होंने ढाई महीनों के भीतर 70 हजार लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग करने के साथ ही दवा का वितरण व जागरूक करने का काम किया है। समाज सेवा के इस जुनून में डा. रावत 60 कैंपों में एक लाख लोगों को सेवा पूरी करना चाहते हैं।
रोज टीम के साथ गांवों में लगाते हैं कैंप
डा. गोविंद रावत अपने भाई बीडीसी मेंबर धनपाल रावत, लोकेंद्र जोशी, मंगल  सिंह राणा, धन सिंह रावत, गोकल सिंह रावत, नवेंद्र सिंह, अमित सिंह, विजय पाल, प्रदीप जोशी आदि टीम के साथ रोज किसी न किसी गांव जाकर कैंप करते हुए ग्रामीणों को कोरोना के प्रति जागरूकत करते हुए उनकी थर्मल स्क्रीनिंग कर उन्हें सुरक्षा किट बांटने काम करते हैं।
डा. रावत के भाई भी कोरोना ड्यूटी में जुटे
डा.  रावत के भाई लोकेंद्र रावत बतौर अध्यापक  लोगों को जागरूक करने काम कर रहे हैं। फार्मासिस्ट भाई राकेश रावत तपोवन में कोरोना ड्यूटी कर रहे हैं। भाई महावीर रावत चंडीगढ़ में कोरोना काल की ड्यूटी फार्मासिस्ट के रूप में कर रहे हैं। छोटे भाई बीडीसी मेंबर उनके साथ गांवों के कैंपों में रहकर सेवा कर रहे हैं। इस तरह पिता की प्रेरणा से पांचों भाई किसी न किसी रूप में कोरोना काल में आम लोगों की सेवा में जुटे हैं€।
आर्सेनिक आल्व-30 की बूस्टर डोज लें 
डा. गोविंद रावत का कहना है कि इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोग 6-6 गोली आर्सेनिक आल्व-30 की तीन दिनों तक लगातार लें।  यह बूस्टर डोज है। इनसे छोटी उम्र वाले 4-4 गोली लें। बीमार व्यक्ति एक महीने बाद डोज को रिपीट कर सकते हैं।