क्वारंटाइन सेंटर में बच्चों को पढ़ा रहीं कांस्टेबल कमला चौहान 

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पुलिस
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए स्थानीय पुलिस मुस्तैदी से जुटी हुई है। पुलिस कर्मी लाॅक डाउन का सही से पालन कराने के लिए जहां सड़क पर मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। कुछ पुलिसकर्मी ऐसे भी हैं जो अपनी ड्यूटी के साथ साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं बनबसा थाने में तैनात महिला कांस्टेबल कमला चौहान। वह ड्यूटी के दौरान क्वारंटाइन में रखे गए मजदूरों और उनके बच्चों को पढ़ा रही हैं। उनकी ड्यूटी भजनपुर इंटर कॉलेज के क्वारंटाइन सेंटर में है। कमला ड्यूटी के दौरान मिल रहे समय का पूरा सदुपयोग कर रही हैं। वह क्वारंटाइन किए गए 41 पुरुषों, 13 महिलाओं और 19 बच्चों को शिक्षित कर रही हैं। उन्होंने अपने पैसे से बच्चों को कापी, पेंसिल, रबर आदि  सामग्री उपलब्ध कराई है। कमला की पहल की लोग सराहना कर रहे हैं।
ऑनलाइन गीत संगीत की शिक्षा दे रही हैं गायिका श्रमिष्ठा
सुप्रसिद्ध गायिका एवं सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के नैनीताल स्थित कार्यालय में कलाकार के पद पर कार्यरत श्रमिष्ठा बिष्ट ने भी लोगों को गीत गाकर कोरोना वायरस के प्रति जागरूक किया। लॉकडाउन के दौरान घर पर रहते हुए भी सोशल मीडिया के सहारे लोगों को अपने गीतों के सहारे जागरूक कर रही हैं। इस समय सोशल मीडिया पर हेमंत बिष्ट के लिखे और श्रमिष्ठा के गाये कुमांउनी गीत, ‘कोराेना यसि बीमारी है, गे छौ, डरिया छु सारो दुणी संसार’ तथा हिंदी गीत ‘’जागे हम सारे हिम्मत न हारे, कोरोना को हमने हराना है’ काफी पसंद किये जा रहे हैं। उनका कुमाउनी गीत दूरदर्शन उत्तराखंड तथा हिंदी गीत विभिन्न राष्ट्रीय चैनलों से भी प्रसारित हो चुका है। रविवार को श्रमिष्ठा ने बताया कि वे देश के विभिन्न शहरों में मौजूद अपने शिष्यों को ऑनलाइन संगीत की शिक्षा भी दे रही हैं।