उत्तराखण्ड से सीडीएस का रहा विशेष लगाव

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उत्तराखण्ड से सीडीएस बिपिन रावत का विशेष लगाव रहा। प्रदेश के युवाओं को सेना भर्ती के ऊंचाई मानकों में 5 सेंटीमीटर की छूट के साथ सेना भर्ती में अवसर देने के लिए पिथौरागढ़ में बीआरओ की स्थापना के लिए सैद्धांतिक सहमति सीडीएस जनरल बिपिन रावत दे चुके थे। यही नही, जनरल रावत रिटायरमेंट के बाद देहरादून में रहना चाहते थे। इसके लिये वो दून में अपने लिये नये आशियाने का निर्माण भी करा रहे थे, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि मेरे सुझाव पर राज्य के दोनों मण्डलों में टेरिटोरियल आर्मी की एक-एक बटालियन स्थापित करने के लिए विपिन रावत सैद्धांतिक सहमति दे चुके थे। उत्तराखण्ड में गोरखा रेजीमेंट का भर्ती सेंटर खोलने की सहमति प्रदान कर चुके थे। उनसे जब भी प्रदेश के लिए कोई मांग की गई, उससे ज्यादा उन्होंने देने की कोशिश की।

‘सैन्य धाम प्रवेशद्वार को सीडीएस जनरल बिपिन रावत के नाम पर बनाया जाएगा’

प्रदेश के पांचवें सैन्य धाम प्रवेशद्वार को सीडीएस जनरल बिपिन रावत के नाम पर बनाया जाएगा। सैन्य धाम के इस भव्य प्रवेश द्वार के निर्माण में हंस फाउण्डेशन पूर्ण सहयोग करेगा।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के कैम्प कार्यालय पर श्रद्धांजलि सभा में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी और पूर्व सैनिकों की ओर से सीडीएस रावत के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन धारण करके उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

मंत्री गणेश जोशी ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत से घरेलू संबंध का जिक्र करते हुए कहा कि अभी भी बिल्कुल यकीन नहीं हो रहा कि मेरे अनन्य मित्र बिपिन रावत नहीं रहे। उत्तराखण्ड में जन्मे होने के कारण सीडीएस रावत का इस धरती के लिए विशेष लगाव रहा। शायद यही कारण था कि राज्य के सैनिक मामलों में मुझे उनसे अपेक्षा से कहीं अधिक सहयोग प्राप्त होता रहा। चाहे सेना भर्ती में राज्य के युवाओं को ऊंचाई में मिली छूट का सवाल हो या फिर राज्य में वीआरओ की स्थापना की बात, चाहे राज्य में टैरिटोरियल आर्मी की दो बटालियनें स्थापित करने का विषय हो अथवा गोरखा रेजीमेंट का भर्ती सेंटर खोलने की बात हो।उन्होंने कहा कि मुझे उत्तराखण्ड राज्य से जुड़े हर मामले में उनका सहयोग मिलता रहा। उनका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत और अपूर्णीय क्षति है। वह हमेशा ही उत्तराखंड की चिंता में लीन रहा करते थे। राज्य में स्थापित होने जा रहे सैन्य धाम के लिए हर संभव सहयोग और संसाधन देने के लिए वह बढ़-चढ़ कर सहयोग करते रहे।

सैन्य धाम के भव्य प्रवेश द्वार के निर्माण में सहयोग करेगा हंस फाउण्डेशन

इस मौके पर हंस फाउंडेशन की संस्थापक माताश्री मंगला ने कहा कि सीडीएस रावत का इस तरह से हमसे छिन जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस महान हस्ती का जाना राष्ट्र की एक ऐसी क्षति है, जिसकी पूर्ति करना असंभव है। अमर शहीदों की याद में बनाया जा रहे सैन्य धाम के मुख्य द्वार को सीडीएस जनरल बिपिन रावत के नाम पर बनाया जाएगा। सैन्य धाम के इस भव्य प्रवेश द्वार के निर्माण में हंस फाउण्डेशन पूर्ण सहयोग करेगा।