पार्टी विरोधी बयानों पर उत्तराखण्ड भाजपा सख्त, विधायक काऊ को भेजा नोटिस 

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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) त्रिस्तरीय ग्राम पंचायत चुनाव के बहाने पार्टी नेताओं को सख्त संदेश देना चाहती है। यही कारण है कि दो दिन पूर्व 90 पार्टी नेताओं के निष्कासित के बाद देहरादून के विधायक उमेश शर्मा काऊ को कारण बताओं नोटिस जारी किया गया है। जबकि रुद्रप्रयाग के दो नेताओं को पार्टी से तत्काल प्रभाव से निष्कासित भी कर दिया गया है।
देहरादन जिले के रायपुर विधानसभा के विधायक उमेश शर्मा काऊ की सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक विवादित ऑडियो लेकर पार्टी के महामंत्री राजेन्द्र भण्डारी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। साथ ही उनसे तीन के अंदर जवब भी मांगा गया है। इससे पहले विधायक उमेश शर्मा काऊ कांग्रेस छोड़ा भाजपा में शामिल हुए थे वे तभी कांग्रेस से विधायक थे।
वहीं रूद्रप्रयाग से एक ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष उखीमठ सुबोध बगवाड़ी को जिला पंचायत चुनाव में बागी होकर चुनाव लड़ने, जबकि एक कार्यकर्ता आंनद प्रकाश नोटियाल को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर पार्टी अध्यक्ष अजय भटृ के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से निष्कासित किया गया है।
भाजपा ने प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के ठीक एक दिन पहले चार अक्टूबर को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शाामिल भाजपा प्रदेश नेतृत्व अपने 40 पदाधिकारियों और 50 कार्यकर्ताओं सहित कुल 90 नेताओं को छह साल के लिए पार्टी विरोधी कार्यो लिप्त होने पर निष्कासित कर दिया है। ये नेता 11 जिलों के है। सबसे कम देहरादून और उत्तरकाशी से है, जबकि उधमसिंह नगर, अल्मोड़ा और चमोली, टिहरी में सबसे ज्यादा नेता है।
भाजपा मीडिया प्रभारी देवेन्द्र भसीन ने बताया कि पार्टी विरोधी कार्यो में शामिल नेताओं पर रिपोर्ट के आधार पर पार्टी कार्यवाही कर रही है। इसी सन्द्रभ में विधायक रायपुर को नोटिस भेजा गया है अगर तय समय के के अंदर ही जवाब दे सकते हैं। इसके बाद उन्हें कोई मौका नही मिलेगा।