17 और 18 फरवरी को देहरादून में पहला लिटरेचर फेस्टिवल

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विंटर और लिटरेचर फेस्टिवल सीजन का सबसे पसंदीदा और उत्साह से मनाया जाना वाला फेस्टिवल है,और हर बीतते हुए सीजन के साथ यह और बेहतर और अलग होता जा रहा है।

जयपुर के मशहूर लिटरेचर फेस्टिवल के बाद अब देहरादून अपने मशहूर लिटरेचर फेस्ट के लिए बिल्कुल तैयार है,2017 के लिटरेचर फेस्ट की मेहमान नवाज़ी के लिए देहरादून अपनी कमर कस चुका है।इस फेस्टिवल में अलग अलग शैली के लेखक और साहित्य के लोग देश विदेश से दून वैली के छात्रों से मिलने और उनसे बातचीत करने ओएनजीसी आफिसर क्लब में 17 और 18 फरवरी को आ रहें हैं।

पहले दिन का कार्यक्रम 11 बजे से शुरु होगा जिसमें दिलचस्प बिंदुओं पर तीन अलग अलग लेखक बातचीत करेंगें।इसमें वह जेंडर बैरियर जल,जंगल,जमीन पर बात करेंगें इसके अलावा उर्दूःईट्स रिलीवेंस.रीच एंड रियेलिटी,और दिन के आखिरी में हास्य कवि सम्मेलन के साथ कार्यक्रम समाप्त होग।

दूसरे दिन में बहुत से दिलचस्प विषय होंगे जैसे आई एम टीन,आई डोंट ग्रो अप,आई वाईड शट,ईंपेक्ट आफ लिटरेचर आन आर्टस और इसके अलावा बहुत से अनगिनत कार्यक्रम होंगे जिसमें अलग अलग लेखक छात्रों के साथ बातचीत करेंगें।

दो दिन के इस कार्यक्रम में दो किताबों का विमोचन होगा। पहले दिन लेखिका सावी शर्मा कि किताब दिस ईज नाट योर स्टोरी और दूसरे दिन सुचित्रा कृष्मामूर्ति की किलाब घोस्ट आन द लेज का विमोचन होगा।

इस लिटरेचर फेस्टिवल में लगभग 2 दर्जन लेखक,थियेटर में काम करने वाले पर्सनालिटी,बिजनेस लीडर,विजुवल आर्टिस्ट,पत्रकार कम लेखक एक साथ एक मंच पर होंगे जिसमें शास्त्रीय नृत्य में अरुपा लहरी का परर्फामेंस भी होगा।

उम्मीद है कि यह फेस्टिवल ना केवल राष्ट्रीय स्तर पर बल्कि अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर भी साहित्य के क्षेत्र में अपना नाम कमाए।