ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर खाई में गिरा यात्रियों से भरा वाहन, 14 यात्रियों की मौत, 12 घायल

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ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रुद्रप्रयाग से लगभग तीन किमी की दूरी पर रैंतोली के निकट यात्रियों से भरा टेम्पो ट्रेवलर वाहन गहरी खाई में जा गिरा। वाहन में चालक सहित कुल 26 लोग सवार थे। घटना में 14 लोगों की मौत जबकि 12 लोग घायल हुए हैं। गंभीर रूप से घायल सात यात्रियों को हेलीकॉप्टर की मदद ऋषिकेश एम्स भेजा गया, जबकि अन्य घायलों को जिला अस्पताल और कोटेश्वर अस्पताल में इलाज चल रहा है।

गुरुग्राम से तुंगनाथ-चोपता 26 लोगों को लेकर जा रहा एक टेम्पो ट्रेवलर वाहन शनिवार को प्रातः 11 बजे के करीब रुद्रप्रयाग मुख्यालय के समीप रैंतोली के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। वाहन हाईवे से करीब दो सौ मीटर गहरी खायी में जा गिरा, जिसके चलते दस लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर एसडीआरएफ, पुलिस, डीडीआरएफ और अन्य रेस्क्यू टीमे मौके पर पहुंची। रेस्क्यू टीमों के साथ स्थानीय लोगों ने सबसे पहले घायल मरीजों को जिला चिकित्सालय पहुंचाया। घटना में सात गंभीर घायलों की नाजुक स्थिति को देखते हुए हेलीकॉप्टर से ऋषिकेश एम्स के लिए रेफर किया गया जबकि नौ घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर्स ने एक व्यक्ति को मृत्य घोषित कर दिया जबकि एक व्यक्ति की मृत्यु इलाज के दौरान हो गई। एयरलिफ्ट किये गये सात घायलों में दो लोगों की एम्स ऋषिकेश में मौत हो गई।

जानकारी के अनुसार घटना में 14 लोगों की मौत हो गई है जबकि पांच गंभीर घायलों का इलाज ऋषिकेश एम्स और सात घायलों का जिला चिकित्सालय में चल रहा है।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि वाहन में कुल 26 लोग सवार थे। घटना में मौके पर ही दस लोगों की मौत हो गई थी जबकि दो यात्रियों की मौत एक्स ऋषिकेश और दो यात्रियों की जिला अस्पताल में हुई है।

चालक की पलक झपकते ही हुआ हादसा

बद्रीनाथ हाईवे के रैंतोली में जिस स्थान पर घटना घटी, वहां पर एक्सीडेंट होने की संभावनाएं कुछ भी नहीं हैं। यहां पर हाईवे किनारे बने पैराफिट को तोड़ते हुये वाहन खाई में जा गिरा। किसी तरह से खाई से घायलों का रेस्क्यू किया गया गया। जिस स्थान पर वाहन खाई में गिरा, वहां जाने का रास्ता भी नहीं था। बताया जा रहा है कि वाहन में सवार सभी यात्री नींद में थे जबकि वाहन चालक की पलक झपकते ही हादसा हो गया।

घटना में सभी का रहा महत्वपूर्ण सहयोग: डीएम

डीएम डॉ सौरभ गहरवार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर रेस्क्यू टीम को भेज दिया गया था। इसके साथ ही हेली सेवा कंपनियों से बात की गई। जिस स्थान पर घटना घटी, वहां हेली का पहुंचना मुश्किल था। ऐसे हालातों में रेस्क्यू टीम की ओर से सभी घायलों को पहले स्ट्रेचर के माध्यम से सड़क तक पहुंचाया गया। यहां से इन यात्रियों में जो गंभीर घायल थे, उन्हें गुलाबराय मैदान और बाकी घायलों को 108 की मदद से जिला चिकित्सालय के साथ ही कोटेश्वर अस्पताल भर्ती किया गया। बताया कि गंभीर घायलों के लिए गुलाबराय मैदान में हेलीकॉप्टर उतारे गए। हेली कंपनियों के सहयोग से सात गंभीर घायलों को हॉयर सेंटर ऋषिकेश भेजा गया। रेस्क्यू अभियान में जिला प्रशासन की टीम के साथ ही सुरक्षा जवानों एवं स्थानीय लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनकर नवलेश ने उफनती नदी में लगाई छलांग

बद्रीनाथ हाईवे के रैंतोली के पास टेम्पो ट्रेवलर वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने का दृश्य सामने रेल परियोजना का कार्य कर रहे कुछ मजदूरों ने देखा। उन्होंने अलकनंदा नदी को तैरकर पार करने की सोची लेकिन इनमें से सिर्फ एक मजदूर ही नदी पार कर पाया। रेल परियोजना का कार्य कर रही मेघा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी में कार्यरत नवलेश गुप्ता ने बताया कि सामने घटना का दृश्य देखा तो दौड़कर अलकनंदा नदी की ओर भागा। वाहन गिरने के बाद जोर-जोर से बचाओ-बचाओ की आवाजें आ रही थी। उफनदी अलकनंदा नदी को तैरकर घटना स्थल पर पहंुंचा और घायलों की मदद की। वहीं बताया जा रहा है कि घटना का दृश्य देखने के बाद दो अन्य मजदूर भी अलकनंदा नदी को तैरकर दूसरी छोर पर जा रहे थे। इस दौरान बीच नदी में एक मजदूर बहकर अकलनंदा नदी में समा गया और दूसरा पार हो गया। जल पुलिस की ओर से डूबे युवक की ढूंढखोज की जा रही है।

जब डीएम सौरभ गहरवार ने निभाई चिकित्सक की भूमिका

डीएम डॉ सौरभ गहरवार ने टेंपो ट्रेवलर एक्सीडेंट की घटना में चिकित्सक की भूमिका निभाकर सभी को हैरान कर दिया। हुआ यूं कि जब घायलों को खाई से निकालकर गुलाबराय मैदान में एयरलिफ्ट किया जा रहा था, उस दौरान 7 गंभीर घायल यात्री अलग-अलग एम्बुलेंस में थे। एक हेलीकॉप्टर से एक ही घायल यात्री को भेजा रहा था। ऐसे में डीएम डॉ सौरभ गहरवार ने चिकित्सक की भूमिका निभाते हुए तीर्थयात्रियों का ट्रीटमंेट किया। साथ ही साथ उन्होंने घायल यात्रियों का हौंसला भी बंधाया। उन्होंने जहां तीर्थयात्रियों का समय से ट्रीटमेंट किया, वहीं एक इंसानियत का भी परिचय दिया। डीएम को चिकित्सक की भूमिका में देखकर मौके पर मौजूद लोग हतप्रभ रह गए और वे डीएम सौरभ गहरवार की कार्यशैली के कायल हो गए। बता दें कि डीएम डॉ सौरभ गहरवार रेडियोलॉजिस्ट हैं और वे समय-सयम पर अस्पतालों में जाकर मरीजों का अल्ट्रासाउंड करते हैं। हर रविवार को उनका यह कार्यक्रम तय रहता है और वे दूरस्थ क्षेत्रों में जाकर मरीजों का इलाज करते हैैं।