केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद

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केदारनाथ

बाबा केदारनाथ धाम के कपाट भैया दूज (कार्तिक मास शुक्ल पक्ष द्वितीया, वृश्चिक राशि, ज्येष्ठा नक्षत्र के शुभ मुहूर्त पर बुधवार प्रात: साढ़े आठ बजे विधि- विधान से शीतकाल के लिए बंद हो गए। मंदिर को विशेष रूप से फूलों से सजाया गया। ढाई हजार से अधिक तीर्थयात्री इसके साक्षी बने। इस दौरान परिसर सेना बैंड की धुनों के साथ जय केदार और ऊं नमः शिवाय से गुंजायमान हो गया। इस मौके पर मौसम साफ रहा। आजकल केदारनाथ क्षेत्र आधा बर्फ की चादर ओढ़े है।

सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में कपाट खुले। इसके बाद पूजा- अर्चना और दर्शन के तत्पश्चात कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत स्वयंभू शिवलिंग से शृंगारअलग कर रावल भीमाशंकर लिंग की उपस्थिति में पुजारी शिवलिंग ने स्थानीय शुष्क पुष्पों, ब्रह्म कमल, कुमजा,राख से समाधि रूप दिया। इस दौरान बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अध्यक्ष अजेंद्र अजय, मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह और तीर्थ पुरोहित समाज के पदाधिकारी मौजूद रहे। ठीक साढ़े छह बजे गर्भ गृह में समाधि पूजा का समापन किया गया। इसके बाद मंदिर के अंदर सभामंडप में स्थित छोटे मंदिरों को भी बंद किया गया । ठीक साढ़े आठ बजे केदारनाथ मंदिर के दक्षिण द्वार को बंद कर दिया गया। उसके तुरंत बाद पूरब द्वार को भी बंद किया गया।

इस अवसर पर भारतीय सेना, आईटीबीपी और दानी-दाताओं ने तीर्थयात्रियों के लिए भंडारे का आयोजन किया। कपाट बंद होने के बाद भगवान केदारनाथ की पंचमुखी डोली हजारों तीर्थयात्रियों के साथ सेना के बैंड बाजों के साथ पैदल प्रथम पड़ाव रामपुर के लिए प्रस्थान कर गई।

बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) अध्यक्ष अजेंद्र अजय मंगलवार को केदारनाथ पहुंच गए थे। आज उनके साथ असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व शर्मा की पत्नी रिनिकी भुयान शर्मा और परिजन मौजूद रहे। यह सभी कपाट बंद होने के अवसर पर अजेंद्र अजय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में केदारनाथ यात्रा का सफलतापूर्वक समापन हो रहा है।

बीकेटीसी मुख्य कार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह ने बताया कि कपाट खुलने की तिथि से मंगलवार रात्रि तक 19,57,850 तीर्थयात्रियों ने दर्शन किये। बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि आज केदारनाथ भगवान की पंचमुखी डोली पहले पड़ाव रामपुर पहुंचेगी। 16 नवंबर को डोली गुप्तकाशी और 17 नवंबर को शीतकालीन पूजा स्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ पहुंचेगी। इसके पश्चात शीतकालीन पूजास्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में केदारनाथ भगवान की शीतकालीन पूजा शुरू हो जायेगी।

इस मौके पर मंदिर समिति सदस्य श्रीनिवास पोस्ती,बीकेटीसी मुख्यकार्याधिकारी योगेन्द्र सिंह, तहसीलदार दीवान सिंह राणा कार्याधिकारी आरसी तिवारी, केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी, थाना प्रभारी मंजुल रावत प्रदीप सेमवाल, अरविंद शुक्ला, देवानंद गैरोला उम्मेद नेगी, कुलदीप धर्म्वाण, ललित त्रिवेदी सहित जनप्रतिनिधि तीर्थपुरोहित एवं हज़ारों तीर्थयात्री मौजूद रहे। बदरीनाथ धाम के कपाट 18 नवंबर को बंद होंगे। गंगोत्री धाम के कपाट अन्नकूट गोवर्धन पूजा के अवसर पर मंगलवार पूर्वाह्न बंद हो चुके हैं। यमुनोत्री धाम के कपाट आज दोपहर शीतकाल के लिए बंद हो रहे हैं।