सितारगंज: विवाह समारोह में शिरकत करने पहुंची किशोरी के पेट में गोली जा धंसी। जिसके बाद समारोह में सन्नाटा पसर गया। परिजन घायल किशोरी को रुद्रपुर के निजी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने घायल किशोरी को मेदांता हॉस्पिटल रेफर कर दिया। किशोरी के पिता ने पुलिस को घटना की सूचना दी। जिसके बाद पुलिस कुछ युवकों से पूछताछ कर रही है। ग्राम सरकड़ा में शुक्रवार को कुंवरसेन के पुत्र का विवाह समारोह था। गांव के नेत्रराम ने बताया कि उसकी पंद्रह वर्षीय पुत्री रजनी लगन में गई थी। इस दौरान जलपान चल रहा था। नेत्रराम का आरोप है कि लगन में कुछ लोग पहले छत पर हवाई फायरिंग करने लगे। इसके बाद वह लोग हाथ में पिस्टल लेकर नीचे फायरिंग करने लगे। फायरिंग के दौरान उसकी पुत्री रजनी के पेट में गोली जा धंसी। जिससे विवाह समारोह में अफरा-तफरी मच गई। पड़ोसियों ने उसकी बेटी के गोली लगने की जानकारी उसे दी। जिसके बाद आनन-फानन में घायल किशोरी को लेकर वह रुद्रपुर के निजी अस्पताल ले गए। नेत्रराम के अनुसार डॉक्टरों ने उसे मेदांता हास्पिटल रेफर कर दिया। उन्होंने बताया कि रुद्रपुर के अस्पताल से भेजे गए मेमो के बाद किशोरी के गोली लगने की सूचना रुद्रपुर पुलिस को लगी। इसके बाद रुद्रपुर पुलिस ने सितारगंज पुलिस को मामले से अवगत कराया।नेत्रराम ने बताया कि वह गांव का चौकीदार है। उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नही है। उसका पुत्र मोहनलाल व पत्नी मेदांता हॉस्पिटल में घायल बेटी का उपचार करा रहे हैं। इधर कोतवाल बीएस भाकुनी ने बताया कि असलहा रमेश बाबा का बताया जा रहा है। तहरीर मिलने पर हर्ष फायरिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रतापपुर में बाघ की दहाड़ से दहशत
खटीमा: नानकसागर क्षेत्र के बाद अब बाघ ने प्रतापपुर गांव में डेरा जमा लिया है। जिससे यहां के काश्तकारों में भय बना हुआ है। वन विभाग पदचिह्नों के आधार पर बाघ की रैकी कर रहा है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह बाघ दाह-ढाकी जंगल से इधर-उधर भटक रहा है। खटीमा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी वीरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि बाघ के पैरों के निशान के आधार पर सर्च किया जा रहा है। जो अब प्रतापपुर गांव की ओर पहुंच गया है। हालांकि बाघ आबादी की ओर नहीं दिखा है। टीम बाघ की रैकी करने में जुटी हुई है। क्योंकि यह बाघ भटककर यहां पहुंच गया है। जो गन्ने के खेतों में है। जिससे काश्तकार डर की वजह से खेतों की ओर रुख नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि बाघ जंगल की ओर नहीं गया तो वह गन्ने की फसल की कटाई नहीं कर सकेंगे। सितारगंज की घटना से किसान काफी सहमे हुए हैं।रेंजर बिष्ट ने बताया कि बाघ को जंगल तक भगाने के लिए योजना बनाई जा रही है। देर शाम तक बाघ को पुरानी खमरिया देहवा नदी के पार शीशम व खैर के जंगल पहुंचाने के लिए कई टीमें घेराबंदी कर रही हैं। जिसमें सफलता मिलने का दावा किया जा रहा है।
जांच को पश्चिम बंगाल जाएगी एसआइटी
रुद्रपुर: टीडीसी में गेहूं बीज बिक्री में हुए 16 करोड़ के घोटाले की जांच कर रही एसआइटी की टीम उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ ही पश्चिम बंगाल भी जाएगी। वर्ष 2015-16 में टीडीसी पंतनगर में गेहूं बीज बिक्री में निगम को 16 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। विभागीय जांच में घोटाले की पुष्टि हुई। इस पर उप मुख्य कार्मिक अधिकारी सीके सिंह की तहरीर के आधार पर सिडकुल पुलिस ने एक मृतक अधिकारी समेत 10 अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया था। साथ ही शासन की अनुमति पर जांच एसआइटी को सौंप दी गई थी। जांच के दौरान गेहूं बीज उत्तर प्रदेश, बिहार के साथ ही पश्चिम बंगाल में बेचे जाने का खुलासा हुआ था। इसे देखते हुए अब एसआइटी जांच को उत्तर प्रदेश और बिहार के साथ ही पश्चिम बंगाल भी जाएगी। साथ ही स्टाक के रजिस्टर का सत्यापन करेगी। एसएसपी सदानंद दाते ने बताया कि टीडीसी बीज घोटाले की जांच चल रही है। जल्द ही टीम जांच को उत्तर प्रदेश, बिहार के साथ ही पश्चिम बंगाल भी जाएगी। साथ ही मामले से संबंधित आवश्यक साक्ष्य जुटाएगी। टीडीसी बीज घोटाले में गठित एसआइटी ने 16 बिंदुओं पर जांच के लिए दस्तावेज मांगे थे। इसमें से कुछ दस्तावेज एसआइटी को उपलब्ध हो गए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक बरामद दस्तावेजों का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पाक्सो कोर्टो ने सुनाई दस साल की सजा
रुद्रपुर- पॉक्सो कोर्ट ने किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी शाहजहांपुर निवासी युवक को 10 साल कैद की सजा सुनाई है। उस पर 90 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि में से 90 प्रतिशत राशि पीड़िता को अदा की जाएगी।
शासकीय अधिवक्ता उमेश नाथ पांडे के मुताबिक 13 अक्टूबर 2016 को किच्छा क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने नाबालिग पुत्री के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। सात नवंबर 2016 को नाबालिग को किच्छा रोडवेज स्टेशन से बरामद किया गया। किशोरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के जिला शाहजहांपुर के अंतर्गत ग्राम निगोही निवासी टिंकू उर्फ धर्मपाल उसे अपने साथ लेकर गया था और टिंकू ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने एक जनवरी 2017 को टिंकू को गिरफ्तार किया था।
इधर, शासकीय अधिवक्ता उमेश नाथ पांडेय और उनकी सहयोगी अर्चना पियूष पंत ने कोर्ट में सात गवाह पेश किए। न्यायाधीश बृजेंद्र सिंह ने साक्ष्यों के आधार पर टिंकू को 10 साल कैद की सजा सुनाई।
उत्तराखंड को मिलना चाहिए आरक्षण का लाभ: उपाध्याय
श्रीनगर/गढ़वाल। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि उत्तराखंड की 63 प्रतिशत भूमि वन भूमि है। जंगलों को सुरक्षित रखते हुए उत्तराखंड की जनता देश को शुद्ध वायु और जल भी देते हैं। वन वासी होने के नाते लोगों को केंद्र सरकार की सभी सेवाओं में आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजधानी का मसला भाजपा ने ही उलझाया। उत्तराखंड राज्य बनते समय उप्र और केंद्र में भाजपा की ही सरकार थी। उसी समय राजधानी का मसला भी हल हो जाना चाहिए था। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड छोटा प्रदेश है यहां ग्रीष्मकालीन और शीतकालीन दो राजधानियों का होना कोई औचित्य नहीं है। फिर इस समय केंद्र और प्रदेश में भाजपा की ही सरकार है। इसलिए उसे शीघ्र ही स्थाई राजधानी की घोषणा करनी चाहिए।
उपाध्याय ने मध्य हिमालयी राज्यों के लिए विकास को लेकर अलग नीति बनने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि राज्य बने 18 साल हो गए उत्तराखंड के विकास का कोई मॉडल नहीं बन सका। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की ही सरकार है, इसलिए यूपी के साथ परिसंपत्तियों का मामला सुलझ जाना चाहिए। जल, जंगल, जमीन से सम्बन्धित चुनौतियां हैं, उनका भी समाधान शीघ्र होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जंगलों की रक्षा को लेकर उत्तराखंडियों को रसोई गैस में 50 प्रतिशत सब्सिडी के साथ ही बिजली में भी 50 प्रतिशत सब्सिडी मिलनी चाहिए। इस मौके पर श्रीनगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष वीरेंद्र नेगी, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप तिवाड़ी, कांग्रेस के जिला महामंत्री गणेश भट्ट, कांग्रेस के प्रदेश मंत्री उम्मेद सिंह मेहरा, नाथू लाल टम्टा, विजय रावल, सभासद भगत डागर, दीपक भंडारी, पंकज रतूड़ी सहित अन्य कई वरिष्ठ कांग्रेसी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
प्रदेश के राज्य पुष्प को मिलेगी नर्सरी की ‘सुरक्षा’
देहरादून। जलवायु परिवर्तन के साथ ही लगातार अनियंत्रित दोहन के कारण खतरे की जद में आए उत्तराखंड के राज्य पुष्प ब्रह्मकमल को अब नर्सरी का सुरक्षा कवच मिलने जा रहा है। वन विभाग के अनुसंधान वृत्त ने पहली बार उच्च हिमालयी क्षेत्र की इस मिल्कियत समेत बुग्यालों में पाई जाने वाली धार्मिक और औषधीय महत्व की दुर्लभ 15 पादप प्रजातियों की नर्सरी तैयार करने का निर्णय लिया है। उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ और देहरादून जिलों के 2700 से 3000 मी की ऊंचाई पर इसके लिए स्थलों का चयन भी कर लिया गया है, कोशिशें रंग लाईं तो जल्द ही नर्सरियों में ब्रह्मकमल खिलने लगेगा।
उत्तराखंड में ट्री लाइन खत्म होने के बाद शुरु होती है, जैव विविधता से लबरेज मखमली बुग्यालों की श्रृंखला, जो जड़ी-बूटियों का विपुल भंडार हैं, इन्हीं में ब्रह्मकमल भी शामिल है। धार्मिक और औषधीय महत्व के ब्रह्मकमल का पुष्प आकर्षित तो करता ही है, इसकी जड़ें असाध्य रोगों के उपचार में भी काम आती हैं। सूरतेहाल अत्यधिक दोहन की वजह से राज्यपुष्प के अस्तित्व पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं, बीज बनने से पहले ही फूल तोड़ दिए जाने से यह प्राकृतिक रूप से नहीं उग पा रहा है।
इस सबको देखते हुए वन अनुसंधान वृत्त के वन संरक्षक संजीव चतुर्वेदी ने 300 मीटर की ऊंचाई तक पाए जाने वाले ब्रह्मकमल समेत अन्य औषधीय प्रजातियों के संरक्षण-संवद्र्धन की कार्य योजना तैयार की। यह पहला मौका है, जब वन विभाग इस तरह की पहल कर रहा है। अब तक विभागीय वन अनुसंधान के कार्य ट्री लाइन से नीचे-नीचे तक के क्षेत्रों तक ही सीमित थे।
आईएफएस चतुर्वेदी के मुताबिक योजना के तहत उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री व टकनौर, देहरादून में कनासर रेंज, चमोली में बद्रीनाथ और पिथौरागढ़ में मुनस्यारी में ब्रह्मकमल समेत 15 प्रजातियों के धार्मिक व औषधीय महत्व के पौधों की नर्सरी तैयार की जा रही हैं। ये सभी वे पौधे हैं, जो उच्च हिमालयी क्षेत्र में पाए जाते हैं। पहली बार विभागीय नर्सरियों में इन प्रजातियों के पौधे पुष्पित-पल्लवित होंगे। उन्होंने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्र की जैव-विविधता के संरक्षण-संवद्र्घन की दिशा में यह पहल मील का पत्थर साबित होगी।
इन प्रजातियों की होगी नर्सरी
ब्रह्मकमल, हत्थाजोड़ी, हिमालयन ब्ल्यू पॉपी, सफेद बुरांश, चौंरा, गोल्डन फर्न, वन तुलसी, गूगल, विषकनेरा, चौंरा, जैंथ्रो, साइजियम, सेमरू, डोनू, सुसरिया कुलाटा।
तकनीकी इस्तेमाल से कम की जाए सड़क दुर्घटनाएं: सीएम
देहरादून। सड़क सुरक्षा जैसे गंभीर मामले में तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के प्रयास करने की जरुरत है, इसके लिए समेकित प्रयासों की जरुरत है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि एक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों से सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी रखने के साथ ही इसके प्रति सजग रहने की भी अपेक्षा की।
शनिवार को स्थानीय सेंट जोसेफ एकेडमी में पुलिस एवं परिवहन विभाग की ओर से आयोजित सड़क सुरक्षा सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति कितनी गंभीर है, यह इससे ज्ञात हो जाता है कि वर्ष 2016 में देश में 4,80,652 सड़क हादसें हुए, जिनमें 1.50 लाख लोगों ने अपनी जान गंवाई है। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों से जनहानि तो होती ही है। इसके मुआवजे व वाहनों के नुकसान से देश की जीडीपी तीन प्रतिशत तक बर्बाद हो जाती है। यदि इस नुकसान को कम किया जा सकें तो देश की जीडीपी 10 प्रतिशत पहुंच सकती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क हादसों में कमी के लिए सावधानी बरतनी बेहद जरूरी है। इसके लिए रास्ते निकालने के बजाय रास्ते बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम कानून बनाने से दुर्घटनाओं पर अंकुश लगा सकते है, किन्तु उन्हें रोक नहीं सकते। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में 33 प्रतिशत बच्चे होते है, जिसमें 50 प्रतिशत की मृत्यु होती है। दुर्घटनाओं का खामियाजा माता-पिता को भुगतना पडता है। बच्चों को ध्यान रखना होगा कि यदि उन्हें अपने माता-पिता को खुश रखना है, तो वे उनका कहना मानें, वाहन चलाते या सड़क पर चलते हुए यातायात नियमों का पालन करें। माता-पिता को भी अपने बच्चों की यातायात नियमों आदि की अनदेखी पर उनका विरोध करना चाहिए। जो माता-पिता अपने बच्चों को सड़क नियमों का पालन करने की नसीहत देते है, ऐसे माता-पिता को भी सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के प्रति बच्चों में चेतना जगाने की जरुरत है। हमे इम्फोर्समेंट के बजाय जागरूकता पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग की ट्रैफिक वेबसाइट का भी लोकार्पण किया। उन्होंने पुलिस महानिदेशक, सचिव शिक्षा, परिवहन आयुक्त, उपाध्यक्ष एमडीडीए आशीष श्रीवास्तव, पदमश्री अवधेश कौशल, पूर्व डीजीपी कंचन चौधरी भट्टाचार्य, कार दुर्घटना में घायल विकलांग वरूण जैन आदि को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि यातायात की समस्या पूरी व्यवस्था को प्रभावित करती है। प्रदेश में वाहनों की संख्या निस्तारण बढ़ रही है। 2001 में 45 हजार वाहन प्रदेश में जिनकी संख्या आज 25 लाख हो गई। पर्यटन प्रधान प्रदेश होने के नाते हमें सड़क सुरक्षा के प्रति सजग रहने की आवश्यकता है। इस अवसर पर सड़क सुरक्षा के प्रति किए जा रहे प्रयासों के सम्बन्ध में परिवहन आयुक्त डी. सेन्थिल पांडियन ने परिवहन विभाग और एडीजी अशोक कुमार ने पुलिस विभाग के प्रयासों का प्रस्तुतीकरण किया। शिक्षा सचिव डॉ. भूपेन्दर कौर ओलख ने भी अपने विचार रखें। इस अवसर पर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह समेत परिवहन, पुलिस व शिक्षा आदि विभागों के अधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ ही बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
सीएससी पर मिलेंगे सस्ती दरों की एलईडी बल्ब
देहरादून। अब कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर भी सस्ती दरों की एलईडी बल्ब मिलेंगे। प्रदेश में करीब चार हजार सीएससी हैं और केंद्र सरकार के उपक्रम एनर्जी एफिसियंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) के राज्य ऑफिस को कुछ सीएससी से आर्डर भी मिल चुके हैं। दरअसल, सचिव ऊर्जा राधिका झा ने एक करोड़ बल्ब बांटने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, 29 नवम्बर को देहरादून से एलईडी बल्ब वितरण योजना की शुरुआत हुई थी। छह महीने में कम से कम 54 लाख बल्ब बांटने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन दो साल होने को हैं और अभी तक 41 लाख बल्ब ही बांटे गए हैं। क्योंकि यह योजना हिचकोले खाती रही। ईईएसएल ने जिन एजेंसियों को काउंटर लगाकर बल्ब बांटने का जिम्मा दिया था, उन्होंने कम मुनाफा होने का हवाला देते हुए हाथ खड़े कर दिए थे। कई महीने तक तो योजना ठप पड़ी रही। इसके बाद ईईएसएल ने डाक विभाग से करार किया। वर्तमान राजधानी के मुख्य डाकघर समेत प्रदेश के अधिकांश डाकघरों में बल्ब उपलब्ध हैं। हालांकि, अब नई एजेंसियों से भी करार किया गया है, जिन्होंने जगह-जगह काउंटर लगाए हैं। ईईएसएल के मुताबिक, कॉमन सर्विस सेंटर तक लोगों की पहुंच आसान है। इसलिए यह फैसला लिया गया है।
एसएसपी ने अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए
हल्द्वानी। एसएसपी जंमेजय खंडूरी ने क्राइम समीक्षा बैठक में नशे के खिलाफ लंबे समय से चलाये जा रहे अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए।
एसएसपी जंमेजय खंडूरी ने शनिवार को पुलिस बहुद्देश्यीय भवन में जिले की क्राइम बैठक लेने के साथ पुलिस कर्मियों की समस्याएं भी सुनी। उन्होंने कहा कि पुलिस किसी भी अपराधी को पकड़ने के बाद उसके फिंगर प्रिंट जरूर लें। अपराधियों का फिंगर डाटा होने पर भविष्य में होने वाले अपराधों की पड़ताल में मदद मिलेगी। इसके अलावा पुलिस के पास इन अपराधियों की वैज्ञानिक पहचान भी होगी।
उन्होंने कहा कि नशा कारोबारियों को गिरफ्तार करने के साथ थाना और चौकी प्रभारी अपने क्षेत्र के स्कूलों में भी जागरुकता कार्यक्रम चलाएं। ताकि बच्चों को नशे के कुप्रभाव को बताया जा सके। बैठक में कुछ पुलिस कर्मियों ने आवास, वेतन, भत्तों में हो रही देरी जैसी समस्याओं को लेकर भी बात रखी। बैठक में एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव, सीओ हल्द्वानी दिनेश ढौंडियाल, रामनगर लोकजीत सिंह, कोतवाल केआर पांडे, एसओ कमाल हसन, एसओ दिनेश नाथ महंत आदि उपस्थित रहे।
राज्य कर्मचारियों ने आंदोलन कर किया कार्य बहिष्कार
देहरादून। सरकार और शासन के खिलाफ राज्य कर्मचारियों ने आंदोलन की हुंकार भरी। शनिवार को प्रदेशभर में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद से जुड़े कर्मचारियों ने सुबह दस से दोपहर एक बजे तक कार्यबहिष्कार किया। सांकेतिक कार्यबहिष्कार 30 नवंबर तक जारी रहेगा और एक दिसंबर से कर्मचारी पूर्णरूप से कार्यबहिष्कार पर चले जाएंगे। 23 सूत्रीय मांग पत्र में पदोन्नत वेतनमान की पुरानी व्यवस्था बहाल करने और वेतन विसंगतियों का निस्तारण प्रमुख हैं। 27 नवंबर को परिषद के प्रतिनिधि मंडल की मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह से वार्ता भी प्रस्तावित है।
राजधानी में विभिन्न विभागों के कर्मचारी विकास भवन परिसर में एकत्र हुए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। परिषद के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर प्रह्लाद सिंह और प्रदेश महामंत्री प्रदीप कोहली ने कहा कि मुख्य सचिव से प्रस्तावित वार्ता से कर्मचारियों को बहुत उम्मीदें हैं। वेतन समिति ने वेतन विसंगतियों के निस्तारण की जो रिपोर्ट बनाई, वह कर्मचारी विरोधी है। 300 संवर्गों में से महज 28 संवर्गों की विसंगतियों का ही निस्तारण हुआ। परिषद के प्रदेश प्रवक्ता अरुण पांडे ने कहा कि पूर्व में 10, 16 और 26 वर्ष की सेवा पर पदोन्नति वेतनमान का लाभ मिलने की व्यवस्था थी। लेकिन, सरकार ने इसे 10, 20, 30 वर्ष कर दिया, जो कतई मंजूर नहीं होगा। इस दौरान नंदकिशोर त्रिपाठी, चौधरी ओमवीर सिंह, किशोर त्रिपाठी, शक्ति प्रसाद भट्ट, बीके धस्माना, चमन असवाल, प्रदीप जोशी, सुभाष शर्मा, पवन सैनी आदि मौजूद रहे।





























































