चुनावी साल में इस बार दीपावली पर एमडीडीए (मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण) की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) हजारों भवन स्वामियों को राहत की उम्मीद जगा सकती है।
बिना नक्शा पास कराए भवन बनाने या स्वीकृत नक्शे से इतर निर्माण करने वालों को ओटीएस के जरिये अपने निर्माण का नियमानुसार समाधान कराने का अवसर मिल सकता है।
मिलेगा करोड़ों का राजस्व
मौजूदा व्यवस्था में कंपाउंडिंग की भारी-भरकम फीस और नियमों की जटिलता के बीच ओटीएस को राहत के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, योजना की घोषणा, पात्रता, शुल्क में छूट और आवेदन की समयसीमा को लेकर प्राधिकरण के आदेश का इंतजार है, लेकिन सूत्रों की मानें तो ओटीएस इसी माह यानी अक्टूबर में लाने की तैयारी चल रही है, जो करीब एक माह तक प्रभावी रहेगी। अनुमान है कि इससे करोड़ों का राजस्व भी मिलेगा।
यह है एकमुश्त समाधान योजना
एकमुश्त समाधान योजना के तहत निर्धारित श्रेणियों के ऐसे भवनों के नक्शों और निर्माण संबंधी अनियमितताओं का निस्तारण करने का अवसर दिया जाता है, जो प्राधिकरण के नियमों के अनुसार कंपाउंडिंग करने के योग्य हों।



















































