हाईकोर्ट कुंभ मेले की तैयारियों से असंतुष्ट

0
85
फायरमैन
हाईकोर्ट ने क्वारंटाइन सेंटरों की बदहाल व्यवस्था और कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के बाद तीन मार्च तक कुंभ मेलाधिकारी और मुख्य सचिव को तैयारियों से संबंधित सूची शपथपत्र के माध्यम से पेश करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान प्रदेश सरकार की ओर से कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर शपथ पत्र पेश किया गया लेकिन कोर्ट इससे संतुष्ट नहीं हुई।
-मुख्य सचिव को शपथपत्र पेश करने का निर्देश
कोर्ट ने मुख्य सचिव को विस्तृत शपथपत्र पेश करने के निर्देश देते हुए पूछा है कि केंद्र से जारी एसओपी पर कितना अमल किया जा रहा है। हरिद्वार में कोरोना टीकाकरण की क्या स्थिति है। हरिद्वार में कितने लोगों को वैक्सीन लगा दी गई है। कुंभ मेले के लिए मेडिकल स्टाफ की क्या स्थिति है। कोर्ट ने मेला अधिकारी से पूछा है कि कुंभ को लेकर क्या- क्या तैयारियां की गई हैं और कितने कार्य शेष बचे हैं उनकी लिस्ट बनाकर शपथपत्र के माध्यम से कोर्ट में पेश करें।
सुनवाई के दौरान स्वास्थ्य सचिव की ओर से कोर्ट को बताया गया कि यदि डीआरडीओ की ओर से 1000 बेड के अस्पताल को हरिद्वार में स‌ंचालित किया जाएगा तो उसके लिए राज्य सरकार स्टाफ की पूरी व्यवस्था करेगी। साथ ही कहा कि यदि आवश्यकता हुई तो सेना के चिकित्सकों की उपलब्धता भी कुंभ मेले के लिए की जाएगी।
मुख्य न्यायाधीश आरएस चौहान एवं न्यायमूर्ति आलोक वर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। अधिवक्ता दुष्यंत मैनाली व देहरादून निवासी सच्चिदानंद डबराल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर क्वारंटाइन सेंटर और कोविड अस्पतालों की बदहाली सहित उत्तराखंड लौट रहे प्रवासियों की मदद, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने को ले‌कर हाईकोर्ट में अलग-अलग जनहित याचिकाएं दायर की थीं।
पूर्व में बदहाल क्वारंटाइन सेंटरों के मामले में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव की ओर से विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जा चुकी है। इसमें स्पष्ट हुआ था कि प्रदेश के सभी क्वारंटाइन सेंटर बदहाल स्थिति में हैं। सरकार की ओर से प्रवासियों के लिए कोई उचित व्यवस्था नहीं की गई है। इसका संज्ञान लेकर कोर्ट ने अस्पतालों की नियमित मॉनिटरिंग के लिए जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में जिलेवार निगरानी कमेटियां गठित करने के आदेश दिए थे और कमेटियों से सुझाव भी मांगे थे।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि कुंभ मेले को लेकर अभी भी हरिद्वार में फ्लाई ओवर और आंतरिक सड़कों का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। इस पर कोर्ट ने मेलाधिकारी और मुख्य सचिव से विस्तृत रिपोर्ट के साथ शपथपत्र पेश करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए तीन मार्च की तिथि नियत की।