बेटी है, तो कल है: उत्तराखंड का अपनी बेटियों के लिये संदेश

(उत्तरकाशी), इन दिनों बेटी बचाओँ बेटी पढाओ की मुहिम पर बने एक 3 मिनट 20 सेकेंड के गीत ने लाखों लोगों के दिलों को छू लिया है। इस गीत का नाम है “बेटी है तो कल है” और इन दिनों इस गाने ने धूम मचा रखी है।

इस गाने को अनुकृति शर्मा चौहान ने कंपोस किया है।इस गीत में एक बेटी मां के पेट से अपने पिता से गुजारिश कर रही है कि उसका दुनिया में स्वागत किया जाये, और उसे भी किसी लड़के की तरह अपने सपनों को पूरा करने की आजादी और मौका मिले।

इस गीत के बारे में अनुकृति कहती हैं कि, “ये कविता मैने कुछ घंटों में ही लिखी थी। मन में आ रहे ख्यालों को मैं लिखती चली गई और शब्दों ने कविता का रूप ले लिया। हमारे समाज में आज भी लड़कियों के प्रति हो रहे भेदभाव ने मुझे सोचने को मजबूर किया। भ्रूण हत्या हमारे समाज की सच्चाई है और इस कविता के जरिये मैने लोगों को जागरूक करने की कोशिश की है।”

इस वीडियो की शूटिंग में कलाकारों को नहीं लिया गया है। इसके बारे में क्रिस प्रॉडक्शन के कृष्णा सिंह बताते हैं कि “एक हफ्ते का ये शूट अपनी तरह का अलग ही अनुभव रहा। हमने इस वीडियो के लिये असल जिंदगी से बच्चों, माता-पिता, टीचरों के शॉट लिये, जिससे कविता को तस्वीरों में बयां करना और बेहतरीन हो गया।”

पमिता पैन्यूली थपलियाल उत्तरकाशी के बाल विकास की केंद्रीय संचालक हैं औऱ वो पिछले तीन सालों से इस मुहिम पर काम करती आ रही हैं, वो कहती हैं “बेटी बचाओ, बेटी पढाओ कार्यक्रम मेरे दिल के काफी करीब है।हम पिछले कुछ सालों से जिले में लिंग अनुपात को बेहतर करने के लिये कड़ी मेहनत कर रहै हैं। इस वीडियो ने हमारे काम को आगे ले जाने में खासी मदद की है, क्योंकि तस्वीरों के माध्यम से संदेश देना ज्यादा कारगर होता है।”

उत्तरकाशी जिला प्रशासन, आईसीडीएस की टीम और बेटी बचाओ, बेटी पढाओ टीम के प्रयासों से बने इस वीडियो में देवी देवताओं, लोक कथाओं, धारणाओं और सफल महिलाओं के बारे में बताया गया है। इस गीत और वीडियो में ऐसी शक्ति है कि लोगों के दिलों में इसके संदेश का घर कर जाना तय है।

वीडियो लिंक के लिये यहां क्लिक करें।

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