गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिये हुए बंद

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गंगोत्री धाम के कपाट आज शीतकाल के लिये बंद हो गये है । इसके बाद मुखवा में मां गंगा की मूर्ति को स्थापित किया जाएगा, अगले छह महीने तक वहीं मां गंगा की पूजा की जायेगी।

अन्नकूट के पर्व पर आज 8 नवम्बर को 12 बजकर 30 मिनट पर गंगोत्री धाम के कपाट पूरी विधि-विधान के साथ बंद किये गये, कपाट बंद होने के बाद माँ गंगा की डोली हजारों श्रद्धलुओं के साथ गंगोत्री धाम से मुखीमठ(मुखबा) के लिए प्रस्थान करा।

रात्रि विश्राम भैरव घाटी देवी मंदिर में होगा। अगली सुबह 9 नवम्बर को ठीक 9 बजे मां गंगा की डोली आपने मायके मुखबा पहुंचेगी जहाँ पर मायके के लोग मां गंगा का स्वागत करेंगे।

सुबह गंगोत्री धाम में साढ़े आठ बजे उदय बेला पर पूजा अर्चना के बाद गंगा जी की मूर्ति से मुकुट उतारा गया । इस बीच श्रद्धालुओं ने मां गंगा की भोग मूर्ति के दर्शन किए, दोपहर धनु लग्न अभीजीत मुहूर्त की शुभ बेला पर कपाट बंद किए गए।

इस दौरान तीर्थ पुरोहितों ने विशेष पूजा व गंगा लहरी का पाठ किया। डोली में सवार होकर गंगा की भोगमूर्ति जैसे ही मंदिर परिसर से बाहर निकली तो पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।

धुन और परंपरागत ढोल दमाऊं की थाप के साथ तीर्थ पुरोहित गंगा की डोली को लेकर शीतकालीलन प्रवास मुखवा गांव के लिए पैदल रवाना हुए। भैया दूज के दिन  मुखवा स्थित गंगा मंदिर में गंगा की मूर्ति को स्थापित किया जाएगा। शीतकाल में यहीं पर मां गंगा की पूजा अर्चना होगी।