स्वामी सानंद के पार्थिव शरीर के दर्शन कर सकते हैं अनुयायीः सुप्रीम कोर्ट

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हरिद्वार। 111 दिनों तक गंगा की निर्मलता की रक्षा की मांग को लेकर अपने प्राण त्यागने वाले गंगा पुत्र स्वामी सानंद उर्फ प्रोफेसर जीडी अग्रवाल के पार्थिव शरीर का दर्शन उनके अनुयायी कर सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एम्स ऋषिकेश में रखे उनके शरीर को 10-10 के बैच में एक दिन में अधिकतम 50 लोग दर्शन कर सकेंगे। यह व्यवस्था रविवार तक रहेगी।
विदित हो कि गंगा के लिए आमरण अनशन करने के बाद प्रोफेसर जीडी अग्रवाल का ऋषिकेश एम्स में देहान्त हो गया था। दिवंगत प्रोफेसर ने अपना शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए एम्स ऋषिकेश को दान कर दिया था। उनका शरीर एम्स के पास संरक्षित है। प्रोफेसर जीडी अग्रवाल की मौत के बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट ने ऋषिकेश के एम्स अस्पताल को निर्देश दिया था कि स्व. अग्रवाल के पार्थिव शरीर को मातृ सदन को सौंप दिया जाए। मातृ सदन वही आश्रम है जहां पर जीडी अग्रवाल रहा करते थे। इस फैसले को एम्स ऋषिकेश ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इस पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने उस वक्त उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी थी। सुको ने अपने फैसले में अंतिम दर्शनों की अनुमति दे दी है। स्वामी सानंद के अंतिम दर्शनों की अनुमति मिलने के आदेश के बाद उनके अनुयायियों व चाहने वालों ने फैसले का स्वागत किया है।