केदारनाथ और यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिये हुए बंद

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केदारनाथ: इस यात्रा वर्ष श्री केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद हो गये। द्वारपाल भकुंड भैरवनाथ जी के कपाट 6 नवंबर को बंद हो गये हैं।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बी.डी.सिंह ने बताया कि, “इस यात्रा वर्ष 2018 में अभी तक 7,30,054 रिकार्ड तीर्थयात्रियों ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किये।”

वैदिक मंत्रोचारण एवं परम्पराओं के बीच बाबा केदारनाथ के कपाट आज बन्द हो गए। इससे पहले चल विग्रह डोली ने मंदिर की परिक्रमा पूर्ण की । जयकारों के बीच डोली शीतकालीन प्रवास ऊखीमठ के लिए हुई रवाना। श्री केदारनाथ धाम के कपाट आज 9 नवंबर प्रात: 8 बजकर 30 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद हो गये। आज शाम को डोली रामपुर पहुचेगी।

समिति के कार्याधिकारी एन.पी.जमलोकी ने बताया कि, “10 नवंबर को डोली विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी रात्रि विश्राम करेगी। 11 नवंबर को डोली शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में स्थापित हो जायेगी। इसी के साथ ओंकारेश्वर मंदिर उखीमठ में भगवान केदारनाथ की शीतकालीन पूजा शुरू हो जायेगी। वहीं आज भगवान केदारनाथ की पंचमुखी मूर्ति की प्रांगण में श्रृंगार,पूजा-अर्चना की जायेगी।”

आज खुशीमठ पहुंचेगी मां यमुना की डोली

यमुनोत्री के कपाट भी शीतकाल के लिए आज बंद होंगे।शुक्रवार सुबह से मंदिर प्रांगण में पूजा-अर्चना होगी, दोपहर 12:15 बजे मकर लग्न में अभिजीत मुहूर्त पर भैया दूज के पावन पर्व के अवसर पर यमुनोत्री धाम के कपाट बंद हुए। जिसके बाद मां यमुना की डोली ने खुशीमठ के लिए प्रस्थान किया। शाम को अपने शीतकालीन प्रवास खुशीमठ पहुंचेगी। शीतकाल में छह माह तक मां यमुना अपने शीतकालीन प्रवास खुशीमठ (खरसाली) में रहेंगी। यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव कृतेश्वर उनियाल ने बताया है कि शुक्रवार को मां यमुना के शीतकालीन प्रवास खुशीमठ से सोमेश्वर देवता की डोली मां यमुना को लेने सुबह आठ बजे यमुनोत्री धाम के लिए प्रस्थान किया तथा यमुनोत्री धाम में पूजा अर्चना की गई।