बीजेपी में सीट दावेदारों की दिल्ली दरबार मे दस्तक, प्रदेश अध्यक्ष नाखुश

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(देहरादून) उत्तराखंड में आम चुनाव की घोषणा होते ही भाजपा के तमाम दिग्गज टिकट की जुगत में लगे हुए हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सीधा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से ही मिलकर अपनी उम्मीदवारी साबित करने में लगे हैं , उत्तराखंड सरकार में मंत्री रेखा आर्य ने तो खुलकर ये एलान भी कर दिया है ,इसके अलावा हरक सिंह रावत और यशपाल आर्य भी अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। जबकि जो सूची उत्तराखंड से भेजी गई है उसमें सभी पांचों  निवर्तमान सांसद के नाम पैनल में सबसे ऊपर रखे गए हैं

वहीं पार्टी आलाकमान से सीघे मिलने वाले नेताओं से प्रदेश के नेता ज्यादा खुश नही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने ये साफ कर दिया कि अभी तक उनके पास कई लोगों की दावेदारी के लिए अर्जी आयी है जिनकी संख्या तीन दर्जन से पार है , उनका कहना है कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने का अधिकार सभी का है मगर साथ ही ये भी साफ है कि किसी भी बड़े पदाधिकारी , मंत्री ,विधायक या कोई भी कार्यकर्ता अगर जरा भी नियमों का उलंघन करता पाया गया तो वो दिन उसका आखरी दिन होगा भाजपा के अंदर वो उसी दिन से अपने आपको पार्टी से बाहर समझे ।

कांग्रेस पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब डूब चुका जहाज है जिस पर कोई भी सवार हो उसका डूबना तय है इसलिए साफ कर देता हूँ कि जिसके भी भाजपा से कांग्रेस में जाने की बातें हवाओं में तैर रही हैं वो महज अफवाह के अलावा कुछ नही है। कांग्रेस जो भ्रामक प्रचार कर रही है वो सब समझते हैं ,झूठ फैलाने की मशीन है कांग्रेस।अजय भट्ट ने ये भी साफ कर दिया कि 16 मार्च से 18 मार्च के बीच मे सभी पांचों उम्मीदवार घोषित कर दिए जाएंगे, जिसके बाद सभी पदाधिकारी ,कार्यकर्ता सभी मंत्री विधायक पूरी तरह से पांचों सीटों को जिताने में अपना दम लगा देंगे और मई में फिर से एक बार आपके सामने नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के तौर पर नज़र आएंगे

वहीं इस मुद्दे पर बात करते है बीजेपी के प्रवक्त डॉ.देवेंद्र भसीन ने कहा कि, “हमारे जितने भी मंत्री सीधे बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मिल रहे हैं। वह प्रदेश स्तर के पैनल की तरह मिल रहे हैं, अपने पार्टी के अध्यक्ष से मिलने के लिए पार्टी के नेताओं को मुद्दे की कोई खास जरुरत नहीं है। वह कभी भी मुलाकात कर सकते हैं।आने वाले 17-18 मार्च में सभी अटकलें खत्म हो जाऐंगी और बात साफ हो जाऐगी की किसको टिकट मिला है। रही बात कांग्रेस की तो इनके पास कैंटिडेट ही नहीं है तो यह मिलेंगे किससे। कांग्रेस में सभी हरीश रावत से लेकर इंदिरा हृदयेश सब अलग-अलग बात करते हैं और इनका नेतृत्व ही कमजोर है।”